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AI Summit के दौरान किए गए दावों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है, जिसके बाद Galgotias University सवालों के घेरे में है।सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो और पोस्ट सामने आए, जिनमें “सफेद झूठ” बोलने के आरोप लगाए गए।अब चर्चा इस बात की है कि क्या इवेंट में दिखाई गई उपलब्धियाँ पूरी तरह सच थीं या बढ़ा-चढ़ाकर पेश की गईं।विवाद के बाद कॉलेज प्रशासन पर छात्रों को चेतावनी देने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं।कुछ छात्रों का कहना है कि उन्हें सार्वजनिक रूप से बोलने से रोका गया।हालांकि, यूनिवर्सिटी की ओर से आधिकारिक सफाई भी सामने आई है।पूरा मामला अब पारदर्शिता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा मुद्दा बन गया है।क्या सच में छात्रों को डराया गया या यह सिर्फ अफवाह है?इस वीडियो में हम पूरे विवाद और दोनों पक्षों की बात को विस्तार से समझेंगे।

A controversy has erupted after claims made during the AI Summit allegedly exposed inconsistencies involving Galgotias University.Several social media posts have accused the institution of presenting exaggerated or misleading information.The debate now centers on whether the achievements showcased at the event were fully accurate.Following the backlash, allegations have surfaced that students were warned against speaking publicly.Some students claim they were discouraged from sharing their views online.Meanwhile, the university has issued its clarification regarding the matter.The issue has sparked a larger debate about transparency and freedom of expression on campus.Is this a case of misinformation, or are students being silenced?In this video, we break down the full story and examine both sides of the controversy.

#AISummit #GalgotiasUniversity #CollegeControversy #StudentVoices #CampusNews #EducationScandal #AIEvent #UniversityUpdate #BreakingCampusNews

~HT.178~PR.512~ED.104~GR.510~

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Transcript
00:03सुवा से फ्रेंड्स रील बेजने हैं शारदाम एटी वाले कि तेरा कॉलेज है तेरा कॉलेज तो थोड़ा भूरा लागा वो
00:07चीज देखर इंटरनेशनल बेज़े दिकरा लिए देखो इनको चाइना अकाउंट में उन्होंने ट्रटर पे पोस्ट डाली है अब इन्होंने �
00:13कि हमारा रोबोट है किसी भी कंट्री के किसी भी तरह के प्रोड़क को अपना नहीं बताया हमने बस यह
00:18बताया कि हम हमारे अकैडमिक
00:20इस्टिशन में क्या काम करते हैं कि मेरे साथ से पॉसनल एक्सपिरियंस बदारी में को फैकल्टी अच्छी नहीं मिली है
00:24अपने को सिग्रेट फुकते हैं और पढ़ाय लेकाई कुछ नहीं करते हैं आपे तो यहां बच्चों में डर का महले
00:31बात नहीं कर रहे हैं वह ज्या
00:46AI के नाम पर एक चुराया हुआ रोबो डॉग दिखाया जो उसी शाम चाइनीज लोगों ने पकड़ लिया और इसके
00:52बाद दुनिया भर में भारत देश की इस बात पर बेस्ती हुई कि भाईया आपके जो एजुकेशनल इंस्टिटूशन्स हैं वो
01:00चोरी के प्रोड़क्स
01:01अपने सम्मिट में दिखाते हैं इसके तुरंद बाद गलगोटिया को AI सम्मिट से बाहर निकाल दिया गया लेकिन दर्शे को
01:07सवाल यह उठता है जो पीछे आप मेरे देख रहे हैं आटिफिशल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस का ब्लॉक यानि गलगोटिया
01:13की ये यु
01:31आपने ढाई तीन लाक रुपे का चोरी किया हुआ रोबोट जो किसी और का रोबोट था शुरुवात में तो आपने
01:37दावा किया कि आपका अपना है और उसके बाद इस बाद से ही बलट गए अब गलगोटियास की देश भर
01:44में स्कूरूटिनी की जा रही है लेकिन एक बा
01:58के नाम पर अब एजुकेशन को भी स्रफ एक धन्दा बना दिया गया है आप लोग गलगोटिया उनिवेस्टी से हो
02:04क्या यह जो आपको पता चला है हां चला है कैसा लगा क्या लगा आपके कॉलेज का ऐसे बराज कुले
02:13कैसा लगा शर्मिंदी की तो भी अविस सी बात है ल
02:31किती फीस है एक सेमेस्टर बीट है हमारी है एक सतर के गडिब में एक सब्सक्राइब कर रहे हो कौन
02:38सी इंजीनिरिंग वाले विंग भी तुमारे पास ही हो अनका याई ब्लॉक है क्या कुछ अलग है नहीं मतलब उनका
02:47अपना डिपार्टमेंट है लगे-पुडा एक को सई
02:58सारी बेटर है लेकिन वो डिपेंड करता है बच्चों पर ही मैक्सिमम आप यह समीट वाली जो थी यह हमने
03:03कुछ हमारी हमारे पास रील साइथ है तो यह देगा हमें भी पुरा लगा कि हाँ यह गलत है लेकिन
03:09क्या कर सकते हैं आप क्या करते हैं सुबह से बच्चे भेज रहे
03:16सुबह से फ्रेंड्स रील बेजने शार्दा मेटी वाले कि तेरा कॉलेज तो थोड़ा बुरा लागा वो चीज़े कर बाकी कॉलेज
03:22जा सकते हैं तो डर भी लगा तो सबको लगेगा भी आप क्या सी कर रहे हो अब भी इसमें
03:36कित्ती फीज जा रही है आपकी पर समें पूर
03:44सब्सक्राइब को पता चला है यह सम्मिट में जो हुआ जी पता चला है तो कैसा कैसा मैसूस हुआ खुद
03:49गलगोटिया से हो आप इंटरनेशनल बेज़े दिगर आली देखो इनको चाइना अकाउंट में उन्होंने टिटर पर पोस्ट डाली है अब
03:57इन्होंने बोल दिया क
04:10सब चारे गलगोटिया स्टुडेंट्स को अलोबर इंडिया कोई हो रही है आगे अंदर कैसा मौल है टीचर को जानते थे
04:19आप इनने इतना नहीं जानता था लेकिन अंदर कैसा मौल है सुनाएं फीस काफी जादा है पड़ाई कम ज्यादा इनका
04:25जो अपना जो स्ट्रक्श
04:26है इसके बाद चार घंटे का गयप है जैसे सुब्ञे आट बजे क्लासे है उसके बाद चार घंटे का गयप
04:32कर दिंगे और स्टुडियन जाएंगा तो वह जाएगा आदर का फ।-बहुत जादा बेडर सारी चीज़े बहुत ही जादा कर
04:40लिए इन्होंने वेकार सिस्टम क
04:42आपको क्या लगता है गलगोट ऐसे उनिवेस्टी सरफ एक गलगोटिया उनिवेस्टी नहीं है जो उनिवेस्टी देश के एजुकेशन को सही
04:47जगा लेदारी आप जैसे युवाओं को आगे नौकरी दिलाने में कुछ काम वाम रोल दे रहे हैं या बस फीस
04:53लेते हैं माब आ
04:54को जीतना लगा कि यह तो फीशका स्टम यहां पर यहां पर को जीम अब लगों की यह अब लोगों
05:09की तुकाने पच्चों को देखते रहें तो क्या आंगरते बच्चे यहां पर
05:23तो सबसे पहले अच्छा लगता है सही है ठीक ठाक है उतना भी अच्छा नहीं वाट ओके साय आपको क्या
05:30सब्सक्राइब
05:31मुझे तो अच्छा लगता है क्योंकि यहां पर सेलिब्रिटी आते सब कुछ होता है तो मतलब यहां पर मजा आता
05:35है मुझे ओवराल उनिवर्सिटी अच्छी है पढ़ाई के लिए तो मैं बिल्कुल रिकमेंड नहीं करूंगी तो कॉलेज हम क्यों जाते
05:41क्या है यह फैस्ट
05:42के लिए अच्छा एजूकेशन यहां पर आपको खुदी से करनी पड़े कि मेरे साब से पॉस्नल एक्परियंस बदारी में को
05:49फैकल्टी अच्छी नहीं मिली है अपने कोर्स में आप क्या पढ़ रहे हैं क्या पर बीटेक बायो टक्निलोजी तो उसमें
05:56मेरे को साही फैकल्
06:17पर आपको क्या लगा कि क्या फैकल्टी वाली जो आपने बात की टीचर रहे उसने वह फैकल्टी बहुत बहुत तैलेंटेड
06:24अगर कहीं की बात करें कोई फंक्षन हो रहा है कुछ भी ओर इवेंट तो बच्छे बहुत अच्छी से पार्टिसिपेट
06:31करते बहुत अच्छा
06:39अच्छी मिलती ही नहीं कि मतलब बच्चे को इंट्रेस्ट आये मजा आये पढ़ने में ऐसा ऐसा नहीं है आपको क्या
06:43लगता है इंफ्रास्ट्रक्टर के साफसे जो पढ़ा रहे हैं वो सब ठीक है नहीं बिलकुल बिलकुल सब्सक्राइब निया परिशान टीचर
06:50कम क्या क
07:04इन सब के जोड़ जाड़के तो बहुत जादा फीस हो जाता है हम लों का बट कॉलिज की अगर पढ़ाई
07:10के बात करें तो अफॉर्डेबल है लेकिन चलो उसके साब से लेकिन अफॉर्डेबल फिर वह हुई कैसे अगर क्वालेटी एजुकेशन
07:16नहीं मिल रही है तो आप �
07:29कॉंटिन्यू क्लास चलती है तो यहां लगला स्केडूल बहुत अजीव सा है बहुत जादा ब्रेक देते हैं लगतार होता नहीं
07:36है मैंनेजमेंट में मैं क्लास मैंनेजमेंट में कहूंगे कि इधर इस्यू है अभी गलगोटियाज उनिवर्सिटी ने जो डॉक्री प्रे�
07:58ने बताया है कि वह गलत स्थेय्ट्मिन दे दिया गया था ऐसा कुछ मोटो था नहीं कि हमारे यूनिवर्सिटी में
08:04उसे बनाया गया ऐसा कुछ मतलब बहार की बाते होती हैं दूसरे लोग अलग बाते कर रहें पर हमारी फैकल
08:11minion क् a
08:13पर बात यह कि वह गलती ते दिया था तेटमेंट गलती थी मतलब ऐसा है कि उसमें ब्रैंडिंग टैग यह
08:21सब है समझे पर उसमें गलती से स्टेटमेंट चला गया उस वज़े से ऐसा यह सब लेकिन इससे अगर हमारे
08:28देश पर पड़ा और जो एजुकेशन पर पर रहा है च
08:42कि चाहिए किसी स्टूडीन ने गलगोटिया और रहा है इस के बारे में बाहर मीडिया से बात करें ऑर पर
08:49उसके बाद इसके गजेशाण से डीबार कर दिया गया तो यहां बच्छों में डर का मॉलै बात नहीं कर रहे
08:54हैं वो क्योंकि कहीं बीज में अपनी यूनिव Holiday के
08:57खिलाफ फीज दे रखी है कहीं एक्जाम से ना डीबार कर दें कहीं गलगोटिया अपनी बदनामी के डर में बच्चों
09:03को डरा तो नहीं रहा है
09:04freedom of speech को तो नहीं रोक रहा है काफी सारे सवाल है लेकिन यह जो हुआ है इसने इंडियन
09:09education system को कडगेरे में लाके खड़ा कर दिया है कि भाईया AI technology के
09:14नाम पर future education के नाम पर हमारा देश किस direction में जा रहा है
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