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US Iran तनाव बढ़ता जा रहा है और खबर है कि खामेनेई की IRGC ट्रंप की सेनाओं पर धरती, आकाश और समुद्र में हमले करने की तैयारी कर रही है। इस वीडियो में हम ईरान की सैन्य रणनीति, ड्रोन और मिसाइल क्षमताओं, और संभावित काउंटरअटैक का विश्लेषण करेंगे। जानिए कैसे ईरान के हाई‑स्टेक्स प्लान अमेरिकी प्रभुत्व को चुनौती दे सकते हैं और मध्य पूर्व की भू-राजनीति को प्रभावित कर सकते हैं। पूरी वीडियो देखें और समझें 2026 में US–Iran टकराव, संभावित सैन्य संघर्ष और वैश्विक सुरक्षा पर इसका असर।

Tensions between the US and Iran are escalating rapidly, with Khamenei’s IRGC reportedly preparing to target Trump’s forces on land, air, and sea. In this explosive update, we analyze Iran’s military strategy, drone and missile capabilities, and potential counterattacks that could challenge US dominance in the Middle East. From intelligence reports to expert insights, understand how Iran’s high-stakes plans could reshape the battlefield and influence geopolitical dynamics. Watch the full video for a detailed breakdown of the latest US–Iran developments, potential military confrontations, and what this means for global security in 2026.

#USIranWar #Khamenei #IRGC #TrumpForces #MiddleEastConflict #IranMilitary #USMilitary #GlobalConflict #BreakingNews #Geopolitics

~HT.410~PR.540~ED.520~

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00:00अमेरिका और इरान के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिका ने 50 के करीब लड़ाकू विमान मध्यपूर भेज दिये हैं
00:07अमेरिका का ये कदम ऐसे समय उठाया गया है अमेरिका के द्वारा जब जिन्यों में दोनों पक्षों की ओर से
00:14बातचीत जारी है
00:15अहिरानी प्रतिदी मंडल और अमेरिका के प्रतिदी मंडल के बीच में दूसरे दौर की बातचीत हुई है
00:20और इस बीच अमेरिका ने जो एक कदम उठाया है उसे लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो गए हैं
00:25इन्ही सवालों पर आज हम बात करने वाले हैं
00:27नमस्कार मेरा नाम वैभो है और आप देख रहे हैं तरकश
00:30तो आज हम जानने की कोशिश करेंगे कि आखिर अमेरिका ऐसा कर क्यों रहा है
00:35एक तरफ वो बातचीत कर रहा है और दूसरी तरफ वो लगातार अपनी गेरे बंदी को बढ़ाता जा रहा है
00:41अपनी बातची शुरू करें मेहमानों के पास जाएं उससे पहले अमेरिका के जो पराश्ट पती हैं उनका बयान भी आपको
00:47बता देते हैं
00:48क्योंकि इस पूरे घटना करम के दौरान उनका काफी बड़ा और काफी महत्पूर बयान सामने आया है
00:54उन्होंने क्या कुछ कहा है उन्होंने कहा है कि इरान के साथ हमारी बातचीत जो हो रही है वो सकारात्मक
01:00तो है लेकिन एहम मुद्दों पर सहमती नहीं बन पा रही है
01:04और अगर सहमती नहीं बनती है तो हमारे पास दूसरा विकल मौझूद है दूसरा विकल मतलब सैन कारवाई का विकल
01:12तो टरम्प के जो करीबी है जो उनके जो डिप्टी है वेंस साव उन्होंने जो ऐसा बयान दिया है इसके
01:19क्या माएने हो सकते हैं इस पर भी बात करेंगे त
01:32वो भी अर्विन सिंग् तेजाव साब भी हमारे साथ जूड रहे हैं वो अंतराश्टे मामलों के जानकार हैं सबसे पहले
01:39सिरोही सर के पास चलेंगे सिरोही सर अमेरिका ये क्या कर रहा है मधिपूर में एक तरफ वो इरान से
01:45बाचीत कर रहा है दूसरी तरफ लगातार विमा
02:01जो अपने चैनलज पे बुलाया और एंग एहम गुदा जो की पूरी दुनिया में जिसकी चर्चा है उसके डिसकेशन करने
02:09के लिए
02:17सिरोही सर आँ जी सर आपके बात रहे सकते हैं बिलकुछ तो मैं ये कह रहा था आपका प्रशन था
02:26कि ये जो है अमेरिका एक तरफ जो है पचात जहाद भी भीज रहा है दो उनके एरक्राफ्ट कैरियर जो
02:33है मूव कर चुके हैं और एक तो पहले आगया था दूसरा भी मू
02:38कर चुका है तो ये जो है दो चीजे हैं वैबर जी इसमें हमको समझने पड़ेगी कि ये एक तरफ
02:44अमेरिका पोस्चरिंग कर रहा है पोस्चरिंग का मतलब वो अमेरिका इरान को ये दिखाना चाहता है कि अगर लड़ाई हुई
02:51तो तुम्हारा जो बहुत दुक्सान होग
02:53इसलिए जो हमारी शर्ते हैं उनको आप मिवान लीजिए तो मतलब एक तरह के ड़ाने के दमकाने के और प्रेशर
03:00टैक्टिक्स इस्तिमाल की कर रहा है ताकि बिना लड़े हुए जो उनको अबजेक्टिव है उसको हासिल कर सके और अबजेक्टिव
03:08जैसा कि हमने पहले भी �
03:10आपके चैनल पे ही डिसकेशन किया था तीन चार मुद्धे हैं जिनके उपर जो बातचीत नहीं बन रही है पहला
03:16एक एंडिश्मेंट का है यूरेनियम का वो कह रहे है कि जो यूरेनियम एंडिश हुआ हुआ हुआ है उसको हैंड
03:22ओवर किया जाए नमबर दूसरा वो कह र
03:40सपोर्ट देना बन करें तो ये तीन चार मुद्धे है जिनके उपर जो अमेरिका चाहता है कि इरान मान जाए
03:45लेकिन इरान की कुछ रेड लाइन्स है वो उस रेड लाइन्स को जो है प्रॉस करने अमेरिका को नहीं देंगे
03:52और उनमें से जो मुझे लगता है सबसे बड़
04:09से अमेरिका अपनी पूरी तैयारी में लगा हुआ है और उनकी कोशिश है कि किसी तरीके से इरान इसमें मान
04:15जाए लेकि जिस तरीके से बयान आ रहे है एक तरफ उनके फॉर्ण मिनिस्टर जो है अराक्षी साब वो कह
04:22रहे हैं कि अग्रीड ऑन सेट आफ गाइडिंग प्र
04:39आप ये नहीं सोचे कि ये दो दिन में या पंदरा दिन में हो जाए ये ऐसा नहीं है जो
04:44दो हज़ाद पंदरा में जब पीश टॉक्स नुकलियर टॉक्स हुई थी उसको भी कमचरम धाई साल लगे थे तो ये
04:51जो है एक तरफ तो मुझे लग सकता है कि ये इरान की भी टैक
05:08के पास अगर नुकलियर वेपन जा जाते हैं तो फिर ना तो इसराइल कुछ कर पाएगा ना अमेरिका कुछ पाएगा
05:16तो अमेरिका को भी ये पता है और अमेरिका को जैसे आपने जे बी वान साब का जो है बताया
05:21उन्होंने क्या का है उससे साफ जायर होता है कि अमेरिका क
05:25तो भी ये शक है कि ये जो है बात्चीत जो है फेल होगी और अगर बात्चीत फेल होती है
05:31तो फिर उनके पास कोई और जो है रास्ता नहीं मिलेगा उनको जो है इरान के उपर अटेक करना ही
05:37पड़ेगा और कोई सुरत नहीं है क्योंकि अगर अब नहीं तो कभी नहीं वैव�
05:54लड़ना चाहिए है नहीं और सर्वे की नतीजे ये बता रहे हैं कि अभिकांश लोग नहीं चाहते हैं कि अमेरिका
06:00इरान में कोई जंग लड़े लेकिन फिर भी ट्रम्प साहब जो है वो जित पर अड़े हुए हैं कि नहीं
06:05अगर बात नहीं मानी गई तो हमला कर देंगे आ�
06:21तमाम चाहिए वो इराक के लड़ाई के समय देखेंगे तो वहाँ पे बहुत सारे ऐसे नागरी के जो युद्ध पसंद
06:29नहीं हैं इनमें खासकर जो पड़े लिखे तफके के लोग हैं वो हैं और इसका कारण वो ये जानते हैं
06:36कि इस युद्ध की जो वजए हैं वो ये है
06:39कि कुछ अमेरिका के कुछ चंद लोग उनके फाइदे के लिए ये सारी की सारी लड़ाईयां लड़ी जाती है जो
06:46सोल्जर से वो आखिर में सैनिक ही होते हैं और सैनिक मतलब एक तरीके से मज़दूर होते हैं
06:53बिल्कुल तेजावस सार आप अपनी बात पूरी कीजी
06:58तो तेजावस साब का ये कहना है कि अमेरिका की जनता भी नहीं चाह रही है कि इरान से कोई
07:04जंग हो
07:04हला कि जो वाइट हाउस में बैठे टरंप हैं और उनके जो सलाकार हैं उनकी रणीतियां कुछ अलगी हैं
07:10और वो अपनी जो रणीतियां दिखा रहे हैं इस वक्त मधिपूर में वो यही बता रही हैं कि कभी भी
07:16जंग शुरू हो सकती है
07:17हला कि टरंप अपने घरिलू राधनीती में उतने ताकत वर फिलहाल नहीं है लेकिन राश्टपती बनी गए है तो फिर
07:25उनके पास सरसक्तिमान वाली ताकत है
07:28लेकिन अगर वो ऐसा कोई कदम उठाते हैं इरान से जंग लड़ने का फैसला करते हैं तो उनको घरिलू विरोत
07:35का सामना करना पड़ेगा और वो उनके लिए नुकसान दायक हो सकता है
07:37जैसा कि तेजावस साब ने बताया अमेरिका न जब वियतनाम में लंबा युद लड़ा था तब बहुत सारी खबरे सामने
07:43आई थी कि अमेरिका ने बहुत सारे ऐसे हत्यारों का इस्तिमाल किया है वियतनामी लोगों पर वहां के लड़ाकों के
07:49खिलाफ जो उन से लड़ र
08:04नहीं पाया तालीबान फिर से सक्ता में आ गया आते जावस साब अपनी बात पूरी कर लिजी तो वियतनाम की
08:11लड़ाई का आपने जिक्र किया नॉम चौंस की वगरा ये उसी जमाने के उगरे वे लोग थे जो कि बाद
08:17में वर्ल के काफी बड़े इंटेलेक्शिल्स में आ
08:33करती है तो इसलिए ये बिल्कुल भी वहां की लोग इसे पसंद नहीं करते हैं दूसरा वैबोफ साब अबस्टिन फाइल
08:39का भी मामला है जिसमें ट्रम्प के पिक्चर्ज और वो तमाम तरीके की चीज़ें आ रही है और हो सकता
08:46है कि ट्रम्प उन सब चीजों से निकलने के
08:48लिए जैसे कि नितनियाओ ने किया था प्रस्टाजार के मामलों से बाहर निकलने के लिए और जनता का ध्यान डाइवर्ट
08:54करने के लिए उन्होंने जिस तरीके से हमास पर अक्रमन किया अमेरिकन जनता को भी शर्थ है कि कहीं ट्रम्प
09:01भी वो का वो पैत्रा ना अपना है �
09:03तो बहुत सारे Americans हैं, जो इस पक्ष में नहीं हैं, कि इस तरीके की कोई लड़ाई हो जिसमें खाली,
09:09जो अमीर Americans हैं, उनकी उमीदों को पूरा किया जाए, इसलिए निश्चित और पे घरेलू जो है, वो देखना पड़ेगा,
09:18इसके अलावा बहुत सारे ऐसे लोग हैं, अल�
09:32को वोट किया था, क्योंकि एलेक्षन के दोरां बहुत सारे जो इसलामिक नेटा थे अमेरिका के, उनको मल्च पर बुलाया
09:41था और उसे वोट दिया था, तो लगड़ सारे मझे मुसलिमों ने डोनाल टुराम् को वोट दिया था, इस उमीद
09:47में,
09:47कि ये लड़ाई रुखवाएंगे क्योंकि उन्होंने ऐसा वादा किया था चुनाओ के दोरां कि वो दरसल इसराइल और फिलिस्तिन की
09:55जो लड़ाई है वो आपस में रुखवा लेंगे इसलिए बहुत सारे मुझलिमों ने उनको वोड़ किया था पर अब वो
10:00नहीं हो रहा ह
10:01और उल्टा वो इरान पर अधर कर रहे हैं तो बहुत सारे उनका भी विरोज जेलना पड़ेगा व्याफवा सार बिल्कुल
10:08तेजावस सार जैसे कि अभी मैं कुछ दिर पहले बता रहा था कि वो ताकत वर जरूर हैं कि राश्रपती
10:13हैं लेकिन उनकी ताकत देश में इस वक
10:15कम होती जा रही है जो अभी सर्वे की बात कर रहे थे अमेरिका में में टर्म चुनाओ भी आने
10:19वाले हैं उससे पहले सर्वे में कई और खुलासे हुए हैं वो भी मैं आपको बता देता हूं सर्वे में
10:24बहुत साए लोगों ने टरंप को ब्रश्ट कुरूर और नसलवादी
10:28बताया है उनकी लोग प्रियता में भारी गिरावट देखी जा रही है इसके साथ ही अमेरिकी अर्थविवस्था को लेकर भी
10:33लोगों में चिंता बढ़ी है और आने वाले चुनाओं में हो सकता है रिपब्लिकन पार्टी को टरंप की वज़ा से
10:40नुकसान जहलना पड़ ज
10:52बहुत सारी तमाम ऐसे नेता है जो ट्रंप की नीतियों से खुश नहीं है बहुत सारी नेताओं के साथ हमने
10:59पैनल पी शेर किया और उनका यही कहना है कि हम जिस रिपब्लिकन पार्टी को जानते हैं और डोनाब में
11:05पार्टी नहीं है उसके अलावा है जो डेमोक्रीट्स ह
11:20पहुँचाने का अगर कोई जिम्मेदार रहती है तो वो दोनाल क्रामप और उसके सलाकार है तो ये तमाम चीज़े हैं
11:26वैबल साहब जो कि मुझे लगता है कि रिपब्लिकन्स को जो मिट्टम इलक्षन है उसमें उनका खामिया जब भुगतना पाड़
11:33सकता है पर देखते है
11:34कि रोता क्या है वैबल साहब बिलकुल सर सिरोही सर के पास सलते हैं सिरोही सर जो खबरे आ रही
11:40है फाइटर जेट तो मध्यपूर पहुंची रही है उसके साथ ही रिफ्यूलिंग टैंकर भी जा रहे हैं इससे तो ये
11:45लग रहा है कि अमेरिका लंबी लड़ाई लड़ने के
11:51फिराक में नहीं है अमेरिका तो चाहता है कि जल्दी लड़ाई हो और अपना जो अब्जेक्टिव उसको हाचिल करें लेकिन
11:58अमेरिका को ये पता है कि जो इराक है इरान जो है वो वेनेजुला नहीं है जिसमें आप जो तीन
12:04चार घंटे के आपनेशन में उनके प्रेजि�
12:19है उसके साथ है और उनके साथ उनकी लोयल्टी है और वो ये वो इरान है जो की आठ साल
12:26तक इराक के साथ लड़ा था ये वो इरान है जो पिछले संतालिस साल से जो है वर्ड जो यूर्पियन
12:33नेशन्स और अमेरिका की सैंक्शन्स को जेल रहा है उसके बावजूद अगर �
12:38एक देश डॉनल्ड ट्रम्प के सामने खड़ा हुआ है तो उसको मैं कहता हूं कि उस देश कोई प्रशंशा करनी
12:44चाहिए चाहिए उनकी पॉलिसी में यह नहीं कहता हूं कि पॉलिसी ठीक है उन्होंने पूरे मिडल इस्ट में जो है
12:50प्रोक्सिस के थूरू जो है टर्रिजम �
12:52पहला है हुआ है पर उनकी आप यह देखिए उनकी तो डॉनल्ड ट्रम्प साब को यह पता है कि अगर
12:57लडाई होती है तो यह लडाई दो चार दिन की जैसे इन्होंने पिछले साल जब बारा दिन की लडाई हुई
13:04थी उसमें एक दिन इन्होंने जो है नूकले साइड को स्
13:21पॉब्लिक में इस चीज पॉब्लिक नहीं चाहती है क्योंकि इरान में अगर सो आद मी मर जाएंगे तो इरान उसको
13:28जेल देगा लेकिन अगर अमेरिकन्स पांच फोल्डर्स की अगर जो बॉडी बैग अगर अमेरिका में पहुँच गए तो डॉनलर्ड ट्रम्प
13:36साब को
13:37मुश्किल हो जाएगी जिस तरीके से अफगानिस्तान से भागे थे जिस तरीके से इराक से इनको भागना पड़ा और जैसे
13:44तेजावत साब ने बताया कि वेटनाम से भागे थे यह अमेरिका जो है इरान से भी इसी तरीके से भागेगा
13:50क्योंकि इरान जो है वो देश है ज
14:06लेकिन जब देश की बात आएगी कि तो वहां के लोग सारे के सारे अपने देश के साथ खड़े होंगे
14:12यह डॉनलर्ड ट्रम साब की बहुत बड़ी भूल है कि उनके हमले से रजीम चेंज हो जाएगा रजीम चेंज नहीं
14:19होगा और अगर जो है अयोतले खमैनी साहब अगर क
14:22किसी वज़े से छोड़ के कहीं रश्या चले गए या कहीं चले गए तो वहां की जो आई यार जीसी
14:28है जो की तक्रीवन एक लाख नब्बे हजार के करीब जो सैनिक हैं वो जो है कटर और पूरे जो
14:36है लॉयल है और उनकी जो लॉयल्टी जो है फ़मेनी साहब के साथ है तो
14:41पाक Commission को बहुत बारी पड़ेगा इसली आप देखिये कि इतना जो बिलड अप हो रहा है यह पिछले साल
14:47इतना बिलड अप नहीं हुआ था इस बारी जो बिलड अप हो रहा है उनको पता है डालड़ टरब साहब
14:52को और उनकी एडिक को कि ये जो है सस्ती लड़ाई नहीं है
14:56ये बहुत महगी लड़ाई पड़ेगी और इसी लिए वो दीरे-दीरे कोशिश कर रहे के शैब डरा के दमका के
15:03किसी तरीके से जो है इरान को राजी कर ले पर मुझे लगता है इरान की जो कुछ शर्ते जो
15:10अमेरिका की है उन शर्तों पे इरान बिलकुर राजी नहीं होगा �
15:14अगर इरान ने अपना मिजाइल प्रोग्राम भी छोड़ दिया तो उसके बाद इरान के पास कोई डिटरेंट्स के लिए कोई
15:21चीज नहीं रहेगी और वो इरान कभी नहीं चाहेगा वैबवजी बिलकुल तेजाव सर के पास सलते हैं तेजाव सर अभी
15:27सिरोही सर बता रहे
15:40मैं चाहता हूं कि आपना इतिहास के बारे में भी बताईए कि पिछले 50-60 सालों में अमेरिका ने जहां
15:46जहां जाकर जंगे लड़ी हैं अपने हजारों सैनकों को गवाया है उसके बाद वहां की राजनिती पर कैसा असर पड़ा
15:51था
15:53देखिए अमरिका की सैना के ढाचे को समझने की जोरत है हमारे यहां पर जो सैना में जो भरती होते
16:00हैं वो समाज के हर तबके के लोग होते हैं और अपने ही लोग होते हैं अमरिका में जो सैनिक्स
16:05हैं उसका काफी बड़ी संख्या बाहर के प्रवासियों की है या उन सोल्ज
16:10जो अमरीका की निचले तबके से या गरीब लोग हैं, वे जो गरीब लोग हैं, वो सैना में भरती होते
16:16हैं, चाए वो महिला हो, चाए पुरुश हो, और कभी-कभी यह भी होता है, मुलत सैना में जब इस्त्रियों
16:22को आप आने की इजाज़त देते हैं, तो इसके पीछे एक �
16:25खासकर एक पुंजीवादी शडियन पर यह होता है, कि जब पुरुश कम पढ़ने पढ़ते हैं, स्किल पुरुश तो वह उनको
16:33इस्त्रियों को भी खपाते हैं, यह न उपनिविश्वाद कीपी हैं, चाए वो कंपनीज हो, चाए वो सैना हो, इस्त्रियों को
16:40खपाने के प
16:55और उनी गितों को बचाने के लिए सब किया जाता है, और यह सच हैं कि पर यह बात है
17:02कि एक हद तक जो जाग्रुट्स जो सासाइटी होती है, उसमें दीरे दीरे एक अंडरस्टेंडिंग डैल अप होने लगती है,
17:10उन लोगों के खिलाफ और उनको अपने जो समाज के गित
17:13के वो नजर आने लगते हैं, और ऐसे मैं जब भी बिल्कुल, सुरी साब ने बिल्कुल ठीक बोलाए कि जब
17:19डैट बोडिस वहां जाएगे, उनके ताबूत जाएगे, तो उसके बाद में वहां अमेरिका में जो विरोध होगा, उसके लिए किसी
17:26भी प्रजातांत्रिक दे�
17:31वाना आसान है, ना सड़कों पर जो प्रोटेस होता है, वह अमेरिका में इतनी आजादी है लोगों को कि वह
17:36उसको दबा नहीं सकते हैं, और लोग सवाद पूछते हैं कि यह किया किस लिए जा रहा है, कि पुझी
17:44वादेद, देख किसको चाहिए, वहांके अमीर लोगों को
17:47चाहिए, ताकि वो एक तरीके से उसका जो पूरी तरीके से उसका उबोग कर सके, अउस लगजरी का उन सब
17:53तमाम चीजाओं का, और मरना किसको है, वह आहम लोगों को मरना है, जो सैना में भठती होता हैं, तो
18:00यह तमाम चीजजसें जो है वो अमेरिकंस के मन में का किस फस �
18:03और उसमें उनको सहारा वहां के ताकि बुद्धी जिद्यों को मिल जाता है उस अंडरस्टेंडिंग को ठिक ठाक करने में
18:10तो इसमें मेरा एक सवाल है अभी आपने बताया कि अमेरिका में जो आर्थिक रूप से बहुत ज्यादा संपन नहीं
18:23लोग हैं वही लोग सेना में जा
18:34जाते हैं जो ज्यादा तर जितको नौकरी या कुछ इस तरीके की जोरत है होती है आम तोर पर वही
18:42जो सेना में जाते हैं
18:43क्या यह लोग ट्रम्प के वोटर हैं पिछले चुनाओं में इन्हों ने बड़ी संख्य में ट्रम्प को वोट किया है
18:49और नहीं
18:57मेरा सवाल था कि जो लोग सेना में जाना पसंद करते हैं अमेरिका में वो ट्रम्प के वोटर हैं या
19:09नहीं
19:14चलिए तेजावत सर तक आवाज नहीं जा पा रही सिरोही सर के पास इसी सवाल को लेकर चलते हैं
19:18सिरोही सर ये अमेरिका में जो वहाँ की राजनिती है वहाँ का जो सामाजिक ताना बाना है उस हिसाब से
19:25जो ट्रम्प के वोटर हैं उनकी क्या आश्राय हैं पेक्षाय होंगी क्या वो भी जंग चाहते हैं नहीं
19:31देखिए वेबब जी सबसे पहरे तो ये समझना पड़ेगा कि अमेरिका में जो जैसे तेजावत साब बोल रहे हैं
19:38अमेरिका में लोगों के अंदर देश के लिए जज़बा तो है लेकिन मरना के लिए कोई नहीं चाहता है अमेरिका
19:45में
19:45और इसलिए जो वहां के जैसे तिजावर साब बता रहे थे वहां के जो लोग फौज में जाते हूं उनकी
19:50लास्ट आपशन होता है जब और कहीं नौकरी नहीं मिलती तो वो फौज में जाते हैं ये भारत की तरह
19:56नहीं है कि बारत में जो देश प्रेम के लिए आप करो और कार
20:15जो जजबा है ये भारत की सेना में भारत के लोगों में अमेरिका में ऐसा नहीं है हमारे लोग जो
20:22है हमारे जो लोग शहीद सैनिक सहीद होते हैं उनको जो वो आते हैं तो उनको इस घर से एक
20:29सैनिक मरता है तो उस घर से पांच सैनिक पांच लड़के और फौज में जाना �
20:45है वोटर तो होंगे जरूर तभी तो डॉनलर्ड ट्रम्प जीट गए हैं लेकिन हाँ ये पक्का फैक्ट है कि अगर
20:50ये लड़ाई होती है और उसमें अमेरिकन
21:15कि अभी जो है डॉनलर्ड ट्रम्प साब क्या कोशिश कर रहे और दूसी चीज़े ये अकेले जो है डॉनलर्ड ट्रम्प
21:21साब यह उनकी एडमिनिस्टेशन जो है इसका डिसीशन नहीं ले पा रही है उदर से उनके उपर इस्डाईल का प्रेशर
21:28है इसलिए आपने देखा हो
21:44इरान काबू नहीं आएगा तो उसके बाद जो मिडल इस्ट कंट्रीस हैं वो भी नहीं चाहती है कि लडाई हो
21:51कर स्टेट ऑफ हर्मूस अगर बंद हो जाती है तो इनका तो जो कुएत है बहरीन है यूए है इनका
21:58तो जो है तेल जाना बंद हो जाएगा और अगर तेल जाना �
22:14ये कह रहे है कि जी कोशिश की जा रही है किसी तरीके से जो आपस में जो दूरियां उनको
22:20कम की जाएं और दूसरी तरफ जो बिल्डप हो रहा है इरान भी पूरी तैयारी कर रहा है कल जो
22:25है स्टेट और हर्मूस को कई घंटे के लिए बंद किया गया आई आर जी सी की ने�
22:41की को देखते में मुझे नहीं लगता कि जो है कोई पीस टॉक्स कावियाब हो पाएंगी मैं बबब जी बिल्कुल
22:48सिरोही सर जंग होने ही जा रही है जैसा कि आपका कहना और बहुत सारे लोग ऐसा दावा करें अच्छा
22:54विश्य सगी की टारा जा सकता है जंग को लेकिन र
23:11नुक्सान हो सकता है क्या उसके जो जंगी बेड़े हैं उसको कोई नुक्सान पहुचा सकता है इरान या उसके जो
23:17फाइटर जेट्स हैं उनमें से कुछ गिरा सकता है या नहीं उसके पास एजी समता है नहीं और मदिपूर में
23:22जो सैन ठीकाने है अमेरिका के उसे कितना न�
23:39करता है लेकिन जब दो देश लड़ते हैं तो उस मामले में ये कहना है जी एक का नुकसान नहीं
23:45होगा दूसरे का नुकसान होगा ये ऐसा नहीं होता है लड़ाई में दोनों साइड से नुकसान होगा अमेरिका उस नुकसान
23:51को जो नुकसान होगा जो हत्यारों का नुकसान हो
23:55हवाई जाजों का होगा हो सकता है जो बेड़े में भी अगर कोई शिप सिंक कर जाता है दूब जाता
24:01है तो वह भी अमेरिका बरदाश कर सकता है लेकिन अमेरिका जो हुमन रिसोर्सी जो उनके सैनिक है उनको जो
24:07नुक्सान बरदाश नहीं कर पाएगा और इरान का सबसे बड
24:25क्युंकि अमेरिक के उपर तो जो उनकी अमेरिका ऐसे देश है उसपे अमला नहीं कर सकता लेकिन जो उनके मिलिटरी
24:33बेसे हैं उनके उपर जरूर दूरा करेगा और खमैनी साथ ने तो यहां तक कह दिया है कि अमेरिका यह
24:38सोचता है कि उनका जो एर क्राफ्ट केरियर है उसक
24:41टुबोए नहीं चाह सकता हमारे पास ऐसे हतियार है हम उसको भी
24:45डुब हो सकते हैं तो यह तो एक रेटरीक हो सकता है यह तो एक जो
24:49बूलने की बाफ हो सकती है लेकि मैं यह आपको को बता
24:51रहा हु के इरान के साथ अगर अमेरिका की लडाई होती है तो इरान
24:56जो है अमेरिका को नुक्सान पहुचाएगा और वो नुक्सान जो है उसकी भर्पाई करना डॉनल्ड ट्रम्प साब के बसके नहीं
25:03है एकॉनमिकली तो भर्पाई शैद कर पाएंगे लेकिन जो सेरिकों की जो कैजूल्टी रोंगी उनको मुझे नहीं लगता कि वो
25:12अमेरिका
25:12इस अकउन्ट्री उसको एकसेप्ट कर पाएगा इसलिए जो थोड़ी जो रोका हुआ अपने आपको इसलिए रोका आगर इनको पता होता
25:21कि ये जंदी काम हो जाएगा तो अटैक हो गया होता इसलिए आप देखिए अगर अमेरिका इतनी बड़ी ताकत है
25:28तो अमेरिका को �
25:29इतना टैंक दो एरक्राफ्ट केरियर लेके आ रहा है और एरक्राफ्ट केरियर का मतलब एक जहाज नहीं होता है एरक्राफ्ट
25:36का पूरा एको सिस्टम होता है उसके साथ डेस्ट्राइज होते हैं उसके साथ पंडूबिया होती हैं हवाई जहाज होते हैं
25:44हेलिकॉप्टर होते
25:45ड्रोन मतलब पूरा एको सिस्टम मूव करता है तो जब इतना बड़ा एको सिस्टम मूव करा रहा है तो इसका
25:50मतलब अमेरिका को पता है कि इरान के साथ लड़ाई अमेरिका को आज तक जितनी भी लड़ाईयां अमेरिका ने लड़ी
25:58है वो सबसे महगी पढ़ने वाली है और
26:14आधुनिक लड़ाकूई विमान हैं, उसके साथ कितनी जंगी बेड़े हैं, आधुनिक ताकतवर हैं सब, और वो इरान में बहुत ज़्यादा
26:22तबाही मचा सकते हैं, लेकिन मेरा ये सवाल है कि इरान के पास ऐसी क्या ताकत है, अगर आप कुछ
26:28बता सकें, कि वो अमेरिका को
26:59यहाँ यहाँ नुकसान पहुचा सकता है?
27:00बार उतको छोड़ना पड़ा, बाद में औरंजेव के समय यही काम मराटों ने किया, कि वो उनको टिकने नहीं दिया
27:07और बाद में आपने देखा कि मुगल सामरजी का पतन हो गया, और पूरे ही भारत में मराटे चा गया
27:12है, लगभद वही खतरा अमेरिका और इरान के संद
27:30इसी इस्तती में फिर उसके लिए टिकना काफी मुश्किल हो जाएगा, पूरी तरह से जो स्टेट और फॉर्मूज है, वो
27:36इरान ने संदेश भी दे दिया, संकेत भी दे दिया, कि वो उसको ब्लॉप कर देगा, और उसके बाद में
27:42जो इरान के जो प्रॉक्सी हैं, जो उस
28:00जिनके पास रॉकेट लॉचर से लेकर तमाम बड़ी-बड़ी चीज़े हैं, यह अमेरिका की मतलब परिशानियां बहुत जबरदस परीके से
28:08बढ़ा लेंगे, और जैसा कि हमने कहा कि फिर जो जन आनी है, अब जब तक आप हवा में हैं,
28:14तब तक आपके सोल्जर नहीं मार
28:30जैसे भी दुनिया में ऐसी कोई तकनिकी है कि वो जन्ता की भावनाओं को खत्म कर सके, ऐसी कोई तकनिकी
28:36इजाद नहीं हुई है, और अगर यह प्रोटेस्टिट अमेरिका के अंदर तक जाके अगर वहां पर आतंकी हमले या वहां
28:43तक अगर अंदर तक यह सब चीज़ें ह
28:57रहते थोड़ा बहुत तुनों ने बताया था, शिरोई सर के पास भी सवाल को लेकर चलेंगे, इरान की अर्थवियोस्था का
29:03बेड़ा गर्ख हो रखा है, इस वक्त सब को पता है, और अगर जंग हुई तो उसकी अर्थवियोस्था की हालत
29:08और ज्यादा खराब हो जाएग
29:11ये भी सब को पता है, लेकिन अमेरिका में भी आर्थिक खालत बहुत अच्छे नहीं है, तमाम रिपोर्ट्स आती हैं
29:16कि वहां भी आर्थिक दिकते हैं, क्या अमेरिका की अर्थवियोस्था किसी नए जंग की कीमत चुकाने के लिए त्यार है?
29:24अब देखिए अभी जो उपर का अगर देखें तब तो अमेरिका की अर्थिक वहास्था में काकी क्षमता लगती है, क्योंकि
29:30उसका साइज बड़ा है, और दरसल जो कर्श जो होता है न वो इस पर डिपेंड करता है कि आपकी
29:36कर्श चुकाने की क्षमता कितनी है, तो अमेर
29:55अर्थ विवस्था ठीक वैसे ही धराशाई हो जाएगी, जैसा कि 80 के दर्शक से पहले, 70-80 के दर्शक में
30:02सामिवादी विवस्था धराशाई हो गई थी, क्योंकि उस अर्थ विवस्था में वहा कैपिसिटी नहीं थी, नए चैलेंजेस को वहन करने
30:10की या उत्पादन या �
30:11लाग फिता शाई वेगरा प्रोडक्शन पे बहुती बुरा असत बढ़ रहा था, यह सारी तमाम चीदे हैं, अगर अमरीका में
30:18वो सप्लाइचेन और वो जो होकतावादी जो है या डॉलर्स में जिस तरीके से वो लोग पूरा दुनिया जो उन
30:25पे डिपेंडेंट है या �
30:26जितना मजबूत है, अमरीका प्रोडक्शन तो कुछ करता नहीं है, अमरीका के यहां पैदा कुछ नहीं होता है, वो पूरी
30:32दुनिया का सामान खरीकता है, तो अगर इस चीज को कहीं पे भी डिस्टर्ब हो गया या उसका कोई अल्टरनेटिव
30:39एकोनोमी अगर पैदा हो ग
30:56साहे लोग ये भी कह रहे हैं कि इसे आप परमार बम वाली जंग मत समझे कि ये अमेरिका नहीं
31:01चाहता कि रान के पास परमार शक्ती आए, इसे आप ऐसे भी देख सकते हैं कि ये डॉलर बचाने की
31:06भी एक लड़ाई है, जो अमेरिका इस वक्त पूरी दुनिया में लड़ �
31:38आपका क्या मानना है?
31:39तो फिर इरान के ऊपर अमेरिका का कबजा और अमेरिका का ये सब बिल्तुली सब्ने रह जाएंगे, और वहाँ पर
31:47अमेरिका को चैलेंज मिलना शुरू हो जाएगा, और अमेरिका कभी नहीं चाहेगा कि मल्टिपॉलर वर्ड बना है, और ऐसे में
31:53उसकी ताकत को हर जगे स
31:54जैलित मिलना शुरू हो जाएगा दियागल साब बिल्कुल तेजाओ सार एक छोटा सा सवाल और है दिल्ली में AI की
32:01जो समिट हो रही है उसमें गलवोटियन और सिटी है उसने एक रोबोट को अपना बता कर पेश किया कि
32:07ये हमने बनाया है हमारा ये निर्मित है हमने आविशक
32:10किया है लेकिन था वो चायनी जसर में आप तक भी ख़बर पहुची होगी इसे आप कैसे देखते हैं क्या
32:17हमारी जो साख बन रही है उस पर ऐसी हरकतें बट्टा नहीं लगा देती है अगर आप कहें तो थोड़ा
32:28ज़्यादा भी बात कर सकते हैं युनिवर्सिटीश में ज
32:40जो सलेक्शन होते हैं वो स्ट कूल होता है अपके भडीडिकल में उनको पनपने की यो सवत्वत्यत सवत्वी पर में
32:54के शक्रू है यह गेरा बनता था तो जो तो प्रमोश्यन से
33:17तो यह सब ठीक नहीं है और किसी भी प्राइवीट संस्थानों के पास में जहाना तो ठीक से इंफ्रास्टर्चर है
33:24जिनका केवल और केवल मकसद पैसा कमाना है
33:27वहां कोई बड़ी रिसर्च की कोई उमीड करें या बड़े-बड़े सेंटर युनिवर्सिटी जांकि युनिवर्सिटी के लीपोरिट्री के हालत का
33:34पी खराब है और लोग केवल एक तंफ़ा पाने के लिए और रिसर्च और उन सब चीज़़ों से दूर होने
33:40के लिए एक �
33:53उदारे कैसे इसमें आपको fundamental changes करने पड़ेंगे जैसे कि आपको उन लोगों को आगे आने देना पड़ेगा जैसे कि
34:03एक उदारण दीजिए जब आपको PhD में आपको 10 admission करने होते हैं और आप अगर 100 को बुलाएंगे तो
34:11कहां से हो पाएगा
34:14आप उनी 10 हैं तो आप मुश्किल से 15 लोगों को या 20 को या हद से ज़्यादा 30 लोगों
34:20को बुला लीजिए तो वो कर पाएंगे वेंकटी इश्वर ऐसे थे जो भारत में कहीं डंकी यूनिवरसिटी में अपनी जगह
34:27नहीं बना पाए पर जब वो ही अमरीका चले जाते हैं त
34:33दो भारत में रहके नहीं पनख पाते हैं पर कर जब अमरीका जाते हैं तो पनख पनख अगे पाएं पर
34:50यह तरीका प्णतने नहीं देतें कई आसे स्वार्थ के यह बाड गारं leven के का और
34:56और मुझे ऐसा लगता है कि चाहे वो कोई से भी सरकार हो, चाहे वहाद पहले की सरकारे हो या
35:01आपकी सरकारे हो, वो अच्छे दिमाग या ब्यूटिफुल ब्रेंस को वहाँ पे, ऐसा पॉलिसी मेकर्स वहाँ लाना नहीं चाहती है,
35:08ऐसी नेतिया नहीं बनती है, और जाधा �
35:11जो ब्यूरो क्रेट्स हैं, जो कि 1947 के स्टाइल का काम करते हैं, वही सारी नेतियां बनाते हैं, अगर एजुकेशन
35:17सिस्टम का कोई
35:18अगर कोई यूरो क्रेट बनाएगा, और उनके ओर्डर से अगर सारी उनिवर्सटीज चलेंगे, तब भी मुश्किल होगा, और जो बच्छे
35:25कुछे अगर कोई एकेडमिक शर्टा नहीं है, तो उनका एक्टिट्यूद ठीक नहीं होगा, तो यह तमाम चीज़ें हैं वैब
35:47गड़वत्ता कैसी होनी चाहिए और अभी कैसी है, क्योंकि ये विश्च्विद्याले जो हैं पैसा खूब लेते हैं चात्रों से, फीस
35:53इनकी बहुत महेंगी होती है, लेकिन वहीं हम बात करते हैं शिक्छर कार्यों की, तो वो उतनी जादा गड़वत्ता पूर
35:59नहीं होते
36:01देखिए, रिसर्च पे पैसा खर्श करने का आउटपुट उन्हें नहीं मिलता है, मान लो हमने लेबोरेटरेज, रिसर्च वगरा लोगों को
36:09पैसा दिया, तो उनको प्राइविट युनिवरसिटीज वालों को उसका वापस फाइदा क्या है, कोई फाइदा नहीं है, उन
36:27चुनी दो-चार युनिवरसिटीज हैं, जो कि फोड़ा सा ठीक काम कर रही है, क्योंकि उन्होंने जिन एक्टिमिशन को रिक्रूट
36:35किया है, पर ये शुद्र रूप से एक अलग मामला है, पर ज़्यादा तर जो तमाम अगर इन नीजी विश्व
36:41वित्यालेओं की बात करे
36:42तो सौ मैसे मुश्किल से एक युनिवरसिटी या आधी युनिवरसिटी ऐसी होगी, जो कि ये काम कर रहे है, पर
36:50सौ मैसे लगपद सौ की सो बाकी युनिवरसिटीज हैं, खास कर जिनका प्राइवेट संदर्प हैं, वो पैसा कमाने के लिए
36:56हैं और ऐसे में वो नहीं करे�
37:10प्राइवेटी से ही, मतलब उसको प्रो पीपल जिसको बोलता है, वो होती है, जनता के पक्षकी होती है और एंटी
37:19इस्टेबलिश्मेंट होती है, मतलब जो सरकारे हैं, संस्था हैं, उनके खिलाफ होती है, तो आप जब जब देखेंगे कि इंजिनिरिंग
37:26या इस तरीके क
37:27जो तमाम चीज़ें, जहां पर सीधा सीधा सरकार के सवाल नहीं उठता है, उनको ज़्यादा अनुदान मिलता है, और कई
37:34बार उन जगों को अनुदान नहीं मिल पाता है, जो आपके खिलाफ सवाल खड़े करते हैं, और ये मुलतह मानवी
37:41कि या समाज विग्यान वाले लो
37:57करण की दोड़ शुरू हुई है, जिसमें विश्विद्याले ये निजी विश्विद्याले सामिल हैं, आपको लगता कि सरकार को इस पर
38:04थोड़ी रोक लगानी चाहिए, और खासकर सिछा जैसे छेत्र को व्यावसाय से थोड़ा दूर रखना चाहिए, यहां पर व्यापा
38:27जिन्मेदारी है सरकार की, कि एक निस्पक्ष तरीके से सलेक्शन प्रोसिजर हो, वह भी नहीं है, जो काबिल लोग हैं,
38:36वो लंबे समय तक प्रमोशन के बीना बैठे रहते हैं, और जो नाकाबिल लोग हैं, वो उन जगों पे आ
38:43जाते हैं, अब यह लोग UPSC जैसे और जो
38:47पब्लिक सर्विस कमिशन जैसे मैधपुन संस्थानों के क्विश्चल पेपर्स बनाते हैं, और फिर वो अपनी जैसा ब्रेज वाफस इंडिया में
38:55हर जगए, अडिमिस्टेशन से लेके हर जगए लगाते हैं, तो देश का तो बहुत भयानक जो बेसिक चीजे वर्टों कम
39:02से कम पूरी करें, जो कि जिसके लिए अदालते हैं, जिनके लिए सरकारे हैं, अगर वही तैय नहीं होता है,
39:09तो आप जो कह रहे हैं, तो बहुत बड़ी बात है वैबल साफ, दूसरी बात है कि सेलेक्शन प्रोसिजर से
39:15लेकर उसके बाद में उनको काम करने की चीजों को ल
39:33और सिर्फ विश्विद्यालव में नहीं देख रहे थे जावत साहब, अभी कोचिंग माफियाओं का भी काफी दबदबा देखने को मिलना
39:39है देश में, बहुत सारे कोचिंग संस्थान हैं जो UPSC का सपना दिखाते हैं, शात्रों को और भी सरकारी अधिकारी
39:46बनाने का सप
40:01दे रहें इन कोचिंग संस्थानों को, और कोचिंग संस्थान आराम से पैसे कमा भी रहें?
40:31वो एक तरीके से बिखेर रहे हैं, पूरे ही और उसके बदले में उनसे पैसा लूट रहे हैं।
41:01तो ऐसे भारत में तो एक अलग ही मामला है, और मुझे लगता है कि धीरे धीरे ये देश की
41:05नीव को खोकला कर देगे, मुझे वाकई अगर एक संजीदा भारती नागली कोने के कारण मुझे ये कहना पड़ेगा।
41:31तो अपनी बाचीत को यहीं पर खत्म करते हैं, फिलहाल अमेरिका और इरान के बीच तनाव के सिती बनी हुई
41:38है, जंग कभी भी शुरू हो सकती है, क्योंकि अमेरिका लगातार अपनी मौझूदगी को बढ़ा रहा है, मध्यपूर में, खाडी
41:45में, अरब सागर में, लाल स
41:58जुटा हुआ है, और वारता भी चलिए दोनों देशों के बीच में, परमाण वारता, लेकिन उसके सफल होने की सम्भावना
42:04कम नजर आ रही है, तो फिलहाल तक की जो भी अपडेट थी, वो हमारे विश्यशक्यों ने आपको बता दी
42:09है, जो भी नई जानकारी सामने आए�
42:11वो आपको OneIndia पर मिलती रहेगी
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