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  • 12 minutes ago
मुंबई में बढ़ते प्रदूषण की आख‍िर क्या है असल वजह? पर्यावरणविद् डी स्टालिन ने बताया

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00:00मुम्मे में बढ़ता एर कॉलिटी इंडेक्स एक बहुत बड़ा कंसर्न हो गया है
00:03खासतोर सा हाल फिलाल में जब वो तीन डिजिट्स में पहुँच गया है
00:07और उधर से नीचे आने का नाम नहीं ले रहा है
00:09क्योंकि शहर ये है समुदर के किजिना रहे
00:11सी ब्रीज से काफी राहत मिलने चाहिए थी लेकिन ये मिल नहीं रही है
00:15तो आखिर क्या वज़ा है और क्या कर सकते हैं
00:18इसको लेकर आई ये बात करते हैं हमारे साथ
00:20स्टालिन डी स्टालिन है जो की वन शक्ती से है
00:22आप बॉम्बे हाई कोट में जो सुमोटो पेटिशन है उसमें भी एक इंटर्वीनर है
00:27और आपने काफी कुछ देखा है शहर में आप इसी शहर के भी है
00:32तो एर कॉलिटी इंडेक्स जो इतनी खराब हो रही है
00:36इसको लेके आप में चिंता थी जिसकी वज़े से बॉम्बे हाई कोट भी पहुंचे थे
00:39तो क्या वज़े है इसकी क्या सिर्फ और सिर्फ कंस्ट्रक्शन साइट्स है
00:43देखे जब हम प्रदूशन की बात करते तो सबसे बड़ा उसमें योगदान किसका है
00:51सबसे ज्यादा होने की वज़े से यह पॉल्यूशन का जो असर है बहुत ज्यादा हो रहा है
00:55आप गाडियों को दोश नहीं देंगे क्योंकि गाडियां का जो आज स्टैंडर्ड्स है इंप्रूव करते करते यूरोपियन स्टैंडर्ड की तरफ
01:04हम लोग जा रहे हैं
01:08जो सारे रास्ते इस शहर के एक साथ खुदा ही चल रही है उस वजह से मिटी बाहर रहता है
01:15और जब गाडिया उससे गुजरती है उसके आसपास तो मिटी सर्कुलेशन में रखता है और उसके साथ में अगर आप
01:20देखें तो जो कंस्ट्रक्शन के जो हाउस्किपिंग जिस
01:35जाए एक तरीके का जो फ्रस्शन है उस तरीके से परमिशन के जाते हैं यह नहीं देखता है वहां से
01:45हवा कितना पास होता है हवा का जो मैने जिकर कि है पास जो होता है यह बी�理टिंग बीट्टी और
01:49परडुशन को फैलाके दूर नहीं ले जा सकता वहीं अटक के बैढो�
02:01सब जगा और साथ में अगर आप देखें तो जो पेड़ है रास्ते पे जो हमारा बेसिक एक छत्री है
02:09समझे बारिश के खिला उसी तरह हमारे पेपड़ों में धुआ जाने से उसको रोकता है उनके सारे जो ब्रांचे से
02:15टैनिया है उसाब काट दिये गया है और वहां पेड�
02:29कहीं पर भी यह दिखाए नहीं देखता कि कोई पेड़ों को बचा करके कुछ कर रहे हैं और ऐसा भी
02:34नहीं है देखिए आप अगर इसका हिस्ट्री निकालोगे तो इतियास में यही बताता है कि एक के बजले तीन लगा
02:40रहे है तो आज मुंबे शहर में इतनी हरियाली होनी
02:44लोगों को जब हमरे जैसे लोगों ने निया �誔र लोगों युदम चैनलों पर लगाई क्सक्षा किया और पता लगा जाए
02:52तो और मुझे है चाहिए पटी चाहां चाहिए तो मैं पनवल जाएंगा
03:09इस तरीके का एक logic है याने और दुख के अने सबसे बड़ा जो क्या दुर्बाग्यपूर्ण बात यह है कि
03:17आदालतों को भी इस बात से फिकर नहीं हो रही है कि याने पेड़ यहां के है तो यहीं लगा
03:22हुई शहर का कोई हक है कि नहीं पेड़ों के अदालत को फर्क तो पढ
03:39लोगों लोग सांस ले पाएं शहर में क्या आपको लगता है उससे मदद मिलेगी सिर्फ एक हफते तक अगर आप
03:44प्राइवेट कंस्रक्शन को बंद रखेंगे देखे हाई कोड ने लास्ट टाइम भी दो दिन के लिए बंद रखा था तो
03:51काफी इंप्रूमेंट हुआ था
03:53अगर एक हफता बंद रखने से अगर क्या बोलता है कोई आस्मा नीचे नहीं आने वाला है हाँ लोगों बोलेंगी
04:00हमारा पैसा लगा हुआ है तो पैसा सब कुछ नहीं होता है सांस लेने के जो हवा के गुण बनता
04:05है या एर क्वालिटी से बड़ा कोई किम्मत नहीं होते
04:18होगे कि अगर मेरे एरिया में धूल है तो मैं किसको पकड़ू हुआ करके और तुरंद उसका ग्रिवेंस जो है
04:26या तक्रा जो कंप्लेंट है उसको एड्रेस किया जाना चाहिए उस तरीके का कुछ मेकानिजम ही नहीं हमारे पास लेकिन
04:32अगर हम देखें 2025 में यही अगर म
04:46मेजी जो हमेशा रहती है दूल मिटी से वो कम होगी लेकिन ऐसा दिख नहीं रहा है इंफरेक्ट 2025 से
04:51कंपेर करें तो 2026 काफी वर्स देख रहा है और यह क्या है कि हम अगर तीन साल का अगर
04:57लड़ाई है एक्टिवली कोर्ट में चल रहा है उसके बावजुद अगर कोई इ
05:16रहे हैं और पिछले साल हमने देखा था जैसे एक नाचिंदे जब नेता थे तो वह खुद सड़कों पर उतरके
05:22पानी वानी डाल रहे थे एर क्वालिटी इंडेक्स को थोड़ा कम करने के लिए इस बार तो लेकिन सड़क पर
05:27कहीं पर भी मिस्टिंग फॉगिंग जो हमने �
05:29पिछले साल देखा तो वह भी नहीं दिखते हैं बेसिक चीजे हैं कि अगर आप वाशिंग भी करेंगे हर रात
05:34को या फिर हर दो दिन में अल्टरनेट डेबी अगर रस्ते दोएंगे हमारे पास इतना पानी जो उन्ट्रीटेट स्वेज जा
05:40रहा है या फिर ट्रीटेट स्�
05:55जो आप गाडियों का जो रास्तों पर दोने के लिए यूज कर सकते हैं तो बहुत फरक पड़ेगा सड़के अगर
06:00रेगुलर धोते हैं तो यह धूल का जो सर्कूलेशन है वो कम हो जाएगा तो आपका कहना है कि कंस्रुक्शन
06:09साइट पर एक तो लगाम लगानी चाहिए ज
06:12जो उनको वो बिल्डर्स फॉलो कर रहे हैं कि नहीं वो देखना चाहिए सड़के धुलनी चाहिए इसके अलावा कोई मेज़र
06:19आप जो अदालत में भी काफी कुछ डिसकस हुआ था उसमें से कुछ आपको लगता है जो एफेक्टिव होगा मुंबई
06:24को बहतर देखे कुछ
06:26इंडेस्ट्रीज भी है मुंबई के अंदर जो कंटिनियूसली स्मोक और एफ्लुएंट जो ट्रेड एफ्लुएंट को जला रहे हैं या फिर
06:36उसका बाइप्रोडक करके हवा में आ रहा है उनको भी बंद करना जरूरी है या फिर उन पर कुछ तो
06:41नियंतरन करना चाहिए हम
06:55प्लांट से वह इतना होरेबल पॉलूशन कर रहा बक्ति पार्क जैसे एरिया में जाओगे तो वहां पर सभी जगह आपको
07:01दूर और सिमेंट के कंड मिलेंगे पूरे रास्तों में आप अगर नाहूर चले जाओ तो मैं आपको पूरा एक किलोमेटर
07:07का सड़क दिखाओंग
07:23अगर बीमार और खासी होते हुए या फिर तब्यत खराब होते हुए देखते हैं लेकिन इसके खिलाब आवास क्यों उठाते
07:30हैं आईसा लगते कोड में जाकर कि आईसे गिने चुने लोगों को तकलीफ है हावा जो है बेसिक है ना
07:35इसके उपर आपको खुद बोलना है को�
07:43काफी सारे लोग बात कर रहे हैं जैसे आदित इठाकरे ने कहा कि एक हफ़ते के लिए चाहिए उन पर
07:50लगाम लगानी चाहिए ताकि जो लोग है वो आसानी सा सांस ले सके हमारे साथ कुछ बच्चे हैं यहाँ ही
07:55कुछ प्रैक्टिस कर रहे थे मरीन ड्राइब पर क्या ल�
08:41चाहिए ताकि लगाम लगाता है।
09:01चाहिए ताकि लगाम लगाता है।
09:13अगर पूरी तरह से रोके तो हमारे जो देशे उसके डेवलपमेंट में तो असर होगा।
09:18तो मेरे ख्याल से धीरे धीरे करना चाहिए एंड उसको मतलब कंट्रोल करना चाहिए।
09:24क्योंकि जब हम देखते हैं पहले थंडी के सीजन में जब देखते हैं।
09:30साड़े साथ बज़े तक जो कुई फॉग रहता है।
09:33लेकिन अभी सुबह दस बज़े तक भी फॉग रहता है।
09:35इचले की गर्मी में भी आप देख सकते हैं।
09:38दूद दूद तक कुछ नहीं दिखाई देता।
09:40इसा आले कॉंटर्य आप लोग ने भी नोटिस किया है।
09:45कि एस टी स्टेशन के थोड़े पास में ना एर कॉलिटी इंडेक्स की स्क्रीन है।
09:48और व उस्क्रीम पही इतनी धूले की उधर क्या एर कॉलेटी का लिखा है वो भी नहीं दिखता है।
09:52कर रहे हैं.
09:53तो इसकि फिल्ट रोगु करना यह शोशन डिफिनली नहीं हो सकता है, क्योंकि सिर्फ चुन्ट्रक्शन के वजए से एर कॉलिटी
10:01कम हुरी है क्या नहीं?
10:24तो आपको लगता है ऐसे कुछ तरीके लाग के कर सकते हैं?
10:30हाँ तरीके तो लाने चीए पर मेरा ऐसा पर्सनली मानना है कि तरीके लाना गवर्मेंट का काम है पर फॉलो
10:36करना तो अपना काम है गवर्मेंट तो तरीके लाता ही रहता है पर हमसे भी गलती होती है कि हम
10:41फॉलो नहीं करते हैं तो जैसे बोलते हैं एक के बदलने से फरक नही
11:18इतना कुछ करने की जरुएती नहीं पड़ेगी.
11:19कामरा में केरिन सबकाल के साथ विद्या मंबाई आज तक है.
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