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  • 5 minutes ago
शराब घोटाला केस में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को कोर्ट ने बरी कर दिया है. राऊज एवेन्यू कोर्ट के इस फैसले के बाद अरविंद केजरीवाल मीडिया के सामने भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू झलक पड़े. दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज जितेंद्र सिंह ने अपने फैसले में साफ कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में विफल रहा और किसी भी आपराधिक साजिश का कोई साक्ष्य नहीं मिला.सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सीबीआई की जांच और चार्जशीट पर भी सवाल उठाए. कोर्ट ने कहा कि सीबीआई द्वारा दिए गए दस्तावेज चार्जशीट से मेल नहीं खाते हैं. इस मामले में सीबीआई ने केजरीवाल और सिसोदिया समेत 23 लोगों को आरोपी बनाया था.

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Transcript
00:00Pura ka pura fرجi case thaa
00:02Hemare oopar kichar phenka gaya
00:0424 ghurntate tv channelo ke oopar debate chalte thay
00:08Akkhaaberye dikhaay jati thii
00:09Kejriwaal brush tech kejriwaal brush
00:28Sharaab gho tali case me
00:56४४४४४
01:13अर्विन जी ने पूरा जीवन इमानदारी से जिया है
01:16और उनका एक ही धिया है कि ये देश खूब तरक्षी करे
01:21लेकिन इन लोगों ने अपने सत्दा के लालच में
01:25पिशले इतने सालों से हमारे उपर जूटी एलिकेशन्स लगाई
01:40रावज एवन्यू कोट के स्पेशल जजज जीतेंद्र सिंग ने अपने फैसले में साफ कहा कि
01:44अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में विफल रहा
01:47और किसी भी अपरादिक साजिश का कोई साक्षन नहीं मिला
01:50सुनवाई के दोरान कोट ने सीबियाई की जाच और चार्चीट पर भी सवाल उठाए
01:54कोट ने कहा कि सीबियाई दुआरा दिये गए दस्तावेज चार्चीट से मिल नहीं खाते
01:59इस मामले में सीबियाई ने केजडिवाल और सिसोधिया समेथ
02:02तेहिस लोगों को आरोपी बनाया था
02:05So allegation CBA का ये था कि जो policy बनाई गई उसमें manipulation किया गया
02:10उसमें फरजी दस्तावे जोडे गए
02:14कोट ने ये कहा है कि जब exercise policy बनी
02:18उसके जितने भी evidence, जितने भी court file, जितने भी cabinet note, जितने भी official noting है
02:23अगर आप उनसको देखेंगे तो आप पाएंगे
02:26that the policy has been put to every institution in the machinery
02:31and it cannot be said that only one person has made this
02:35सुनवाई के दोरान जजज ने CBA दुवारा इस्तिमाल किये गए
02:38South group जैसे शब्दों पर भी नाराजगी जताई
02:41कोट ने कहा कि इस तरह के शब्दों का इस्तिमाल उचित नहीं है
02:45और ये भी सवाल उठाए कि शब्द का आधार क्या है
02:49सुनवाई के दोरान के जजज रौन की ओर से पेश वकील ने कहा
02:52कि उनके खिलाब कोई पुक्ता सबूत नहीं है
02:54और के जजरीवाल सिर्फ सरकारी काम कर रहे थे
02:57वकील ने ये भी बताय कि के जरौट का नाम शुरुवात के चार्ड़ सीट में नहीं
03:29
03:30Bureau Report, ETV Bharat
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