00:02रमजान का पांक यानि पवित्र महीना चल रहा है
00:05मुस्लिम समुदाय की लोग रोजा सहरी और इफ़तार कर रहे है
00:12लेकिन रमजान के महीने में लखनाउ विश्विध्याले की लाल बारदरी मस्ज़ित को लेकर बड़ा विवात खड़ा हो गया है
00:21लखनाउ विश्विध्याले के अंबर बनी लाल बारदरी मस्ज़ित की सीलिंग के विरोध में चात्रों ने मस्ज़ित के बाहर प्रदर्शुन किया
00:35और उन्होंने मांग की है कि मस्ज़ित को खोला जाए
00:39चात्रों के मताबिक यहां चात्र नमास पढ़ने आते थे
00:46ऐसे में या तो मस्ज़ित की सीलिंग को हटाया जाए
00:49या फिर उनके लिए रमजान के महिने में नमास पढ़ने के लिए कोई इंतिजम किये जाए
01:10देखिए विश्विध्याले में जो पीछे यह बिल्लिंग पढ़ी है
01:13ये एतिहासिक धरवर की बिल्लिंग है
01:15एसा खुद पुर्व कुल्पती जो कारवागती मनुका खन्ना ने हम लों को बताया था
01:19जब हम लों कहे थे कि इसके जिड़ोधार के लिए
01:21अभी ये हुआ कि कल सुबह लड़के फजर की नमास पढ़के गए
01:53दो पहर में जब नमाज पढ़ने आए तो उनको ये गेट पे पूरी तरग से वेल्डिंग करके सील कर देगा
01:54प्रिजर्वेशन नहीं हो जाता तब तक आप लोग इससे दूर रही है लेकिन उसको नहीं किया गया
01:59ताला लगा के भी अगर वो बात चोत ताला लगा के भी इसको रोका जा सकता था किसी छात्र में
02:04इतना गुंड़ा कोई नहीं है कि वह तोड़ता
02:07हमारी मांग सिपल से है कि बिल्डिंग के रिश्टोरेशन चले हो क्योंकि हेरिटेज है दूसरी बात यह है कि मस्जिद
02:13जो ताला सील हुआ है उसको खोला जाए और तीसरी मांग यह है कि जो यह वैदानिक कारवाई बिना किसी
02:19मामलेक हुई है जो इस पर दोसी है उस पर का
02:34दूसरे गूरूप एक्टिव होके आप पर हमला कर सकते हैं इसारा रात में दिये थे आज एक दूसरा गूरूप एक्टिव
02:40कर दिये हो संगठ अब एक्टिव है यहां पर आके कह रहे हैं कि हम यहां पर जो मतलब की
02:47जो इपतार हुआ था उस पर गंगा जलते हम आपको स्�
03:31प्रेम की बात करते रहेंगे।
03:33और उससे भी सर्बनाक लखनो विश्विजाले के कुलपत बीजेपी के प्रदेशा देश से पट्टा पहन रहे हैं और उसके दूसरे
03:39ही दिन रमजान के इस पाक पवित्र माह में जहां पर हमारे विश्विजाले के तमाम नौजवान मुस्लिम भाई यहां सो
03:49बरसों से पह
04:02नीचे कर दिया गया है या घोर आतंक है लखनो विश्विजाले प्रसासन का और आप देखिए यहां च्छात रहें कोई
04:10अपराधी नहीं है हमारी बस मांग एक ही है इसको खोला जाए या तो इसके जगह कोई बैकल्पिक बेउस्था दी
04:17जाए
04:20जरजर बिल्डिंग है मानते हैं या आज के पहले नहीं जरजर बिल्डिंग थी प्रदेश अध्यच के आने से पहले नहीं
04:27जरजर बिल्डिंग थी आप बताइए और उसके बार रमजान जैसे पवित्रमाह में आप समय दे देते 10-15 दिन और
04:34पहली बात यह है दूसरी बात
04:39है या तो इसका ताला खो लिए इस गेट को खो लिए नहीं तो जो हमारे
04:44मुसल्मान भाई रमजान की नमाज पढ़ रहे हैं रोजा रख रहे हैं उनके लिए एक बैकल्पिक
04:49बेहुस्ता इतना बड़ा विस्विजाले परिसर है कहीं पे नमाज पढ़ने का मौका दिए
05:09हम जे झाले दज जिए करें को मनौका है को मौका लाई रहे हैं जाल रहे हैं बेहे ह
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