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भारत मंडपम में हुए विरोध प्रदर्शन पर देश के 299 प्रबुद्ध नागरिकों ने तीखा प्रहार किया है. पूर्व न्यायाधीशों, नौकरशाहों और पूर्व सैन्य अधिकारियों ने साझा पत्र लिखकर इसे राष्ट्रीय गरिमा के साथ विश्वासघात बताया. पत्र में कांग्रेस की राजनीति पर निशाना साधते हुए कहा गया कि निजी स्वार्थ के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की छवि को नुकसान पहुँचाना एक सोची-समझी नौटंकी है, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता.
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Transcript
00:00इस स्थान का चैन और यहां पर किसी भी प्रकार का इस प्रकार का भौणड़ा विरोध परदर्शन ही अपति जनक
00:12है
00:13क्योंकि यह स्थान उस समय समस्त विश्व के का केंद्र बना हुआ था
00:21विश्व के बहुत से राज्यों के बहुत से देशों के हैड़ उनके प्राइम निस्टर उनके प्रेजिडेंट उनके डिप्लोमेट उनके वैपार
00:34मंतरी उनके बड़े-बड़े कंप्रियों के सी-ई-ओ यहां आए हुए थे
00:39और वो एक ऐसे महत्वपूंग विश्व के उपर चर्चा कर रहे थे जो पूरे विश्व के भविश्व को से मतलब
00:48रखता था
00:49AI एक छोटा मोटा विश्व नहीं है आज AI के उपर इतनी चिंताएं हैं तो अगर हमारे विपक्ष को प्रदर्शन
00:59करना था
01:00तो और भी कई समय चुन सकते थे ऐसे सम्मेलन में जिस सम्मेलन के अंदर पूरा देश पूरा विश्व एक
01:10चिंतन मनन करके ये निकालने की कोशिश कर रहा था
01:15कि AI से मानवता का भविशिक इस परकार से प्रभावित होगा आप इस परकार का भौना प्रदर्शन करते हो तो
01:24यह हमारे विचार से गलत था वही हमने अत्मे पत्र में लिखा
01:28आपकी क्या राय है कि इस घटना का भारत की अंतराष्टे छवी कूर्टिनितिक स्थिती पर क्या प्रभाव पड़ता पड़ेगा तोगी
01:37यह घटना होशती है खासका जंग यह एक अंतराष्टे आयोजन जैसे AI Impact Summit के दौरान हो
01:43देखे भारत जो है केवल सरकार नहीं है यहां के लोग है जनता है जिसके अंदर opposition parties भी शामिल
01:54है तो अगर opposition parties अपनी maturity दिखाते परिपकुता दिखाते और
02:02ECI Summit के अंदर भाग लेकर के यह दिखाते के हम राष्ट के साथ हैं हमारी चिंता भी भविश्य के
02:10लिए उतनी हैं जितने सरकार की हैं तो समझ आता था कि हमारी opposition राष्ट के लिए और विश्व के
02:19लिए और मानवता के लिए सोच रही है
02:21लेकिन अगर हमारी विपक्षी दलों को यह दिखाना था कि हम जो है अपने संसद या अपने आंतरिक मामलों को
02:33अंतराष्टे मंचों पर दिखाएंगे
02:35तो निश्चित रूप से इस से भारती च्वी के गिरावट हुई है और मैं नहीं समझता कि यह जो है
02:44किसी प्रकार से हमारी opposition के लिए साहे खूप से दुआ
02:49अगर जनता में उनकी च्वी अच्छी हुई हो या जनता ने ये माना हो के हाँ हाँ ये को बहुत
02:56अच्छा काम किया तब तो समझाता था जनता नहीं भी इसको नकार दिया तो ये अंतराष्टे च्वी पर तो अंतर
03:06पड़े गए
03:10विशेश रूप से जो ये हाई प्रोफाइल इवेंट्स, नैशनल इंपोर्टेंस, इंटरनेशनल गैदरिंग वाले जो इवेंट्स होते हैं यहाँ पर प्रदर्शन
03:19होते हैं
03:19यह हमारा एक स्पर्श संदेश है कि प्रदर्शन विरोध और रानितिक मत भेद आपका अधिकार है
03:28लोग कंतर की स्वस्थ परंपरा का एक हिस्सा है कि हमारे देश के अंदर कोई भी जो जिस बात सिकी
03:37नीती से आप सहमत नहीं है
03:39उसका विरोध करें लेकिन आप यह तो नहीं कह सकते कि मैं AI पर भविश्य मंतन किस्से सहमत नहीं हूँ
03:47मैं यह नहीं चाहता कि AI के उपर विचार हो और इसलिए मैं समिट के अंदर ही कृष्ण खुश करूँगा
03:54तो लोग कंत्र में विरोध परदर्शन एक स्वस्त विरोध परदर्शन हो भॉंडा ना हो राष्ट को गिराने वाला ना हो
04:06राष्ट की एक्ता को खंडित करने वाला ना हो बहुत अच्छा है
04:10but in this situation, I must listen to this yoga that is the same thing that it is important in
04:20the world and in the world.
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