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00:10तेन्हा ही रहते तुम्हारा कुछ बुरा नहीं किया, जैथ
00:19यह घर चाहिए थो ना तुम्हें, मिल गया
00:23अब रहना इसी के साथ
00:25सारफ, for God's sake, मुझे बताओ तो सही हुआ किया
00:28जैथ को पता चल दिया है
00:33तुम्हारी मुहबबत का?
00:35जफर हमारी असलियत का के हम कौन है?
00:38तो यह निउस तो उसको पहले से मिली हुई थी
00:40तुम पागल हो, तुम्हारी दिमाग की उपर वाली बिल्डिंग खाली है?
00:45तो साफ साफ बता क्यों नहीं देती आप?
00:46जैथ भाई को ये बता चला है
00:49के हमारा तालुक अग्बर अली से क्या है?
00:55है?
00:57क्या बात कर रही हो?
00:59उसे किसने बता दिया?
01:02शायद जारा ने बताया है
01:04ने, ने, ने, जारा ने बता सकती क्योंके
01:06अगर जारा ने बताया होता तो वो यूँ पॉपकॉन की तरह चलना रहा होता
01:09ये राज उसे किसी और ने बताया है
01:12अमा?
01:13हेलो?
01:15जी अमी?
01:18क्या?
01:19क्या?
01:21कब?
01:23ओ, मेरे खुदाया ठीक है आरहा हूँ मैं
01:27क्या?
01:28ये कार नाम अबबा का था
01:30अमा ने उन्हें घर से निकाल दिया
01:36ये काम कई साल पहले कर लेती
01:39तो आज हमारी जिन्दिगी यू बरबाद ना होती
01:42ना पूछेगा खालू से
01:48सुनो
01:49तुम परिशान मतो और
01:52जारा को तसली दो
01:54एक ना एक दिन तो ये राज सामने आना ही था
01:57कब तक चुपाते हैं इससे?
02:01उनका रिलेशन अब खराब तो नहीं होगा ना?
02:05अगर महबत सची हुई तो बिलकुन नहीं
02:10अच्छा डोंट परी मैं होकर आता हूँ, ओक्या?
02:20जारा बिटा क्या परिशानी है
02:21तुम जब तक मुझे बताओगी नहीं तो हल कैसे करेंगे हम?
02:26यूनिवर्स्टी में कुछ हुआ है
02:28तुमारे खालों ने कुछ कहा है तुमसे?
02:30या फिर जैद ने कुई बात की है?
02:34अरे नेलो, तुम यहां खड़ी भी हो
02:37देखो, मेरा पासपोर्ट भी आ गया
02:39अब जल्दी से शादी कर लो एक हफ़ते के अंदर अंदर
02:43सई, ये तुम्हें क्या हुआ है?
02:45नहीं नहीं, कुछ नहीं, बस ऐसे कोई छोटी मोटी बात हो ये जैद से
02:49देखो, बिटा आए जगड़े वगड़े छोड़ो, बस शादी की तैयारी करो
02:53देखो, मैं ये अठारा अठारा घंटे का सफर रोज रोज नहीं कर सकती
02:56अच्छ जारे काम करो, जाके मुहाद दो
02:58परिशान मत हो, मैं मजएद से खुद बात करते हो
03:01नहीं नहीं आएंटी, मैं, मैं खुद बात कर लोगी
03:06अच्छा, चलो, आप तो मेरे साथ चले ना, वो वली में के जो जोड़े हैं ना, उनको सौट आउट करना
03:10है
03:10हाँ, हाँ, चलो, बताओ, क्या करना है
03:17काश सारा हमत, तुम यह महापत कर द्रहमा करने के बजाए डिरेक्टर आकर मांग लेती है
03:23पापाजान कभी इंकार ना करता है
03:25लिकिन यह जो डिटी गेम खेली है ना, तुमने, मैं कभी महाप नहीं करूँगा
03:31Zayd, Zayd, दर्वाजा कोलो
03:34Zayd, बताओ, तु सही हुआ क्या है, मुझसे बात क्यों नहीं कर रहे
03:40Zayd
03:42बात करो नो, दर्वाजा खोलो, और टॉक टुमी बेटा
04:02Zara, तुम क्यों टेंशन ले रहे हुआ, वो ठीक हो जाएंगे
04:07तुम Zayd को नहीं जानती
04:11मैंने यह निकाह इस प्रॉपर्टी की वज़ा से नहीं किया था
04:14मैं हकीकत में जाएट से मुहबबत करती हूं, सारा
04:16तुम क्यों बार-बार सफाईया दे रही हूं, क्योंकि उसे ऐसा ही लग रहा है
04:21और मुझे इसी बात से तकलीफ पहुँच रही है, कि वो ऐसा सोच भी कैसे सकता है
04:26हाँ जारा लेकिन तुम की तकलीफ को भी समझो ना, हाल उने किती बुरी तरीके से सब कुछ इकस्पोस करती
04:33है
04:34हना उगार रख करे उनको
04:37अज़ तक जिस भी चीज़ से मुझे महबबत थी ना, उन्होंने वो हर एक चीज़ चीज़ चीनी है मुझसे
04:50मैं उस माँ की बेटी हूँ, जिसने अपनी इज़त और अना की खातिर, करोड़ों रुपे के घर को लात मार
04:57दी
04:59बहुत हो गई तुमारी बतमाशी, अब नहीं चलेगी, अब तुमसे कोथ में मूल पहत हो गी
05:08अब महा, क्या हो गय क्यू दुनिया को तंपाषा डिखा रही है
05:23हम सब का तंपाशा बना दिया इसने
05:25अच्छा, रिलाक्स अमी, आगे आपकी तबियत खराब है, इधर आएं
05:29मेरी तो तबियत खराब है ना, इसकी नियत खराब है
05:33जो कभी ठीक नहीं हो सकती
05:36जिन्दगी भरबाद करती मेरी
05:40दर्वादा कोल या, दर्वादा कोल
05:41या बस सब्बाद चुप करें यार
05:53किया कर रही हो, Zara?
05:57यही रिजिस्टरी है न, नीली कोठी के?
06:01यही है सारे फ़साद की जड़्ड़्ड़्ड़्ट। तुम क्या करने जा रही हो?
06:12कुछ कहानी का इक्तिताम कितना मुश्किल होता है
06:19कहानी का इक्तिताम तो लिखारी के अपने अपने हाथ में
06:29प्रॉब्लम तो दूर आता है जहां पर रियर लाइफ ड्रामा हो
06:32पैसे रियर लाइफ में भी कुछ प्रॉब्लम ना हो
06:42अगर इनसान फुजूल का एगो और अपना खुद साखता भरम निकाल दे
06:49दिमाग से नहीं?
07:29अगर इसने मुझसे साथ मुझस कुला लेलिया तो मैं क्या करूगा?
07:40ओ तेरी
07:48नवालत खराब हो ना
07:50तो मच्छर को मारा गया थपड़ भी अपनी गाल पे आता है
08:14यह होसला अगर आप आज से कहीं साल पहले कर लेतीना हमें
08:18तो आज हम यूँ घर से बेगर ना होते
08:25यही पूरी जिद्धेगी सोचती रही
08:28कि लोग क्या कहेंगे?
08:32ना माँ घर बसा सकी ना भीटी
08:36अरे भाड़ में जाएं लोग अमी
08:38हम यह क्यों नहीं सोचते कि इनसान की फित्रत नहीं बदलती?
08:42यही जो शक्स शादी के शुरू के सालों में ना बदला वो बाद में हाग बदलेगा
08:48बस क्या करें?
08:50यह जो यह जो सुसाइटी का प्रेशर है ना
08:54यह लड़कियों को मजबूर कर देता है
08:56कि इसी इसी टॉर्जर सेल में अपनी जिन्दगी बरबाद करें
09:02अमी, आप मुझसे एक बादा करें
09:06अब आप अपनी जिन्दगी मज़ीद बरबाद नहीं करेंगी
09:12अब आपने होसला किया है ना
09:14तब आप पीछे नहीं हटेंगे
09:18एक बार अगर कोई मर्द औरत के दिल से उतर जाए ना
09:25तो उसके लिए सिर्फ समझोता बचता है
09:31मुहापत नहीं
09:32मैं आपके साथ हो अमी
09:34हम दुबारा मिलके घर बना लेंगे
09:41पता नहीं
09:42मैं आग कैसे मिलाओंगी जारा और सारा से
09:46बच्ची हैं अमी वो आपकी
09:47वो आपकी सिच्वेशन जानती है
09:50आप बस उनके लिए दुआ करें
09:54दुआ के अलावा और रही क्या गया है मेरे पास
09:59बहुत कुछ है
10:01अगर आप खौर करें तो बहुत कुछ है
10:06क्या कह रहे हो शहीर
10:08मारी बाते मेरी समझ में नहीं आप इस वक्त
10:11सब बताऊंगा
10:13तफसील से बताऊंगा
10:16क्या गुजर रही होगी उन दोनों पर
10:20क्या ठदू कुछ है
10:27कर दो कर दो
11:11क्या वता हूं मुझान
11:14आपका बेटा महबबत के मामले में कितना बदकिस्मत है
11:18हर बात जिस महबबत पर यकिन करता हूं
11:21वही जहर बन जाती है मेरे दिया
11:34इन दोनों के दर्मयान
11:38चल क्या रहा है
11:39I don't understand that
11:42पता नहीं दोनों ही कुछ नहीं बता रहा है
11:46It's very strange
11:49तुम्हारे साथ तो
11:51जायधर किसम की बात करता है
11:53क्या उसने कोई ऐसी बात किये
11:57I know, that's why I'm upset
12:01जाने क्या मजबोरी है
12:03उन्हें आपको कमरे में बंद करके बैठ किया है
12:06कोई बात ही नहीं कर रहा
12:07He's not saying anything to me
12:09I don't know what to do
12:23Zahid, मैं तुमसे बात करना चाहती हूँ
12:25मुझे तुमसे कोई बात नहीं करने है
12:30जंदगी में खुशी नाम की कुछीज है ही नहीं
12:33सिर्फ जोट और फरेब ही है
12:35मैंने तुम्हें कोई फरेब नहीं दिया
12:38यही बताना चाह रही हूँ मैं तुम्हें
12:40लेकिन तुम मेरी बात तो सुनो
12:44तो यही पात मेरी जिंदगी में शामिल होने से पहले तुम्हें बतानी चाहिए थी ना
12:50लेकिन तुम की बताती
12:52तुम्हे तो डर होगा ना
12:54यह कहीं यह घर तुम्हारे हाँ से ने निकल जाए
12:57निकास से पहले मैंने बाबाजान को मना किया था
13:01दिल में तो यही चाहती थी ना
13:06और आज वाकिए यकीना आगया कि तुम राइटर हो
13:09कुबाद ये ना तुमने सबको अपने लफसों से
13:14और पालिया जो तुम चाहती थी
13:16सैद
13:19इसा कुछ मत कहो
13:21जिस पर बाद में तुमें पच्चतावा हो
13:25मुझे एक दफ़ा सफाई का मौका तो दो
13:30जिस सफाई के साथ तुमने मेरा दिल तोड़ा है ना
13:34उसके बाद किसी चीज़ की कुँचाहिश ने किती सहरा है मत
13:38तुम्हारे गलत होने के लिए यही काफी है
13:40कि तुमने मुझे से अपनी शनाख छुपाई
13:54हम दुख सब हमारे चुप चाप सेहते मगर
14:09तुमसे आज़ी है
14:18अब घम है या खुशी है
14:35स्वारे ने आज़ा है
15:26तुम मैं भी बता दूँगा असलियत तुम्हारी भांजीयों की
15:29क्या बताओगे
15:30यही के जारा उनकी सगी नवासी है
15:32उनके बेटे को फसाया निली कोठी के चक्कर में
15:38मैं शहीर का फादर हूँ
15:40और सारा जारा का खालू भी हूँ है
15:47और अब सच्छ पताओ और क्या का चुपा रख तुने जारा
15:53नई और कुछ नहीं चुपाया
16:04अजिए अजिए आफ अपका रख शुपाया नजर नहीं आरहे है उनको तो मैंने एट के बाहर जाते देखा था को
16:26गंटा पहले चली गए नहीं बहार उतों।
16:29तुमें कुछ बता के गई?
16:31नहीं मुझे तो अबी 할-mas अबसे पता चल रहा है
16:35तुमें कुछ बता है बेटा?
16:36जारा ने?
16:38मुझे की बताएगी हो
16:39लेकिन तुम्हें मालूम तो होना चाहिए न बेटा, तुम्हारे निकाम में है वो, तुम्हें उसके वाली वारिस हो
16:54हाँ नवीर, हाँ खेरियत, क्या, मिताओ, किसने है
17:09जारा ने, लेकिन क्यों चले वो, आती है वापिस तु पूछता हो समय, तेंक्यू, आओक्यू, क्या होगा है
17:26खेरियत, अग्मार ली, सब ठीक तो है ना, जारा गई थी बरिष्टर नवीद के पास, क्यों, उसने नेली कोठी की
17:39ओनर्शिप मेरे नाम कर दिया, मैरे नाम कर दिया,
17:44जायद, तुमने तु नहीं कहा कुछ होने, ताहिं, पता नहीं क्या चल रहा हैं गुरों के बीच, आल्ला खेर करे,
18:16हेलो, ये घर बापिस करके तुम क्या साबित करना चाहती, कि तुम्हारी महाँ पस सची थी, ड्रामा नहीं था, तो
18:21तुम्हारी ये भूल है, मुझे कुछ भी साबित नहीं करना, जायद, मेरा और तुम्हारा तालुक उस घर की वज़े से
18:28नहीं तो, वो घर तुमें ही मु
18:43साफ साफ बताओ, उसने घर वापस क्यूं किया?
18:48ताना दिया तानागों से, कैसा ताना? यही कि इस घर के लिए उसने निकाल किया मुझ से, क्या? बागल हो
18:53गयो, क्या हो गया तुम्हें? तुमने तो ऐसी ज़वान कभी इस्तमान ले की जैद? मुझसे ना पूछे हैं प्लीज, अच्छा
18:59तुम दोनों का जगड़ा किस बा
19:18मुझे माफ कर देना जारा, यह सब, यह सब सजाद की वज़ा से हुआ है
19:26नहीं खाला, मेरी किसमत ही यह से है, जिस से प्यार करती हूँ मुझ चिंच जाता है
19:37नहीं मेरी जान, अगर मुझे जरा भी पता होता खुदा की किसम, मैं उसको उस घर में जाने ना देती
19:49और वैसे भी उस घर को बत्वा है, उस घर से कभी किसी को खुशी नहीं मिली
19:59ना हमारी माँ बस सकी, ना उसकी ऑलाद
20:04मुझे से बेबस यही गलती हुई, मुझे नहीं जाना चाहिए था उस घर में
20:11और अबबा को तो देखो, सगी ऑलाद के होते हुए परहाई ऑलाद को पालते फिर रहे हैं
20:19एक बार भी बीटीयों को ढूनने की कोशिश नहीं की
20:26अब तो अब तो में मर कर भी उस घर में नहीं जाओंगी
20:58पता है सारा
21:00कभी-कभी मैं सोचता हूँ कि हमें उस घर में जाना ही नहीं चाहिए था
21:06सवाए तर्षक तजूरपात की क्या मिले हमें
21:10कुछ नहीं
21:12पता है मैं भी ये सोच रहे थी
21:14कि इस शॉर्टक की चकर में सब कुछ ही गबा दिया हमें
21:29अपपा ने भी कॉल करकर के चीना हराम करती है मेरा
21:35शहीर
21:39क्या वाक़ी खालब खुला लेंगे इनसे
21:42तो और क्या करें सारा
21:45जवानी में हिम्मत थी मेरी मा में परदाश करती रहे
21:48लेकिन अब बुढ़ापे में कहा हुआ रूंगी
21:57अना भगवोन
22:00हमारा पूछे तो उनको मन पताना क्या में तरहे
22:16अच्छा अच्छा आपकी तरफ भी नहीं आई
22:20ठीक है कुछ पता लगे तो बताएगा
22:26उनकी तरफ भी नहीं गई
22:28तुम मानो ना मानो अक्बर एली
22:30लेकिन कोई बहुत बड़ा जगड़ा हुआ है
22:33देखो ना हक महर में मिली हुई
22:36नीली कोटी मूँ पर मारके वो चली गई
22:38अब बताओ इसका क्या मतलब है
22:40अपा खुदा के वास्ते ऐसी कोई बात नहीं है
22:42बच्चों का आपस में जगड़ा है
22:44सुलत जाएगा
22:44ऐसी बाते करके और परिशान मत करें आप हमें
22:47तुम्हारा जोर तो सिरफ मुझ पर चलता है
22:50अक्बर एली
22:51तुम तो मेरा फॉरं के अनड़ा का टिकट करवा दो
22:54तो मैं जाओ यहां से
22:55अरे आपा
22:56आपके रेस्टांट की रेनोवेशन मैंने शुरू करवा दिये और बेटे के बल्ली में से पहले तुम्हे आपको जाने नहीं दूंगा
23:04अक्पर एली बुरा ना मानना
23:06लेकिन मुझे यह शादी होती दिखाए नहीं दे रही
23:09और तुम तो अपने बेटे का कुछ सद्का दो
23:12जब भी शादी की बात होती है कुछ नो कुछ हो जाता है
23:22जैट
23:25सब सुन दिया उसने खुदा के वास्ते क्या करती है आप
23:28तो मैंने कौन सा गलत कहा है
23:30अब तुम खुद देखो
23:32पहले अलाइना के साथ शादी नहीं हुई
23:34फिर बिस्मा के साथ शादी होते होते रुक गई
23:37और अब जारा के साथ निकाह तो हो गया है
23:40लेकिन ये शादी होती मुझे नजर नहीं आरे
23:42कैसे बाते कर रहें आप
23:45पहली बार गलती हमसे हुई
23:47दूसरी बार
23:48आपकी लालच की बज़े से ना मेरा बेटा जाकर डूब गया
23:51तिसी बात ऐसा नहीं होगा इंशाला
23:54सब ठीक हो जाएगा
23:55हाप प्लीज ने ऐसी बाते करना छोड़ दें आप
24:03खूब खूब खूब तम के नत बंदी जा रही है आकपर अली
24:08बता रही हूँ मैं तुमें
24:20वो तो इस घर के चकर में आए थी
24:21तुम क्या करने आय थे मिस्टर शेही सजात
24:24मैं ये देखने आय था कि कौन है वो खुश किसमत सैद अलीश शाह
24:29जो वो शानदार जिए रहे है जिसके असल हगदार हम तीनों कजन्स है
24:34तो तुमें लगता है मैंने अक चीना तुम तीनों का
24:38किसी इंसान की इतनी आउकात नहीं होती कि वो किसी और का हक चीन
24:44जरूर हमारी किसमत का ही कोई फेर था जो
24:47करोडों की जायदात के असल वारस होने के बावजूद
24:51लोगों के घरों में धक्के खाते फिर रहे थे
24:53तो पहले आकर बताना था ना कि तुम लोग असली वारस अकपर अलिशा के
24:57हिस्सा चाहिए तुम लोग को
24:58किस से कहते हाँ
25:00किस से
25:01इस बेहस इंसान से जिसने जारा की मरती हुई मापनी
25:05अपनी सगी बेटी को इस नीली कोटी के दर्वाजे के अंदर दाहिल होने की अजाज़त नी दी
25:12ये तो मजबूरी खींचलाई जारा को
25:15वरना नफरत थी उसे इस घर से इस
25:18इस घर के लोगों से
25:20कब अई थी जारा की मदर
25:23मरने से दो दिन पहरी
25:27और पता है
25:29इस बात को भी एक साल होके
25:31वो दुनों तुमारे घर है ना
25:43नहीं
25:44मागी रिपोर्ट्स नहीं लाए
25:47माना करती हो उनोंने
25:49क्यों?
25:51कहती हैं किसी शाह की बेटी है
25:53क्यों सद्का खेरात नहीं ले सकती
26:02आपका चेक वापस बिजवादी होनाने
26:05हूँ
26:10ठीक है
26:20कहती है बाता मुझे बाता नहीं ले तेक हो वापस अभी ले लेए
26:49क्या हो अजयद नहीं है अब ही तक?
26:51अब बस आने वाला है, रस्ते में है, मेरी बात हुई है पून पर हुआ है
26:54आपको किस जीस की परशानी नहीं नहीं तुम आराम करो, रेलेक्स
27:06बैने अपने बेटे से कुछ बाते करनी है, दिल की बाते हैं
27:13खेरिया? हाँ, बिलकुल
27:28अपने बेटे से बाते करें ठीक है
27:50तुम्या जॉब पर नहीं जाना?
27:54रिजाइन दे दिया
27:55क्यो?
27:58समझ आ गई थी, मांगी हुई जन्नत से दोज़क करजाब बेतर होता
28:05बड़ी जल्दी तुमारे सौफ़ेर अपड़ीट हो गया?
28:08कुछ भी को, एक बात तुम माननी पड़ेगी
28:13हमें वाज़ाना नहीं चाहिए था
28:18खलाप, आपको क्या हुगा है?
28:20मुझे सा लग रहे जैसे आप सारी रात सो नहीं पाई
28:24हाँ, नहीं सो पाई
28:25वो, इसका बात सारी रात कॉल्स करकर के परिशान करता रहा
28:30ब्लॉक करें यार उन्हें?
28:33कर दूँगी
28:34एक काम करें, नास्ता कर लें, उसके बाद
28:36मैं और शहीर आपको हॉस्पिटल ले चलेंगे
28:42नहीं, उसकी जरूरत नहीं है
28:45क्यों जरूरत नहीं है, अमी?
28:46पैसों का बंदोबस्त कर लिये मैंने
28:50पुरानी, पुरानी जिम से कॉल आई थी, उनसे कुछ अडवांस ले लूँगा मैं
28:57चेक तो वापिस कर दिया न तुमने?
28:59जाहिर है, आपकी शोहर की तरह थोड़ी है
29:03सोच में पढ़ गये थे वो
29:18बेटा, क्या हो बाबजाम?
29:20निचे आओ बात करनी है
29:22क्या हो, आता खेरियत है?
29:24नहीं
29:26सब ठीक है न, और ये आपके हाथ में क्या है?
29:31नोटिस है
29:33सारा ने बेजा है
29:36किस चीज़ का?
29:38खुला का
29:56नेचे आजाओ बेटा
30:15जहत ये क्या तमाशा है?
30:17जारा ने ये तुम्हें नोटिस क्यों बहे जाए बिटा?
30:19इसे कहते हैं उल्टा चोर को तपाल को डांटे
30:21क्या चोरी किये उसने तुम्हारी?
30:23जूट बोला उसने मेरे साथ
30:28अपनी शनाख चुपा कर धोका दिया मुझे
30:31शनाख तो हमने भी चुपाई थी
30:34जूट तो हमने भी बोला था अलाइनस से
30:36हमने किसी माली फाइदे के लिए
30:38अपनी शनाख नहीं चुपाई थी बाबाचान
30:41कौन सा माली फाइदा लेया जा रहा है तुमसे?
30:45नेली कोटी के लिए निकाग ही उसने मुझे से
30:47बेटा बहुत अच्छी तरह तुम जानते हो
31:07जारा भी उसी के नवासी है उसी का खून है उसके अंदर
31:11क्या? क्या? तमकिनत की नवासी हैं ये दोनों
31:20जारा तमकिनत की नवासी है?
31:28आप आपको भी पततने इस बात का
31:30आपको भी? क्या मतलब है तुम्हें पतत है ये?
31:33इसी बात पर तो हमारा जगडा हुआ है
31:36कि क्यूं मुझे ये बात चुपाई ये नप उल्टब मुझे ये नूटिस बिजवा रही है
31:44उफ मेरे खुदाया या ये तमकिनत की नवासी है
31:49तब ही तुम मैंने पहले देन इसे देखकर कहा था कि इसके अंदाज इसके नक्ष किसी से मिलते जुलते हैं
31:56लो आज खुदा नाराज का पता चला आपको तुम्हारे निकास से एक दिन पहले है और आपने मुझे नहीं पताया
32:16ये ली जग्मा साब जारा के आईडी कार्ट की डिटेल और उसका फेंबिटरी
32:26फाइजा अगबर अली नाम है उसकी मा का
32:35इसका मतलब है कि मेरा शक दरूस्ता है
32:39थैंक यो
33:08सहरा मुझे तुम्हारा ये खुला लेने वाला फैसला ठीक नहीं लग रहा
33:15जब महबत में बादसफाई देने पर आ जाए
33:19तो फिर वो महबत नहीं समझोता रह जाता है
33:23और महबत में समझोता नहीं होता तो तो क्या साथ भाई से प्यार नहीं करती है
33:28करती हूँ और हमेशा करती रहोंगी लेकिन अपनी सेफ रेस्पेक को कॉंप्रमाइज नहीं कर सकती मैं
34:01ओफो क्या क्यामत आ गई है शहीर
34:14क्यामत यह मेरे लिए
34:19क्यामत लफ्स का मतलब क्या है यह पता भी है तुमें जैट
34:24तुमने भी यह लफ्स सिर्फ अपनी कहानियों में लिखा होगा
34:27वरना जिस पर बीती होना वो किसी के साथ जल्म नहीं कर सकता
34:31उसे धोका नहीं दिय सकता
34:32मैंने किसी को कोई धोका नहीं दिया
34:36वो मेरे और मेरे नाना अबा का मसला था
34:40और तुमने यह सोचा भी कैसे
34:43मैं एक ऐसे घर को हासिल करने की कोशिश करूँगी
34:47जिस घर के दर्वाजे कभी मेरी मां के लिए खुले ही नहीं
34:50तो पिर क्यों खुला अपने दिल का दर्वाजा उस घर के मकीनों के लिए
34:53क्योंके दिल पर किसी का कोई थियार नहीं होता जैद
35:00लेकिन मैं तुम्हें अब कोई सफाई भी नहीं दूँगी
35:02हाँ
35:03तो मतबर सफाई से दिल तोड़ना आता है ना
35:08और तुम
35:11जिसने मेरा मान तोड़ दिया उसका क्या
35:15तुमने यह सोचा भी कैसे
35:17कि मैंने यह सब तुम्हारी वो प्रॉपर्टी हासिल करने के लिए किया
35:23तुमने यह सोचकर
35:26मेरी और मेरी मोहबद की इंसल्ट की ay hey
35:32मोहबद हमारे बीच में रही का है
35:35हाँ
35:36तो फिर ठीक है न यह सब खतम किये देते हैं आखिर प्रॉब्लम ही क्या है
35:46अम्मी की कंडिशन हॉस्पिटल जाके मजीब बिकड़के यह जारा
35:51हेंडोस्कोपी हुई है उनकी
35:54उनके कुछ कपड़ें पैक करके दे दो मझे
35:58उनके पास कौन है
36:01अपा
36:11तन्हा ही रहते हैं