00:00अखिरकर वही डर्ज सच होता नजर आ रहा है जिससे वाशंग्टन लगातार बचना चाहता था
00:05जिस स्युद्ध को तीस और सीमित रखने का दावा किया जा रहा था
00:09वो अब अमेरिका के लिए उल्टा जाल बन गया
00:11हालात ऐसे बिगड रहें कि जिन खाड़ी देशों को अमेरिका अपना सबसी भरूसी मन सहयोगी मानता था
00:17वही अब उसकी रणनीती से नाराज हैं और असहज नजर आ रहे हैं
00:22ये असहजता आखिर स्युद्ध को किस और ले जाएगी
00:26ये तो देखना दिल्चस्प होगा लेकिन इससे पहले सवाल ये उठ रहा है कि क्या ये नाराजगी और आगे चलकर
00:33अमेरिका के लिए एक उपनीतिक परिशानी का रूप ले लेगी
00:36खाडिक शित्विक के अधिकारियों ने साफ संकेत दिये कि उन्हें अमेरिका और इजराइल की कारवाई की तरीके से गहरी निराशा
00:43है
00:43उनका आरोप है कि 28 सरवरी को इरान पर किये गए
00:46शुरुवाती हमले की जानकारी पहले से नहीं दी गई
00:49अगर उन्हें पहले बताया जाता तो वो अपने दीश और सेने ठिकानों को इरान के संभावित पलटवार से बचाने की
00:56तयारी कर लेते
00:57लेकिन ऐसा नहीं हुआ अब उन्हें इसका खामियाज़ भुगतना पड़ रहा है
01:01कई अमेरिगी बेस और कई ऐसे ठिकाने जो कि अलग लग देशों में हैं वो साउधियर अरभी है हो कुवैत
01:08हो या फिर यूएई हर तरफ इरान की तबाही साफ तौर पर देखी जा रही है
01:14खड़ी देशों का कहना है कि उन्होंने पहले ही अमेरिका को चेतावनी दी थी कि एरान के साथ युद्ध पूर
01:20एक शेत्र के लिए विनाशकारी साबित होगा
01:22इसके बावजूद वाशिंग्टन ने उनके बातों को गंभीरता से कभी लिया ही नहीं अब जब एरान लगाता जवावी हमले कर
01:29रहा है तो सबसे ज्यादा दबाव इन्ही देशों पर पड़ रहा है
01:32इन देशों के कई सेनिट हिकाने और एहम इंफ्रेस्ट्रक्चर एरान के कम दूरी की मिसाईलों की रेंज में आते हैं
01:39और तबाही होती है काफी विनाश होता है यो दश्यूद होने के बाद से हालात लगातार बिगड़ रहे हैं हालात
01:46बिगड़ते देख खाड़ी देशो
02:02कम से कम 380 मिसाईल हैं और 1480 से ज्यादा ड्रोन्स दागे हैं इन हमलों में कम से कम 13
02:09लोगों की मौत हो गई वहें कुवेट में एक और बड़ा जटका तब लगा जब इरानी ड्रोन हमले में 6
02:15अमेरिकी सेनिक मारे गए और यह हमला एक ऐसे अप्रिशन सेंटर पर हुआ जहा
02:31कहना है कि अमेरिकी सेनिय ऑपरेशन का मुख्या ध्यान इसराइल और अमेरिकी सेनिकों की रक्षा पर केंद्रित है जबकि खाड़ी
02:38देशों को अपनी सुरक्षा के लिए लगभग अकेला छोड़ दिया गया इससे उनके भीतर असंतूश तेजी से पैल रहा है
02:45और यह स्त
02:50सिदी को और भी गंभीर इस तरह की पूरे महाल बनाते हुए नजर आ रहे हैं जिससे इंटरसेप्टर मिसाइलों की
02:57कमी भी देखी जा रही है खाड़ी दिशों में खाड़ी दिशों के पास हम लोग को रोपनी के लिए इंटरसेप्टर
03:0230 से खत्म है लगातार हो रहे ड्रो
03:20अमेरिका और इसराइल के खिलाफ नाराजगी सिर्फ खाड़ी दिशों की बंद गम्रों तक सीमित नहीं है खाड़ी दिशों से जुड़े
03:27प्रिभावशाली लोगों ने खुलकर आलोचना करनी शुरू कर दी साओधी अरब की पूर्व खूफिया प्रिंस तुर्की अलफ
03:50अटगन की अधिकारियों ने भी सांसोतों के साथ बंद गम्रे में हुई ब्रीफिंग में मान लिया के रान द्वारा लांच
03:55किये जा रहे ड्रोन हमलों को रूपना आसान नहीं हो रहा लगादार हो रहे हमलों से खाड़िक्षित मौजूद अमेरिक इठिकाने
04:02पोरी तरह स
04:03सुरक्षित नहीं रह पाए हैं अब इन हालातों ने एक नया सवाल ये खड़ा कर दिया कि अगर खाड़ी डिशू
04:09की नाराज़गी और बढ़ती गई तो क्या वे अमेरिका से दूरी बना कर नई राणनीती की और बढ़ चलेंगे क्या
04:15इरान का साथ देंगे और अमेरिका क
04:18के लिए संकट की खड़ी और बढ़ जाएगी फिलाल ऐसा कोई संगेत नहीं है कि वे सीधे इरान के साथ
04:24खड़े हो जाएंगे लेकिन इतना जरूर है कि स्युद्ध ने क्षित्र की राजनीती को खिला कर रख दिया दिल्चस्प बात
04:30ये कि जिस इरान को जल्दी कमजोर कर
04:33अब मजबूती से जवाब देता नजर आ रहा है उसके ट्रूम्स मिसाइल हम लों ने लगातार अमेरिका को नुकसान पहुचाना
04:42हो इसराइल को नुकसान पहुचाना हो और इसके साथ साथ खाड़ी देशों की भी कमर तोड़नी शुरू कर दी है
04:49दूसी तरफ अमेरिका इ
04:55इतना विनाशकारी नजर आ रहा है उससे ज्यादा तबाही मचाता दिखाई दे रहा है अगर यही स्थिती जारी रही तो
05:01यह युद्ध सिर्फ दो देशों के बीच संघर्ष नहीं रहेगा बलकि पूरे पश्मेश्या की शक्ती संतुलन को बदलने वाला सावित
05:08होगा और
05:09शायद यही वो स्थिती है जिससे अमेरिका सबसे ज्यादा बचना चाहता था और अब उसके पक्ष में उसके साथ उसकी
05:17मर्जी के हिसाब से यह स्थिती नजर नहीं आ रही क्योंकि खाड़ी देशों के बीच असंतोश खुलकर सामने आ रहा
05:24है बहराल मामले पर माई नजर
05:40Download the OneIndia app now
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