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ये वीडियो 04.02.2026 को राँची में हुए संत सरिता लाइव सत्र से लिया गया है।
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00:00जारखंड को बुला जाता है सोना जारखंड, पूरे देश का 40% खनीज जारखंड के पास है, फिर भी हमारा
00:07राज जी पॉल्यूशन के मामले में भी बहुत आगे है, खनीज भी बहुत जादा है, फिर भी हमारा राज जी
00:12पिछड़ा है
00:14खनीज तो तब भी था जब एक भी इंसान नहीं था जारखंड में, एक दिन ऐसा भी था जब इंसान
00:22इंसान बना ही नहीं था, जारखंड की मिट्टी में खनीज तो तब भी थे ना, मिट्टी में खनीज होने से
00:31कोई प्रदेश विकस्षित या संपन न थोड़ी हो जाता है
00:43गलती होगी, ओखुद कूद कर बाहर नहीं आता, और संपन्नता नहीं बन जाता, खनिज तो लाखों सालों से वहाँ बैठा
00:53है, इंसान जब इंसान भी नहीं बना था, खनिज तो तब भी था, अमेरिका के पास है मिनरल वेल्थ, यूरोप
01:00के पास तो नहीं है, यूरोप कैसे
01:02विकसित है, जापान के पास तो नहीं है, जापान कैसे विकसित है, वास्ताव में विकसित देशों में, अमेरिका ऐसा है,
01:10जिसके पास लगभग सारे ही खनिज और इंधन है, बाकी आप विकसित देशों को देखेंगे, तो उनमें कुछ ना कुछ
01:18कमी रहती है, किसी पास क�
01:23बॉइल गैस तो नहीं होते लोगों के पास, जर्मनी पेशारे की दुर्दशा इसी लिए हो गई, दुतिय विश्युद्ध में क्योंकि
01:31टैंक खड़े हैं, हवाईजाज खड़े हैं, उड़ाने के लिए, चलाने के लिए तेल नहीं है, घनिज संपधा होने से या
01:41प्राकृत
01:41संसाधन होने भर से कोई जगह स्वतह ही सम्रद्ध संपन्या महान नहीं हो जाती, महानता मनुष्य की चेतना में होती
01:52है, और मनुष्य की चेतना उद्दाम हो, तो कोई संसाधन ना हो तो भी महानता आ जाएगी, और मनुष्य की
02:01चेतना ही बंधक पड़ी हो, दे दो जितने
02:04संसाधन देने है
02:05मनुष्य वो प्रांत
02:08वो राष्ट्र
02:09वो तब भी पाऊगे कि दमित ही है
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