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Ghazipur Landfill: दिल्ली में Qutub Minar से भी ऊँचा कचरे का पहाड़, कैसे यहाँ साँस लेते हैं लोग? | Ground Report. देखिए भारत की वो तस्वीर जो अक्सर अनदेखी कर दी जाती है - जहां कचरा ही जिंदगी है और कचरा ही मौत.
भारत के अंदर वास्तव में दो भारत बसते हैं। एक वो जो आलीशान सोसायटियों (Societies) में रहता है, और दूसरा वो जो इन सोसायटियों का कचरा उठाता है। आज Oneindia Hindi की टीम पहुंची है दिल्ली के गाजीपुर डंपिंग साइट (Ghazipur Dumping Yard) पर, जिसे दिल्ली का 'कचरे वाला पहाड़' भी कहा जाता है। हैरानी की बात यह है कि इस कचरे के पहाड़ की ऊंचाई कुतुब मीनार (Qutub Minar) से भी ज्यादा हो चुकी है। इस वीडियो में हम आपको दिखाएंगे कि कैसे छोटे-छोटे बच्चे, जिनका बचपन स्कूल में होना चाहिए था, वो यहाँ जान जोखिम में डालकर कचरा बीनने को मजबूर हैं। चील और कौवों के बीच, जहरीली गैसों के साये में ये लोग कैसे अपनी जिंदगी बिताते हैं, इसका 'काला सच' आज हम आपके सामने लाएंगे। यह रिपोर्ट (Ground Report) सिर्फ कचरे के बारे में नहीं है, यह उस सामाजिक असमानता के बारे में है जो हमारे देश की एक कड़वी सच्चाई है।

This video presents a heartbreaking ground report from the Ghazipur Landfill in Delhi, also known as the 'Trash Mountain.' Our team explores the stark contrast between the two Indias, the wealthy societies and the ragpickers who live off their waste. We investigate the hazardous living conditions near the dumping yard, which has surpassed the height of Qutub Minar, and highlight the plight of children involved in waste picking.

#KachdaPahad #GhazipurLandfill #DelhiNews #GroundReport #PovertyInIndia #OneindiaHindi

~HT.178~ED.104~GR.510~CA.144~

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00:00दिल्ली में आपको सबसे बड़ा डंपिंग ग्राउंड दिखेगा वो यही है गाजिपूर का कश्रा का पहाड बस्ती में मुझे लगता
00:07है आराम से हजार दोजार से उपर लोग रहते होंगे
00:09क्यों सूट करोगा इसे? यहां को वीडियो डालना? लबसे पुरा काम है
00:15कैसे रहती हैं इस बड़ दिल्ली के चकाचौन के पीछे एक दुनिया ऐसी भी है जिसके बारे में शायद बहुत
00:23कम लोग जानते हैं
00:27भारत के अंदर दो भारत हैं एक जो सूसाइटी में रहता है और दूसरा जो सूसाइटी में रह रहे लोगों
00:33का कचरा उठाता है
00:34और उसके बाल बच्चे उसी फेके हुए कचरे से दुबारा कचरा चुनने का काम करते हैं
00:39लेकिन क्या आपने गभी सूचा है कि उनकी जिन्दगी कैसी होती है
00:43उनके बच्चों की जिन्दगी कैसी होती है
00:45वो क्या करते हैं, वो कैसे रहते हैं
00:47चलिए आज आपको बिल्कुल करीब से उनके साथ रहकर उनकी जिन्दगी दिखाते हैं।
00:51इसके लिए हम पहुंचे थे।
01:17यहां पॉल पाओ को तुम बोलने किस्थिती में हो।
01:21खड़े होने किस्थिती में हो।
01:23अब अभी फिलाल बार जाओ।
01:26यह है पब्लिक टॉएलेट यहां पर पूरी बस्ती वाले आते हैं।
01:33बहुत ज़्यादा उल्टी जैसी आ रही है।
01:42अब हम खड़े हैं गाजिपूर की उस जगह पे जहां पर कच्रा गिरता है कच्रे का पहाड दिल्ली में आपको
01:49सबसे बड़ा डंपिंग ग्राउंड दिखेगा वो यही है गाजिपूर का कच्रा का पहाड
02:16राजुष के घर अभी हम जा ही रहे थे तब तक एक व्यक्ति हमें अंदर ना जाने को धंकाने लगा
02:29उसनी हमारे कैमरे तोड़ने हमारे सत्मार पिटाई तक की बाते कर दी जुसके बाद हम किसी तरह वहां से आगे
02:34बढ़े
02:59इसका पीछे रहते हैं इसके पीछे और मतलब इस जगे का नाम क्या है
03:05गाजी भुद्धिरी भारम यह बताओ घर में कितने लोग हैं मेरा चार भाई एक भ्यान है यह कपड़े वपड़े दोते
03:13हो कोई धोने वाला निये मम्मी है दोता निये पैसा ने जेता मूल के यहीं रहते हो हां मेटम जी
03:20रहते हैं यह पूरी मतलब बस्ती यह पुरा ला�
03:35अ यह पर दो किसे पड़ा देगो अ चाहिए अ के लोग टाओ यह पर देगो मेरा भाई है मेटम
03:41यह मेरा भाई है इसका यह जो सो रहे है रहा है मेटमिरा बड़ा भाई कर देगो कैसे जाड देनी
03:49
03:55यह मेरा घरे मेडम और यह मेरा मम्मी पापा मेरा भाई बेन यह मेरा मम्मी मेरा भाई बेन मेरा पापा
04:05कुछ नहीं है बस आप लोगों की जुन्दिगी देखने आए हैं
04:13हमें कोई बोलनी पाई गाई मैं बोल पाऊंगा तुम बोल पाऊंगे नहीं कि स्थिति में हो खड़े होने कि स्थिति
04:21में हो घर हम हमें फिलाल बाहर जाओ अभी हम राजी इससे बात करते हैं
04:26अब दारू कि अगौश शिए बनाया मेरे को
04:43आपका नाम क्या है सकीला यह राजेश आपका बेटा था कितने बच्चे आपके मेरा चार चार लड़के है
05:08लड़की एक है बबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबब
05:30यह प्लास्टिक लगी हुई है और यह मिट्टी के चूले पे आप खाना पकाती है यह है जो आप बर्तन
05:36वर्तन जो आप मालब यह है सब कुछ आपना यह जो एक दिवार दिख रही है वह मेट्रो वाला की
05:43दिवार है आप बताये कि फिर आपका घर चलता कैसे है बच्चा लो
06:00अच्छा पहाड पे आप लोगों आसा जाके कभाड़ा चुनते हैं बद्बू नहीं आती बद्बू नहीं आती दो अटने गूटकार खा
06:07लेता गूटका खाती है नुए कचरे के बद्बू जो पहाड़ है आती तो क्या करूँ मोजूरी में काम करना पड़ता
06:14है खाना ही प�
06:28पोध हो गया इसी जिन्दगी में हां से यहां रहे रहें आप हो गया 20 साल के रहे आप आप
06:40आप यह 23 साल से आप
06:50तो तो तेईस्ट-चॉबेस साल कोई आता नहीं है मतलब आप लोगा कुछ राशन काड नेए राशन काड राशन काड
06:58कुछ अधर काड काड मांगने कोई आता है लेकिन कुछ वेवस्था नहीं कर के देता है
07:25तो मote नहीं किस में लगवाने का उसका है उसका है उसका ही
07:31तो आजग यह कुछ नहीं दो क्यों नहीं है कि हम को बना हम बजला हो टोपा कम बना ऊंप
07:37लाटे गैना reflecting का इसा मेर्य नौहिंन अन्य बुट्ट वह नहीं तो तो ज मतलग बीटम ओशिक
07:48पैसो में लेते हैं लोक लाइट, फॉन सुर पे महिने के साफ सरा, तो हमारा तो मीटर है, हम तो
07:52लाइट किसको देते निये, हमारा जो बिजली के बिल आता है, वो पूरा-पूरा भणना पड़ता हमें, यह दोनों, एक
08:01तो देखो, एक लिटा हुआ इनकी देवालों में, बर
08:11पहले वाले गाली देते रहते हैं, इनका जब कमाई के नहीं देगा, तो खाना कहां से, इस पिने के लिए
08:20पैसा होगा, नसा करने के लिए पैसा होगा, और मार को आके गाली देगा, उल्टा सिधा गाली देता है, और
08:28मारने भी छुटता है, इनका बच्चा है, इनका पहले
08:34वाले उलाद का, तब फिलों मर गया। थो नों मर गया
08:51तो आप लोग सब इसी बस्ती में रहते हैं? आज इसी बस्ती में रहते हैं यह यह जेजे बस्ती है,
08:57ऑग कने राजी बीरी फारम
09:09पूपर वही करने लगता है तो आप कुछ बता रहे थे ना अंदर से क्या खाता पीता है अबी जा
09:23रहा है अब आपके रहे जिल्ली में आइसी कोई नसा नहीं
09:28आज प्रफोज की अंदर नहों को अच्छा हान नहीं करता है जो मिले अपरी देना रही है जितना यह करता
09:37है
09:38यह बेख जिस करते हैं जब हैं जब फिर से वाले बंदे बस पिते ओनली बारा जब अनली गांचाइब अंधिशन
09:55नीवाले सब अब तक सपिंग इनजेक्शन अब यह करते हैं
10:16इसके बाद हम सीधे पब्लिक टॉयलेट पहुँचे जहां पर पूरी बस्ती के लोग, बच्चे, बूढ़े, मर्द, औरत, सभी श्चौच करने
10:23जाते हैं
10:27यह है पब्लिक टॉयलेट यहां पर जो पूरी बस्ती वाले आते हैं
10:40बहुत बहुत जादा उल्टी जैसी आ रही है बस्ती बड़ी जी दिखा दीजिए लाइए आएए
10:59मुझे नहीं लगता है कि कोई यहां पर खड़े हो के सास भी ले सकता है, मुझे भी बहुत जादा
11:03अंदर से उल्टी जैसी फिलिंग आ रही है
11:06लेकिन जो सिचुएशन है यहां पब्लिक टॉइलेट की आप देख भी रहे हैं हमारे कैमरे पर और यहां पर शॉच
11:13करने आती हैं और यह एक दिन का खेल नहीं है रोज आती है मैं यहां पर जादा बात नहीं
11:18कर पाऊंगी इस बारे में बात हम बाहर करेंगे स्थिती बह�
11:22बहुत गंभीर है और बहुत दैनिया है महिला यहां पर कैसे आती हैं कैसे रहती हैं कैसे शौच जाती है
11:29आपने देखा अभी कैमरे पर और सफाई करने वाले क्या करें उनको सैलरी नहीं आती है टाइन पर तो वह
11:35भी मजबूर है
11:35रेका गुपता करें ना कोशिस दें में उनकी सेली काई को रोक रती है कभी तो सपाई करेंगे वो उनकी
11:44सेली ना मिल लिया तो कहांचे करेंगे
11:46उसमेज-दा गंदिगी रहती हैं इस मैं ना, सहल लिाएगी तो कहां से साप करेगा
11:50इंसन लिन आरिये पीसर से क्या करेगा
11:53इतनी गंदिगी है ना, टंकी है, ना, कुछ है, डिब भी घर पे चला रहे हैं
11:57इतना बुरा हाल है, रुका भी नजा रहा है। आया ही महारा दिखर फी औरोची करने है।
12:13और आज की मेरी स्थिति ऐसी है कि आखों से पानी, नाक का बहना, इनहेलर के बिना मेरा काम नहीं
12:20चल बा रहा है, मुझे सास लेने में मुझे कभी तक लीव जैसी लगने लग रही है, और मैं ये
12:26सोचने पर मजबूर हो गई हूँ कि मुझे सिर्फ पाथ छे घंटे एक दिन �
12:29पर बिता कर मेरी ये स्थिति है, तो जो लोग, जो बच्चे, जो बुजर्ग, जो महिलाये वहां पर सालों से
12:35रह रही है, लॉंग टर्म उनके साथ क्या हो सकता है, उनकी स्थिति कैसी रहने वाली है, और इसलिए मैंने
12:41हमने डॉक्टर से भी बात करने की कोशिश की और जा
12:58जासे तरह तरह की गैस निकलती है, उसमें से कुछ गैस तो बहुत ही हानिका रखे, जैसे अमोनिया है, मिथेन
13:05है, हाइडरोजन सलफाइड है, ये जो बदबू आती है, हाइडरोजन सलफाइड और मिथेन की वज़ज़ से आती है, इनका जो
13:13इंपैक्ट है, समझे कि पूर
13:27को 10 km के दाइरे में होते हैं उनके respiratory system पे उनके स्वास्त
13:33पे जो असर पड़ता है मेंली फेपरों पेठेंस फेपरों में क्या होता है कि आप definitely type
13:39के डस्ट की वजह से जो निमो कॉनियसिस होती है या आपको कहिए कि डस्ट की वज़ह से
13:45एलर्जिक एस्थमा होता है ब्रॉंको इसपाज होता है खास करके बच्चे और बुजर्गों को ये बहुत ही नुकसान करता है
13:53जहां तक बात है मीथेन और हैडोजन सलफाइड की ये कार्सिनोजेनिक भी हैं तो इससे कैंसर भी हो सकता है
14:00तो मुझे लगता है कि अगर आप प
14:14आप हमारा कछ्रे पर जाने का प्रयास भी देख लिजिए कि किस तरीके से हमने कोशिश की वहां तक पहुंचने
14:19की
14:24हम वहां से भी आगे बढ़े बहुत हिम्मत करके उस कच्रे के पहार पर जाने की कोशिश की जिसकी बद्बू
14:31से ही पूरी बस्ती में खड़ा होना हमारे लिए मुश्किल था
14:37अब वहां पर हमें पता चला था कि राजेश और बच्चे उपर जाकर कच्रा चुनते हैं और वहीं बैठकर नशे
14:42भी करते हैं
14:43नशे के तो ऐसे से नाम जो मैंने पहले कभी सुना भी नहीं था और मुझे नहीं लगता है कि
14:47बहुत सारे लोग आप में से जानते भी होंगे
15:04हमारी हेल्प की और हम उपर जाने की कोशिश करने लगे तब तक कॉंट्राक्टर के लोगों ने हमें वहां देख
15:09लिया और फिर क्या जेई से पर्मिशन लेने को आने को कहा
15:12अपिस में मिलकर आये वाप हम ले बहुत तौली पूछा हुआ था बोले थे कभी भी आख लिए अप अब
15:18यह नहीं आपको वहां से करना होगा ना आप एक बार मिल लो जाओ यह जानते हुए पी कि जेई
15:34पर्मिशन नहीं देगा हम फिर भी गए देखिए जाओ मैडम आप
15:39प्ली जाओ ठीक है तो वैसे आप लोग शूट के लिए रोकते क्यों है यहां पर मना किया हो है
15:43ना कुछ कारण तो दिया होगा कारण तो हम उजह ही साफ बताएंगे अच्छा आप यहां पे करम चारी है
15:50है वाडिया सरकार काम कर रही है तो ना बनाए वीडियो लिखा हु�
16:08कि जाओ सबकुत होता है परमिशन लेने को बादे कुछ भी करो वह आप कि वहाई ज़रूरी भी है परमिशन
16:17लेना भी चाहिए
16:21कि इदर
16:23अ है पाइब लो सर भस अब लोग शूट करना चाहते है चाहिए शूट रिकॉर्ड अगर।
16:34यह बोट तो हमें लाग में दर काएंगे हैं
16:36यह हमारा प्रॉबिटिटेड एरिया है
16:39तो एंट्री रस्टिक्टिटेड है
16:41अबरे एंशी साव में स्टिक्ली बनाथ है
16:43मुझ खास रीजन यहां पे रिस्टिक्शिंस का?
16:47कास रीजन है
16:48कि बहुत सारे यहां हेवी फर-टाइम मोवेंट होती रहती है
16:53और दूसरा गैसिज यहां नीथेन ना
16:56वो एमिशन होता रहता है लीजैसी को इसमें से फ्रैस में से
17:00तो देर आज सो मैनी चांसे वैनी विस हैपनी और एक्सिजेंट
17:05कौन जिम्नेदारी दो है
17:15अब हम खड़े हैं गाजयपूर की उस जगह पर जहां पर कच्रा गिरता है
17:21कच्रे का पहाड डिल्ली में आपको सबसे बड़ा डंपिंग ग्राउंड दीखेगा वह यही है
17:26गाजयपूर का कच्रा का पहाड कैसी जगह यहां पहली यह देख लीजेए
17:31यहां जो हमारे राइट में बैक में यहां पर दिख रहा है यह है विनोद नगत डीपो यहां पर मेट्रो
17:37रिपेर होते हैं रेस्ट करते हैं
17:40मेट्रो स्टेशन है डीपो है इसके बाद बंटी जी हमारे लेफ्ट दिखाईए हाईवे एनस 24 मेरत जाने वाला
17:47� recovery यह राइट में हैं बड़ा हमारा भारत ज़णडा भी दिख रहा है वहां तत्त में हमारे बहुत सारे
17:55ट्रक्स दख
17:55रहा है तच्टरा रिसाइकल हो रहा है कच्रे पहाड क आटे जा रहा हैं हमें
17:59बहुत सारी चीज़े दिखाई दे रही है, लेकिन जो सबसे बड़ा सेंटर ओफ अट्रैक्शन है, इन ही कच्रे के पहाड
18:05के पास यहां पे जुगी है छोटी सी, जहां पर लगभग 5,000 लोग रहते हैं, नीचे पता चला था
18:113,000 लेकिन फिर वो डेटा हमने और लोगों ने �
18:14पांच हजार ते जादा ही लोग रहते होंगे, 5,000 लोग रहते हैं, इनके पास खाने पीने का तो अलग
18:19सिस्टेम है, बेसिक नीच शौचाला नहीं है, कि छोड़ी दीजेए, घर में किसी के पास है कि मिट्टी का चूला
18:25भी देखा है हमने, और एक घर में 15-20-20 लोग रहन
18:30जाने का है, ना खाने का है, ना शौच जाने का है, फिलाल यह जानी है कि अभी एक-दो
18:35घंटे, तीन घंटे से हम यहाँ घूम रहे हैं, और हमारी स्तिती ऐसी है कि कई बार मुझे लगा कि
18:40उल्टी हो जाएगा, या शायद मैं दसों दिन तक खाना नहीं खा पाऊंगी, आ
18:58है तो इस कमरे में किSeanम रहते हैं, मैं खाना जाएगे, हम दो electronics सब्स्सक्रा सब्सक्राना खाल्स जीत खा मर
19:09आखी ज मैं तो हम इसी कमरे में रहते हैं, लोग इतने गरीब हैं, अगर ही जढ़ा दे हम कहां
19:14जाएंगी, हमने रोज़ का खाना रोज का छान श जाएगे, हम कहा
19:28को इतना बड़ा पद मिला है अगर हमें हटा देंगे तो जीतेंगे किस बात में हम अभी खड़े हैं गाजीपूर
19:34लैंड फिल के पास यहाई से डेड़ दो सो मीटर कचला का पहाल है हमारे पीछे गाजीपूर डिपो की बस्ती
19:40है यह विनोध नगर डिपो कैमरा मैं दिखा�
19:56बड़े बड़े लोग उसी रास्ते से गुजरते होंगे और उसी रास्ते के पीछे यह जुगी यह बस्ती हमारे आसपस बहुत
20:02सारे लोग और जो एरिया की स्तिती है वो भी आप देख रहे होंगे कहने का मतलब है कि दिली
20:09की चका चौन के पीछे एक दुनिया ऐसी भी है �
20:11जिसके बारे में शायद बहुत कम लोग जानते हैं और उसी दुनिया को आज हम अपने कैमेरे से आपको दिखाने
20:17की कोशिश कर रहे हैं यहां के लोग कैसे जीते हैं कैसे सास लेते हैं यहां पर घर तो नहीं
20:23है चोटे-चोटे मकान हैं चोटी-चोटी उदर पीछे जुग
20:38करेंगे तो आपको अपनी स्थिति आप सोचने पर मजबूर हो जाएंगे कि भारत में एक कोना ऐसा भी है यहीं
20:45बगल में चमचमाती सड़क है एनेच है जो बढ़ियां सी दौड रही है मेरिठ एक्सप्रेस वे हैं और यहीं सटा
20:52हुआ यह गाजीपूर डंपिंग ग्रा�
21:16किसी के घर में कमाने वाला है किसी की घर में नहीं हुगी हम यहीं जानना चाहें यहां और उक्च
21:24माजबूरी में और ड़ता है
21:34सेया यहां कि सब कहब तोड़ दिया जाएगा है तो अई था आप श थे ज हम लोग के तो
21:43सब्सक्रार जिए थे अना inm �र नहां जाएगा अधीव
21:54आदिदी मेरा नाम नाम मैं में रैखा रेखा रेखा रखी में इनका नाम और पॉट्वेट्यू
22:02और उनफॉचुनेटली दिल्ली की मुख्यमंत्री का नाम भी रेखा गुपता ही है और रेखा गुपता क्या सोच रही है इन
22:08लोगों के लिए यह तो रेखा गुपता ही वताएंगे फिलहाल जो आडर से कि इन जो हजार 2000
22:14तुछ 1,300 से उपर जो लोग रह रहे हैं यह रातो रात बेगर होने वाले हैं और इनके पास
22:21कोई प्लैन भी नहीं है आदको आए सबको आया पूरा जुक्गी में आया है और कितने दिन का टाइम दिया
22:30गया है यह तो 3 महीं पर पतानी आचानक रात में कब आके तोड़ दे अ
22:43अब और जक्हां जाएंगे रहना है अब क्या करेंगे तो
22:53हमारा बच्पन ही हुआ है पडिनों जाती हम अगर हएं वह इतने पैसे था
23:24बस्ती की सारी कहानिया दिखाएंगे तो घंटों लग जाएंगे लेकिन सवाल वही है
23:29इनसे किसी को कोई फर्क पड़ता है क्या इसी जिन्दगी में वो खुश है उन्हें तो मालूम भी नहीं है
23:35कि वो जी नहीं रहे वो हर रोज मौत से लड़ रहे है
23:59झालोग कि वो जाइ खुश है 5K
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