00:00इस बीच में बड़ी ख़बर आपको देते हैं कि CBI ने अभी हार नहीं मानी है
00:03CBI ने हार नहीं मानी है वो बताया जारा कि आगे चालेंज करेंगे इसको
00:07इस फैसले को राउ जब इने कोड का फैसले हैं लेकिन इसे उपरी अदालत में चुनौती देने का मन बनाया
00:13है
00:13CBI ने CBI के अधिकारी जानकारी मिल रहे हैं कि वो खुद हैरत में कैसा कैसे हुआ
00:17उनके तरफ से केस पुरा स्ट्रॉंग है
00:19अरविंद होजा मेरे सेयोगी जुड़ गये हैं तमाम जानकारी के साथ
00:22अरविंद अब आगे इस मामले कुछ नौती दी जाएगी
00:25CBI अपने बचाव में क्या अप पेश कर सकती है
00:29क्योंकि कॉर्ट से साफ तो और फिर कह रहा है कि आपके सबूत परियाप नहीं है
00:31तो अब एक्स्ट्रा सबूत तो इस वक्त मौजूद है नहीं
00:34जिसको आप पेश करेंगे और ये कहेंगे उपरी अडालत में की
00:38जो निशली अदालत था उसका फैसला गलत है
00:41देखे एक बात तो साफ है जो CBI के बड़े सुत्रों ने आज तक को बताया है
00:46कि जो राउज इवन्यू कोट का ये ओर्डर है इसके खिलाफ अपील फाइल करेगी
00:50हाई कोट में CBI की टीम ये बात आज तक को CBI के बड़े सुत्र ने बताया है
00:55अब फिलहाल जो राउज इवन्यू कोट का जो ओर्डर आएगा वो जब ओर्डर की कौपी CBI की टीम को मिलेगी
01:15हाई कोट में चलेंज करेगी और फिर वहाँ हाई कोट में CBI जो अपने जो तमाम ये
01:21इन्वेस्टिगेशन है साइस पॉलिसी से रिलेटर उसके एविडेंस रखेगी
01:25अब इसका बतला ये भी है कि CBI को लग रहा है कि उनके पास एविडेंस है और उन्होंने मजबूत
01:29साक्षे रखे थे लेकिन बले कोट को ना लगा हो लेकिन उनको लगता है कि उनके पास स्ट्रॉंग एविडेंस है
01:34तब ही जा रहे है उपरी अदालत में
01:35जाहिर से बात है देखे कोई भी इन्मेस्टिगेटिव एजनसी है वो अपनी पूरी तरह से इन्मेस्टिगेशन करके जो एविडेंस है
01:42वो अदालतों में रखती है पहले निचली अदालत में जाती है तो ये राउज जिवन न्यू कोट निचली अदालत का
01:49फैसला है अभ
02:08सबसे बड़ा सवाल यहां पर कोट ने उठाया है कि हमारे किसी भी सवाल का जवाब यह एविडेंस नहीं दे
02:15पा रहे है अब इसके जवाब में CBI क्या पेश कर सकती है क्या कह सकती है यही सबूत परियादते
02:21जिसको लेकर वो हाय कौट में जाएंगे अभी जो राउज ए�
02:30इस बात है CBI तक वो पहुचेगा और उस और को स्टडी किया जाएगा डिटेल्स में कि उसमें क्या-क्या
02:36लिखा है किस तरह से लिखा है उसमें CBI के अधिकारी जो CBI के कौंसिल होंगे और साथी साथ CBI
02:41की एक भारी भरकम लीगल टीम होती है उस फैसले में क्या है उसको स्
03:04लेकिन अर्विंद के जिवाल भी लंबे समय तक जेल में रहे तमाम आममादी पार्टे के नेता जेल में रहे लेकिन
03:09आप जब कोड का फैसला है तो आया कि वो बर्य हो गए कोई साक्ष नहीं मिला अर्विंद के जिवाल
03:13के प्रतिक्रिया आपको सुनाते है
03:2024 घंटे टीवी चैनलों के उपर डिबेट चलते थे खबरे दिखाई जाती थी केजरिवाल ब्रश्ट है केजरिवाल ब्रश्ट है
03:49मैंने केवल अपनी जिवाल ब्रश्ट नहीं है
04:00इन्होंने जूटा केस लगाया और आज ये साबित हो गया कोट ने कहा है कि केजरिवाल कट्टर इमानदार है
04:09मनी सिसो दिया कट्टर इमानदार है आम आदमी पार्टी कट्टर इमानदार है
04:17अर्विंद होजा मेरे सेयोगी जुड़ गए हैं इस वक्त तमाम जानकार के साथ
04:20अर्विंद इस बात की कितनी संभावना है कि यहां पर अर्विंद केजरिवाल मानानी का मुकदमा भी कर सकते हैं
04:28क्योंकि उनकी कुर्सी गई उन्हें जेल जाना पड़ा तमाम तरह कि उन्हें आरोप लगे जो अब निराधार साबित हो रहे
04:34हैं
04:35अर्विंद केजरिवाल के पास भी ऑप्सिन खुले हुए हैं
04:38सभी जो भी चाहिए अर्विंद केजरिवाल हो मनी सोधिया हो या जितने आरोपी इसमें अक्यूट हुए है
04:45उनके पास अपने विकल्प है और हर आदमी के पास अपना विकल्प होता है
04:49वो किसी के खिलाब भी मानहानी का केस करें
04:52वहीं अभी अगर देखिए अगर नहा
04:54तो राउ जिवन्यू निचली अदालत है
04:56इसके बाद हाई कोट है
04:57सुप्रीम कोट है
05:10अर्विन केजवाल अपने परिबार के सब दूसरे से
05:16कोट निगा और ये तस्बीर आप देखें
05:18चेरे पर मुस्कुराइट अर्विन केजवाल के
05:20हमने कुछ देर पहले आपको बयान सुना हूँ
05:22चेरे पर वो जो है खुशी तो थी
05:24लेकिन आसू भी टपक पड़े क्यूंकि
05:26एक सो सतातर दिन अर्विन केजवाल जेल में रहे
05:28मनिश से सोधिया तो इस मामले में सबसे ज़ादा
05:31पात सो दस दिन जेल में रहे
05:33और उसके बाद जाकर उनको कहीं जमानत मिली
05:35और अब जब इस मामले में कूट का फैसला आया
05:38तो कूट का फैसला कुछ उनके पक्ष में था, हलांकि आम आदमी पार्टी को नुकसान इस मामले पर बहुत ज़ादा
05:44हुआ, देली में शडाब भोताले का एक माहौल बनाया गया, बीजेपी के निताओं के निशाने पर आम आदमी पार्टी रहती
05:49थी, डिबेट्स में तमाम
05:50जगहों पर आमार में पार्टी को घेरा जाता था, ब्रस्ट आचारी होने का अरोप लगाया जाता था, लेकिन अब जब
05:55फैसला आया, उनके पक्ष में फैसला आया, तो अब पतनी और बच्चों के बीच में अर्विन केजवाल कुछ इस तरह
06:00से, जब वो जेल गए थे और
06:20भावुक यहाँ पर अद्विन केजवाल दिखाई दिये, इससे पहरे जब मीडिया से भी मुखातिफ हुए थे, तभी भावुक कर देने
06:26वारी उनकी तस्वीर और यहाँ पर अपने बेटे और बेटी को गले लगाते हुए, मनीश सुसोदिया उनके साथ मौजूद रहे,
06:33क्योंकि इस पूरे मामले में सबसे ज़ादा नुकसान अगर किसी को हुआ है, तो वो है आम आतनी पार्टी को,
06:42उनकी जो चवी थी, वो खराब हुई, इसके अलावा अर्विन केजवाल की कुर्सी चली गई, उन्हें जेल जाना पड़ा, मनीश
06:51सुसोदिया को भी जेल जान
06:55ही है, और आज जब ये फैसला आया, तो छलक आए, अर्विन के जिवाल के आसो, मनीश पांडे मेरे सेयोगी
07:01जुड़ गए है, तमाम जानकारी के साथ, मनीश अब CBI का रिस्पाइट क्या है, हाया कॉर्ट में जाएंगे, वहां से
07:08उन्हें इनसाफ मिलने की उमीद है, क्यो
07:24जो 23 आरोपी थे, उनको एक एक करके डिस्चार्ज किया है, खास करके अर्विन के जिवाल और मनीश सिषोधिया को
07:30ये कहते हुए, कि CBI ने कोई सबूत ही इसमें पेशने किये, जिनके आदार पर इनको आरोपी बनाये गया था,
07:36एक narrative सेट करने की कोशिश की गई, इस तरह क
07:52कि इस वक्त ये हालत है, लेकिन अब CBI के पास में एक ही option है, वो जा सकते हैं
07:56high court में, lower court के जो order है, उसके विरुद्ध में, लेकिन नहां तमाम इस तरह की cases में
08:03हमने देखा हुआ है, कि अगर lower court इस तरह का observation बनाता है, इस तरह की tip-पडियां करता
08:09है कि सबूतों को सही तरीके
08:11से CBI पेश नहीं कर पाई, कुछ selective statements को include किया गया, selective बयानों को include किया गया, कुछ
08:18बयानों को जान बूच कर सबूत के तौर पर नहीं डाला गया, जिन expert की बात किये गई थी, जिनके
08:24आधार पर CBI ने case पनाय हुआ था, जो तीन, इस मामले में expert गवा के तौर पर मौजूद क
08:29किये गए थे, उनको लेकर भी court ने टिपड़ी की हुई है, कि उनके सिर्फ बयान दर्श किये गए, बाकी
08:35जो expert थे, उनके बयान क्यों नहीं दर्श किये गए, तो तमाम तरीके के जो, जिन को लेकर टिप मौजूद
08:40को लेकर टिप मौनी, LG को लेकर टिप मौनी, तमाम हु�
08:46मामले में, court के इस फैसले का, उस case पर क्या impact पड़ेगा, हमने देखा कि हमन सुरुन को भी
08:50कुछ दिन पहले बड़ी राहत court से मिली है, ED मामले में, बहुत बड़ा असर पढ़ने वाला है, राजीव, बहुत
08:57बड़ा असर पढ़ने वाला है, क्योंकि ये मान के चलिए, कि अ
09:16के FIR के बिना पर दर्च किया गया था, जिन आरोपियों को CBI ने गिरफतार किया, इस मामले में सबसे
09:23पहले जो आरोपी गिरफतार हुए थे, वो थे विजय नायर, उस समय आहम आदमी पार्टी के कम्म्निकेशन इंचार्ज होते थे,
09:28उनके उपर आरोप लगा था, कि करो�
09:41आरोपियों को पहले CBI ने गिरफतार किया, उसके बाद ED ने गिरफतार किया, जिन आरोपियों को ED ने गिरफतार किया,
09:47उनको CBI ने गिरफतार किया गया, तो कुल मिलाकर मोटा मोटा दोनों जो केस थे, CBI के केस की बात
09:52करें, या ED के केस की बात करें, ये दोनों ही केस समान
09:57लेकिन आज जब CBI की चार्शीट को खारिस कर दिया है तेस आरोपियों को बड़ी कर दिया गया है CBI
10:03कोट की तरफ से तो जब
10:07एडी कोट में इस मामले की सुनवाई होगी तो जब आपके खिलाफ में लगे आरोपी खतम हो जाते हैं और
10:15आप आरोपी रहते ही नहीं है तो एडी का केस अपने आप धराशाही हो जाता है और बहुत मुम्किन है
10:20कि इसकी बांगी आज देखने को जो मुदी है वो एडी कोट
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