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  • 19 hours ago
चंद्रग्रहण का राशियों पर क्या पड़ेगा प्रभाव? देखें ज्योतिषियों ने क्या बताया

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00:01और अब दुनिया पर ग्रहन के बीच चंद्र ग्रहन की खबर हम आपको दिखाते हैं अब से कुछ देर बाद
00:06चंद्र ग्रहन लगेगा और शाम 6 बज कर 46 मिनिट पर समाप्त होगा ये चंद्र ग्रहन कुल मिलाकर 3 घंटे
00:1527 मिनिट का होगा और भारत की कुछ हिस्से खास तोर
00:19पर जो पूरवी हिस्से हैं वहाँ पर ग्रहन कुछ मिन्टों के लिए दिखाई देगा चंद्र ग्रहन होली से ठीक पहले
00:25लगा है लहाजा इसको लेकर इसके महत्व को लेकर इसकी विशेश्टा को लेकर बहुत सवाल उठ रहे हैं हम इससे
00:35ही जुड़ी तमाम जानकारिया
00:36आपको दे रहे हैं हमारे साथ यहां स्टूडियो में जो तिशाचारिय मौजूद है उनसे हम आगे बाचीत भी करते हैं
00:42हमारे साथ मनीशा कौशिक जी भी जुड़ गई है और अब हम राशी वर आना चाहते हैं पंडित राजकुमार शास्री
00:49जी आपसे ही शुरुआत करत
01:03है लेकिन अलग-अलग राशियों के इसाब से अगर हम यह समझ पाएं कि सबसे ज्यादा किस पर असर किस
01:09राशी पर असर देखिए स्वेता जी चूंकि यह सिंग राशी पर ग्रहन का प्रभाव है और पूर्वा फालगुनी जो नक्षत्र
01:20है पूर्वा फालगुनी नक्ष
01:32लाया कि यह पूरा जो भग्चक्र है यह 360 अंसका है और उसमें ही 12 राशियां 30-30 अंसकी बनती
01:40हैं अब ऐसी इस्थिती में वह 12 की 12 राशियों पर अपना प्रभाव डालता है लेकिन कहां पर प्रभाव डालता
01:48है सबसे पहले तो आपको यह समझना होगा कि जिस राशी पर
01:52ग्रहन का प्रभाव होता है सबसे अधिक सरवाधिक सिंग राशी के लिए हानिकारक रहेगा हमेंसा ग्रहन हानिकारक होते हैं यह
02:01बात को समझ लेना चाहिए लेकिन वह एक अलग बात है कि किस राशी के लिए कम है
02:05और यह सिंग राशी जो है वो वेस्टर्न जोडियाक के हिसाब से नहीं आपके कुंडली में सिंग राशी जिस राशी
02:23पर ग्रहन अपना प्रभावित करता है ग्रहन को की घटना घटित होती है
02:27वहां से हमेशा वह तीसरी राशी को प्रभावित करेगा और अश्टम आठवी राशी को और उसके बाद वह चतुर्थ राशी
02:36को और एकादस राशी यह चार राशीयों के लिए हमेशा उत्तम रहता है
02:41सरेष्ट रहता है लेकिन त्रिकोण गे अर्था त्रिकोण का मतला पांच और नौ इसके लिए मध्यम रहता है सेस राशीयों
02:49के लिए हानिकारक रहता है तो सबसे अधिक हानिकारक है शिंग राशी के जातक जातिकाओं के लिए रहेगा उसके उपरांत
02:57जिनका जन्म पूर
03:05पूर्वा फालगुनी नक्षत्र में हुआ है ऐक जो टोटाल हमारी जो यह ग्रह बंडल है नक्षत्र बंडल है वहां ।
03:12टोटल 27 नक्षत्र है और 27 नक्षत्र को ले करके उन 27 नक्षत्रों में एक पूरवा
03:34प्रत्यक्षम जोतिशम सास्त्रम चंद्रारकव यत्र साक्षिणा सारे जितने और सास्त्र हैं उनकी इतनी महिमा नहीं है लेकिन जितनी की जोतिश
03:46की आन्य सास्त्रों को तो सीधे रिशी ने नकार दिया है और उसने कहा कि प्रत्यक्षम जोतिशम सास्त्रम जोतिश सास्त्र
03:54प्रत्यक्ष सास्त्र है क्योंकि यहां पर चंद्रमा और सूर्य यह दोनों साक्षि रात्री का साक्षी चंद्रमा और दिन का साक्षी
04:03शूर्य है तो जोतिश उसे मानता है जो आखों से दिखाई पड़ता है जो दिखाई पड़ता है जो दिखाई नहीं
04:13पड़ता उसको जोत
04:17कारक रहेगा वह सिंग राशी के जातक के लिए रहेगा और जो पुरवा
04:22फालगुनी नक्षत्र के जातक है उनके लिए हानिकारक रहेगा और इनको
04:27बहुत सावधान देने क्या हो सकता है बाहर इनको नहीं निकलना चाहिए अपने
04:31घर के खिड़की दर्माजों को बंद रखना चाहिए संभब हो सके तो भगवान सूर चूकी इस्ट देव इनके सूर हैं
04:37तो भगवान सूर की उपास्टना करनी चाहिए आदित तरद इस्तोत्र का पाठ करना चाहिए और जहां वो रहते हैं सभी
04:45देशों का अलग-अलग दे�
04:5982 अंस उत्तर 82 अंस दक्षन इसी प्रकार से रेखांस की हम बात करते हैं तो ग्रीन वीच से लेकर
05:05के 82 अंस पूर्व में भारत इस्थित है तो 82 अंस पूर्व में जब भारत इस्थित है तो वहां से
05:13चलता हुआ जब ग्रहन का गोचर आएगा तो वह लगभग सायंकाल हो ज
05:26जाएगा क्योंकि उद्धे होते ही एकदम दिखाई नहीं पड़ता है उसमें समय लगता है दस मिनट ग्यारा मिनट का समय
05:32लेता है तो इसलिए जो चंद्रमान है वो
05:35355 अंसका होता है और सूर्यमान 356 अंसका होता है दोनों में 11 दिन का अंतर होता है इसी प्रकार
05:43से
05:43चंद्रोदय में भी उद्य होने के
05:4511 मिनिट के बाद दिखाई पड़ता है
05:47तो दिल्ली में जो दिखाई पड़ेगा
05:48वह 6 बज करके 32 मिनट में
05:51दिखाई पड़ना से लिए राशियों पर ही अगरम रहे
05:53प्रवीन मिशाजे क्या कहेंगे
05:55आप किस पर जैसे
05:57पनिजी ने बताया कि सिंग राशी के लिए अच्छा नहीं है
06:00बाकी क्या
06:01बाकी राशिया
06:02देखे ये ग्रहन जो है
06:05सिंग राशी और पूर फागुली नचत्र में लग रहा है
06:08लेकिन सभी 12 राशियों पर
06:10ये ग्रहन असर डालेगा
06:11तो सबसे पहले बात कर लेते हैं मेश राशी पर
06:14तो मेश राशी से पाचवे घर में ये ग्रहन लग रहा है
06:18तो मेश राशी वाले धन संबंदी फैसले बड़े सोच समझ करके ले
06:24दुरगटना से बचने की सला है
06:25अगले दिन होली का पर्म बनाएंगे
06:27आप रंग खेलेंगे
06:28तो आगे आने वाले 15 दिनों तक
06:30मेश राशी वाले वाहन बड़े सावधानी से चलाएं
06:34लंबी दूरी की यात्रा ना करें
06:36तो आपके लिए अच्छा रहेगा
06:37दूसरी राशी की बात करते हैं ब्रश राशी
06:40ब्रश राशी से चोथे घर में ये ग्रहन लग रहा है
06:43तो ब्रश राशी वाले अपने घर परिवार का ख्याल रखें
06:48माता जी की सेहत का ख्याल रखें
06:49प्रापरिटी से संबंधित जो डिसीजन है सोच समझ कर लें
06:54सेहत के मामले में लापरवाही ना करें
06:57होली का परवे खान पान बिल्कुल ना बिगड़ने दें और करियर से संबंधित समस्या हो सकती है
07:03इसलिए करियर से संबंधित डिसीजन ब्रश राशी वाले बहुत सोच समझ कर लें
07:08अगली राशी की बात करते हैं मिथुन राशी
07:10मिथुन राशी से तीसरे घर में ये ग्रहन लग रहा है
07:14मिथुन राशी वालों के लिए अच्छे रिजल्ट लेकर आएगा
07:18आपको करियर के छेत्र में ये ग्रहन सफलता दिलाएगा
07:22धन लाब के योग आपके लिए बनेंगे
07:24अच्छा समय है अपने पराक्रम को बढ़ाएं
07:27और लाब प्राप्त करने के लिए कोशिसें तेज कर दें
07:31अगली राशी की बात करते हैं करक राशी की
07:34करक राशी के स्वामी स्वैम चंद्रमा होते हैं
07:37और चंद्रमा पर ही ये ग्रहन लग रहा है
07:39और करक राशी से दूसरे घर में ये ग्रहन लग रहा है, करक राशी वाले अपने स्वास्त का ख्याल रखें,
07:46खासकर मानसिक स्वास्त का विसेज ख्याल रखें, नेगेटिविटी को बिल्कुल भी न बढ़ने दें, और पारिवारिक जीवन का ध्यान रखें,
07:55पारिवारिक �
07:58आपके लाइफ पार्टनर के साथ, रिस्तेदारों के साथ, बच्चों के साथ गडबन ना होने पाए, नेगेटिविटी ना बढ़ने पाए, इस
08:05बात का विसेश ख्याल करकर राशी वालों को रखना चाहिए
08:07अब उस राशी की बात कर लेते हैं, जिस राशी में ये ग्रहन लग रहा है, सिंग राशी के स्वामी
08:13भगवान सूर्य है, और सिंग राशी वालों को विसेश सला ये है, कि आप अपने इन्वेस्टमेंट संबंदी फैसले, धन संबंदी
08:23फैसले, बहुत सोच समझ कर करें, धन
08:26संबंदी नुकसान हो सकता है, धन की हानी हो सकती है, और मानसिक इस्थिती को अपने शांत रखेंगे, मन में
08:35किसी भी तरह की ऐसी नेगेटिविटी न बढ़ने दें, जिसका असर आपके डे-to-day लाइप में पड़े, आपके कारेचेत्र
08:43में पड़े, कन्या राशी की बात
08:56रसले जल्दवाजी में ना करें, और पारिवारिक जीवन में, खासकर लाइप पार्टनर के साथ कोई समस्या न होने पाए, परेशानी
09:03न होने पाए, उसका बहुत ध्यान रखें, पोजिटिव एटिट्यूट के साथ कारे करें, कन्या राशी बुद्ध ग्रह की राशी है
09:10बुद्ध इस समय अस्त है, बुद्ध इस समय ज्यादा पीड़ी तवस्था में है, इसलिए आप कोई महत्यपूर्ण डिसीजन जल्दवाजी में
09:19ना लें, सोच समझ कर फैसला करने की आवशक्ता होगी, अगली राशी की बात करते हैं तुला राशी, तुला राशी
09:30से ग्
09:32ग्यारवा घर लाव का इस्थान माना जाता है, आप सब जानते हैं, और करियर की छेत्र में सफलता के योग
09:38बनेंगे आपके लिए, तो अच्छी बात क्या है, आप समय रहते डिसीजन लें और इन महत्पूर्ण आउसरों का लाव उठाते
09:46चले जाएं, तो आपके लिए ब
10:01तुके हुए काम पूरे होंगे, आप अपने जो काम है जो आपके बीच में अटके पड़ें, उनको इस दोरान पूरा
10:08करने की कोशिस करिएगा ग्रहन के बाद खासकर 15 दिनों के अंदर, और इस्थान परिवर्तन का योग बनेगा, क्योंकि आपकी
10:16राशी से दसमे घर में �
10:17ग्रहन लग रहा है, तो अगर आप ट्रांस्पर का मन बना रहे हैं, जॉब एक जगे से दूसरे जगे सिप्ट
10:22करने का मन बना रहे हैं, तो उसमें भी सफलता प्राप्त होगी, बात करते हैं आप धनूराशी की, धनूराशी से
10:29नौमे घर में ये ग्रहन लग रहा है, धनू
10:43के साथ अगर कोई है आप साइड में बैठे हुए तो उनको भी साफधान करिए, दुरगटना से बचना है, और
10:49अपने कारेचेत्र पर ध्यान देना है, काम में रुकावट आ सकती है, तो अपने मन को शांत रखिएगा, मन शांत
10:56रहेगा, तो आपको कोई परिशानी नहीं हो�
11:11रहे, इसलिए पहले से तयार हो जाए, जोतिश का काम होता है, मार्ग दर्शन करना, आपको रास्ता दिखाना, तो मानसिक
11:17समझ्या हो सकती है, किसी लड़ाई जगड़े में ना पड़े, खास कर आपके जो रिलेटिव हैं, होली के दोरान मुलाकात
11:24होती है, बातचीत होती ह
11:26लोग मिलते हैं, तो बात-बात में कहीं बात बिगड़ ना जाए, लड़ाई जगड़ा ना हो जाए, इस बात का
11:31विसेस ध्यान रखने की आवशक्ता होगी, अगली राशी की बात करते हैं कुम्ब राशी, कुम्ब राशी से सात्वे भाव में
11:38ये ग्रहन लग रहा है, सब
11:52अपने स्वास्त का ख्याल रखें, खासकर पेट संबंदी बीमारी आपको परिशान न करें, अगर कोई दवाई ले रहे हैं तो
11:59समय पर अवश्य लेते रहे हैं, आखरी राशी की बात कर लेते हैं मीन राशी, मीन राशी से छटे भाव
12:06में ये ग्रहन लग रहा है, मीन रा�
12:20अपनी महनत से, अपनी अच्छी सोच से अच्छा लाब आगे आने वाले दिनों में प्राप्त करेंगे।
12:51तो ये तो कहते हैं कि ग्रेंड काल के बाद तो वो सारा खाना हटा देना चाहिए, आप ये शहरों
12:55में रहने वाले लोग जो तियोहार के लिए तैयारी कर रहे हैं, वो क्या करेंगे।
13:28प्राप्त करने के लिए बहुत सारी चीज़े हैं, आप जैसे आपके यंत्र हैं, आपके मंत्र हैं, आपकी मालाएं हैं, अगर
13:50आप प्राप्त करेंगे।
13:50जिसमी माला से आप जाप करते हैं, उसको अक्टिवेट करने के लिए तो सबसे उत्तम समय होता है ग्रहन का।
13:56आप इस काल में बैट करके आप नाम जब करिए, मंत्र जाप करिए, आपको बहुत पावफुल तरीके से वो मंत्र
14:02सिद्ध हो जाएगा, कोई यंत्र है जिसको आपने अक्टिवेट करना है, या कोई भी ग्रहे आपका खराब है, उस ग्रहे
14:08का आप शांती मंत्र पढ़िए
14:10जैसे शनी अगर आपका खराब है, धहिया से गुजरने वैसे जैसे सिंग राशी में ग्रहेंड पढ़डा है, और सिंग राशी
14:15की धहिया चल रही है शनी की, तो आपने तो सबसे उत्तम है कि आपने या तो महाम पृत्तियों जे
14:20मंत्र का जाप करना चाहिए, या फिर आप
14:25प्राम प्राम सहच अनिस्टराइनमा, इस मंत्र का लगातार आप जाप करते रहेंगे, आप देखेंगे आपके सारे विगने वैसे ही हट
14:31जाएंगे, तो उसकी पॉजिटिव जो चीजें हैं उसको आप इमबाइब करिए, क्रिस्टल्स आप इनजाइस कर सकते हैं इस समय,
14:36आप पूजा पाठ हवन कर सकते हैं इस समय, वो भी बहुत अच्छा होता है, तो बहुत सारी सकरात्मक चीजें
14:42हैं, खाना मगर आपने बनाया हैं कोई बात नहीं, उसके लिए परिशान मत हो ये, कुशा घास आती है, या
14:47फिर तुलसी पात्रो होता है, अगर ये दोनों भी
14:50नहीं मिल पा रहे हैं, तो आप लॉंग रग दीजे, लॉंग के अंदर भी बहुत स्ट्रॉंग प्रापटीज होती है, सबके
14:55घर में अवूमन लॉंग मिल जाती है, और लॉंग जो फूल वाली लॉंग होती है, उसको आप खाने के उपर
15:00रग दीजे, जितने भी समय में ख
15:02ग्रहन के बाद आप उसमें थोड़ा सा धूप दीप दिखा देंगे, तो ऐसी होता क्या है, कि ग्रहन जो होता
15:09है, उसमें जो नेगिटिव ओर्जा होती है, उसको आपने हटाना है, तो उसको हटाने के लिए आप उसके उपर सकारात्म
15:14गुर्जाओं का डोस डाल देंगे,
15:15तो आटोमेटिकली वो हो जाए, समापत हो जाएंगी, बेटर चेंज़ेस आजाएंगे, बेटर रिजल्ट्स आजाएंगे, बहुत सारे अच्छी चीज़ें आप कर
15:22सकते हैं, इस भी रुदराक्ष का धारन कर सकते हैं, भोले नात की तो विशेश क्रपास समें रहती है, र
15:43बहुत अच्छे से आपका पर्व मनेगा, कल के अच्छी हैं, आज सोड़ा सा ग्रेंड की वज़े से स्थितियां कठेन हो
15:50रही हैं, लेकिन आने वाले समय में आपके लिए अच्छे स्थितियां बनती जाएंगी.
15:53मरीशा जी, आप आट करना चाहरे हैं इसमें कुछ जी, मैं ये कहना चाहरी थी कि ईश्वर की कोई भी
16:00रचना है वो हमें जिंदगी में कुछ ना कुछ सिखाने के लिए है, तो ग्रेंड भी हमें बहुत सारी हमारे
16:05life lessons देता है, उन पर मैं चाहती हूँ कि हम जो है वो focus करें
16:09सबसे पहले, ग्रेंड का मतलब क्या है, कि जब दो के बीच कोई तीसरा आ जाए तो ग्रेंड लग जाता
16:14है, अब वो ग्रेंड सूर्य को हो, चंदरमा को हो या रिष्टों का हो, तो सबसे पहले lesson यही है
16:19कि कभी भी एक relationship में किसी तीसरे का interference जो है वो नहीं होना चाहिए, द
16:37खोड़ा ध्यान से चलिएगा, देखना avoid कीजेगा, etc. यानि कि रिष्टों में भी इसी तरीके से कि कई बान होता
16:43है कि हम जो है कि किसी को देखने का भी मन नहीं करता है और उसी समय कि जब
16:46सितियां अच्छी होती है तो हम उसी शक्स का अपनी जिंदगी में इंतिजार करते
16:50हैं तीसरा important life lesson जो हमें ग्रहन सिखाते हैं वो ये कि कोई भी चीज पर्बनेंट नहीं है आज
16:57जो है वो ग्रहन लगा है कल फिर जो है वो चंद्रमा और सूर्य जैसे सूर्य ग्रहन लगे या चंदर
17:01ग्रहन लगे वो वापिस अपनी जगह पर वापिस उसी श्राइन के साथ
17:04जिन्दगी में जो है वो हमें नजर आते हैं चौथा और सबसे important चीज हम जब भी ग्रहन आता है
17:11तो as astrologers हम कहते हैं कि meditate कीजिए क्योंकि meditation say this is the time when you have self
17:18introspection आप अपने आप के साथ जो है वो समा बिताते हैं इश्वर ने बड़ी खुबसूरत जो है वो रचना
17:23की है कि हमें आ�
17:29तो इस वक्त आप जितना जाप कर रहे हैं जैसे नंदिता जी बता रही थी कि आप जितना मानसिक जाप
17:34करें आप जितना अपने आपको इश्वर से connect करते हैं आपको उतना ही जादा इस समय फायदा मिलता है बहुत
17:40पार ग्रहन को लेके हमारे मन में डर different different तरीके के जो है व
17:57आपने क्योंकि महादेव ने तो चंद्रमा को अपने जो है वो ममस्तिश पर बिठा रखा है तो जब भी tension
18:03हो ना जो मैं कह रही हूं उसे समझने की कोशिश कीजिए महादेव से कह कर देखी आपकी जिंदगी आसान
18:08हो जाएगी नंदी बना कर रखिये या फिर अपने आसन क
18:12बाग बना कर रखिये त्रिशूल बना कर रखिये या फिर गले का नाग बना कर रखिये रहना तो मुझे आप
18:17ही के पास है महादेव मर्जी आपकी शिकर का चांद बना कर रखिये या चांद का दाग बना कर रखिये
18:24चंद्र ग्रहन जो की होली से एक दिन पहले पढ़ रहा है और जिसकी शुरुआत हो चुकी है
18:30दस मिनिट पहले ये चंद्र ग्रहन लगा है और उस पर ही हम चर्चा यहाँ पर कर रहे हैं
18:34हमारे साथ आचार शेलिश तिवारी भी जुड़े हुए हैं
18:38आपसे जानना चाहेंगे आचारी जी कि क्या होली से ठीक एक दिन पहले ग्रहन का मायने है
18:47और उसके साथ ही क्या कल भी कोई कुप्रभाव की बात हो रही है क्या
18:53धरनबाद शोईता जी
18:55500 वर्स के बाद होली के एक दिन ठीक पहले यह चंद्र ग्रहन लग रहा है
19:02और पुर्वा फालवरी नशत्र में सिंह रासी में लगने वाला यह चंद्र ग्रहन
19:07विशेश रुप से भारत में इसका दृश्मान जो समय है
19:11जो दिखने वाला समय है 6 बज कर 32 मिनट से शुरू होगा
19:14और 6 बज कर 47 मिनट तक रहे यानि 15 मिनट तक का यह काल रहेगा
19:20लेकिन यह ग्रहन काल 3 बज कर 20 मिनट से शुरू हो चुका है
19:24और विशेश रुप से यह मालब योग बना रहा है
19:29यानि कि मिन रासी में शुकर का आना और साथी साथ अंगारक योग में यह ग्रहन चल रहा है
19:38यानि हम कह सकते हैं कि कुम रासी में राहू का मंगल के साथ होना
19:45और सुर्जबुद का एक साथ होना यहां अंगारक योग दे रहा है
19:49और साती साथ दो अप्रिल से जो द्वंद योग शुरू होगा इसमें शनी और मंगल मीन रासी में आएंगे
19:58यहाँ अच्छा योग नहीं है और यह 11 माई तक रहेगा यह निशित तर पर पुझे दुनिया के लिए अंगारक
20:07योग और द्वंद योग जो है
20:09यह यूद के सिती बनाएगा लेकिन शुकिया गरहन भारत में बहुत कम समय के लिए है इसलिए भारत इस यूद
20:18से बाहर रहेगा
20:20यानि डरने की कोई बात थी है भारत वर्स में या महायुद्ध नहीं होगा लेकिन अंगारक यूग होने के कारण
20:28यहाँ जो गरहन काल का समय है यहाँ पुरी दुनिया में बड़ा यूद्ध का इशारा करता है यानि यूद्ध और
20:36भी भयावा होगा
20:37इसी में शेयर को क्रैस करते हुए देख रहा हो चुकि ब्रश्पती जो है धनक का कारण बनाता है और
20:45साथी साथ मैं देख रहा हूँ सोना और चांदी और तामबा धात में बहुत जादा उच्छाल दिखता है वहीं शेयर
20:52मार्केट और क्रिट्टो करेंसी में बहुत जादा �
20:54दिखता है यह ग्रहन काल चंद्रमा का चंद्रहन काल दस घंटा पहले सुतक काल लगता है और सुतक काल प्राता
21:02काल से ही लग चुका है मंतिरों के पट बंद हैं इसके बावजूद भी इस ग्रहन काल से डरने के
21:09बजाए इसको साधना काल मान करके इस समय में ज्यादा से ज
21:33इस महामंत्र का जब करना विशेश लापकारी रहेगा कोई आर्थिक सब्रदी चाहते हैं आर्थिक रूट से परशान है तो दो
21:42महामंत्र बताऊंगा एक श्रीविद्याति
21:45प्रशुद्री का त्रयक्ष्री महामंत्र ओम स्रिम स्रियाइनम्मा और दूसरा महामंत्र है ओम रिंग स्रिंग का इलह रिंग सासा का हला
21:55रिंग साका लह रिंग इस दोनों महामंत्र के जब करने से व्यक्तिक आर्थिक शब्रिदी होगी अगर कोई शत्रू से परशान
22:03है तो
22:11महामंत्र का जब करें अगर आपको
22:33बहुत ज़्यादा प्यास लगती है तो जल में कुशा डाल करके जल गरहन करें अगर गर्भती माता है ज़्यादा समय
22:41तक नहीं बुखे रशक्ति है तो वह अनमे अथवा फल में तुलसी का दल डाल कर तुलसी का पतर डाल
22:48करके उसका भोग करें गरहन काल के बाद असनान करे
22:52दान करें और तो यह ग्रहनकाल में विशेश रूप से बना हुआ खाना बासी हो जाता है उसमें विशेश रूप
23:01से वायरस आ जाता है इसलिए निगधाकरात्मक चीज़ा आ जाती है इसलिए उस भोजन का त्याग करना ज़रूर भी है
23:10स्वामी विराट विवेक भी हमारे साथ जुड़े हैं स्वामी जी यह समझाइए कि आपके अनुसार जो यह ग्रहनकाल चल रहा
23:17है इसमें क्या करें और होली के त्योहार को लेकर ही सबके मन में प्रशन उठ रहे हैं कि क्या
23:22कल के लिए भी कुछ ऐसी चीज़े हैं जिसका ध्य
23:36ध्यान रखना है और ग्रहन के बाद जो भी कष्ट वक्तारी समय होता है उसमें ध्यान तो रखना होता है
23:42प्रन्तु जो आज के दिन सयम रख लेता है उपासना कर लेता है साधना कर लेता है तो ग्रहन का
23:49किसी भी तरीके का नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता होता यह है
23:53क्योंकि वो सयम से नहीं रह पाता धहीरे से नहीं रह पाता तफस्या नहीं कर पाता साधना नहीं कर पाता
23:59यानि कि अपने इश्ट की अराधना जब नहीं कर पाता है तो निश्चित रूप से जो नकारात्म कूर्जा है वो
24:05उसको प्रभावित करती है प्रंतु ये समय ऐसा न
24:46प्रदेश के अनुसार अगर उस पर्टिकुलर टाइम पिरड में अपने इश्ट की अराधना करते हैं या किसी देवी देवता की
24:53अराधना करते हैं जैसा कि शेलेश जी ने भी बताया कि आप किसी भी मंत्र का जब कर सकते हैं
24:59तो परंतु किस मंत्र का जब करना चाहिए जब हम लोग गुरुकुल में रहते थे तो गुरुकुल में हमारे गुरुजी
25:05कहा करते थे जो भी आपको याद है उसी का आपको सुमर
25:22याद है उसकी उपासना करनी चाहिए अगर किसी भी प्रकार के धन्से संबंदित अगर समस्या है तो धन्से संबंदित आव
25:30वैदिक मंत्र का जब कर सकते हैं ओम श्रीष्चते लक्ष्मिष्चापत्या वाहो रात्रे पार्श्वे नक्षत्रा निरूप अमश्विनो व्यात
25:49है अगर इस पर्टिकुलर टाइम पिरड में अगर आप उस मंत्र का एक बार भी उच्चारण करेंगे तो आपको सो
25:56बार बोलने का आपको फल मिलेगा और अगर आप ज़्यादा से ज़्यादा बोलेंगे तो निश्चित रूप से आप उस मंत्र
26:03की सिद्धी कर पाएंगे �
26:05कि सिद्धी से जो आपकी मनों कामने उसको आप पूर्ण करन पाएंगे तो सकारात्मक उर्जा को बढ़ाने का टाइम है
26:11यह परंतु होता यह है कि देश काल प्रिस्थिति के अनुसार अपनी जरूरत के अनुसार हम लोग अपनी दिंचरियां में
26:18खोई रहते हैं और उस अच
26:34मंत्र जब नहीं भी आता है तो सबको मुझे मालूम है कि हम जितने भी सनातन धर्मिय सबको हनुमान चालीसा
26:39तो निश्चित उप से आती है तो हनुमान चालीसा का पाट कर ले नहीं तो अभी और भी सभी लोगों
26:45ने बताया नंदीता जी नहीं बी बताया ओ नमभगवते �
26:49वासुदेवाय मंत्र का जब करें ऐसे जो भी मंत्र आपको याद है अगर उस मंत्र की उपासना जहां भी आप
26:55है जहां भी रसते में है
26:57अच्छा उपाय आपने बता है कि वरना लोग इस डर में नहीं जबते हैं कि पता नहीं कुछ गलत उचारण
27:03करते हैं तो जो पता हो वो करें
27:05शेलिंद पांटीजे भी हमारे साथ जुड़ गए हैं आप से भी जानना चाहेंगे हम पांटीजे की करें क्या और क्या
27:11न करें ग्रहन के समय में
27:13दिखें पहली बात यह है कि शाम को 6 बच के 47 मिनट तक ग्रहन है जैसा कि हम बता
27:20रहे हैं और इस ग्रहन काल में सबसे पहले अगर आप गुरू से दिक्षित हैं कोई गुरू मंत्र आपको मिला
27:29हुआ है तो आप उस मंत्र का जब करें सरवाधिक अवश्यक है अगर गुरू
27:34मंत्र नहीं है गुरू का कोई भी मंत्र आपको प्राप्त नहीं है तो ऐसी स्थिती में चंद्रमा कंट्रोल होते हैं
27:42भगवान शिव से तो भगवान शिव का कोई भी मंत्र नमाशिवाए उम नमाशिवाए रुद्राश्टक इसका जब कर सकते हैं शिव
27:52जी की पूजा ग्
28:01भारत में दिख रहा है तो इसके प्रभाव थोड़े ज्यादा ही ताकतवर हैं इसलिए गुरु मंत्र पहले नंबर पर दूसरे
28:09नंबर पर शिव जी की कोई पूजा या तीसरे नंबर पर भगवान का नाम भी मंत्र होता है जिसको हम
28:16नाम मंत्र कहते हैं तो राम राम, शिव �
28:20राधा राधा कृष्ण कृष्ण नाम का भी जब कर सकते हैं और इन में से कुछ भी नहीं कर सकते
28:27तो जैसा वीवेग जी ने कहा कि हनुमान चालीसा सामान्यता सबको आती है आप हनुमान चालीसा सुन ले पढ़ ले
28:37जैसे भी संभव हो करें ग्रहन काल में ध्यान करना उपास
28:42ना करना मंत्र जब करना अच्छा होता है लेकिन आपकी प्रार्थना क्या है दो प्रार्थनाएं मुख्यता ग्रहन काल में करनी
28:50चाहिए चुकि ग्रहन पूरी दुनिया को प्रभावित करता है और ये ग्रहन बहुत जादा असर डालने वाला है तो अपना
28:57भी कल्यान हो अपन
29:00की भी सुरक्षा हो एक प्रार्थना ये और ये चंद्र ग्रहन जो है ये सबसे जादा असर डालेगा लोगों के
29:08मन पर और बीमारियों पर तो स्वास्त बेटर रहे मानसिक रूप से किसी तवर से दिक्कत ना हो इसकी प्रार्थना
29:17भी ग्रहन काल में करनी चाहिए नंदिचा �
29:29सबसे पहले जिसे बात हो रही है मंत्रू की या किसकी तो सबसे पहले देखा जाता है कि ग्रहन में
29:48एक तो मैं थोड़ा
29:49करेक्शिंस डालना चाहूंगी कि ग्रहन चंद्र ग्रहन है तो उसका सूतक काल नौ घंटे का होता है तो वो नौ
29:54घंटे पहले चलता है खेर अभी तो ग्रहन चुरू हो गया अब यह है पूर्वा फागुनी नक्षत्र में ग्रहन पढ़
30:00ला है अब पूर्वा फागुनी �
30:14गणपते नमा का अगर आप जाब करते हैं तो आपको बहुत उत्तम फल मिलेगा आपके सारे विगन हडता है आपके
30:20सारे विगन हडते जाएंगे दूसरी चीज जो है यह जो सिंबल है यह सिंबल दिखाता है एक चारपाई का एक
30:27बैट का पूर्वा फागुनी यानि कि आप �
30:30गर पे अपने बैट शीट वगरा ठीक करें अपने घर के बिस्तर को क्लीं करें यह एक ग्रहन के समय
30:35अगर आप यह सारी चीजे करते हैं आप वो सकारात्मक एनरजी की तरफ आगे बढ़ते जा रहे हैं जहां पे
30:41आप उस ग्रहन का सकारात्मक प्रभाव प्राप्त करेंगे
30:44ना कि नकरात्मक प्रभाव प्राप्त करेंगे
30:46उसी तरह से बोला जाता है कि पूरी माह की तिथी को पुर्वा फागुनी नक्षत्र जब था
30:51तब माल लक्षमी जी का प्राकटे हुआ था
30:54यानि कि इस समय अगर आज पूर्वा फागुनी नक्षत्र भी है और पूर्ण मासी भी है
30:59तो इस समय अगर आप श्री सुक्त का पार्ट करते हैं या लक्षमी जी का सिंपल सा मंत्र
31:04ओम श्रिम श्रिय नमा इस मंत्र का आप जाप करें आप देखेंगे अगर आप डेप्स में हैं करजे में हैं
31:10शेर मार्केट इतना फीबल्स हो रहा है धन हानी हो रही है वो सारी चीजों में बैलनसिंग आएगी
31:15पूर्वा फागुनी नक्षत्र शुक्र का नक्षत्र होता है शुक्र किसका कारक होता है प्रिस्पारिटी का कारक होता है लक्षमी का
31:23कारक होता है महिलाओं का कारक होता है इस समय ग्रहन उन पे पढ़ड़ा है इसलिए आप देखेंगे कि जो
31:29इरान में ऐसावा एक सो साथ ब
31:45ओम गन गन पते नमा और सांती साथ अथरवशीर्श स्रोत का अगर आप पार्ट आप अगर गारी में हैं उसको
31:53लगा लीजिए यूटूब में लगा लीजिए या किसी भी घर पे लगा लीजिए आप देखेंगे कि वो जीवन में आपके
31:59जो भी संघर्श हैं जो भी परेशा
32:05कारख भी एग रहे और सुरी का कारक शिवजी होते हैं शिवलिंग के ऊपर क्योंकि पूर्वा फागुनी नक्षत्र का डायरेक
32:13कनेक्ट शिवलिंग से होता है लिंगाश्टकम का रुद्राश्टकम का आप पार्ट करिए वो भी नहीं होसकता तो सिंपल ओम नमह
32:20शिवाई
32:20का जाब करिये छ्वह ओम नमई किसी भी चीज में जिसमें आप कर सकते आपके घर पे अगर शिबलेंगे उस
32:27में शिबलन को मिप जला हुश्य दीजे आप देखेंगे जैसे-जैसे वह शांती 트�प्ति होती जाएगी भूले intrigued
32:32कि वैसे वैसे आपके जीवन में भी वो त्रप्ति आनी शुरू हो जाएगी।
33:02ग्रहन हमेशा पूर्णिमा तिथी को पड़ता है और पूर्णिमा तिथी में 180 अंस होते हैं एक तिथी 12 अंस की
33:10होती है तो जब वहाँ पर जब सूर और चंद्रमा में 6 राशी का अंतर होता है उसमें सूर की
33:16डायरेक्ट द्रश्टिय दिया आज का पंचांग देखे तो सूर
33:20के साथ में राहू का गोचर चल रहा है और चंद्रमा के साथ में केतू का लेकिन सूर ग्रहन होगा
33:26नहीं उसका कारण यह है कि ग्रहन तभी लगेगा जब वहाँ इस पश्ट में 10 अंस से कम का गोचर
33:32हो जाएगा तो सभाविक रूप से चतुर दशी को चंद्रमा कमजोर हो
33:50वंद हो जाते हैं और तीन दिन आगे बाद तक भी सभी सुभकारी वरजित रहते हैं अब पहली बात तो
33:57यह है दूसरी बात यह है कि चंद्रक ग्रहे इस्पर्षने इस्नानम मध्य हो महा सुरार्चनम और स्राधम चा मुच्च्वाने दानम
34:10इस्नान मितिक क्रवाद ग्रहन �
34:13ईस्बर्श काले इस्नानम मध्ध में देवताओं की अर्चना अर्थात वंदन मंत्रों का
34:28करना चाहिए अब किस मंत्र का अनुश्थान करना चाहिए तो हमारे पंचांग में तिथीवार नक्षत्रम चा योगं करनम
34:37मेविचा तिथी वार नक्षत्र योग और करण तो देखे जो आपकी कुंडली में ग्रह अनकूल चल रहा है उस जो
34:48आपकी कुंडली में दसा चल रही है उस ग्रह की दसा के मंत्र का जाब करिए क्योंकि मंत्र जाब करने
34:55से ग्रह दसा हमेशा इस वात को याद रखिए कि हमार
34:58जीवन में जिस ग्रह की दसा चल रही होती है उसी काविशेस रूप से फल प्राप्त होता है और उसके
35:05साथ उस मंत्र का जाब करिए जो आपके इस्ट देवता है उस मंत्र का जाब करिए और सबसे बड़ी बात
35:12यहें कि जिस तिथी में ग्रहन लग रहा है हमारी जो 16 तिथिय
35:27है अस्टमी की भगवती दुरगा है तो इस प्रकार से पूर्ण माशी के देवता भगवान सत्त नाराण है अमावश्या के
35:33देवता पित्र देवता है तो जिस तिथी में ग्रहन लग रहा है उस मंत्र का जाब करिए तो पूर्ण माशी
35:40के देवता को ने भगवान सत्त नार
35:56करने से मनोवांचित फल की प्राक्ति होती है मैं इतनी बातें आपके कारिकर में जोड़ना चाहे रहा था जी प्रवीन
36:03मिश्चा जी चुकि होली का देहन भी अपनी याद में नहीं याद आता कि कब होली से एक दिन पहले
36:08नहीं बलकि एक दिन छोड़कर पहले उसको होली का �
36:13को संपन्य किया गया हाले कि कई जगों पर आज भी कर रहे हैं लोग होली का देहा है जी
36:17जी ये बड़ा महत्यपूर्ण आपने सवाल पूछा मुझे तो नहीं लगता कि याद हो जब से मैंने होस समाला कि
36:24ऐसे बीच में गैप आए कि एक दिन पहले होली का दहन हो जाए सं�
36:42सबी लोगों को बड़ी सावधानी बरतनी चाहिए आपकी जिससे जितनी अच्छी दोस्ती है उसी को रंग लगाईएगा और उतना ही
36:49लगाईएगा जितनी लिमिट तक दोस्ती हो क्योंकि ग्रहन के प्रभाव की वज़े से आपका मन कैसा है सामने वाले का
36:56मन कैसा है क्यों
37:00के मन में ऐसे भाव जगा सकता है कि कहीं आपका मत्भेद बढ़ जाये लड़ाई जगड़ा हो जाये इसलिए होली
37:06बड़ी सावधानी से खेलें वाहन बड़ी सावधानी से चलाएं और जिनका स्वास्त गर्बर रहता अपने खान पान का विशेश ध्यान
37:14रखेंगे तो आप
37:29नमो भगवते वासुदेवा है बहुत ही पावरफुल मंत्र है इस मंत्र का जाब कर लिजे अगर आपने गुरु मंत्र ले
37:35रखा है तो अपने गुरु मंत्र का जाब करिए अगर आप किसी नाम का जाब करते हैं राधा जी के
37:41नाम का जाब करते हैं तो उसका जाब करिए आ
37:45आपका मंत्र कई गुना बढ़कर के फल आगे आने वाले दिनों में आपको प्रदान करेगा वनीच जी एक लाइन में
37:53जोड़ना चाहरा हूं जिस प्रकार मेरे अनोज मिश्रा जी ने बताया रंग की वाद मैं यहां पर एक बात जोड़ना
38:00चाहरा हूं कि हमारे जोतिस शास्
38:05होली के बाद रंग खेलने का कोई विदान नहीं है जबेंकर करना चाहिए वह राहिद होती है वह एंटीया होती
38:27है
38:27ऐसा करने से शरीर के सभी चर्म रोग समाप्त हो जाते तो इसलिए उस राख के द्वारा एक दूसरे का
38:33बंदन करके और परस पर मतवेदों को हटा करके एक दूसरे को हिरदें से लगाने चाहिए और मिठाई बातनी चाहिए
38:40अच्छा शास्ति जी बच्चे बोलेंगे पटाक
38:53करके रंग बनाए जाते थे उनकी बोले हैं कि ग्रहन क्योंकि शुरू हो चुका है चंद्र ग्रहन इसमें हम क्या
38:59कर सकते हैं तो सबने बहुत खुबसूरत तरीके से बताया कि
39:02इडिटेशन करें मंत्र जाप करें लेकिन इसके साथ साथ कुछ डिस्क्लेमर्स का भी पता होना बहुत जरूरी है कि हम
39:08जुबान से तो ओम नमस्षिवाय बोल रहे हैं लेकिन साथी साथ हमारे मन में जो हैं वो किसी के लिए
39:13आंटी विचार जो है वो चल रहे हैं अगर हम क
39:30किसी gossip में हम अगर हम office में है तो वहां पर भी grand का असर दिखना शुरू हो जाते
39:37हैं इस समय हम और काम क्या कर सकते हैं हम किसी की मदद कर सकते हैं किसी को skill
39:44को इस सिखा सकते हैं उसके साथ साथ नदेताजीरे बहुत खुबसूरत बात कही थी कि इस समय जो है वो
39:49declutter करना आप अ
39:59नहीं करना चाहिए इस वक्त जैसे मैंने कहा गॉसिप्स में बैक बाइटिंग में इस समय अपनी एनरजीज को ना लगाएं
40:05आपको किसी ने कोई बात कह दी और आपको बुरी लगे उसी समय वो
40:09करनी ज़रूरी नहीं है आज का दिन आपको माफी बहुत जल्दी दे देनी चाहिए हम उपर वाले से भी इश्वर
40:15से भी तो यही चाहते न कि अगर हमसे गलती हो गई तो माफ कर दे तो ग्रहन को उस
40:19ऑपरचुनिटी की तरह ले जहां हम सेल्फ रिफ्लेक्शन कर सकें अपने
40:36की ग्रहन काल अभी चल रहा है लेकिन दुनिया की उपर ज्यादा बड़ा ग्रहन इस समय दिख रहा है युद्ध
40:40के रूप में एक ब्रेक के लिए रुक रहे हैं लोटेंगे सभी खबरों के साथ आप देखते रहे हैं आज
40:44तो
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