00:00और अब दस्ता के कैसी खबर पर जो ब्रश्टाचार पर चोट करती है जहां बिहार के सिस्टम में कैसे करप्शन
00:08का कीड़ा लगा हुआ है आज हम इसका खुलासा करने जा रहे हैं
00:12सबसे पहले सेरसा की मेर बैन प्रिया पर हर महीने 50 लाग रुपे के घोटाला करने का आरोप लगता है
00:18F.I.R. का आदेश निकलता है और फिर 24 घंटे के बाद ही वो आदेश डिलीट कर दिया जाता
00:24है
00:24मतलब गोटाले को कैसे दबाया और चुपाया जाए इसकी पूरी कोशिश होती है
00:29तो आई आपको दिखाते हैं कि पहले आदेश जारी फिर डिलीट फिर नया आदेश
00:34सरकारी सिस्टम में ये सब किसके दबाव में हुआ
00:43बिहार में करप्शन का कीड़ा नियर का घोटाला पकड़ा
01:21बिहार में करप्शन का कीड़ा नियर का घोटाला पकड़ा
01:33हर महीने 50 लाख रुपाय का घोटाला
01:35क्या सच दबा दिया
01:44सहरसा मेयर भरष्टाचार कांड को एक्स्पोज करने वाली दस्त
01:52ये है बिहार की सहरसा की मेयर बैन प्रिया
01:57आजकल पटना से लेकर सहरसा तक मेयर मैडम की चर्चा है
02:02क्यूंकि इन पर हर महीने 50 लाख रुपाय का घोटाला करने के आरोप लगे हैं
02:09अब सवाल ये है कि अगर ये घोटाले के आरोप सही हैं
02:13तो फिर मेयर मैडम ने कौन सी तीजोरी खोल कर हर महीने भरष्टाचार की रकम निकाली
02:19और बड़ी बात तो ये है कि इस कथिक घोटाले को बड़ी सफाई से दबाने और छुपाने की कोशिश की
02:24गए
02:35तो सुनिए सहरसा नगर निगम में स्ट्रीट लाइट और डेकोरेटिव लाइट के नाम पर हर महीने 50 लाख की कथिप
02:43फर्दी निकासी होती है
02:45और इस निकासी के लिए दो कमपनियों का इस्तेमाल किया जाता है
02:55और ये दोनों कमपनी मेर बैन प्रिया के नीजी सचिव राजीव जहा की पतनी के नाम पर है
03:02ये शिकायत कोशी कॉलोने निवासी राहुल कुमार पासवान ने दी थी
03:0611 फरवरी को नगर विकास एवंग आवास विभाग ने प्रेस रिलीज जारी की
03:11इसमें मेर बैन प्रिया नीजी सचिव राजीव जहा और उनकी पतनी पर एफाई यार दर्ज करने का आदेश दिया गया
03:17है
03:17आप इस प्रेस रिलीज में देख सकते हैं
03:20इसमें लिखा है कि प्रती माह लगबग 50 लाख रुपए सरकारी राशी के दुरूपयों का आरोप है
03:2711 फरवरी मेर नीजी सचिव पर एफाई यार का आदेश
03:32आपको बता देए कि जाँच में दोनों कमपनियों के बीच करोडों के अवैद भंड ट्रांसफर का मामला भी सामने आया
03:42जिनका सिर्फ मेयर पर ही नहीं
03:46मेयर के साथ जो कार्जपालक होंगे गरवरी में जो जो पददिकारी भी सनलिप्त होंगे
03:57वो भी नहीं बचेंगे जन परतिनीदी हो या पददिकारी हो जन पर दोस शिद होगा वो सब पर कारवाई होगा
04:0911 फरवरी को ये सरकारी आदेश जारी होता है और फिर इसे सोशल मीडिया पर अपलोड किया जाता है
04:16लेकिन 24 घंटे के अंदर ही इस सरकारी आदेश पर सवाल उतने लगते हैं
04:23और यही से शुरू होता है इस सरकारी आदेश को डिलीट करने और सिस्टम में लीपापोती का खेल
04:31चास लाथ रुपए के कथिद घोटाले के आरूपों के बाद 12 फरवरी को मेयर मैडम और उनके नीजी सचिव पटना
04:38पहुचते है
04:39मंत्री और प्रधान सचिव से मुलाकात होती है और फिर शाम होते होते विभाग के सोशल मीडिया पेज से एफ
04:45आदेश डिलीट कर दिया जाता है
04:52ऐसे में सवाल ये उठा कि क्या मेयर को बचाने के लिए ये आदेश हटाए गया
04:56या फिर किसी ने सिस्टम हैक करके 11 फरवरी को मेयर बैन प्रिया उनके नीजी सचिव राजीव जा और उनकी
05:03पत्नी पर एफ आदेश का आदेश निकाला
05:08सरकारी आदेश को डिलीट करने के बाद विभाग चुप रहा लेकिन इसको लेकर सवाल उठने लगे
05:15कि आखिर किसके दवाओं में इस सरकारी आदेश को डिलीट किया गया और अगर गलती थी तो फिर जिम्मेदारी किसकी
05:2513 फरवरी को विभाग एक नई प्रेस रिलीज अपलोड करता है इस बार मेयर और नीजी सचिव का नाम हटा
05:31दिया जाता है
05:32सिर्फ इतना लिखा जाता है दोशी व्यक्तियों पर एफ आई आर दर्ज की जाए
05:39अब ये बदलाव खुद सरकार की मन्शा पर सवाल खड़े करता है इसके बाद 14 फरवरी को मेयर बैन प्रिया
05:45सामने आती हैं और दावा करती हैं कि ये पूरी रिपोर्ट ही साजिश थी
05:51पूरी तरह से जूट और एक सोची समझी साजिश मेरे बिरोधियों की द्वारा वहां पे विभाग के जो इसका पॉर्टल
06:03था फेस्बुक पॉर्टल जो उसका हैंडिल था उसको वो लोग खरीद परोख करके वहां पे गलत नियूज जो लेटर आया
06:12नगरायत को उससे इत
06:18पॉरे बिहार में धुमील हो सहरसा का नाम सहरसा नगर निगम के नाम पर एक अप्वान का एक यह लोग
06:25बांधना चाह रहे थे टीगरा फोड़ना चाह रहे थे वही एक साजिश कहते हैं गलत रिपोर्ट वहां से निकला मंत्री
06:33जी का मंत्री जी का कहना था कि यह आखिर ह�
06:41जो लेटर नहीं है लेटर तो कुछ दूसरा है
06:46लेकिन मेर की प्रेस कॉनफरेंस के बाद सहरसा नगर आयुक्त ने मेर के नीजी सचिव राजीव जा की पतनी की
06:52दोनों कमपनियों पर फाईयार दर्ज करने का आदेश दिया
06:57नीजी सचिव की पतनी की कमपनियों पर एफाईया यहनी भरष्टचार की पुष्टी कमपनियों के स्तर पर हुई
07:04लेकिन मेर पर कारवाई के नाम पर अब भी जांच की बात हो रही है
07:08इसके बाद सतरा फर्वरी को आज तक ने मंत्री विजय कुमार सिनहा से पूछा कि क्या मेर को रहत दी
07:14गई
07:28पहले आदेश जारी होता है फिर उसे डिलीट किया जाता है और फिर आरोप गठित करने की बातें कही जाती
07:35है
07:35लेकिन इस पूरे विवाद में कई बड़े सवाल खड़े कर दिये है पहला आखिर इस पूरे मामले में किसको बचाने
07:44की कोशिश की गई
07:45दूसरा क्या सिस्टम वाकई हैक हुआ था और तीसरा और सबसे अंतिम सवाल कि आखिर आदेशों का ये खेल किसके
07:54इशारे पर खेला गया
07:58सहरसा में भरष्टचार का ये मामला अब सिर्फ एक FIR तक दर्ज नहीं है बलकि इससे बिहार के प्रशासनिक सिस्टम
08:05राजनीतिक दबाव और सरकारी पार दर्शीता पर सीधे सवाल उठते हैं
08:09रोहित सिंग पटना आज तर
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