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  • 18 minutes ago
लखनऊ में पिता की हत्या के पीछे बेटे का दिल दहला देने वाला कबूलनामा, देखें वारदात

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00:00नवस्कार में हूँ शम्स ताहर खान और आप देख रहे हैं वारदात
00:03लखनो के करोड़ोपती कारोबारी का 19 साल का बेटा
00:07जरा सी बात पर अपने पापा से इतना नाराज हो जाता है
00:11कि पहले उनके सीने में गोली मारता है
00:14फिरारी से उनके दोनों पैर और हात कार देता है
00:18बाद में सर धर से अलग कर देता है
00:21इसके बाद धर को घर में ही रखे नीले ड्रम में पैक कर देता है
00:26जबकि हाथ पाओं और सिर को कार में रखकर दूर फेंक आता है
00:3017 साल की उसकी छोटी बहल इस कतल की चश्मदीद थी
01:00आगे बहुत छोटी चीज़ है किसी को मारना गोली से बहुत छोटा है और जो प्रस कंडीशन थी वह करना
01:07मतलब एक दुरलव है कोई भी आम आदमी के लिए
01:18आगे शहर बतले चहरे बतले नाम बतले वजह बतले परकमबखत यह नीला ड्रप नहीं पड़ना
01:28यह जो साहब अभी अभी बोल रहे थे यह उसी नीले ड्रम से निकले सबसे ताजी और नई लाश के
01:35हुलिये के बारे को पता रहे थे
01:37हाथ नहीं पैर नहीं चहरा आए बाकी बचाफ़चा हिस्सा इस नीले ड्रम था
01:51ड्रम से आधिय अधूरी लाश के साथ टुकणों में बाहर आया एक बाप था
01:58और बाप को टुकणों में बाटने वाला और उनमें से कुछ टुकणों को ड्रम में पैक करने वाला उसी बाप
02:05का 19 साल का इकलौता पेटा
02:11दिल को जग छोड देने वाली नीले ड्रम से बाहर आई यह सबसे ताजा कहानी उस लखनव की है जहां
02:19लोगों को मुस्कुराने के लिए कहा जाता है
02:28लखनव के आशियाना इलाके का ये शानदार आशियाना एक करोड़ पती कारोबारे मानवेंदर सिंग का है
02:37शेहर के बारह पैथोलोजी रैप और शराप की दो दुकानों के मालिक मानवेंदर सिंग का 19 साल का इकलोता बेटा
02:45है अक्षद परताव सिंग
02:48इस वक्त इसी आशियाने में रस्यों और हतकड़ियों से बांद कर अक्षद को लखनव पुलिस लेकर आई है
02:55ये जानने के लिए कि 20 फर्वरी की सुबह उसने अपने पापा के साथ क्या किया था
03:06कमरे में मौझूद अक्षद इस वक्त पुलिस वालों को उसी रात की कहानी सुना रहा है
03:13परक्षद की कहानी शुरू करें उससे पहले इसी आशियाने से बाहर आ रहें इस नीले ड्रम को देख लीजिए
03:21पहले पुलिस वाले इस नीले ड्रम को ठोक बजा कर चिक करते हैं फिर ड्रम का धक्तन खुलता है और
03:28अंदर से एक लाश बाहर आती है
03:33एक ऐसी लाश जिसके दोनों हाथ पाउं और सिर गाइब है लेकिन बिना चेहरे के भी इस आधी अधूरी लाश
03:40की पहचान घर के अंदर ही हो चुकी थी
03:43क्योंकि बाप को मारने वाला बेटा कटल की पूरी कहानी उसी कमरे में खड़े होकर सुना चुका था
03:52इस शव को साथ शीं मिठाने के करम में शव के कुछ पुक्रे किये हैं और उसमें जैसा उसने अभी
03:58बताया है कि हात और पैर को काट करते अभी जगा पे उसने फेक दिया है और जो बाड़ी का
04:04जो में धड़ है
04:05वो इनके ग्राउंट प्लोर से मिला है जिसकी उसले खुदी बता दिया है और आला कतल को भी उसने बरावत
04:12करा दिया है
04:12अन्य साथ छोपी हम लोग संकलित कर रहे हैं जैसा होगा आपको अब्जिट करें
04:25अब चलिए सिलसिलवार आपको वो कहानी सुनाता हूँ जो इस घर का इकलोता वारिस अक्षत परताब सिंग इसी घर में
04:33पुलिस वालों को सुना चुका है
04:35कहानी की शुरवात 19 फरवरी की रात से होती है मानवेंद्र सिंग एक शादी से घर लाटे थी
04:42तीन मनजिला इस घर में तीसरे फ्लोर पर मानवेंद्र सिंग अपने एकलोते बेटे अक्षत और सत्रह साल की बेटे कृती
04:50के साल रहते थी
04:51अक्षत बीकौन की पढ़ाई कर रहा था जबकि कीरती ग्यार्वी क्लास में थी
04:56नौ साल पहले पत्नी की मौत हो चुपी थी दोनों बच्चों को वो खुद ही पाल रहे थी
05:02सेकंड फ्लोर पर मानवेंद्र सिंग के भाई अपने परिवार के साथ रहते हैं
05:06जबकि ग्राउन फ्लोर अमोमन महमानों के लिए इस्तमाल होता था
05:1019 फरवरी की राच जब मानवेंद्र घर लोटें तो अक्षत से उनकी बहस होगी
05:15इस बहस के बाद वो अपने कमरे में सोनी चले गए
05:18लेकिन अक्षत जाग रहा था
05:20सुबा करीब साढ़े चार बजे अक्षत अपने पिता की लाइसेंसी राइफल निकालता है
05:26और कमरे में सो रहे पिता को गोली मार देता है
05:35गोली के आवाज सुनकर किरती अपने पापा के कमरे में पहुंच जाती है
05:39भाई के हाथ में राइफल और पिता की लाश देखकर वो घबरा जाती है
05:43पर इससे पहले की वो चीख दी अक्षत उसे धमकी देता है
05:47कि अगर उसने शोर मचाया या बाद में किसी से भी कुछ कहा
05:51तो वो उसे भी गोली मार देगा
05:53बहन खामोश हो जाती है
05:54फिर सुबा होने से पहले अक्षत अपने पापा की लाश थट फ्लोर से ग्राउंड फ्लोर पर ले जाता है
06:00इसके बाद ग्राउंड फ्लोर पर ही लाश रख देता है
06:04उसका इरादा लाश को कार की डिगगी में रखकर कहीं फेक आने का था
06:09लेकिन लाश भारी थी अकेले उससे उठ नहीं पाती
06:12लियादा उसने अपना इरादा बदला और लाश को टुकड़ों में बाट कर किष्टों में फेकने का फैसला दिया
06:19अब तक सुबा हो चुकी थी छोटी बहन डरी सहमी अभी घर में थी
06:23अक्षक उससे नाश्टे के बारे में पूचता है फिर बहन के लिए बिज़ा ओडर करता है
06:29नाश्टा करने के बाद वो अपनी बहन को कमरे में बंद कर बाजार चला जाता है
06:34बाजार से एक आरी खरीदता है
06:36बाद में उसी आरी से पिता के दोरों हाथ और पैर काट कर अलग कर देता है
06:41फिर सिर काटता है
06:43इन सभी को अलग-अलग पॉलिथिन के बैक में भरता है
06:46धड़ को घर में ही रखे नीले ड्रम में डाल कर उसे बंद कर देता है
06:52इसके बाद सिर और हाथ पाओं को इसी कार में रखकर घर से दूर सद्रवना इलाके में फेंक आता है
06:59उसका इरादा बाद में नीले ड्रम से धड़ को निकाल कर भी बाहर कहीं ठिकाने लगा देने का था
07:05लेकिन इसी बीच कहानी बदल जाती है
07:0720 फरवरी की सुभा जब मानवेंदर रोजाना की तरह घर के बाहर नहीं आते
07:12और पडोस में रहने वाले अपने दोस्तों से नहीं मिलते तो नहीं अजीब लगता है
07:17मानवेंदर पूरी कॉलोनी में अपने बरताओं की वज़ा से सभी के चहेते थे
07:22उदर 20 फरवरी को मानवेंदर के भाई शक्ति वर्धन सिंग भी उने फोन करते है
07:27मानवेंदर के पास तीन-तीन मुबाइल फोन थे
07:30पर हरानी की बात ये थी कि तीरों मुबाइल फोन एक साथ सुचॉप थे
07:37हमको 20 तारिक को मुबाइल सुचॉप मिला सुविरे से
07:43आखा की तॉप हमने के बाता किया कि वह अखि सुचॉप को हैं हमको बताया गया कि वह दिल्ली गया
07:49आप ने किसे पूछी यह बात वह दिल्ली गये सुवे निकल गए और दूदन बाद पाप अiterसाइंगी
07:59तो हमने का ठीक है एक दिन तक इंतिजार किया दूसरे दिन साम तक है ना वो दूसरे दिन साम
08:06तक फिर भी सोच रहा है तो उसके बाद हमने कहा कि वो यह सोच रहा है का कर रहा
08:11है इसके लिए चलो थाने में अप्लिकेशन दुक मोबाल सोच रहा है उनके
08:17चाचा के साथ साथ अक्षत ने पडोसियों को भी यही बताया था
08:20कि पापा सुबह सुबह डिल्ली चले और दो दिन बाद आने को कह
08:24लेकिन एक साथ तीनों मोबाइल का बंध होना
08:28भाई के साथ साथ पडोसियों को भी चौकाता है
08:31इसी के बाद चाचा और पडोसी मिलकर मानवेंद्र की गुमसुद्गी की रिपोर्ट थाने में लिखवाने का फैसला करते हैं
08:38रिपोर्ट लिखाने उनके साथ खुद अक्षद भी थाने जाता है
08:41पुलिस में रिपोर्ट लिखवाने के बाद आशियाना सुसाइटी के लोग बाकायदा वाटसप पर इंग गुरूप बनाते हैं
08:48जिसका नाम रखते हैं मानवेंद्र मिसिंग अपडेट
08:52इस गुरूप में मानवेंद्र से जुड़ी हर छोटी बड़ी जानकारी शेयर की जा रही थी
08:59मानवेंद्र मिसिंग का एक गुरूप भी बना लिया गया था जब मानवेंद्र यहां नहीं मिले
09:03तो मतलब जो मोला ता एकम लगा थां कि आखिर मानुवेंदर गय कहा जो है स्केल रहे थे अब को
09:08वह अभिए ngayin gider 6
09:11था आ developments थिसलिस क्या कूछ हुआ बादशी दिखाएं चीज़ एक बाढ़ यह क्या है यहाँ से हवा इसक पहले
09:30से नइस ही हुआ
09:32हम मेंशिंग रिपोर्ट फिर यह जह हम थाने गए तो वह अफडेट दिया है फिसके बाद देट फिर फोटो मीडियम
09:39देना है तो इसके बाद यह बोलरह है तो मैंने इस
10:11अब पुलिस मामले की तफ्तीश शुरू करती है
10:13सोसाइटी के सीसी टीवी फुटेज को भी खंगालती है
10:16और घरवालों और पडोसियों से पूच्टाज भी करती है
10:19इसी तफ्तीश के दौरान खुट सोसाइटी के लोगों को एक बात चौकाती है
10:2419 फरवरी की रात जब मानवेंदर अपने घर लोटे
10:28तब सोसाइटी के सीसी टीवी कैमरे में घर जाते हुए तो उनकी तस्वीर थी
10:32लेकिन उसके बाद घर के बाहर निकलते हूँ
10:35वो किसी भी सीसी टीवी कैमरे में नज़र नहीं आ
10:38ये बात हर एक कौट पटी लगी इस बारे में अभी पुलिस आगे अपनी पड़ताल करती
10:43तभी एक और बात हुई अक्षत ने अपने एक रिष्टेदार को ये पताया
10:47कि उसके पापा ने खुदकुशी कर दी है
10:50ये बात रिष्टेदारों से जब पुलिस तक पहुँची तब पुलिस को पहली बात अक्षत पर शक हुआ
10:57वो चार दिन से लापता थे हम पड़ोसी होने के नाते हम लोग बहुत खुजबीन कर रहे थे इधर उधर
11:02लेकिन वो कुछ नहीं मिला तो आज हम लोग जाके प्रेशर बनाके ठाने में गये कि इसकी फाइयार नोट की
11:08जाए धर्च की उनका बेटा भी हमारे लोगों के साथ था
11:11फिर हम DSP, DSP ऑफिस गये थे कि प्रेशर और बनाया जाए लेकिन जब प्रेशर बनता देखा तो उन्होंने अपने
11:19एक रिष्टेदार को बताया कि पापन सुसाइट कर लिया जब सुसाइट की नाम लिया तो उन्होंनों चिला के बोला कि
11:25तुन्हें पहले के उन्हीं बता
11:26पहले जब बताना चाहिए था तो हम इसके अलग देते हैं तो उसको कार मठाया कार मठालने पर तूट गया
11:32अब पुलिस ने जब अक्षत से पूछताज की तो वो घबरा गया ठाने में लंबी पूछताज के बाद फिर उसे
11:38उसी के इस घर मिलाया गया पूरी कहानी समझने
11:41के लिए और इस वक्त अक्षत वही कहानी सुना रहा था कहानी पिता के कटले की कटले के बाद लाश
11:48के टुकड़ों की
12:16अक्षत की कहानी सुनने के बाद ही पुलिस घर में
12:19रखें इस नीले ड्रम तक पहुंची आधी अधूरी लाश निकाली और उसे पोस्ट मॉटम के लिए अस्पताल भेज दिया
12:27शफ के टुकड़े कर एक बार फिर एक नीले ड्रम में उन टुकड़ों को डाला और तो बॉडी है उसे
12:34छिपा कर रखा
12:35इस वक्त हम उस जगा पर हैं उस क्राइम सीन पर हैं जहां इस घटना को अंजाम दिया गया है
12:40तस्वीर आपको मैं उस कमरे की दिखाने जा रहा हूँ यह वो कमरा है जिसे फिलहाल पूलीस ने सील किया
12:45हुआ है
12:45और यहां पर आप एक ताला लगा हुआ देख पाएंगे यह ताला लगा है और इस कमरे के अंदर वारदात
12:51को अंजाम दिया गया है
12:52मामला कुछ इस तरीके का है जो जानकारी फिलहाल सामने आ रही है कि एक पिता जो मानवेंद्र है जो
12:58शराब कारोबारी है पैथलोजी लाब्स भी है वो अपने बेटे पर नीट की पढ़ाई का एक तरह से दबाव बना
13:04रहे थे
13:04और उस दबाव के चलते बेटे को गुस्सा आया उसने राइफल निकाली और अपने ही पिता के सिर पर गोली
13:12चला दी उसमें पिता की मौत हो गई इसके बाद वो वहां नहीं रुका उसने बोडी छुपाने के लिए बोडी
13:18के टुकडे किये और उसे नीले ड्रम में डाल द
13:22दिया बोडी यहीं रही इसके बाद वो खुद गया पुलिस थाने और उसने गुमशुद्गी की एक रिपॉर्ट दिखा दी जिससे
13:28उस पर शक ना हो
13:35हैरत की बात ये है कि जब अक्षत ने अपने पापा को मारा तब इस कतल की चश्मदीद खुद उसकी
13:41छोटी बेहन थी
13:42बेशक उसने बेहन को धंकी भी दी लेकिन पिता की गुमशुद्गी की खबर के बाद जब उसके चाचा और बाकी
13:48रिष्टेदार घर आ चुके थे तब भी किर्थी ने किसी से कुछ नहीं कहा
13:53यहाँ तक की पडोस में रहने वाले उदैवीर सिंग की पोथी कीर्थी की अच्छी दोस थी
13:58पिता के गतल के बाद जब घर में लाश रखी थी तब भी वो उदैवीर सिंग के घर अपनी दोस्त
14:04के साथ पढ़ाई करने जा थी
14:05लेकिन तब भी वो बिल्कुल नॉर्मल थी
14:07उसने अपनी दोस्त तक से कुछ नहीं कहा
14:12जो आपकी बेटी है वो उनकी बेटी की दोस्त है
14:15अक्सर साथ में पढ़ाई करते थे खाना खाते थे साथ में
14:17जब यह घटना हुई है उसके दो-तीन दिन तक वो पढ़ाई कर रही थी
14:21अपने एक्जाम के लिए जब बॉड़ी घर पर थी वो आपके घर भी आई
14:24कैसा बेटी का रवया कैसा लग रहा था
14:26कुछ नहीं सामान थी दादू नमस्ते नमस्ते कहा ठीक
14:32अपहले आई प्रें करद पार उसनि यह भी पूचा था कि मैं आपके पढ़नों पर लो तो पर लो यह
14:39और यहां से नहीं कवाया
14:50वहारी दर के कि बहुत से पूचा आंटी में या पढ़ना था पांच गैलन्ट आप मिले हैं बरामत हुआ है
14:58इतना आया कहां से गाड़ी पेल लेकर आया गाड़ी अपना धुलाई किया कोशिश थी कि शब को जला दें हाँ
15:04सब को जला दिया जाए अब पेंट भी कर दिया है �
15:06रूम में पेंट किया है यह नीचे का जो हिस्सा है बताया है वो स्थ बरामत भी कर दिया हम
15:12उसी जला दिया है बहन भी साथ में गयी थी अब सवाल यह है कि आखिर करोड़ों के वारिस एकलोते
15:22बेटे ने अपने पिता का कट्ब लिच्यों किया लाश के टुकडे कर उसे कि
15:27ठीकाने लगाने या ड्रम में रखने का आइडिया बेशक उसने पुरानी वारदातों से दिया है लेकिन बाप को मारने की
15:34वज़ा क्या हो सकती है तो फिलाल वजह को लेकर दो बातें बताई जा रही है पहली यह कि मानवेंदर
15:41हमेशा यह चाहते थी कि उनका बेटा नीट क
15:44की तैयारी करें नीट का एक्जाम पास कर वो डॉक्टर बनी चुकि खुद मानवेंदर पैथलोजी लैब के बिजनस में थे
15:51लहादा चाहते थी कि बेटा डॉक्टर बनकर इस बिजनस को आगे बढ़ा है लेकिन अक्षक डॉक्टर नहीं बनना चाहता था
15:57करीब चार साल प
16:14प्रतियों के लिए तैयारी कर्विकले दबाव बनाते थे इसक्रम में सुबह सुबह जबढ़ा हुआ और राइफल से इसने बहुत बोली
16:23चला दिए जिसे कारण पी मौक्ट नहीं है अंकित मिश्रा के साथ समर्थ श्रिवास्त लखनव आज तक
16:35अक्षत इस वक्त लखनव पुलिस की कस्टडी में है पुलिस के मताबिक शुरवात में अक्षत किसी पेशेवर अपरादी की तरह
16:42पुलिस को लगातार घुमाता रहा लेकिन अब उसने गतले से जुड़ी सारी जानकारी उगल दी है लखनव पुलिस के मताबिक
16:50वारदात �
16:51वाली रात बाप बेटे में जब बहस हुई तब मानवेंदर ने अपने लाइसेंसी राइफल से अक्षत को डराने की कोशिश
16:58की थी इसके बाद उन्होंने राइफल नीचे लग दी लेकिन इसी बीच अक्षत ने वही राइफल उठाई और अपने पिता
17:05के सीने में कोली मार �
17:13अक्षत से जैसे जैसे पुलिस पूछताच कर रही है वो नए नए खुलासे कर रहा है डी सी पी स्टेंटल
17:19जोन के मताबिक शुरू में अक्षत कुछ और कहानी सुना रहा था पर अब उसने जो कुछ बताया है उसके
17:26मताबिक 20 फरवरी को मानवेंदर जब घर लोटे तो अ
17:32असल अक्षत दो दो बार नीट के एक्जाम में बैख चुका था पर दोनों ही बार वो नाकाम रहा इसके
17:39बावजूद मानवेंदर चाहते थे कि वो नीट की तैयारी जारी रगते है इसी को लेकर बाब बेटे में बहस हो
17:45गया बात इतनी बढ़ गयी कि मानवेंदर ने अप
18:01अपने पिता के सीने पर उसी राइफल से गोली चला दे गोली चलने की आवाज सुनकर अक्षत की बहन कमरे
18:08में आगे बहन किरती को देखते हैं अक्षत ने उससे कहा कि पढ़ाई और करियर को लेकर रोज-रोज के
18:14जगड़े से वो तंग आ चुका था इसलिए उसने पिता क
18:17को गोली बारते हैं चुपना रहने पर उसने किरती को उसी तरह जान से मारने की थम की थी
18:25अक्षा से अभी बात हुई तो उसने यहीं बताया कि फुपा जी धोके से उससे गोली चल गई है और
18:30पापा गोल लग गए तो पापा डैड हो गए मैंने अपने बचाओ के लिए उनके सरी कुछुगी पूरा एक खटा
18:35ले नहीं जा सकता था वजन भारी था तो मैंने इसल
19:19पूचकात में ये भी खुलासा हुआ है कि चार महीने पहले
19:22मानवेंद्र के घर से कुछ गहने चोरी हो गए थी मानवेंद्र ने तब घर में काम करने वाली नौकरानी पर
19:29शक चताते हो बाकाइदा पुलिस में इसकी रिपोर्ट भी लिखाई थी लेकिन बात में मानवेंद्र को पता चला कि जेवर
19:36नौकरानी ने नहीं बलकि अक्ष�
19:38अच्छ ने चुड़ाय थी तब बेटे की करतूत पर परदा डालने के लिए मानवेंद्र ने थाने में दर्ज चोरी की
19:44शिकायत वापस लेए
19:46कुछ दिन पहले इसी घर में एक चोरी भी हुई है और उस चोरी में कई जुल्री चोरी हुई है
19:53पिता मानवेंद्र को ये शक होता है कि ये चोरी अक्षट ने नहीं बलकि कामवाली ने की है रिपोर्ट लिखाई
19:59जाती है बाद ने पता चलता है कि चोरी कामवाली ने नही
20:02की है तो अक्षत इस तरह की गतिविदियों में शुरुआत से इंवाल्व रहता है
20:06पर इस घट्टा के बाद से मानवेंद्र अक्षत पर खास नजर रखने लगी
20:10वो कहां जाता है क्या करता है हर रोज उससे पूछने लगी
20:14रोजाना की इस टोका टोकी से भी अक्षत अपने पिता से चरहाफ हुआ था
20:20हालाकि मानवेंद्र का परिवार इस वजह को सही नहीं मानता
20:24मानवेंद्र के भाई का कहना है कि नीट इक्जाम उनके भाई की मौत की वजह हो ही नहीं सकती
20:30बलकि वजह कुछ और है
20:44पहन भी चुप है तो बहुत वह बता सकते हैं क्या है नीट का मामला है वह या कुछ और
20:51कहां नहीं मुझे नहीं लगता यह कुछ बढ़ाई-बढ़ाई का मामला होगा उसका पता ने उसके माइन बुझे
20:56क्योंकि देखिए मानुदर जी के अपना बिजनस है कारोबारी है शराब का कारोबार है प्लस पैथलोजी है अच्छा खासा घर
21:02है तो बच्चे पर नीट को लेकर इतना प्रिश्र क्यों मनाईगा वही तो समझ में नहीं आ रहा ना उसी
21:06वज़े से तो कह रहा हूं कि पता नह
21:33अब वज़ा चाहे जो भी हो लेकिन एक बेटे ने चिस तरह अपने पिता की पहले गोली मार कर हत्या
21:39की और फिर लाश के टुकड़े की तुकड़ों के लिए नीले ड्रम का इस्तेमाल किया उसे सुनने के बाद ये
21:46फैसला कर पाना बड़ा मुश्किल है कि क्या एक बाप के
21:49कटल की कोई भी वज़ा इतनी भयानक हो सकती है जितनी खौफनाथ ये पडोसी आखों देखी लाश की कहानी सुना
21:57रहा है
21:58कि अधिन भूड़ी भरी ती जिसमें पैर नहीं थे हाथ नहीं थे पीठ तीछे से आधा कटा हुआ था ऐसा
22:06पोजिशन थी सिर में गोली लगे भी तो आगे का चेहरा भी नहीं था पून पहला हुआ था ड्रम लुणका
22:12हुआ था ये थी पोजिशन मतलब गोली मारना उसके
22:17लिए इस पोजिशन का आगे बहुत छोटी चीज़ है किसी को मारना गोली से बहुत छोटा है और चुत्लवत्स कंडिशन
22:24थी वह को करना मतलब एक दुर लग है कोई भी आम आदमी के लिए अंकित मिश्रा के साथ समर्थ
22:31श्रिवास्त लखनव आज तक तक तो वारदात में
22:36फिलालित रही मगर देश और दुनिया की बागी खबरों के लिए आप देखते रही आज तक
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