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यह वीडियो 01 नवंबर, रात 9 बजे आईआईटी खड़गपुर में आयोजित सत्र के बाद बातचीत से लिया गया है।
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Transcript
00:00कोई सवाल तो नहीं है लेकिन मैं आपके एफर्स को अप्रीशेट करना चाहरा हूँ कि आप जैसे आप भी देखा
00:06मैंने आपको जब आ रहे थे पुरा पसीना हो रखा था आपका साइध तोड़ा एनरजी भी कम लग रहा था
00:11क्योंकि 4-5 घंटे आप बोले हैं लगातार मतल�
00:27तो आप लोगों का ध्यान फिर नहीं रख पाऊंगा ना तो कुछ काम मैं कर रहा हूँ थोड़ा काम आप
00:32भी करो जितनी देर में मैं उस सेशन से इस सेशन में आया
00:46इतनी देर में और्गनाइजेशन के चार-पाच काम देखने पड़े क्योंकि उनमें सब में कुछ ने कुछ गड़बढ हो रखिये
00:53थी
00:54तो वहां सही हाने के बीच में कुछ खाया है और बहुत सारी चीजें थी जो इतनी देर में गड़बढ
01:00हो गई थी
01:01तो उनको देखा है अब वह गड़बढ क्यों हो रही है गड़बढ इसलिए हो रही है क्योंकि जो समाज है
01:07आपका उससे बहुत जबरदस्त विरोध आता है यह ना हर तरीके से जितने तरीके से हो सकता है
01:18हिंसात्मक विरोध आता है कोई उसमें आदर्शिगत विरोध भी नहीं है आइडियलोजिकल रेजिस्टेंस नहीं है वो
01:27कि सेंटर में ही वस क्या है एक ब्लाइंड वाइलेंस तो वो जब आएगा तो
01:37काम तो बढ़ेगा फिर यह ना तो जब तक समाज थोड़ा बहतर नहीं हो जाता है जब तक और लोग
01:48निकल कर नहीं आ जाते
01:49जो साथ चलने को तयार हों जिनके थोड़े मजबूत कंधे हों और कुछ वज़न उठाने को तयार हों तक तक
02:03तो
02:05मुझे ही लग रहा है मुझे ही महनत करनी पड़ेगी तो आगे आईये कुछ बज़न उठाईये तो कुछ मेरा काम
02:14कम हो नहीं तो तब तक तो ऐसे ही चलेगा
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