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Transcript
00:00मेरे हम नशी मेरे महरबार
00:08मैं भी बहुत अच्छी क्रिक्ट केलता हूँ
00:10कभी आओ ना तो मैं अपनी टीम में केलाओंगा
00:12मैं अपनी टीम का मेन फास्ट बॉल रहूँ रहूँ
00:13क्या एक्शन है बॉल नजर नहीं आती पर
00:15चामी भाई या फिट भी तो इतने हैं
00:17अ फिर मेनद भी तो इतनी करता हूँ
00:59मैं अच्छी करता हूँ
01:15अच्छी करता हूँ
01:16कि खाना नहीं लेकर आई ना तुमारा
01:19मैंने कहा भी था कि सल्मा भुगा चुटियों पर रहा
01:22मैं भूल देंगा
01:26इसमें भूलने वाली कौन सी बात है सेभा
01:30पते हैं मुझे क्या लगता है
01:31कि मेरी किसी बात की आएमिय तुम्हारे सामने नहीं है
01:38तबियत कैसी है
01:40क्यों पूछ रही हो
01:42जितनी बेस्ती तुम्ने अपने घर में करवाई है मेरी
01:44उसके बाद ये सवाल बिल्कुल बेमाईने है
01:47मुझे नहीं लगता कि वो शक्स कभी बतलेगा
01:49और अगर वो कभी बतल भी गया न
01:52तो मुझे लगएगा कि मेरे अल्ला को मेरी कोई नेकी अच्छी लग गए
01:56मुझे पताओ तुम्हारे बाब को गरूर किस बात का है
02:00कौन सा उसने अपनी जिन्दीगी में इतनी बड़ी इंडस्ची कھडी कर दिये
02:03कि मुझे कारोबार करने के तो एक है
02:07महीनो लगे कि तो ये होगा
02:09सालो लगे कि तो ये होगा
02:10धाईya लगी कि तो ये होगा
02:11है कौन वो? समझता किया है हो अपने आपको
02:14और दूसरी तरफ मेरे अबाजी है
02:16उस इंसान के पास इतनी जायदाद है
02:18कि तुम्हारी साथ पुछते तक नहीं बना पाएंगे
02:23उन्होंने तो कभी मुझे बढ़ा के कारोबार करने के तरीके नहीं सिखाए
02:27ये तो मेरी शराफत है जो कि मैं चुप चाप सुनता रहा हूँ
02:30और ना दिल तो चाह रहा था कि कहूँ रखो अपनी बेटी
02:33जब कोई बहुत बड़ा कारोबारी आदमी आएगा ना उससे शादी कर दो
02:42मुझे पेट्रल भरवाना है पैसे हैं ना तुम्हार बस
02:46दो से गाड़ी लेकर आया हूँ तुम्हें पिक करने के लिए
02:48बाइक पर आता तो हजब मामूल खिचकर चुरू हो जाती आपके फादर की
03:10रिवा तो बास चाह हो गया
03:12एक दो और काम भी तर मुझे बेटा ये अपने घर के मसाले हैं
03:19अपने माबाप को सुना कर उन्हें क्यों परेशान करती हूँ
03:23तुम्हें जिस चीज की भी जरूरत होना तुम मुझे कहा करो
03:27जामी को कहा ही ना करो
03:29मैं अगर पोरा ना करू ना तो फिर कहना
03:34कर लेगा काम जामी
03:35काम का तो कोई मसाला है ही नहीं
03:38ये तो सिर्फ वो मेरी बज़ा से बंदा हुआ है
03:41और फिर देखो कितनी जाइदाद है हमारी
03:45वो सारी जामी की ही तो है
03:48या जामी के बच्चों की है
03:50फिर तुम्हारे माबाप जो परिशान होते हैं
03:55कि जामी कमाएगा नहीं तो घरबार कैसे चलेगा
03:58ये घरबार देख रही हो ना तुम कैसे चल रहा है
04:02ऐसा चल रहा है कि सारे लोग हसद करते हैं हमसे
04:06छोड़े अबबा, इनके वाले साब को बहुत बुरी आदत है
04:10कभी हमारी तरह खुला पैसा देखा नहीं न, इसलिए
04:13खबरदार, सुसर हैं तुमारे, बाप की जगाएं, इस तरह नहीं कहते
04:19और चाहे सुसर दामाद की इज़द उतार के रख दे, आप महाँ थे नहीं, आप ते देखा नहीं किस तरह
04:26की उन्हें बाते की हैं मेरे साथ अबबा, वो उनका ज़र्फ है, ये हमारा
04:32बेटा, शोहरों की इज़द बनाना बीबियों का काम है, ये आज जो कुछ हुआ है न, तो बारा मत हो,
04:43जी
04:46ठीक है, तुम जाओ आराम करो, शाबाश
05:05हुआ हुआ है
05:34झाल झाल
05:56मेरे हम नशी
06:02मेरे महर बाद
06:07मेरे दर्द की जो दवा नहीं
06:18मेरे अश्क मेरा नसीब है
06:25मुझे तुझ से कोई गिला नहीं
06:35मेरे हम नशी
06:44मेरे महर बाद
06:50बस यास्मीन बाजी मेरी जब भी इन से लड़ाई होती है
06:53मैं अलमारी और टंक साफ करना शुरू कर देती हैं
06:55सारी सारी राफ मेरी सफाईयों में गुजर जाती है
06:58घर के मसले तो कभी खड़ा मी नहीं होते
07:00अलबत्ता अलमारी या साफ हो जाती है
07:03अमदल्ब खाना जब भी आपकी खालों साथ नड़ाए होती
07:06आप अलमारी साफ करने लग जाती है
07:08ये क्या बात हुई
07:11सीपा बड़ों की बात पर ऐसे हसते थोड़े ही मैं
07:14सुरी मैं बस
07:15हसने दो यासमीन भाजी
07:17ये कहके और शोखिया मावब के घर में पूरी होती है
07:20आगे का पता नहीं कभी-कभी जिन्देगी रोने भी देती है
07:27मेरे महरवा
07:35इस तुमने क्या कबार खाना लगाएगा
07:41अमारी समीटू
07:45सुनने लगो मुझे नीद आ रही है
07:49समेटते वे लाइट आफ कर देना तो बेतर है
08:09अमारी समीटू
08:12और सुनो
08:14गल्याद से अबबजी के नाश्ते के इंसिसाम कर देना
08:16सलमा बुवा नहीं है
08:18सारी जिवंदारी तुम पर है
08:24जी
08:28तेरी बेरुखी थी तेरी अदा
08:34मेरी सादगी थी मेरे सजा
08:40मुझे उम्र भरन पता चला
08:47तेरे दिल में कोई जगा नहीं
08:53मेरे उनशी मेरे मेरव
09:07कृम
09:13अश्वटकोना बेहरा
09:15कि आपके में तो कि अचाहए कर दो भी किनुपार से नुपर यहाद entitled
09:22कि आपके हाद भातो नोज हूए निए की हमें अचाहए निए नदोग की विए को के दोग राइछ
09:37समय कि में तिन जाना बाइछ भी कि दूंजे का है विए राइछ लाइछ बता बाइछ
09:44आज मैं दूद देने नहीं है, आज मैं हिसाब किलेर करने हो, तीन मेने का हिसाब हो गया, अब मेरी
09:49बरदार्श से बाहर हो गया, जामी मी को बोले मेरे हिसाब किलेर करें तो अपना को और देख ले
10:18औरे भाई बाहर कॉन है?
10:21अबा, वो दूदवा आया है बाहर.
10:23दूदवाला है? तो इतनी घंटियां क्यों बजा रहा है?
10:26पैसे मांग रहा है पिछ्टे तीन महीने से किसी ने पैसे नहीं दिये?
10:30तीन महीने के पैसे उधार? ये कैसे हो सकता है? छूट बोल रहा है वो. जामी कहा है? उससे काओ
10:39के जा कर हिसाब करें.
10:41जी.
10:50सुनिये.
10:53कुछी है?
10:57क्यों मुशे सुवा सुवा तंकरियो? सुने दो.
10:59वो बाहर दूद वाला है.
11:01तो मैं क्या करूँ?
11:03पैसे मांग रहा है.
11:04हिसाब कदाब करना उसको कह रहा है वसकर तीन महने का कोई बिल है.
11:08तो तुम दे दो ना तुमारे अबबा ने पैसे दिये थे उस देन.
11:11मुझ तुमारे इस दूद वाले के.
11:13और को आएंदा इदर का रूफना के रहा है अगर इसी तरह हिसाब करना है.
11:16बहुत है दूद वाले.
11:17मुझे सोगे दो में.
11:18ने का पाले.
11:26pactCrした अउड मेही द्वार के वाले.
11:28की फ् wrapped around the body.
11:29टूद बश्चें में का वाले.
11:32प्युमारे भाले.
11:37में भ्य्मारे 1th.
11:37अच्तिमारे 1p.
11:38श्वारे बहां अजद।
11:40मुझे से ले प्रस्पूद ownow
11:43इस दोफे आयोना की ज्ожд City & Business Social सze
11:52कि शुक्रिया बाजी बाजी आज के लिए बर्तन ले आए अच्छा बाजी वो क्यल से आप ही दूख लिया करेंगी
11:59ना कि सल्मक बहुत अचली गई नहीं वो चुटी पे गई खफे करें गाओं आज हैंगी वापाद नहीं वो कह
12:05रही थी कि मैं अब नहीं आओंगी कि वो कह �
12:07विए कि सारे जमाने का काम कडा लेते और तन्खा देने का नाम लेते जामी भई जो मैं बड़ता ना
12:14तूँ अबबा भाज हाँ हाँ हाँ बेटा लिया ही नास्ता अलाओ रख तो यहाँ आप।
12:33जामी ने दे दिया बिल मुदूद वाले का जी वो मैंने दे दिया चलो अच्छा किया
12:47और कुछ है आपको नहीं बेटा काफी जामी के लिए भी नाच्ता बना लो उसे कहना के मेरे साथ आगे
12:54नाच्ता कर ले जी
13:12मेरा नाच्ता भी अबबाजी के कमरे मेरे दे दो जी
13:19सलमा गवा नौकरी चोड़ के गई है क्या तुमता किसने कहा है वो दूद बाला कह रहा था
13:31इसी वज़ा से मैंने उस हराम खोर को निकाला है
13:33हर जगा बैटके हमारे ग़र की बाते करी होती थी
13:36इदर की बात उदर उदर की बात इदर
13:38नमक हराम कहींगी
13:39हुआ हुआ हुआ हुआ है
14:21बांद कर खाहिशों की गठड़ी तह लगाकर सब खावों को
14:31वजूद की हर सिल्वट मिटाकर रुमाल में हर घम चुपाकर
14:39बरसों हलमारी में रखा है
14:43किचन के मेले बर्तनों ने
14:46गर्ट से अटे पर्दों ने
14:49सीलन जदा दिवारों ने
14:53सालों भर का धोका दे कर
14:57पस खरदारी में रखा है
15:01अब जो खुत पर नजर पड़ी है
15:04एक अजनबी सी शबी खड़ी है
15:08असकर कहती है मुझसे
15:10इस सब खोरक धंदे का क्या है हासिल
15:15ये सई ये लाहासिल
15:17ये सफरे बेमंजल
15:19ये कश्टे मुसलसल
15:22क्या ही रंग लाई है
15:24बंद करके अलमारी को तुमने
15:28सिंदगी को गिरा लगाई है
15:37अन्दर आने को नहीं को होगी
15:51वैसे तुम कुछ तिनों के बाद नहीं वापस आने वाली थी क्या
15:57और जामी ने क्या आप यहां दुबारा नहीं आईगी
16:01जामी जूटा है उसकी बातों पर अर्तबार ना किया करो
16:07अन्दर है क्या नहीं खैर उसके लिए बुरी खबर है
16:21क्या को बता दे ना मेरा मेरा रिष्टा तै हो गया और इसी महीने की पंड़ा तारीक को बारात है
16:31मेरे
16:35अच्छा मुबारक हो तुम्हें तो बहुत खुशी हो रही होगी ना कि मेरा रिष्टा तै हो गया मुझे क्यों खुशी
16:46होगी
16:47तुम्हारी रकीब जो हूना मैं मगर एक बात याद रखना मुहबब हमेशा जिन्दा रहती है
17:10आसमा यह थी आज कर और क्यूं
17:16उसकी शादी तै हो चुकी है
17:18कह रही थी उसके अब आएंगे कार्ड्स देने
17:24वो जूरू जूट बोलके गई है
17:28अबड़ा जूट क्यू बोलेगी
17:31क्यूंकि तो मुसे जानती नहीं हो मैं जानता हूँ
17:33वो इस तरा के जूट हर बोलती रहती है
17:37और अगर वो जूटना हुआ तो
17:40तो मुझे क्या फरक पड़ता है कल्ये शादी जिस से भी कह रही है
17:42दुख नहीं होगा
17:45मुझे न छोटी छोटी बातों भी बिलकुल दुख नहीं होता
17:50तो महबत है आपकी
17:54तो इसका मतलब है उसके लिए मात्म करो
17:59जामी को और बहुत जमेले हैं परिशान होने के लिए
18:08बहु
18:21बहु
18:22कही दिन हो गए
18:24जेवा की कोई खेर खबर नहीं मिली
18:28हाँ ये तो बिलकुल सही कह रही है
18:31काफी दिन उसे उसे बात ही नहीं हुई है
18:34एक आद बार वैसे मैंने फोन किया था उसे
18:37इसने फोन ही नहीं उठाया
18:39अरे तो पूछना तो चाहिए था ना
18:43बलकि मैं कहती हूँ के तुम और जबाद चले जाओ उसकी तरफ
18:49हाँ बिलकुल सही बात है
18:52अब बस दो चार दिनों में हम भेज रहे हैं ना फ़निचर उसके हाँ
18:57और वैसे भी उसमार ने तो जाना ही है
18:59तो ठीक है बस एक बार वो फ़निचर सैट कर ले फिर चलते हैं उसकी तरफ
19:07उठा के करो ना यार ऐसे गिसीड रहे हो आप उसका रंग उतर जाएगा उपर से उपर उठा लो इसे
19:13वो वोला स्टूल स्टूल निका लो भाई साब पहले स्टूल निका लो ना
19:19उस्मान बस इतना है इतना सारा तो है जामी बई अच्छा मैं समझाते है एक दू ट्रुक और होंगा असल
19:30में जब हमने अपनी बहनों के रुकसत किया था ना तो काफी ट्रुकों में समान गया था चलो कैर कोई
19:36बात नहीं तो मताओ कुछ पी ओगे नहीं जाओ जाओंगा म
20:01हाँ देहान से, कुछ टूटे ना आओ यार
20:12ये लो
20:15अस्मान कहा गया?
20:17चला गया वो तो
20:20शर्बत पानी कुछ नी ते या आपने उसको
20:23मैंने उसे पूछा था लेकिन उसे जल्दी थी
20:25और ऐसे पी सारा काम तो मज़़ूरों ने किया है
20:27उसे किस खुशी मैं पानी पिलाता मैं
20:32उसे चाहिए था लेबर छोड़ के जाता
20:35अब इतना सारा समान में हकेले कैसे रखों का यार
20:38मैं आपके साथ लग जाओंगी, हम दोनों मिल कर लेंगे
20:44तुम तो रहनी दो
20:45और मुझे भी जफा किशी की बिलकुल आदत नहीं है
20:48मैं जाता हूँ, एक दो मजदूर पकड़ के रहता हूँ, बहुत जादा काम है यार यह
20:57अस्मान, बेटा भी बात अपने अबबा के सामने हर्किस हर्किस मत करना
21:02नहीं कहूंगा
21:04लेकिन जामी भाई भी बड़े कंजूस आदमी है
21:06इतना लालची नहीं सामना, मैंने अपनी जिंदेगी भी नहीं देखा
21:08आप कहने हैं खुश हुए होंगे, वहाँ पुशी वाली तो कभी बात ही नहीं थी
21:13आपने भी बता नहीं जेवाबाजी को कहा फसादी है
21:25लो, कैच पक, उफ
21:32चूडियां पहन लो यार
21:48मुझा बिजन्स शुरू करने जा रहे थे, कब शुरू करेंगे?
21:55कौन सा, क्या कहा रहे हैं?
21:59उस दन आपने अबबा से कहा था कि आप एक बिजन्स शुरू करने वाले इंपोर्ट-ेक्सपोर्ट का, राइस भाई के
22:03साथ में इनकर
22:04वो कब शुरू होगा?
22:06हाँ, वो शुरू हो जाएगा.
22:10जेवा, कारोबार ना बातों से नहीं, ठेर सारे पैसे से शुरू होता है.
22:15वही जमा करने मस्रूफ हूँ और जब जमा हो जागा, कारोबार भी शुरू हो जाएगा.
22:25अजबी हावर के जाएगे.
22:37क्या देख रही हूँ?
22:41अब्बा का पून आया था, वो बोच रहे हूँ.
22:46एक तो मैं ना तुमारे अब्बा की तफ्तीश से तंगा चुका हूँ.
22:50उन्हें को अगर उन्हें इतना ही शुरू के मेरे कारोबार को तो भेज दें, 25-30 लाख रुपया कारोबार शुरू
22:55हो जागा.
22:56लेकिन यूँ फजूल में खामखा सवाल अतना किया करें, क्योंके हद होगी है.
23:00और तुम भी मेरा दमाग ना काया करो.
23:02सारा दिन आप खर पे बैठे रहते, कोई काम तो करना चाहिए ना?
23:05अगर घर पे बैठता भी हूँ, तो अपने बाप का खाता हूँ, तुम्हारे बाप का नहीं, और तुम्हें भी किलाता
23:10हूँ.
23:11आएंदा मुझसे घर पर बैठने वाली बात मत करना तुम.
23:17समझी, हम अमीर लोग हैं, खानदानी और जायदादों वाले.
23:24पूरी जिन्दगी भी घर बैठा रहा ना? तो गुजारा हो जाए कैं मेरा?
23:32तुम्हारे बाप की तरह धक्के खाके मेनत मसदूरी करके चीज़े अकटी करने वाले लोग नहीं हैं।
23:37बार बार अबार अबार इस तरह बात ना करें।
23:40क्यों? तकलीफ होती है ना तुम्हें।
23:44तुम्हें सिर्फ अपने बाप की परवाह है।
23:48मेरी तुम्हें परवाह है यह नहीं।
24:22परवाह हैं।
24:25।
24:26वालेपा कुम१त असलाम१....
24:28वेटाइ यह तुम्हारी फोन को हर बार क्या हो जाता?
24:30मुझे तो लगता है कि ठीक से कामी नहीं करता。
24:33जी हमनी वो तार कट ःखुई थी.
24:36तार कैसे कट ःखुई थी?
24:39पता नहीं जामी को बता लेकन अब ठीक हो गया है
24:43तो में हमारी याद नहीं आती हमसे मिलने ही आ जाओ
24:48आती तो है हमी बस काम बहुत है
24:51अच्छा अब कामों का ना मुझे बताना
24:53गर नौकरों चाकरों वाला है तो में क्या पढ़ी है काम करने की
24:57जा सुनो, विटा, आज तुम्हारे अभब आ रहे हैं, तुम्हे लेने की डिया
25:02क्या अधा दिन रहने के लिए आजाओ, हमारे पास
25:06मेः, मैं जामी से पूछती हूनमी
25:08जामी से पूछने की कुई जरूरत नहीं
25:10तुम्हारे अभब खुदी बात कर दे की
25:14और वैसे भी उन्होंने इसको बात वगेरा ने देखिए।
25:19अम्मी, वी जगडे वाली बात ना हो।
25:22जब ये वाली बात क्यों होगी?
25:25अब तो सब ठीक है न विटा?
25:28जी सब ठीक है.
25:31अचामी मैं मैं जदिउ मैंने चावलदम पे रखने है।
25:35जार।
25:36सल्मा बुआ से कहो ना वो देखे, तुम क्यों देखो?
25:39मैं वो छुटी पे गई हुई है, ठीक है?
25:42लाफनस.
25:52यकीनन तुमारे घर से कॉल होगी?
25:56जो इतना कुरेट कुरेट कर सवाल करते हैं तुमारे घरवाले ही हो सकते हैं.
26:00अम्मी असे कोई सवाल जवाब नहीं करी थी.
26:03हाल चाल पूछने के लिए फोन क्या था, इतने अर्से बाद लाइन जो लगी है.
26:09अगर इतनी ही परेशानी थी, तो बिल भर देती ही.
26:12तुमने पताया कितना बिल आ है?
26:13अम्मी अबा किस किस चीज का बिल भरे है?
26:15फोन का बिजली का गैस का?
26:20मेरे अम्मा बतने अमीर नहीं है, जितना आप समझते हैं.
26:41शुक्रिया.
26:53चीते रहां, कैसी हो?
27:11माशालला, बड़ी खिद्मत गुदार बच्ची है आपकी.
27:15फर्मा बर्दार, बिल्कुल मेरे जामी की तरह, मैंने कभी इसकी उची आवाज नहीं सुनी.
27:23वैसे तो इस घर में कोई काम होता ही नहीं है.
27:26और अगर हो तो ये भाग भाग के करती है.
27:38जेबा ने पताया नहीं कि आप आ रहे हैं, वनना मैं आपके लिए खाने का इंसिजाम कर देता.
27:43नहीं है, इसकी कोई जुरूरत नहीं है, मैं वैसे भी बहुत जल्दी में हूँ.
27:51एक्शुली मैं जेबा को लेने आया था.
28:00सेबा, बेटर चलो.
28:04जेबा को लेने? अभी चंद हफते पहले ही तू वह आपके हां रहकर आई है?
28:13अची बज़ा फरमाया आपने.
28:16लेकिन ये जो चंद हफतों की मुद्द होती है न,
28:20उन लोगों के लिए बहुत लंबी होती है जो एक लंभा भी अपनी बेटी के बेना नहीं कुसारते हैं.
28:35अब मैं बस अब दो तिन दिन के लिए लेने आया हूं उसके पात मैं खुद सेबा को छोड़ जाओंगा
28:43अगर आपकी इजासत हो तो.
28:48अब आप आगए हैं तो चले ठीक है हम भला कौन होते हैं आपको रोकने वाले हम खांदानी लोग हैं
28:57बेतर होता कि आप कुछ पहले बता देते
29:04चलो जबा बेटा ठीक है तुम अपना सामान बांदो
29:24जीतो जामी मिया क्या बना उस कारोबार का जो आप शुरू करने वाले थें इंपोर्ट एक्सपोर्ट का
29:34अंकल उस पर काम चल रहा है वो रहा है इस बही आ रहे है ना पाकिसान वो आएंगे तो
29:38पर हम आफिस वगएरा लेंगे और पर काम शुरू हो जाएगा
29:44अच्छा इसका मत्तब है कि अभी कारोबार शुरू नहीं हुआ
29:49अरे हो जाएगा जबास साब हो ही जाएगा अब हमने तहिया कर लिया है तो हो ही जाएगा हम चद्धी
29:59पुष्टी कारोबारी लोग हैं हमें पता है के कारोबार कैसे होता है
30:05जी जी जी अच्छा साब आपने बचा फरमाया आप वाकई चद्धी पुष्टी कारोबारी लोग है और मुझे इस बात पर
30:13रद्धी बराबर शक नहीं है
30:18लेकिन आप ही बताईए जवान उलाद को यू फारिक घर पे ढठाना क्या मुनासिब बात है
30:30हजमल साब ये मर्द की स्मेदारी होती है
30:34कि वो अपनी फैमिली के लिए कमाए
30:38उनकी कफालत करें उनका कफील बने
30:42ना कि उस मर्द की भाईयों की उसकी उसके वालिद की स्मेदारी होती है
30:48कि वो उसे पैसे दें और वो उसकी फैमिली की लुकाफ्टर करें
30:55क्या मैं कुछ खलिप कह रहा हूँ?
30:59मुझे समझ नहीं आ रही है, आप क्या कह रहे?
31:05अब देखिया श्माद साब, मैं बात पुन्यादी से बात कर रहा हूँ
31:11मैं यह चाहता हूँ कि हमारे जामी मियां
31:15जितनी जल्द कारोबार कर लें, उतना ही बेतर है
31:22अब इनकी शादी को काफी महीने गुदर चुके हैं
31:26हम तो समझते थे के हमारे जामी मियां बहुत अच्छा कमाने थे
31:32तो जामी के पास पैसे तो होते हैं?
31:35आपको किसने कह दिया कि इसके पास पैसे नहीं होते?
31:37अच्छमल साब, पैसे खूने और पैसे कमाने में बहुत फर्क होता है
31:44जामी के पास चुछ पैसे होते हैं या तो आपकी आउलाद बाहर से भीशती है
31:48या फिर जाइदात के कराये होते हैं, जामी के अपने कमाये हुए कुछ नहीं होते है
31:55अंकल वो मेरी पैसे होते हैं
31:57मेरी जाइदात के हैसे से मेरा कराया आता है तो वो मेरी पैसे हो
32:04इसलिए
32:06इसलिए मैं यह कह रहा हूँ जामी
32:10कि आप गहसे कि जो पैसे आपको मिलते हैं आप उसे कारोबार करें
32:15ताके आप मस्रूफ रहें
32:17तब ही आप इदर उदर धिहान देने से बाज आएगे
32:34तपर अबा को कौन देखेगा
32:43इजासत दीचे
32:47जेबा बेटा खुदा हाफिस कर लाओ इनको
32:52जी
32:59मैं बहार तुमारा इंतजार कराओ
33:16और आभरत हाफिस अबाजी गुदा तुम ठीक बटा
33:47नहीं हमें ठीक नहीं है
33:51कुछ भी ठीक नहीं है
33:58जो जामी की मिलकुल समझ नहीं आती
34:03और इंक किस किस को पैसे देने उसने
34:07आपको पता उस घर में हर चीज उधार पर आती है
34:11पुरा गार उधार पर चल रहा है
34:13और यहां भूने आज तक किसी से दो रुपए भी नहीं लिया
34:26इतनी दफा फरहना से बात किये
34:30लेकिन हर दफा बस वो यही कह देती
34:32बस कारोबार शुरू कर रहे हैं
34:34कर रहे हैं
34:38लेकिन वो यह ठाक के दीम पात
34:50बस समी में ने फैसला कर लिया
34:54मैं अब उस गर रापस नहीं जाओंगी
34:59शानी बाजी के इतनी कॉल जाती हैं
35:02बलकि आपकी सारी सहेलियों की बहुत कॉल जाती हैं
35:05और सब एक ही शिकायत करती हैं
35:08कि जेवा जान बूच कर हमारी कॉल ने उठाती
35:10वो चाहती ही नहीं कि हम उसके घर जाएं उसे मिलें
35:14अब आपी बताएं
35:15मैं क्या करूं
35:19मेरे सहेलियों का फोन उठाना बंद कर दूँ
35:23ठीक है
35:24तो फिर वो यहाँ आजाएंगी फिर के करेंगी
35:28यहाँ आएंगी तो मैं मिल लूगी
35:32मैं यहाँ वापस आगी हमेशा के लिए
35:47मैंने अब लोगों को सिर्फ यह बताना है कि
35:52कल सुबा वकील यह पास जाना है हमने
36:00हमारा वकील अभी पुरा दायर नहीं करेगा
36:05अभी हमारा वकील सिर्फ
36:08उनके खानदान वालों से बात करेगा
36:10कि सब कुछ अफ़ामनों तफ़ीम से हल हो जाए तो बेतर है
36:15अगर नहीं हुआ
36:18तो पिर केस दायर केने का हो
36:24क्या होगे अमा आपको
36:27आप रोक रही हैं
36:31अमा ये मेरी बेटी की जिन्दगी का मामला है
36:37मैं उस पर किसी को मातम करने की याज़त नहीं दे सकता
36:44क्या होगे अमा अगर तलाक हो जाएगी
36:48हो जाती है तलाक है
36:52और वो तलाक उस जिन्दगी से लाख तरजे बेतर होती है
36:58जिसमें आउलाद माबाप के सामने दोजख में जलती रहती है और वो कुछ कर नहीं पाते हैं खामोश तमाशाई बनके
37:04बस चुप चाप देखते रहते हैं नहीं अमा नहीं
37:07मैं वो बाप नहीं हो
37:12मैं चुप नहीं रहूँगा
37:14यह मेरी बेटी और मेरी जेवा का मामला है
37:23और आज के बात
37:25इस घर में इस बात पर कोई रोएगा नहीं
37:30और ना ही कोई जेवा को रोने देगा
37:34प्लीज
37:36समझा ले आप अपने आपको
37:49यह नहीं जे आप नाश्ता नहीं कर रहे हैं
37:51नहीं मुझे बस चाहिए चाहिए
37:52मुझे बताओ तुमने क्या खाना है तोस्ट पराठा पाली पेट चाहिए
37:56जन्दी कहलो बिटा देर हो रही ते बच्टीन के पास पहुंचना है
38:00बात सुनती नहीं है तुम
38:09क्या हम एफिजी कॉप़ा, बंडाहे हो था हुओ तुम Зबदे नहीं है तुटी तबीद किराओ करी है
38:17कर दूख क्यों है तुम तुम तुम कहती नहीं है तो ऑ्य लगवराप te उलेख
38:29मैं अभी होगी
38:43मुबारक हो
38:44मुबारक हो दादी
38:45जेबा मिटिया का पाउं भारी हो गया है
38:49हमारे घर में अब नया महमान आने वाला है
38:51मैं आपको बता रही हूं
38:53मुझे ना पूरे पांसो का लिफाफा चाहिए
38:55और साथ में ना एक जोड़ा और मिठाई का डबा भी चाहिए
38:59पहली पहली खुशी है
39:00ऐसे तो मैं नहीं मानूगी
39:02मुझे तो बस चाहिए ही चाहिए
39:25पहली खुशी है
39:27मेरे महरवाव
39:29मेरे हम नशी मेरे महरवाव
39:36मेरे दर्द की जो दवा नहीं
39:41मेरे अशी मेरे रवाव
39:49मेरे दर्द की जो दवा नहीं
39:55मेरे अश्क में नसीब है
40:02मेरे अश्क में

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