00:00अब आपको भगवान शीराम की नगरी आयोध्या लेकर चलते हैं जो अब सिर्फ आस्था का केंद्र ही नहीं बलकि आर्थिक
00:05तरक्की का केंद्र बनकर भी उभर रही है
00:07आयायम लकनव ने उभरती और सवर्ती आयोध्या पर एक गहन रिसर्च के बाद रिपोर्ट त्यार की है
00:12ये रिपोर्ट आयोध्या के आध्यात में कार्थ एक पुनर जागरन की तस्वीर को दिखाती है
00:17ये रिपोर्ट बताती है कि अब आयोधिया वो आयोधिया नहीं रही जहां सिर्फ विवाद की बाते होती थी
00:22अब आयोधिया आर्थिक धार में एक सामाजिक तौर पर मिसाल बन चुकी है
00:26राममंदर बनने से पहले आयोधिया में हर साल करीब एक लाग सतर हजार शद्धालू आते थे
00:31जिनकी संख्या अब करीब पांच से छे करोड हो चुकी है
00:35इसका अर्थ ये है कि राममंदर के निर्मान से पहले जितने शद्धालू एक साल में आते थे
00:53अब एक सामाने दुकानदार हर दिन धाई हजार उपे कमाता है पांच गुना आमदनी बढ़िये
00:59राममंदर के निर्मान से पहले के दोर में आयोधिया में होटलों की संक्या बहुत सीमे थी
01:03ओटेल्स की बड़ी चेन नहीं थी आयोधिया में होटेल्स की अभरमार है
01:23और शेहर के अंदर भी connectivity अच्छी है रामपत जैसे चोड़े और सुन्दर मार्ग है उस समय अयोधिया सरकारी निवेश
01:31के लिए तरस्ती थी विकास पर योजनाओं पर खास ध्यान नहीं था आज अयोधिया में 85,000 करोर रुपे के
01:37पुनर विकास प्रोजेक्स चल रहे है
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