चैत्र शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को हर बार की भांति रविवार को जैसलमेर के ऐतिहासिक दुर्ग में शाही गणगौर का पारम्परिक ढंग से पूजन किया गया और बाद में माता गवरजा की प्रतिमा को दशहरा चौक में दर्शनार्थ रखा गया। बड़ी तादाद में शहर के अलग-अलग हिस्सों से आए लोगों ने विशेषकर महिलाओं व युवतियों ने माता गवजरा के दर्शन किए। इससे पहले दुर्ग स्थित त्रिपोलिया महल में गवरजा माता की पूजा-अर्चना पराम्परानुसार की गई। हरिवल्लभ गोपा के सानिध्य में शाही गणगौर की पूजा-अर्चना कर जैसलमेर के चहुंमुखी विकास की कामना की गई। धु्रव महाराज, नन्दकिशोर श्रीमाली एवं ओमप्रकाश सेवक ने मन्त्रोचार कर पूजन करवाया। निदेशक देवेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि जैसलमेर पूर्व राजघराना सदस्य जन्मेजयराज सिंह की ओर से शाही गणगौर की पूजा-अर्चना की गई। उन्होंने जैसलमेरवासियों को गणगौर पर्व की बधाई देते हुए सभी के चहुंमुखी विकास की मंगल कामना की। इस अवसर पर दुष्यन्तसिंह, विक्रमसिंह, जनकसिंह, सूर्यप्रकाश गोपा, चन्द्रप्रकाश श्रीपत, चन्द्रप्रकाश व्यास, साबिर अली, गिरधर मल्होत्रा, दीपसिंह, अखेसिंह, नरपतसिंह, गंभीर सिंह, बनेसिंह, श्याम भायल आदि उपस्थित थे।
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