भारतीय क्रिकेटर Rinku Singh के पिता खानचंद का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। गहरे निजी दुख के बावजूद रिंकू सिंह ने अंतिम संस्कार के बाद टीम इंडिया से जुड़ने का फैसला लिया है। उनका यह कदम कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र सर्वोपरि की भावना का प्रतीक माना जा रहा है। टीम इंडिया के लिए आने वाला मुकाबला बेहद अहम है और ऐसे समय में रिंकू की वापसी टीम के मनोबल को मजबूत कर सकती है। क्रिकेट जगत में पहले भी महान खिलाड़ियों ने व्यक्तिगत दुख के बावजूद देश के लिए मैदान पर उतरकर मिसाल कायम की है। रिंकू सिंह का यह निर्णय सिर्फ खेल नहीं, बल्कि देशभक्ति, जिम्मेदारी और मानसिक मजबूती की प्रेरक कहानी बन गया है।
Comments