00:00एक चोर महल में चोरी करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया, दर्बार में उसे जंजीरों में जकर कर पेश किया
00:07गया, बादशाह ने सख्त लहजे में हुक्म दिया, उसे सजाय मौत दी जाए, पूरा दर्बार खामोश हो गया, लेकिन चोर
00:16घबराया नहीं, वो आगे बढ
00:18और बोला, बादशाह सलामत, मुझे मारने से पहले एक बार मेरी बात सुन लें, मैं एक ऐसा हुनर जानता हूँ,
00:27जिससे मिटी को सोना बनाया जा सकता है, अगर मैं मर गया, तो ये राज हमेशा के लिए दफन हो
00:33जाएगा, बादशाह चोंक गया, लालच इसकी आँखों मे
00:38चमकने लगा, अगर ये सच है तो साबित करो, चोर ने जमीन से मिटी की एक डली उठाई और बोला,
00:45ये मिटी सोना बन सकती है, मगर शर्त है कि उसे वो शक्स हाथ लगाए जिसने जिन्दगी में कभी जूट
00:52ना बोला हो, और कभी चोरी ना की हो, दर्बार में सननाता च्�
00:57पहले वजीर की बारी आई, वो नजरे जुका कर पीछे हट गया, फिर बादशाह की बारी आई, वो भी खामोश
01:06हो गया, चोर हलका सा मुस्कुराया और बोला, अजीब इनसाफ है, हम सबसे गलतियां हुई है, अगर गुनाह सिर्फ मेरा
01:15है तो सजा भी सिर्फ मुझे क्यू
01:16बादशाह इसकी बात सुनकर सोच में पड़ गया, और आखरकार उसने चोर को रहा करने का हुक्म दे दिया, सबक,
01:25पहले खुद को ठीक करो, फिर दूसरू पर तनफीद करो
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