00:04नाम आपका परीशाइद
00:07असलाम अलेकुम बिसमिल्ला रमान रहीम
00:09मेरा नाम जर्रार कुम्मी है
00:11और मैं कालुपूर जाओं मस्जिद
00:13यहाँ जाहाँ कड़े हैं यह कालुपूर की जाओं मस्जिद है
00:15एम्दबाद में यहाँ में मैं पेश नमाज हूँ
00:18सर जिस तरीके से यह अभी जो युद्च चल रहा है
00:21उसमें खामनी साब की देथ हो गई
00:24जिसके बाद कई जगा से अलग-अलग रियक्शन आ रहे है
00:26इद का त्योहार भी आ रहा है
00:28तो किस तरीके से इद सलिम्रेट किया जाएगा
00:31कि कई जगा बर शौक का माहल की देखने के मिल रहा है
00:35दीके हमारा जो नजरिया है वो यह है
00:37कि गम अपनी जगा पे है
00:38और जो खुशी है वो अपनी जगा पे है
00:40यह खुशी जो है वो अल्लाह के तरफ से दी गई खुशी है
00:43और यह हमारे अख्यार में नहीं है
00:44कि हम इसे मनाए या ना मनाए ये ला की तरफ से
00:47जैसे कि नमाज एद में जो दूआ पड़ी आती है
00:50उसमें एक लवज है
00:52कि अल्लाह तू ने इसको
00:54मुसल्मानों के लिए एद बनाया है खुशी बनाया है
00:56इस दिन को तो ये लाह ने खुशी बनाया है
01:10लेकिन ये है कि जो वाजबात है
01:12जिसे नमाज एद कादा करना है
01:14वो तो हमें करना पड़ेगा
01:16उसमें तो कोई शक नहीं है लेकिन ये है कि हाँ
01:18सादा लिबास मैंने बहुत ज़्यादा
01:20आठश बाजी या खुशी कोई
01:23खुशी का एक दूसरे को मुबारखबाद
01:24बहुत बड़े लेवल पे देना
01:26इस तरीके से ना करें
01:27सिंपल तरीके से जो खुशी है वो मनाए
01:30लेकिन बहुत सादा तरीके से मनाए
01:31ये हमारा नजरी आए अश्मे
01:32अवरल जो हर साल मनाई जाती है
01:34बट इस बार जो अभी हालात है
01:36उसकोले तो सादगी से मनाने का पुशी
01:39बहुत सादगी से मनाना चाहिए
01:41हर साल के तरह नहीं मनाई जाएगी
01:42बहुत सादगी से नमाजिये एद पढ़ लें बस
01:44इस तरह निकलेगा
01:46जे
01:48सर अपका नाम अपका परीश है
01:57सर अपका नाम आपका परीश है
02:00इरान में उनकी देतों पिये एद कर
02:10वर्तमान जो हालात है कई जगह पर अलग-अलग रियक्शन्स आ रहे हैं इस ये कमेनिटी की और से कि
02:14उनके जुद्रहन गुरू है इरान में उनकी दैतों भी उसको लेकर दुखका गाहना भी है उनको कई जगह पर कुछ
02:21पैसली भी अलग-अलग लिये गए यहां पर इद को �
02:23देकर कैसे दामाद रहेगी देखिए सबसे पहले कहना है कि एद तो बहराल एद है एद मनाई जाएगी मनाने के
02:32कुछ तरीके अलग है जिसे एद की नमाज वहोदनी है हराल में पढ़ी जाएगी कुछ वाजबात देज फितरा जैसे निकलता
02:42है वो निकले गा हां खुशी क
02:53में खुशी के थे होगे भे हमारे इतने बड़े लीडर रहबर रहनुमा हायतल्ला सुजद अली खामनाई इस दुनिया से दरजा
03:02शहादत पर फाइज हुए और उनका ये सोग और उसे वो लीडर ही नहीं थे हमारे रहनुमा थे हमारे मर्जा
03:10थे इस लिए वह गम हमारा सब
03:14से बड़ा गम है और उस घम में हम सब बराबर के शरीक है पुरी काम हमारी करीक है हम
03:20उस घम में सब के सब बस यूँ समझे जो यूद के जरूरत है उसे पूरा करेंगे नमाज पढ़ेंगे फित्रा
03:28निकालेंगे लेकिन खुशी का इजार नए लिबास वगरे से हम सब दूर �
03:35हमार आपका
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