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Sambit Patra ने New Delhi में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विपक्षी दलों और मौजूदा राजनीतिक मुद्दों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सरकार की नीतियों का बचाव करते हुए विपक्ष पर भ्रम फैलाने और जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया।
प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति, नीतिगत फैसलों और ताजा विवादों पर पार्टी का पक्ष विस्तार से रखा। इस बयान को आगामी राजनीतिक माहौल और रणनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

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Transcript
00:00और जैसा आप जानते हैं कल भारती जन्ता पार्टी के राष्ट्य अध्यक्ष मानिय नितिन नभीन जी ने एक सिरीज आरंब
00:10किया था,
00:12Compromised Gandhi परिवार, और आज उसी संधर्व में हम उसे आगे बढ़ाएंगे.
00:22कभी-कभी मुझे लगता है कि we have given a long rope to the Congress Party और Congress Party के
00:30असलियत को,
00:31Congress Party के परिवार के असलियत को, परिवार ही Congress है, इसलिए नहरू, इंदिरा, सोनिया गांधी, राजीव गांधी, राहूल गांधी,
00:45प्रियंका वाडरा,
00:47इनके असलियत को, जनता के समक्ष सम्पून रूप से बार-बार रखना पड़ेगा,
00:55ताकि इनकी डाइनास्ती कितनी compromised है, इनकी हालत कितनी compromised है और इनके compromises के कारण,
01:05भारतवर्ष को क्या सहना पड़ा है, क्या हानी हुई है,
01:31अगर सर्वप्रतम में ये कहना चाहता हूं कि,
01:34जो World AI Summit हुई थी, आज हमने देखा कि उसके पीछे एक बहुत सोचा समझा planned arrangement था,
01:48social media में भी हमने देखा कि reels चल रही है और लोकों ने बकायदा tweet करके reels के माध्यम
01:57से ये बताया है,
01:58कि उन्हें Congress कारयाले से और Congress के बड़े लोगों का मेसेज आया था,
02:05कि यदि आप World AI Summit के खिलाफ tweet करेंगे या कोई reel बनाएंगे,
02:11तो आपको पचीस हजार रुपए, पचास हजार रुपए, देड़ लाख तक आपको पैसा दिया जाएगा,
02:20अनेकों ऐसे हुदाहरन हम social media में देख रहे हैं और ये authentic है,
02:27क्यूंकि बकायदा messages डाल कर दिखाये गए हैं, मैं भी media में देख रहा था,
02:32कई channels से चला रहे हैं, तो ये जो राहूल गांधी का पूरा का पूरा एक preparedness था,
02:40भारतवर्ष को निचा दिखाने में, और जो slogan वो compromise का यूज कर रहे हैं,
02:45आज हम बताना चाहते हैं कि वास्तविक रूप में compromise कौन है,
02:50इस सिलसिले में, पूरे इस कड़ी में, सरव प्रथम नहरू जी का नाम आता है,
03:00how Nehru was compromised, and how the compromises of Nehru,
03:05compromise the country, आज इस विशह में कहूँगा मैं,
03:10चचा नहरू बुला जाता था उनको, चचा नहरू,
03:14he was compromised Nehru,
03:22मुझे लगता है, आज से उनको,
03:24चचा compromised के नाम से ही बोलना चाहिए,
03:29जब चचा ही compromised होगा, तो क्या देश का हल होगा, आप सोचिए जड़ा,
03:35अब ये चचा compromise की पुरी कच्ची चित्थी है,
03:38बहुत बड़ी चित्थी है का चित्थी मैं प्रयास करता हूँ, कि एक-एक करके इस विशय को रखूंगा, और आप
03:45सब भी देखेंगे,
03:47और ये चचा compromise के जो गलतियां थी, ये कोई नितिकत गलतिया अनिंटेंशनली उनसे हो गई थी, ऐसा नहीं है,
03:59ये गलतिया सोच समझ करके, जान बूज करके किया गया था, ताकि देश compromise हो,
04:05मैं पहला आरोप जो मीडिया के समक्ष और मीडिया के माध्यम से देश के समक्ष रखना चाहता हूँ,
04:14चचा compromise के बारे में, वह है, कि चचा compromise के सचीवाले में, नहरू के सचीवाले में, C.I.A.
04:24का इतना पैट था,
04:25कि उनके जो विशेश सहायक या विशेश सचीव थे, जिनका नाम M.O. मताई था, M.O. मताई को अमरीकी
04:38एजन्ट के नाम से बुलाया जाता था,
04:43और 60 के दसक में, 1960 के दसक में, K.G.B. जो रशिया की एजन्सी है, K.G.B.
04:52के एजन्सीज के एजन्ट भी चचा compromise के आफिस में मौजूद थे,
05:00तो चाहे वो M.O. मताई हों, चाहे K.G.B. के एजन्स हों, C.I.A. और K.G
05:06.B. का दबदबा चचा नहरू के ओफिस पे था,
05:10और in the 60s and 70s, it used to be said, in fact, it used to be said about Nehru's
05:18regime,
05:19that any document that the foreign dispensation needed was readily available for U.S. and for Russia.
05:26That was the situation, grim situation, I would say, and that was the compromise that Nehru did with the security
05:33of this country.
05:36सवाल है कि राश्क्री सुरक्षा इतनी खोकली क्यूं बनाई गई कि गुप्त दस्तावेज देश के विदेशी हाथों में सौप दिया
05:45जाता था.
05:47दूसरा विशय है, खेत्रियस समर्पन का, यह जो चाचा कॉंप्रोमाईज थे, चाचा कॉंप्रोमाईज ने भारत के नकसे के उपर,
05:58जब मन किया मानो अपने स्केचपें से ही होने आख दिया, कि यह पोर्षन पाकिस्तान को दे देंगे, यह पोर्षन
06:06चीन को दे देंगे.
06:09He used the sketch pen to in fact cut off parts of India, dismember India and hand it over to
06:18foreign dispensations like Pakistan and China.
06:23तिब्बत और अक्सेचिन की कहानी तो आप जानते ही है, 1954 में पंचसील समझोता होता है,
06:32और पंचसील समझोते के जरिये नहरू ने तिब्बत को चीन को गिफ्ट में दिया,
06:39आप सोचके देखिए पंचशील के समझोते में चाचा नेहरू ने इतना कॉम्प्रोमाइज किया चाचा कॉम्प्रोमाइज ने इस प्रकार काम किया
06:50देश के अहित में कि उन्होंने तिबत को चाइना को गिफ्ट में दे दिया
06:55और 1951 से चीन अक्षई चीन में इसको आज हम अक्षई चीन कहते हैं वहां सड़क बना रही थी ये
07:06नहरू जी को भी मालूम था कि वहां सड़क बन रहा है और जो उस समय के ततकालीन आईबी के
07:11इंटेलिजन्स ब्यूरो के प्रमुग थे बियन मुलिक बियन मुलिक ने बड़
07:25कि चीन अक्षई चीन में रस्ता बना रही है और इसका कहीं न कहीं संग्यान में भारत वर्ष को इसको
07:31लिना चाहिए
07:33मगर आपको जान क्या आश्चर यह होगा कि 1951 में ये सब कुछ बताया गया मगर 1959 तक
07:42नेहरू जी ने इस विशय को चुपा के रखा और यहां तक चुपा के रखा कि पार्लमेंट में भी उन्होंने
07:48कहा कि ये सब बाते अफवाएं है चाइना इस नॉट प्रोग्रेसिंग टूर्ज इट चाइना ये नहीं कर रही है चाइना
07:55को बचाने की जो कोशिश थी वह न
07:59नेहरू जी कर रहे थे 1962 आप जानते ही हैं उस समय कितना बड़ा रणनेटिक फेलियोर हुआ था 1962 में
08:09बिना सैन्य परामर्श के बिना किसी रसद के और फॉर्वर्ड पॉलिसी को मानते हुए जिस प्रकार से हमारे आर्मी को
08:20बिना युनिफॉर्म बिना जूते कैन्वस शू
08:24उस पहना करके बॉर्डर में धकेला गया और वह भी बड़े आश्चरे के साथ मुझे कहना पड़ रहा है ये
08:31जो आत्मगाती मिरनय था उसको हेड नहरू जी के ही रिस्तेदार कर रहे थे जो हरार्खिया लाइन होती है आर्मी
08:39की उसको तोड़ करके जिस प्रकार से चेन अ
08:54रिस्तेदार थे और उसके बाद 1962 में क्या हुआ क्या हस्र हुआ हुआ उसका परिणाम क्या हुआ यह भी हम
09:03जानते हैं
09:08The initial contract, the effort was forced by بلہر باری Supreme Court.
09:36can't think
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