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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का Israel दौरा 25 फरवरी से शुरू हो रहा है, लेकिन इस समय Middle East में सुरक्षा स्थिति अस्थिर है।भारतीय दूतावास ने Tehran में अपने नागरिकों को तुरंत देश छोड़ने की सलाह दी है।इस बीच, मोदी का Israel दौरा Knesset में भाषण और Israeli PM Netanyahu के साथ द्विपक्षीय वार्ता को शामिल करेगा।इस दौरे में तकनीकी, कृषि, जल प्रबंधन, व्यापार और रक्षा सहयोग के समझौते होने की संभावना है।Israel, भारत के प्रमुख रक्षा आपूर्तिकर्ताओं में से एक है और 2020-2024 के बीच भारत ने 20.5 अरब डॉलर का रक्षा उपकरण खरीदा।लेकिन Gaza और West Bank की नीतियों पर वैश्विक आलोचना भी जारी है, और Netanyahu के खिलाफ ICC ने वार क्राइम के आरोप लगाए हैं।Gaza में 70,000 से अधिक लोग मारे गए हैं, जिनमें अधिकतर महिलाएं और बच्चे हैं।इस दौरे का असर भारत की वैश्विक छवि, सुरक्षा रणनीति और मध्य पूर्व में स्थिरता पर पड़ सकता है।सवाल यह उठता है कि क्या यह दौरा अस्थिर परिस्थितियों में सुरक्षित और नैतिक रूप से उचित है।

Prime Minister Narendra Modi’s visit to Israel is scheduled to start on February 25, amid unstable security conditions in the Middle East.The Indian Embassy has advised its citizens in Tehran to leave the country immediately due to protests and clashes.Modi’s visit will include an address to the Knesset and bilateral talks with Israeli PM Benjamin Netanyahu.The visit is expected to cover agreements on technology,agriculture, water management, trade, and defence cooperation.Israel is one of India’s top defence suppliers, with India purchasing $20.5 billion worth of equipment between 2020-2024.However, Israel’s policies in Gaza and the West Bank face global scrutiny, and Netanyahu is accused by the ICC of war crimes.Over 70,000 people have died in Gaza, most of them women and children.The visit could impact India’s global standing, strategicposition, and regional stability in the Middle East.The key question remains whether the visit is safe and morally justifiable under the current circumstances.

#PMModi #IsraelVisit #MiddleEastTension #TehranAdvisory #GazaCrisis #IndiaIsraelRelations #Netanyahu #Diplomacy #GlobalSecurity

~PR.512~HT.408~ED.108~GR.122~

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00:00प्राइम मोदी का इस्रेल दौरा 25 फेबरेरी से शुरू हो रहा है लेकिन मिडल इस्ट में चंग का खत्रा 20
00:06से मंड़ा रहा है
00:07तो क्या ये टूर सेफली कंड़क्ट करना पॉसिबल भी है?
00:10एक तरफ तो सबको आदेश है कि तरान को खाली करो और दूसरी तरफ भारत के प्रदान मंतरी इस्रेल क्यों
00:17जा रही है? क्या कोई और उचित समय नहीं मिला?
00:19अब मामला एक ऐसे जियो पॉलिटिकल और डिप्लोमाटिक डिलेमा का है जो साउथ एशिया और मिडल इस्ट की पॉलिटिक्स को
00:26फिर से शिक कर रही है
00:27प्राइम मिनिस्टर नरेंदर मोधी का इस्रेल विजिट 25 फेबरी से स्टार्ट हो रहा है और इस विजिट में वो नेसिट
00:33को एड्रेस करेंगी
00:34एक रेर ओकेजन होगा जो दोनों डिमोक्रसी के बीच पॉलिटिकल वाम्त को दिखाएगा
00:40विजिट के दुरान मोधी और इस्रेली पीम बेंजमिन नेतनियाहू के बीच बाइनेटरल टॉक्स होंगी
01:1035% खरीदा है लेकिन दोस्तों ये विजिट सिर्फ डिप्लोमाटिक एजिंडा तक लिमिटेड नहीं है ये एक हाइली सेंसिटिव मोमिट
01:17पर हो रहा है जब इंडियन
01:19इंबेसी इन तहरान ने अपने सिटिजन्स को इरान से तुरंत निकलने की एडवाईजरी दी है वहां आंटी गावर्मेंट प्रोटेस्ट चल
01:26रहे हैं वाइलेंट युनिवेस्टी क्लाशिस चल रहे हैं और सबसे बड़ी बात जंग और एयर स्ट्राइक्स का खत्रा मंद
01:32अब सेफ्टी कंसर्ण्स को लेकर एंबेसी ने तुरंत इवाकुएशन रिक्रमेंड किया है लेकिन एक तरफ तो पीम मोदी मिडल इस
01:40जा रहे हैं और दूसरी तरफ इंडिया का अपना डिप्लोमाटिक और सिटिजन सेफ्टी अलर्ट पे है यह कॉंट्रास्ट इस विजि
02:00के उपर भी ग्लोबल स्क्रूटिनी चल रही है ऐसे में इस्रेली पीम के खिलाफ भी कई सारे वारेंस निकल रहे
02:06हैं और हुमानिटेरियन की अगेंस्ट भी उनके उपर काफी अलिगेशन लगे जैनवरी दोहजार चौबिस में इंटरनाशनल कोर्ट अफ जस्टिस ने
02:13इस
02:29इसे में प्रदान मंत्री जब उनसे मिलेंगे तो क्या भारत को भी नराजगी की निगा से देखा जाएगा मोदी का
02:34पहला इस्रेल दौरा 2017 में था जब दोनों लीडर्स डिसलिनेशन प्लांट इंस्पेक्ट करते हुए बेरफूट वॉक किया करते थे लेकिन
02:42अब यह वि�
03:05इसे कई सारे सवाल हैं आप देख रहे हैं वन इंडिया मैं हूँ आकर्श भाशिबूश्बूश्बूश्बूश्बूश्बूश्बूश्बूश्बूश्
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