00:28ये एक समय की बात है।
00:30जंगल में एक शक्तिशाली जादू गर्नी रहती थी, जो राज्य की खुशियों से इरश्या करती थी।
00:35एक अंधेरी रात, जब सब सोय थे, तो उसने अपना काला जादू चलाया।
00:40अगली सुभै, शहजादी जरीन, गहरी नींद में वेहोश थी।
00:45महल में कहराम मच गया, राजा और रानी बेचैन थे, और सभी लोग लाचार खड़े थे।
00:52भी अचानक एक काला पक्षी महल की खिड़की से उता, तब एक काला पक्षी महल की खिड़की पर आपैठा, और
00:58अपने पंजों में एक पैगाम छोडा।
01:00मैं तलवार के जोर से नहीं, सच्चाई की ताकत से मकाबला करूँगा।
01:04आस्ता काटों से भरा था, पर वह ना रुका, ना जुका।
01:09तुम जैसे कमजोर इनसान मेरा क्या बिगाड सकते हो, मेरी ताकत अधेरों से है।
01:17धेरा सिर्फ वहां होता है जहां रौशनी ना हो, और मैं रौशनी लेकर आया हूँ।
01:22खिरकार, सच्चाई की रौशनी ने अंधेरे को जीत लिया।
01:26मुझे यकीन था कोई न कोई जरूर आएगा।
01:29तेरा जादू कभी पूरी तरह खत्म नहीं होगा।
01:38अज तुमने सिर्फ मेरी बेटी नहीं, बल्कि पूरी सब्तनत को खौफ से आजाद कर दिया है।
01:45रौपी सच्चाई और इमान की ताकत हर बुराई से बड़ी होगी है।
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