00:01दोस्तो रमजान का पाक महीना शुरू हो चुका है। इस महीने में मुसल्मान सुबह से शाम तक रोजा रखते हैं
00:06और अपनी नियत, अबादत और तहरीम का ख्याल रखते हैं। लेकिन अक्सर एक सवाल उटता है। अगर रोजे की हालत
00:12में उल्टी हो जाए तो क्या रोजा �
00:14कभी गर्मी, बिमारी या कमजोरी की वज़ा से और कभी जान बूच कर उल्टी हो जाए तो हुक्म क्या है।
00:20आज हम इसे आसान भाशा में समझेंगे। कुरान हदीस और उल्लमा की राय की रोशनी में। कुरान में रोजे का
00:25हुक्म सुरह अल-बकरा में आया है। ए इमान �
00:40इसमें उल्टी का हुक्म इस मसले पर साफ हदीस मौजूद है। रसूलला ने फर्माया जिसे खुद बाखुद उल्टी आ जाए
00:46उस पर कोई कजा नहीं और जो जान बूच कर उल्टी करे उस पर कजा है। यानि फैसला नियात और
00:51तरीके पर है। चारों मशूर फिक्ती, म
00:54मजब, हनफी, शाफाई, मली की, हमली का लगबग यहीं मत है। जैसे तबियत खराब होने से या गवराट से तो
01:00रोजा नहीं तोटता, ना कजा न बुना। जैसे उंगली डालकर या जबरदस्ती तो रोजा तोट जाता है, उस दिन की
01:06कजा रखना जरूरी है। अगर उल्
01:23हो या सफर में हो वो बाद में गिंती पूरी कर ले। यानि अगर हालत बिकड़ रही हो तो रोजा
01:28छोड़ कर बाद में कजा रखी जा सकती है। तो आसान शब्दों में याद रखिए, खुद बखुद उल्टी हो जाय
01:33तो रोजा नहीं तोटता, जान बूच कर उल्टी की
01:50बलकि नियत और परहिजगारी का नाम है। इसके लावा आपको बताते हैं रोजा कैसे तूट जाता है। अगर कोई व्यक्ति
01:55रोजे में जान बूच कर कुछ खा या पी लेता है तो उसका रोजा तूट जाता है। वह एकर अंजाने
01:59में या भूलवश कुछ खा पी लिया �
02:01जाए तो भी इससे रोजा नहीं तूटता है। इसी तरह जान बूच कर उल्टी करने से रोजा तूट जाता है
02:05लेकिन अगर तबियत बिगडने की वज़ा से अपने आप उल्टी हो जाए तो रोजे पर इसका असर नहीं पड़ता है।
02:10रोजे के दौरान शारिक सम्मत बना
02:24जाए तो इससे रोजा तूट सकता है लेकिन बिमारी के इलाज के लिए लगाया गया इंजक्शन रोजे को नहीं तोड़ता
02:29है। महिलाओं को अगर रोजे के दौरान पिरियर्ट शुरू हो जाती है तो उनका रोजा तूट जाता है। ऐसे में
02:34वो बाद में अपने छूट
02:54जान में दवाओ या ड्रॉब डालने से भी रोजा तूट सकता है। फिलाल इस वीडियो में इतना ही उम्मीद है
02:58आपको ये जानकारी पसंद आई होगी। वीडियो को लाइक करें शुर करें और चानल को सब्सक्राइब करना बिलकुल नाभू है।
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