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Transcript
00:00दुनिया में किसी देश में इतनी गंदी नदिया आपको नहीं मिलेंगी
00:03और लोगधर्मियों ने नदियों को मा बोला
00:06ये भी किसी और देश में नहीं मिलेगा आपको
00:08इसका नाम है जेरेमी वेड, he is a biologist
00:11और इसने जब गंगा नदी का water quality test किया
00:14तो उसमें fecal coliform bacteria मिले
00:17मैं गंगा को मा कहता हूँ, मा मैली हो तो होती रहे
00:20मुझे मेरा मोक्ष मिल जाए तो मिल जाए
00:22कि मैं जाकर के अपने मोक्ष अपने उद्धार के लिए
00:26गंगा में डुपकी मार रहा हूँ और गंगा को गंदा कर रहा हूँ
00:28और यह कितनी ज्यादा दुखद बात है
00:32क्योंकि हमारे पास मैं बार बार गहा करता हूँ
00:34सर्वोच्च दर्शन है
00:35और यह जो सर्वोच्च दर्शन है आधर्श रूप में
00:39यही हमारे धर्मों की आधार्शिला होना चाहिए
00:43बहुत बहुत उचा धर्म होना चाहिए लेकिन हमने उस आस्मान जैसी उचाई को बिल्कुल लाकर के जमीन पर भी नहीं
00:49पाताल में पटक दिया
00:52जीडी अगरवाल का नाम सुना है आपने
00:56111 दिन तक उपवास करके उन्होंने जान दे दी अपनी गंगा के लिए
01:07ना भारत वासियों ना भारत की सरकार ने सुना अभी 2018 में
01:11गंगा जी को जिन में मेरी आस्था मा के रूप में है उनको बचाने के लिए तपस्या कर रहा हूँ
01:17यह मानता हूँ कि जो समस्या है वो विकास है
01:20उनका IIT-BHU, IIT-Rudki दे संबन था और Central Pollution Control Board के सदस्य थे
01:25111 दिन तक वो बोलते रहे कि मैं जानता हूँ, मैं इंजीनियर हूँ, मैं सर्चर हूँ, मैं साइन्टिस्ट हूँ, मैं
01:30सब कुछ हूँ
01:30और मैं खुद सरकारी हो दे पर था पलूशन कंट्रोल के
01:33मेरी सुनो, तुम अपनी गंगा को मार रहे हो
01:36वो 111 दिन तक विना खाय पिये बैठे रहे, सरकार ने उनसे बात ही नहीं करी हूँ, मर गए
01:402018, इंजीनियर में मर गए
01:42नहीं सुना क्योंकि मीडिया ने आपको अभी सुना या नहीं
01:44यह हम अपने ग्यानियों की इज़त करते हैं, किसी और देश में यह होता कि वहां का
01:48एक टॉप साइंटिस्ट आमरण अनिशन पर बैठा हुए जान दे रहा है, सरकार गिर जाती है
01:52पर हमें ग्यान से क्या ले न देना, आइटियन की भी इज़त बस इसलिए क्योंकि वह पैसा कमाता है
01:57आपको आइटियन भी मिल जाया है, जो पैसा न कमाता हूँ उसकी भी इज़त नहीं करेंगे
02:02111 दिन तक उपवास करके उन्होंने जान दे दी अपनी गंगा के लिए
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