00:05सोशल मीडिया पर इन दिनों कनिका शर्मा और साकिब सैफी को लेकर काफी चर्चा हो रही है
00:09मामला तब शुरू हुआ जब रमजान में रोजे पर कनिका शर्मा ने साकिब के साथ अपना एक्सPीरिएंस चेर किया
00:14वीडियो में साकिब रोजा रखते दिखे
00:17कनिका ने भी उनका साथ दिया, इफ्तार किया और इसलामी शब्द जैसे कल्मा, अलहम्दुलिल्ला, बिस्मिल्ला, सीखती हुई भी नजर आई,
00:24कुछ लोग इसे प्यार और सम्मान के रहें, तो कुछ इसे धार्मिक भावना से खेलने का आरोब बता रहें, तो
00:29असली सवाल क
00:29क्या ये एक personal choice है, या social media content की एक strategy, वीडियो में कनिका से साकिप ने कुछ
00:35इसलामी शब्द बोलने को कहा, कुरान की आयत पढ़वाने की कोशिज भी की, कनिका ने अपनी मा से वीडियो कॉल
00:41पर बात की अपना लुक दिखाया और बताया कि उन्होंने रोजा रखा है, जिस �
00:44पर उनकी मा नराज दी ही, हालां कि ये पहली बार नहीं, दोनों पहले भी इस तरह के धार्मिक और
00:49समाजिक मुद्दो पर वीडियो बना चुके हैं, दोनों कपल है या शादिशुदा इसकी official जानकारी नहीं है, लेकिन इनकी chemistry
00:56से साफ है कि दोनों एक दूसरे के बेहत करी�
00:59और इनके बीच कुछ न कुछ तो रिस्ता है ही, सोशल मीडिया पर reaction दो हिस्सों में बढ़ गए है,
01:04कनिका शर्मा के धर्म से जुड़े लोगों का कहना है कि कनिका अपनी पहचान बदल रही है, धर्म के साथ
01:08experiment किया जा रहा है, ये viewers को provoke करने का तरीका है, वहीं साकिप के ध
01:25पर इस्टूरी के नाम पर नफरत परूसी जा रही थी, इधर कनिका शर्मा ने साकिप के प्यार में पहली बार
01:29रोजा रख लिया, मुईकर जिन लिखा कनिका शर्मा अलहम्दुलिल्ला मैंने ये हिजाब बांदा है, मुस्लिम लग रही हूँ, कनिका शर्मा
01:35कहती नजर आ�
01:49कनिका शर्मा ने मुसलिम लड़के साकिप के साथ पहले रोजे पर अपने अनुभव शेयर किया, साकिप ने रोजा रखा और
01:55कनिका शर्मा ने साकिप का पूरा साथ दिया और इफतार भी किया, कनिका शर्मा अब देरे देरे इसलाम धर्म की
01:59तालीम सीख रही है, कल्मा सी�
02:08अगर बात नहीं मानी तो इसको पैक करके भेज़तेगा।
02:11दो लोगों की जिंदेगी है, फैसला भी उनीक आई होगा, दुनिया को जज करने की ज़रुरत नहीं।
02:16दरसल असल मुद्दा धर्म बदलना या ना बदलना नहीं है।
02:19असल सवाल ये है कि क्या धर्म को कॉंटेंट का हिस्सा बनाकर संसेशनल बनाना सही है।
02:25आज कल व्यूज एंगेजमेंट और वाइरल होने के लिए रिलीजन सबसे संसेटिव और पावरफुल टॉपिक बन चुका है।
02:30जब पबलिक फिगर्स धर्म से जुड़ा कॉंटेंट बनाते हैं तो उन्हें ये समझना चाहिए कि लाखों लोग देख रहे हैं।
02:36भावनाय जुड़ी होती हैं और गलत प्रेजेंटेशन से नफरत बढ़ सकती है।
02:40अलग धर्म के लोग साथ काम करें, दोस्ती करें या रिष्टे रखें ये पूरी तरह उनकी परसनल चॉइस है और
02:46उनका अधिकार है।
02:47भारत एक बहु धर्मी देश है जहां इंटरफेथ, फ्रेंडशिप या रिलेशन्शिप कोई नई बात नहीं है।
02:52लेकिन पब्लिक प्लेटफॉर्म पर धर्म को बार-बार हाइलाइट करना और उसे ड्रेमेटिक बनाना।
02:57यहां कॉंट्रोवर्सी पैदा कर सकता है।
02:59फैंस को कभी-कभी लगता है कि उन्हें प्रवोक किया जा रहा है।
03:02या व्यूस के लिए नैरेटिव बनाया जा रहा है।
03:05साब बात यह है अगर कनिका इसलाम सीखना चाहती हैं यह उनका व्यक्तिकत फैसला है।
03:10अगर साकिब उनका साथ दे रहे हैं यह भी उनका निजी मामला है।
03:13लेकिन धर्म को content strategy बनाना खतरनाक हो सकता है।
03:16क्यों? क्योंकि इस से समाज में unnecessary polarization बढ़ता है।
03:20फैंस divided हो जाते हैं और छोटी सी बात communal debate बन जाती है।
03:24हमें दो बाते अलग रखनी होंगी, personal faith और personal relationship, public content और social impact, हर इंसान को अपनी
03:31आस्था चुनने का हक है लेकिन public influence होने के साथ जिम्मेदारी भी आती है।
03:35अगर content से लोगों को चिड़ाया जाए या provoke किया जाए तो वो constructive नहीं, destructive बन जाता है।
03:41धर्म दिल का मामला है, views का नहीं, अगर कोई सीख रहा है, सम्मान दीजिये, अगर कोई अलग सोचता है,
03:46सम्मान दीजिये, लेकिन नफरत को fuel मत दीजिये।
03:48आपका क्या मानना है, personal choice या content strategy, comment में बताएं।
03:52वीडियो को like करें, share करें और channel को subscribe करना बिलकुल न भूलें।
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