00:00युद्ध को लेकर सवाल करूँ जैसा कि मैंने आपसे पूछा था कि जो भी ट्रम की रणिती थी या फिर
00:05नेतन्याहु साहब की जो भी रणिती थी आपके हिसाब से युद्ध के 22 वे दिन क्या वो उस रणिती में
00:11काम्याब होते हुए आपको दिख रहे हैं बिल्कुल दिख
00:29सारे नहीं बजा है पिसे पांच दिन से बतलब ऐसे अटाइक हो रहा है जो वर्ल्डिक बटच करके चला जा
00:34रहा है मतलब उसकी इंटेंसिटी नहीं है और सतर सरसी परसंट जो है अटाइक कम वह लेकि यहां पे इसराइल
00:40का और अमेरिका कर देखिए जो भी स्ट्राइक हो
00:59को कई बार खत्म कर चुका है जो भी नए नेता आते हैं जो भी इसके चीफ आते हैं उनको
01:04मार देता है लेकिन ये संगठन तो कभी कमजोर हुए नहीं ये संगठन तो खत्म हुए नहीं हमास अभी भी
01:10जिन्दा है और उठ खड़ा हो सकता है उसकी विजात भारा कमजोर नह
01:28आपका मैं बता दू, जब तक जम्हुरियत, डिमोक्रेसी, लोकतंक या कोई देश का सिफ्टम विदिन से नहीं आएगा, और उसमें
01:37हर पबलिक का यस होगा, तब तक वो देश महान नहीं बन सकते, देखिए, 1947 से 40 के बीच में
01:44लगभग 25 देश, 35 देश आजाज हुए, किस से
01:47इन्हीं European countries से, East Spain से, Britain से, सबसे, उसमें कल दो ही देश आपको चमकते मेंने जा रहेंगे,
01:53भारत और ब्राजील, जिनका एकोनामी रेट, जो अपने आपको एकोनामी बहुत अच्छा है, जिस पर अमेरिका 50% तक लगा
02:03देता है, इन्हों ने ये फ्लॉट बना कर रखा रहा
02:17चाहिए, इराक रहा हो, चाहिए इरान रहा हो, चाहिए लिवा रहा हो, टाहिए लिवीया रहा हो, चाहिए हर जगर विंसे
02:22डमोकरशी नहीं आई और अमेरिका needs थो को थे आज लग आज और ऑर प्रॉक्सी लड़ ग रहेंगे, इसलिए इरान
02:34के लोगों को इसकोचना है कि �
02:36प्यूचर भविस्ट बनाने के लिए अच्छा भविस्ट बनाने के लिए कि हम को जम्हुरियोग को इस प्रॉम करना है एक
02:41हमाईनी परिवारप देखने जे कि बीना एक ओठ पाएंट पचास ताव से सासन कर रहे हैं और उन्हीं के राष्ट्पति
02:47भी बनते हैं तो जिस पब
03:07अगर हम लोकतंत की बात करें डेके गुपता जी तो अरब वर्ड में कितने देशों में लोकतंत रहें बहुत सारी
03:14जगा राश्टा ही है कम से कम एरान में चुनाओ तो होता है ना वहां के राश्टपती चुने जाते हैं
03:18पजश्केयन जो अभी राश्टपती है ये तो खामन
03:34सामने आया है ट्रंप ने कहा है कि वो अभी सीजफायर नहीं चाहते हैं बीते दिनों अभी इरान की ओर
03:40से इरान के जो विदेश मंतरी है उन्होंने जापान के एक न्यू चैनल को इंटरव्यू दिया है और उसमें उन्होंने
03:45कहा है कि हम सीजफायर नहीं चाहते पिछले सा
04:01आपसे अमेरिका और इरान किस समझोते पर आएंगे कि दोनों देश सीसफायर के लिए बान जाएं।
04:32कि अमेरिका टॉक्स तो करता है लेकिन कनपटी पर तमंचा रख कर। अगर हम याद रखें पिछले साल जून के
04:39महिने में जब बंबारी चालू हुई थी उस वक्त भी टॉक्स चल रही थी और अचानक से बारा दिन का
04:45युद्ध चालू हो गया।
04:47अगर हम याद करें 28 फरवरी को जो बंबारी हुई जिसमें कामेनी मारे गए उसके पहले भी बातचीत चल रही
04:57थी
04:5926 फरवरी को बातचीत चल रही थी, मोदी जी वहाँ पर थे, शांती थी, बातचीत चल रही थी, 27 तारिक
05:07को बातचीत चल रही थी, शांती थी, 28 तारिक को बातचीत चल रही थी, अचानक बंबारी चालू हो गई
05:15देखिए इसके बारे में अलग-अलग क्यास लगा जा रहे हैं
05:19एक तो खुमेनी सहाब जो थे 1979 के बाद में पावर में आये थे
05:26और अभी जो मरे गए 28 तारीकों वो खामेनी
05:29जी
05:31दूसरी चीज है कि मस्तवा खामेनी को जो बनाया गया
05:39यह एमर्जेंसी प्रावधान में बनाया गया ऐसा नहीं है कि इरान में इसका बेटा इसका बेटा इसका बेटा बनेगा
05:49अगर लड़ाई का मौसम नहीं होता तो मस्तवा खामेनी नहीं बनते सुप्रीम लीडर
05:58कहा तो ये भी जा रहा था कि लारजानी ने विरोध भी किया था
06:02हाँ मैं उसी पर आ रहा हूं दिकिए
06:03ये कहना कि सारे अरब मुल्क में डेमोक्रेसी है
06:12और इरान में डेमोक्रेसी नहीं है
06:14मैं तीन शप में कहूंगा
06:16जितने अरब मुल्क हैं
06:18जॉर्डन, सौधी, ओमान, आप नाम लिजीए, कोवेट, युवेई, इन सब देशों में सुल्तान है, प्रिंस है, किंग है, या शाह
06:34है, या अमीर है, या शेक है, इन में से कोई भी वोट के बल पर वहाँ पर पिछले सतर
06:43साल से नहीं है,
06:46दितिये विश्यूद जो खतम हुआ, तो ये सारे शेक, अमीर, शाह, किंग, प्रिंस, सुल्तान सब अमेरिका की चरंग में चले
06:54गए, और दितिये विश्यूद के बाद से वहाँ पर कहीं पर कोई डेमोक्रिसी नहीं है, कोई वोटिंग नहीं होती है,
07:06सुल्तान, उसका बेटा सुल्तान, उसका बेटा सुल्तान, किंग साओधी में, उसका बेटा MBS, अब MBS का बेटा था, या राजपरिवार
07:16से नीस या नेफियू, या बतीजा या भांजा, वही लाइन चलती है,
07:21इन सब दिशों में आप जाएंगे, तो आप देखेंगे, मैं इरान की नहीं बात कर रहा हूँ, इरान को छोड़के
07:28बाकी सारे दिश, डिफेंस मिनिस्टर कौन है, ताओ जी, विदेश मंतरी कौन है, मामा जी का बेटा, फाइनस मिनिस्टर कौन
07:38है, बतीजा, इन सब दिश
07:51इसी है, जब दो साल पहले राष्ट्रपती चुनाव हो रहे थे तो पेजिश्कियन, जो आज राष्ट्रपती हैं, वो सरकार, आयतला,
08:01खामेनी, देखिए, खामेनी और खामेनी में हमें, खामेनी सत्ता में आये थे, 1979 में, बिल्कुल, 1989 से नवासी तक वो
08:12दस सालों तक सर �
08:13उसके बार नवासी में, अठाइस तारीक को जो मारे गए फरवरी को, ये खामेनी है, एकदम अलग, ये साहाब, जो
08:23पेजिश्कियन है, ये सरकार, खामेनी के कैंडिडेट नहीं थे, ये विरोधी पक्ष के कैंडिडेट थे, पेजिश्कियन, जब राष्ट्रपती का एले
08:43खामेनी के जो कैंडिडेट थे, वो हार गए, तो इरान पूरे गल्फ कंट्रीज में एक मात्र ऐसा देश है, जहाँ
08:55पे कुछ डेमोक्रिसी है, वैसे मैं आपको बताता हूँ,
09:00कि एरान में प्रॉपर वोटिंग होती है, और एरान में सब लोग लाइन बरकर बनकर अपना प्रेसिदेंट सेलेट करते हैं,
09:09प्राइम मिनिस्टर सेलेट करते हैं, अपना MP, MLA सेलेट करते हैं, सुप्रीम लीडर के साथ हमें कन्फ्यूज नहीं करना चाहिए,
09:17देकि जैसे
09:17भारत में शंकराचार रहा हैं, अब एक समय था, भारत में भी धार्मिगुरुँ का बड़ा पॉलिटिकल पकड़ होता था, एक
09:26समय था, जब वेटिकन में इटाली में, उनकी पॉलिटिकल पकड़ होती थी, सुप्रीम लीडर एरान के साथ, जोकि शिया के
09:36सुप्रीम ली�
09:47जो लोग कहते हैं कि ठीक है चुनाव होता है राश्टपती चुने जाते हैं बहुती खुशूरत बात किसी विदेश के
09:54लिए होती है कि वहाँ के लोग अपने नेता को चुनते हैं लेकिन आपको नहीं लगता कि IRGC के पास
09:59जो अथाह ताकत थी उसकी वज़ा से आम इरानी ल
10:15में चले जाएए छोटे कस्बों में चले जाएए आपको वहाँ पर धार्मिक भावना मिलेगी भारत में भी होता है आप
10:25कहीं पर भी गाओं में चले जाएए कोई बोलेगा ये धरम कोई बोलेगा वो धरम छोटे कस्बे में चले जाएए
10:31कोई बोलेगा ये धरम कोई बोले
10:43के पहले वो पूरी तरह से पश्च्यत्य सभ्यता के प्रभाव में थे, मैं ये नहीं करूँगा, कहूँगा कि वो खराब
10:52थे या बुरे थे, 1953 में एरान के जो प्रधान मंत्री थे
10:56देमोक्रेटिकली इलेक्टेड, प्रधान मंत्री जो इरान का 1953 में था, उसको टॉपल करके, मार के शाहफ इरान को इंस्टॉल किया,
11:09शाहफ इरान ने राजगद्धी चलाई, शाह थे हूँ, डेमोक्रेटिकली इलेक्टेड नहीं थे, उनके समय में, क्योंकि अमेरिका ने उ
11:25इडूकेशन के लिए यूरोप गए, अमरीका गए, ये लोग सब पस्चत्य सिविलाइजेशन से संपर्प में जब आए तो उनकी जो
11:35मनोभावनाती थोड़ा पस्चमी हो गई, बारत में भी होता है, हमारे बच्चे जब अमरीका और यूरोप में जाते हैं, तो
11:41वापस आके
11:52जीन ट्राउजर पता नहीं क्या पहनते हैं, धोती तो कभी नहीं पहनेंगे, जन्हीं हो भी खोल के प्रिश्ट भूमी की
12:01बात बताता हूँ,
12:031979 में जब आयत अलाग खोमे नहीं, मैं खो फिर से बोल रहा हूँ, वो अलग खोमे नहीं, जब वो
12:111979 में सत्ता में आये, सुप्रीम लीडर बनकर, किस से लड़ते लड़ते हूँ वो सुप्रीम लीडर बने, चार साल से,
12:201976, 1977, 1978 तक एरान के अंदर जो आंतरिक रसा कशी चल �
12:27रही थी, शहाफ इरान के खिलाफ, शहाफ इरान को कौन सपोर्ट दे रहा था, इरान की आर्मी, तो उनको इरानी
12:36आर्मी पर भरोसा नहीं था, इसलिए उन्होंने अपना संगठन बनाए, ये समझना पड़ेगा, जब खोमेनी 1979 में सुप्रीम लीडर बनकर
12:43प्रस्ते में आ
12:57वेनिजोला में कुछी महिने पुरानी बात है, उनके सैनिको को, उनके जनरलों को खरीद लिया था अमेरिका ने, जो सेना
13:05के बड़े अधिकारी थी, इरान में IRGC का कोई भी बड़ा अधिकारी बिका अमेरिका के हाथ हो, पैसों को लेकर
13:11लालच में, ऐसा तो कुछ अभी स
13:27कॉन्फिदेंशल रिपोर्ट भरी आती है, आर्मी ने वी एफोस में कॉलम नबर वन होता है, लोयल्टी, वफादारी, तो मैं यह
13:37नहीं कहूंगा कि IRGC अच्छी है, बुरी है, लेकिन वफादारी में मैं IRGC को दस में से दस दे रहा
13:43हूँ, इस से बड़ी इज़त की बात
13:47क्या हो सकती है कि IRGC के एक भी कमांडर को CIA मौसाद नहीं तोड़ पाए, मेरे ख्यासे यह उनके
13:56लिए बहुत फक्र की बात है, देकि मैं तो एरफोस में था, फाइटर पालेट था, मैं तो दुश्मन की भी
14:02कदर करता हूँ, अगर दुश्मन बहादूर है, अगर दुश्म
14:171979 में जब आयतलक हमेनी आये तो उन्होंने भाप लिया कि IRAN की जो यह करनल ब्रिगेडियर जनरल है, कभी
14:23भी मुझे फिर से टॉपल कर देंगे, क्योंकि वो तो सब अमेरिका के, लेखिए, सिस्टम क्या था, एक अमेरिकन सिस्टम
14:31होता है, वो समझना पड़ेगा, जब शा
14:47ट्रेणिंग देने के लिए, यह समझना पड़ेगा, वो अमेरिका दुनिया भर में जिस भी देश में जाता है, उनके यंग
14:54कैप्टेन, यंग मेजर को अपनी हाँ ट्रेणिंग देना ले जाता है, एक साल, दो साल की ट्रेणिंग देते हैं, यह
15:00सोचके कि हम इनको प्रोफ
15:14में चार चान लगे हैं तो ये लोग जब वापस आते हैं तो बहुत वफादान होते थे शाह आफ एरान
15:20के क्योंकि ये लड़े ना देखिए उनिस सो पच्छतर च्छतर सबस्टर अच्छतर में जब मास मूवमेंट हो रहा था शाह
15:28आफ एरान की आर्मी दवन कर रही थी तो �
15:34IRGC को खड़ा किया खौमेनी ने अब एक शब मेरे को बोलने दीजिए IRGC को उन्होंने कैसे खड़ा किया ये
15:41IRGC के जो करनल ब्रिगेडियर थे ये इरान की आर्मी से नहीं आए ये बहुत विचतर बात है ऐसा नहीं
15:49कि कल तक वो इरान की आर्मी में करनल था तो परसों से �
15:52उसको IRGC में ब्रिगेडियरी बना दिया नहीं इनको गाउं से कस्बों से ऐसे खांदानों से ऐसे कबीलों से ऐसे कुन्बों
16:01से पकड़ा गया ऐसे शेहरों से पकड़ा गया जहां आयतला खमेनी के वफादार लोग रहते थे वन्ष पूरे गाउं में
16:10जो होता है ना सरदा
16:11जी जी लॉयल आयातलला खमेनी के प्रती व्यक्तिगत वफादारी परसनल लॉयल्टी इनको सिरेट करके आयार जी सी में बनाया गया
16:23क्याप्टेन या जो भी है जवान ये लोग कभी दगाबाजी नहीं कर सकते क्योंकि ये वफादार है
16:41झाल
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