00:04क्या देश की स्कूली किताबों में नियाई पालिका पर सवाल उठाना भी व्यक्ति की आजादी है या सब्विधानिक संस्थाओं की
00:11गरिमा पर सीधा प्रहार।
00:13इसी बड़े सवाल के वीच एंसी आर्टी की कक्षा आज की किताब में शामिल नियाई पालिका में प्रष्टाचार वाले अध्याय
00:19पर देश भर में सियासी और कानूनी तुफान खड़ा हो गया है।
00:53क्या हुआ आए सब कुछ विस्तार से चाहते हैं।
01:13लेकिन इस से पहले कि विवाद शांत होता शीर्ष नयायले ने से गंभीर रूप से ले लिया।
01:19सुप्रिम कोर्ट की बेंच ने स्वैम संग्यान यानि कि सुओ मोटू लिया।
01:23और कहा कि अध्याय सम्मेधानिक संस्थाओं के पती जनता की धारना को प्रिभावित कर सकता है।
01:28CGS विरेकांद की अध्यक्षता वाली बेंच ने स्पष्ट किया है कि वो किसी भी न्यायपालिका को बदनाम नहीं करने देंगी
01:34और इस विशय को कड़ी चिंता के तौर पर लिया गया है।
01:38NCRT की माफी और किताब पर रोक।
01:40NCRT ने इस विवाद के बीच बिना शर्त माफी मांग ली है।
01:44उसने कहा है कि न्यापालिका के प्रति उसका पूरा समान है और अध्याय में आपत्ती जनक के सामगरी डालना इरादतन
01:50नहीं था।
01:51उसने ये भी कहा है कि नई किताब का मकसद सम्मेधानिक संस्थाओं के बारे में जागरुपता बढ़ाना था और इसे
01:56पुनर लेखन यानिके री राइट के लिए वापस लिया जाएगा।
02:00अलकि सुप्रेम कोट ने कहा कि सर्फ माफी काफी नहीं है और NCRT पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
02:06अदालत ने पुस्ता को बैन कर दिया है तथा केंद्रिया और राजी सरकारों को निर्देश दिये हैं कि वे सभी
02:11भौतिक और डिजिटल प्रतियों को जब्त कर दे।
02:14NCRT करी देशोक और शिक्षा विभाग के सच्चेव को शोक और नोटिस भी जारी किया गया है।
02:44लंबित मामलों और और पर्याप संसाधनों जैसी चुनोतियों का सामना करना बढ़ रहा है।
02:49इससे पहले इसे किवल नियाइपालिका की भूमिका, संरचना और स्वतंतिता के बारे में बढ़ाया जाता था जिसको थोड़ा मोडिफाई कर
02:55दिया गया है।
02:56इसके बाद 26 फेवरी 2026 को इस मामले में सुप्रेम कोड में सुनवाई हुई है।
03:00इसमें NCRT के ओर से की गई माफियों और विवादित पाठ्थे सामगरी पर अदालत की प्रतिक्रिया दोनों पर उचार हुआ।
03:06इस कबर में इतना ही कुछ भी अपडेट निकल कर आता है वो भी आपको दिखाएंगे तब तक बने रही
03:11है One India Hindi के साथ।
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