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  • 1 day ago
महाराष्ट्र के अहिल्यानगर के नेवासा के सौंडाला गांव ने  सामाजिक बदलाव का एक नया अध्याय शुरू किया है. ग्राम सभा ने 'जाति-मुक्त गांव' बनाने के लिए एकमत से एक ऐतिहासिक प्रस्ताव पास किया है. गांववालों ने साफ कर दिया है कि यह प्रस्ताव सिर्फ एक डॉक्यूमेंट नहीं है बल्कि गांव के रोज़मर्रा के कामों में बराबरी, भाईचारा और इंसानियत लाने का पक्का इरादा है. सौंडाला गांव की आबादी करीबर ढाई हजार है. जहां सभी जातियों और धर्मों के लोग रहते हैं. 5 तारीख को चुने हुए सरपंच शरद अरगड़े की देखरेख में ग्राम पंचायत ऑफिस के सामने ब्लड डोनेशन कैंप लगाया गया. जिसमें सोशल एक्टिविस्ट प्रमोद जिंजाड़े की अपील पर  गांववालों ने 'मेरी जाति-इंसान' की भावना से ब्लड डोनेट किया और ग्राम सभा ने इस प्रस्ताव को एकमत से मंजूरी दी. ये प्रस्ताव रजिस्ट्रेशन के लिए सरकार और संबंधित डिपार्टमेंट को भेजा जाएगा. गांव में जातिगत मेलजोल, बराबरी और भाईचारे को लेकर पब्लिक अवेयरनेस प्रोग्राम चलाए जाएंगे.सभी पब्लिक जगहें-पानी सप्लाई सेंटर, मंदिर, श्मशान, स्कूल, ग्राम पंचायत ऑफिस, सभी के लिए बराबर हक के साथ खुले रहेंगे. साथ ही सोशल मीडिया पर जातिगत नफरत और भेदभाव वाले मैसेज पोस्ट नहीं किए जाएंगे. सरकार की बराबरी और सोशल जस्टिस स्कीमों को असरदार तरीके से लागू किया जाएगा. सौंडाला गांव पहले भी सामाजिक समरसता को लेकर कई फैसले ले चुका है. पिछले साल बारिश में किसानों की फसल खराब होने पर ग्राम पंचायत ने किसानों पर पढ़ाई का खर्च कम करने की पहल की थी. साथ ही दहेज लेने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया. वहीं शाम 7 बजे से रात 9 बजे तक मोबाइल बैन को लेकर चर्चा में रही हैं. सौंडाला ग्राम पंचायत ने नेशन फर्स्ट की सोच को जगाने के लिए एक और पहल शुरू की है. हर सुबह 10 बजे गांव राष्ट्रगान बजाया जाता है. जैसे ही राष्ट्रगान शुरू होता है, खेतों में काम कर रहे और सड़क से गुजर रहे नागरिक जहां भी होते हैं, वहीं रुक जाते हैं और राष्ट्रगान का सम्मान करते हैं. भेदभाव के माहौल में अब ग्राम सभा ने गांव को 'जाति-मुक्त गांव' बनाने के इस फैसले की हर जगह तारीफ हो रही है.

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00:04तो आधिया नगर के सौडाला गाउन ने समाजिक बदलाओ का एक नया अध्याय सुरू किया है।
00:11ग्रामसभा ने जाती मुक्त गाउन बनाने के लिए एकमत से एक अतिहासिक प्रस्ताव पास किया है।
00:17गाउन वालों ने साफ कर दिया है कि ये प्रस्ताव सिर्फ एक डकुमेंट नहीं बलकि गाउन के रोजमर्रा के कामों
00:23में बराबरी, भाहिचारा और इंसानियत लाने का पक्का इरादा है।
00:27सौडाला गाउं की अबादी करीब धाई हजार है जहां सभी जातियों और धर्मों के लोग रहते हैं।
00:58पांच तारीक को चूने हुए सरपंच सरद अरगड़े की देखरेख में ग्राम पंचायत ओफिस के सामने बलड डोनेशन केंप लगाया
01:05गया।
01:06जिसमें सोचल अक्टिवेस्ट प्रमोद जिनजाड़े की अपील पर गाउंवालों ने मेरी जाती इंसान की भावना से बलड डोनेट किया।
01:14और ग्राम सभा ने इस प्रस्ताव को एक मत से मंजूरी दी। ये प्रस्ताव और अरिश्ट्रेशन के लिए सरकार और
01:20संबंधित डिपार्टमेंट को भेजा जाएगा।
01:22गाउं में जातीकद मेल जोल, बराबरी और भाईचारे को लेकर पब्लिक अवेर्नेस प्रोग्राम चलाए जाएगे।
01:28सभी पब्लिक जगे हैं, पानी सप्लाई सेंटर, मंदीर, समसान, स्कूल, ग्राम पंचायत, आफिस, सभी के लिए बराबर हक्त के साथ
01:35खुले रहेंगे।
01:36साथ ही सोसल मेडिया पर जातीकद नफरत और भेदभावाले मैसेज, पोस्ट नहीं किये जाएंगे।
01:42सरकार की बराबरी और सोसल जश्टिस इक स्कीमों को असरदार तरीके से लागू किया जाएगा।
01:47यह प्रस्ताव सर्पंच ने पेस किया।
01:50हमारे गाव द्वारत जातीकद भेदभाव को समाप्त करने के लिए अपनाया गया प्रस्ताव अतियंत सराई निये हैं।
01:56इसका कारण यह है कि अतित में जाती आधारित भेदभाव काफी प्रचलित था।
02:01सर्पंच ने एक प्रसंसनिये नेड़नाय लिया है।
02:03जाती के आधार पर कोई विभाजन नहीं होना चाहिए क्योंकि अन्तिता सभी मनुष एक समान है।
02:11जो प्रस्ताव पारित किया गया है वो बहुत ही बहतरीन है।
02:15इससे गाउं के भीतर जाती आधारित विभाजन की समस्या पूरी तरह से समाप्त हो जाएगी।
02:20हाला कि कुछ राजनेता जात के नाम पर राजनीत करते हैं और कुछ हलकों में ऐसी बयानबाजी भी देखने को
02:26मिलती है कि धर्म खत्रे में हैं।
02:28लेकिन इन दाउं में रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है।
02:34सौडाला गाउं पहले भी समाजिक समरस्ता को लेकर कई फैसले ले चुका है।
02:38पिछले साल बारिस में किसानों की फसल खराब होने पर ग्राम पंचायत ने किसानों पर पढ़ाई का खर्च कम करने
02:44की पहल की थी।
02:45साथ ही दहज लेने वालों के खिलाब सक्त रूख अफनाया।
02:48वही साम साथ बज़े से रात नौ बज़े तक मुवाइल वैन को लेकर चर्चा में रही।
02:53सौडाला ग्राम पंचायत ने निस्नल फर्ष्ट की सोच को जगाने के लिए एक और पहल सुरू की है।
02:58हर सुबर दस बज़े गाउं में राष्टगान बजाये जाता है।
03:02जैसे ही राष्टगान सुरू होता है खेतों में काम कर रहे और सडक से गुजर रहे नागरी चाह भी होते
03:07हैं वहीं रुख जाते हैं।
03:09और राष्टगान का सम्मान करते हैं।
03:12This is a place in the city of Bheed Bhao in the city of Bheed Bhao's town,
03:13just to make this city of Bheed Bhao's town hall.
03:13The city of Bheed Bhao in the city of Bheed Bhao's town hall is located at 100.000 square feet,
03:14the city of Bheed Bhao's town hall will be located in the city of Bheed Bhao's town hall.
03:19Bureau Report, ETV Bhaerat
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