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  • 2 hours ago
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जानिए जोधपुर की निर्मला की कहानी, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में घुटने न टेक कर अपनी पहचान बनाई...

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00:03यह है जोदपूर की निर्मला शेखावत जो केवल एक सामान्य ग्रहनी नहीं बलकि महिलाओं के लिए मिसाल बनी है
00:10पती के निधन के बाद उन्होंने न केवल अपना और अपने बच्चों का जीवन समारा बलकि कई महिलाओं को भी
00:17रोजगार से जोड़ा
00:18निर्मला राजिस्थानी खाद्य उत्पाद खीचिया पापड, मंगोडी जिसे कुटीर उद्द्यों के रूप में जाना जाता है उनका व्रिहद स्तर पर
00:27उत्पादन शुरू कर अपना ब्रांड खड़ा कर दिया
00:30आज निर्मला मारवारी मनवार ब्रांड के जरिये पारंपरिक राजस्थानी स्वाद को साथ समंदर पार तक पहुचा रही है
00:42जर्णी हमारी लॉक्डाउन के बाद स्टार्ड की हमने कोरोना काल से और यह इसलिए शुरू की क्योंकि 2021 में फरवरी
00:50में मेरे हस्मेंड गुजर गए थे
00:52तो मेरे उपर तीन बच्चों की जिम्मेदारी थी और मैं अपने पीहर आ गई थी पीहर में स्टार्ड मेरे भाई
00:59ने करवाया है यह सारा काम क्योंकि वो चाते थे कि आप किसी के आगे जुके काम नहीं करो और
01:04गर पे रहे के बच्चों का भी धियान रखो प्लस दूसरों
01:08को भी काम दो तो हमने 2021 जून जुलाई से स्टार्ड किया था कोरोना काल में घर पे बैटे बैटे
01:15पहले हमारे जो फैमली मेंबर्स होते थे वो लोग हम से बनवाते रहते थे खीचे पापड़ वगरा तो जब हमें
01:21लगा कि यह खीचे वगरा बहुत पसंद कर रहे हैं लो�
01:36जैसे कि यह लोग बनाते हैं बार जो सारे मसीनरी आइटम है और आप देख सकते हो हम सारे हैंडमेड
01:44आइटम बनाते हैं जिस तरीके से पुराने टाइम में लोग बनाते थे
01:47निर्मला की शुरुवात बेहत चुनौती पूर्ण थी उनके पास निवेश के लिए पैसे नहीं थे उन्होंने महज 5 किलो खिचिया
01:55बना कर काम शुरू किया उनका पहला ओर्डर सिर्फ 1.500 रुपय का था इस तरह 5 किलो से 10
02:01किलो और फिर कुइंटलो तक का यह सफर बढ़
02:17में राजस्थानी स्वाद का डंका बचा रहे हैं आज उनका व्यापार लाखों की आये का जरिया बन चुका है उन्होंने
02:24अपनी ही जैसी करीब 1.500 महिलाओं को रोज़गार भी दिया है
02:32वैसे तो हमारा ओलोगर इंडिया जाता ही है फिर भी मेरा लक्षे यह है कि अब भी तक तो यहीं
02:39से जा रहा है और हम चाहते हैं और अलग-अलग एरिया में हमारी खुद की ब्रांचे जो और सब
02:46लोग जो अपने पुराने फ्लेवर्स हैं जो भूल रहे हैं उनको भूले �
02:50नहीं और उनकी याद दे रहे हैं परिवार में चार लोग हैं हम और परिवार में कमजोर हैं इसलिए ना
02:56जिर मला जिजी से मुढ़े यां नेaky हूं और अच्छा
03:00सेलरी मिल रही है अर्तिभनि अच्छी मिल रही है और थेमिने से बहुत काम भी मेंने सिंस्ह
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03:45प्रतिस्पर्धाओं और मास्टर शेफ जैसे टेलिवीजन शो में भी उन्होंने हिस्सा लिया है और राजस्थानी स्वाद की छाप छोड़ी है
03:51जोधपूर से ETV भारत के लिए मनोज वर्मा के रिपोर्ट
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