00:00दिल्ली में आपको सबसे बड़ा डंपिंग ग्राउंड दिखेगा वो यही है गाजिपूर का कश्रा का पहाड बस्ती में मुझे लगता
00:07है आराम से हजार दोजार से उपर लोग रहते होंगे
00:09क्यों सूट करोगा इसे? यहां को वीडियो डालना? लबसे पुरा काम है
00:15कैसे रहती हैं इस बड़ दिल्ली के चकाचौन के पीछे एक दुनिया ऐसी भी है जिसके बारे में शायद बहुत
00:23कम लोग जानते हैं
00:27भारत के अंदर दो भारत हैं एक जो सूसाइटी में रहता है और दूसरा जो सूसाइटी में रह रहे लोगों
00:33का कचरा उठाता है
00:34और उसके बाल बच्चे उसी फेके हुए कचरे से दुबारा कचरा चुनने का काम करते हैं
00:39लेकिन क्या आपने गभी सूचा है कि उनकी जिन्दगी कैसी होती है
00:43उनके बच्चों की जिन्दगी कैसी होती है
00:45वो क्या करते हैं, वो कैसे रहते हैं
00:47चलिए आज आपको बिल्कुल करीब से उनके साथ रहकर उनकी जिन्दगी दिखाते हैं।
00:51इसके लिए हम पहुंचे थे।
01:17यहां पॉल पाओ को तुम बोलने किस्थिती में हो।
01:21खड़े होने किस्थिती में हो।
01:23अब अभी फिलाल बार जाओ।
01:26यह है पब्लिक टॉएलेट यहां पर पूरी बस्ती वाले आते हैं।
01:33बहुत ज़्यादा उल्टी जैसी आ रही है।
01:42अब हम खड़े हैं गाजिपूर की उस जगह पे जहां पर कच्रा गिरता है कच्रे का पहाड दिल्ली में आपको
01:49सबसे बड़ा डंपिंग ग्राउंड दिखेगा वो यही है गाजिपूर का कच्रा का पहाड
02:16राजुष के घर अभी हम जा ही रहे थे तब तक एक व्यक्ति हमें अंदर ना जाने को धंकाने लगा
02:29उसनी हमारे कैमरे तोड़ने हमारे सत्मार पिटाई तक की बाते कर दी जुसके बाद हम किसी तरह वहां से आगे
02:34बढ़े
02:59इसका पीछे रहते हैं इसके पीछे और मतलब इस जगे का नाम क्या है
03:05गाजी भुद्धिरी भारम यह बताओ घर में कितने लोग हैं मेरा चार भाई एक भ्यान है यह कपड़े वपड़े दोते
03:13हो कोई धोने वाला निये मम्मी है दोता निये पैसा ने जेता मूल के यहीं रहते हो हां मेटम जी
03:20रहते हैं यह पूरी मतलब बस्ती यह पुरा ला�
03:35अ यह पर दो किसे पड़ा देगो अ चाहिए अ के लोग टाओ यह पर देगो मेरा भाई है मेटम
03:41यह मेरा भाई है इसका यह जो सो रहे है रहा है मेटमिरा बड़ा भाई कर देगो कैसे जाड देनी
03:49अ
03:55यह मेरा घरे मेडम और यह मेरा मम्मी पापा मेरा भाई बेन यह मेरा मम्मी मेरा भाई बेन मेरा पापा
04:05कुछ नहीं है बस आप लोगों की जुन्दिगी देखने आए हैं
04:13हमें कोई बोलनी पाई गाई मैं बोल पाऊंगा तुम बोल पाऊंगे नहीं कि स्थिति में हो खड़े होने कि स्थिति
04:21में हो घर हम हमें फिलाल बाहर जाओ अभी हम राजी इससे बात करते हैं
04:26अब दारू कि अगौश शिए बनाया मेरे को
04:43आपका नाम क्या है सकीला यह राजेश आपका बेटा था कितने बच्चे आपके मेरा चार चार लड़के है
05:08लड़की एक है बबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबब
05:30यह प्लास्टिक लगी हुई है और यह मिट्टी के चूले पे आप खाना पकाती है यह है जो आप बर्तन
05:36वर्तन जो आप मालब यह है सब कुछ आपना यह जो एक दिवार दिख रही है वह मेट्रो वाला की
05:43दिवार है आप बताये कि फिर आपका घर चलता कैसे है बच्चा लो
06:00अच्छा पहाड पे आप लोगों आसा जाके कभाड़ा चुनते हैं बद्बू नहीं आती बद्बू नहीं आती दो अटने गूटकार खा
06:07लेता गूटका खाती है नुए कचरे के बद्बू जो पहाड़ है आती तो क्या करूँ मोजूरी में काम करना पड़ता
06:14है खाना ही प�
06:28पोध हो गया इसी जिन्दगी में हां से यहां रहे रहें आप हो गया 20 साल के रहे आप आप
06:40आप यह 23 साल से आप
06:50तो तो तेईस्ट-चॉबेस साल कोई आता नहीं है मतलब आप लोगा कुछ राशन काड नेए राशन काड राशन काड
06:58कुछ अधर काड काड मांगने कोई आता है लेकिन कुछ वेवस्था नहीं कर के देता है
07:25तो मote नहीं किस में लगवाने का उसका है उसका है उसका ही
07:31तो आजग यह कुछ नहीं दो क्यों नहीं है कि हम को बना हम बजला हो टोपा कम बना ऊंप
07:37लाटे गैना reflecting का इसा मेर्य नौहिंन अन्य बुट्ट वह नहीं तो तो ज मतलग बीटम ओशिक
07:48पैसो में लेते हैं लोक लाइट, फॉन सुर पे महिने के साफ सरा, तो हमारा तो मीटर है, हम तो
07:52लाइट किसको देते निये, हमारा जो बिजली के बिल आता है, वो पूरा-पूरा भणना पड़ता हमें, यह दोनों, एक
08:01तो देखो, एक लिटा हुआ इनकी देवालों में, बर
08:11पहले वाले गाली देते रहते हैं, इनका जब कमाई के नहीं देगा, तो खाना कहां से, इस पिने के लिए
08:20पैसा होगा, नसा करने के लिए पैसा होगा, और मार को आके गाली देगा, उल्टा सिधा गाली देता है, और
08:28मारने भी छुटता है, इनका बच्चा है, इनका पहले
08:34वाले उलाद का, तब फिलों मर गया। थो नों मर गया
08:51तो आप लोग सब इसी बस्ती में रहते हैं? आज इसी बस्ती में रहते हैं यह यह जेजे बस्ती है,
08:57ऑग कने राजी बीरी फारम
09:09पूपर वही करने लगता है तो आप कुछ बता रहे थे ना अंदर से क्या खाता पीता है अबी जा
09:23रहा है अब आपके रहे जिल्ली में आइसी कोई नसा नहीं
09:28आज प्रफोज की अंदर नहों को अच्छा हान नहीं करता है जो मिले अपरी देना रही है जितना यह करता
09:37है
09:38यह बेख जिस करते हैं जब हैं जब फिर से वाले बंदे बस पिते ओनली बारा जब अनली गांचाइब अंधिशन
09:55नीवाले सब अब तक सपिंग इनजेक्शन अब यह करते हैं
10:16इसके बाद हम सीधे पब्लिक टॉयलेट पहुँचे जहां पर पूरी बस्ती के लोग, बच्चे, बूढ़े, मर्द, औरत, सभी श्चौच करने
10:23जाते हैं
10:27यह है पब्लिक टॉयलेट यहां पर जो पूरी बस्ती वाले आते हैं
10:40बहुत बहुत जादा उल्टी जैसी आ रही है बस्ती बड़ी जी दिखा दीजिए लाइए आएए
10:59मुझे नहीं लगता है कि कोई यहां पर खड़े हो के सास भी ले सकता है, मुझे भी बहुत जादा
11:03अंदर से उल्टी जैसी फिलिंग आ रही है
11:06लेकिन जो सिचुएशन है यहां पब्लिक टॉइलेट की आप देख भी रहे हैं हमारे कैमरे पर और यहां पर शॉच
11:13करने आती हैं और यह एक दिन का खेल नहीं है रोज आती है मैं यहां पर जादा बात नहीं
11:18कर पाऊंगी इस बारे में बात हम बाहर करेंगे स्थिती बह�
11:22बहुत गंभीर है और बहुत दैनिया है महिला यहां पर कैसे आती हैं कैसे रहती हैं कैसे शौच जाती है
11:29आपने देखा अभी कैमरे पर और सफाई करने वाले क्या करें उनको सैलरी नहीं आती है टाइन पर तो वह
11:35भी मजबूर है
11:35रेका गुपता करें ना कोशिस दें में उनकी सेली काई को रोक रती है कभी तो सपाई करेंगे वो उनकी
11:44सेली ना मिल लिया तो कहांचे करेंगे
11:46उसमेज-दा गंदिगी रहती हैं इस मैं ना, सहल लिाएगी तो कहां से साप करेगा
11:50इंसन लिन आरिये पीसर से क्या करेगा
11:53इतनी गंदिगी है ना, टंकी है, ना, कुछ है, डिब भी घर पे चला रहे हैं
11:57इतना बुरा हाल है, रुका भी नजा रहा है। आया ही महारा दिखर फी औरोची करने है।
12:13और आज की मेरी स्थिति ऐसी है कि आखों से पानी, नाक का बहना, इनहेलर के बिना मेरा काम नहीं
12:20चल बा रहा है, मुझे सास लेने में मुझे कभी तक लीव जैसी लगने लग रही है, और मैं ये
12:26सोचने पर मजबूर हो गई हूँ कि मुझे सिर्फ पाथ छे घंटे एक दिन �
12:29पर बिता कर मेरी ये स्थिति है, तो जो लोग, जो बच्चे, जो बुजर्ग, जो महिलाये वहां पर सालों से
12:35रह रही है, लॉंग टर्म उनके साथ क्या हो सकता है, उनकी स्थिति कैसी रहने वाली है, और इसलिए मैंने
12:41हमने डॉक्टर से भी बात करने की कोशिश की और जा
12:58जासे तरह तरह की गैस निकलती है, उसमें से कुछ गैस तो बहुत ही हानिका रखे, जैसे अमोनिया है, मिथेन
13:05है, हाइडरोजन सलफाइड है, ये जो बदबू आती है, हाइडरोजन सलफाइड और मिथेन की वज़ज़ से आती है, इनका जो
13:13इंपैक्ट है, समझे कि पूर
13:27को 10 km के दाइरे में होते हैं उनके respiratory system पे उनके स्वास्त
13:33पे जो असर पड़ता है मेंली फेपरों पेठेंस फेपरों में क्या होता है कि आप definitely type
13:39के डस्ट की वजह से जो निमो कॉनियसिस होती है या आपको कहिए कि डस्ट की वज़ह से
13:45एलर्जिक एस्थमा होता है ब्रॉंको इसपाज होता है खास करके बच्चे और बुजर्गों को ये बहुत ही नुकसान करता है
13:53जहां तक बात है मीथेन और हैडोजन सलफाइड की ये कार्सिनोजेनिक भी हैं तो इससे कैंसर भी हो सकता है
14:00तो मुझे लगता है कि अगर आप प
14:14आप हमारा कछ्रे पर जाने का प्रयास भी देख लिजिए कि किस तरीके से हमने कोशिश की वहां तक पहुंचने
14:19की
14:24हम वहां से भी आगे बढ़े बहुत हिम्मत करके उस कच्रे के पहार पर जाने की कोशिश की जिसकी बद्बू
14:31से ही पूरी बस्ती में खड़ा होना हमारे लिए मुश्किल था
14:37अब वहां पर हमें पता चला था कि राजेश और बच्चे उपर जाकर कच्रा चुनते हैं और वहीं बैठकर नशे
14:42भी करते हैं
14:43नशे के तो ऐसे से नाम जो मैंने पहले कभी सुना भी नहीं था और मुझे नहीं लगता है कि
14:47बहुत सारे लोग आप में से जानते भी होंगे
15:04हमारी हेल्प की और हम उपर जाने की कोशिश करने लगे तब तक कॉंट्राक्टर के लोगों ने हमें वहां देख
15:09लिया और फिर क्या जेई से पर्मिशन लेने को आने को कहा
15:12अपिस में मिलकर आये वाप हम ले बहुत तौली पूछा हुआ था बोले थे कभी भी आख लिए अप अब
15:18यह नहीं आपको वहां से करना होगा ना आप एक बार मिल लो जाओ यह जानते हुए पी कि जेई
15:34पर्मिशन नहीं देगा हम फिर भी गए देखिए जाओ मैडम आप
15:39प्ली जाओ ठीक है तो वैसे आप लोग शूट के लिए रोकते क्यों है यहां पर मना किया हो है
15:43ना कुछ कारण तो दिया होगा कारण तो हम उजह ही साफ बताएंगे अच्छा आप यहां पे करम चारी है
15:50है वाडिया सरकार काम कर रही है तो ना बनाए वीडियो लिखा हु�
16:08कि जाओ सबकुत होता है परमिशन लेने को बादे कुछ भी करो वह आप कि वहाई ज़रूरी भी है परमिशन
16:17लेना भी चाहिए
16:21कि इदर
16:23अ है पाइब लो सर भस अब लोग शूट करना चाहते है चाहिए शूट रिकॉर्ड अगर।
16:34यह बोट तो हमें लाग में दर काएंगे हैं
16:36यह हमारा प्रॉबिटिटेड एरिया है
16:39तो एंट्री रस्टिक्टिटेड है
16:41अबरे एंशी साव में स्टिक्ली बनाथ है
16:43मुझ खास रीजन यहां पे रिस्टिक्शिंस का?
16:47कास रीजन है
16:48कि बहुत सारे यहां हेवी फर-टाइम मोवेंट होती रहती है
16:53और दूसरा गैसिज यहां नीथेन ना
16:56वो एमिशन होता रहता है लीजैसी को इसमें से फ्रैस में से
17:00तो देर आज सो मैनी चांसे वैनी विस हैपनी और एक्सिजेंट
17:05कौन जिम्नेदारी दो है
17:15अब हम खड़े हैं गाजयपूर की उस जगह पर जहां पर कच्रा गिरता है
17:21कच्रे का पहाड डिल्ली में आपको सबसे बड़ा डंपिंग ग्राउंड दीखेगा वह यही है
17:26गाजयपूर का कच्रा का पहाड कैसी जगह यहां पहली यह देख लीजेए
17:31यहां जो हमारे राइट में बैक में यहां पर दिख रहा है यह है विनोद नगत डीपो यहां पर मेट्रो
17:37रिपेर होते हैं रेस्ट करते हैं
17:40मेट्रो स्टेशन है डीपो है इसके बाद बंटी जी हमारे लेफ्ट दिखाईए हाईवे एनस 24 मेरत जाने वाला
17:47� recovery यह राइट में हैं बड़ा हमारा भारत ज़णडा भी दिख रहा है वहां तत्त में हमारे बहुत सारे
17:55ट्रक्स दख
17:55रहा है तच्टरा रिसाइकल हो रहा है कच्रे पहाड क आटे जा रहा हैं हमें
17:59बहुत सारी चीज़े दिखाई दे रही है, लेकिन जो सबसे बड़ा सेंटर ओफ अट्रैक्शन है, इन ही कच्रे के पहाड
18:05के पास यहां पे जुगी है छोटी सी, जहां पर लगभग 5,000 लोग रहते हैं, नीचे पता चला था
18:113,000 लेकिन फिर वो डेटा हमने और लोगों ने �
18:14पांच हजार ते जादा ही लोग रहते होंगे, 5,000 लोग रहते हैं, इनके पास खाने पीने का तो अलग
18:19सिस्टेम है, बेसिक नीच शौचाला नहीं है, कि छोड़ी दीजेए, घर में किसी के पास है कि मिट्टी का चूला
18:25भी देखा है हमने, और एक घर में 15-20-20 लोग रहन
18:30जाने का है, ना खाने का है, ना शौच जाने का है, फिलाल यह जानी है कि अभी एक-दो
18:35घंटे, तीन घंटे से हम यहाँ घूम रहे हैं, और हमारी स्तिती ऐसी है कि कई बार मुझे लगा कि
18:40उल्टी हो जाएगा, या शायद मैं दसों दिन तक खाना नहीं खा पाऊंगी, आ
18:58है तो इस कमरे में किSeanम रहते हैं, मैं खाना जाएगे, हम दो electronics सब्स्सक्रा सब्सक्राना खाल्स जीत खा मर
19:09आखी ज मैं तो हम इसी कमरे में रहते हैं, लोग इतने गरीब हैं, अगर ही जढ़ा दे हम कहां
19:14जाएंगी, हमने रोज़ का खाना रोज का छान श जाएगे, हम कहा
19:28को इतना बड़ा पद मिला है अगर हमें हटा देंगे तो जीतेंगे किस बात में हम अभी खड़े हैं गाजीपूर
19:34लैंड फिल के पास यहाई से डेड़ दो सो मीटर कचला का पहाल है हमारे पीछे गाजीपूर डिपो की बस्ती
19:40है यह विनोध नगर डिपो कैमरा मैं दिखा�
19:56बड़े बड़े लोग उसी रास्ते से गुजरते होंगे और उसी रास्ते के पीछे यह जुगी यह बस्ती हमारे आसपस बहुत
20:02सारे लोग और जो एरिया की स्तिती है वो भी आप देख रहे होंगे कहने का मतलब है कि दिली
20:09की चका चौन के पीछे एक दुनिया ऐसी भी है �
20:11जिसके बारे में शायद बहुत कम लोग जानते हैं और उसी दुनिया को आज हम अपने कैमेरे से आपको दिखाने
20:17की कोशिश कर रहे हैं यहां के लोग कैसे जीते हैं कैसे सास लेते हैं यहां पर घर तो नहीं
20:23है चोटे-चोटे मकान हैं चोटी-चोटी उदर पीछे जुग
20:38करेंगे तो आपको अपनी स्थिति आप सोचने पर मजबूर हो जाएंगे कि भारत में एक कोना ऐसा भी है यहीं
20:45बगल में चमचमाती सड़क है एनेच है जो बढ़ियां सी दौड रही है मेरिठ एक्सप्रेस वे हैं और यहीं सटा
20:52हुआ यह गाजीपूर डंपिंग ग्रा�
21:16किसी के घर में कमाने वाला है किसी की घर में नहीं हुगी हम यहीं जानना चाहें यहां और उक्च
21:24माजबूरी में और ड़ता है
21:34सेया यहां कि सब कहब तोड़ दिया जाएगा है तो अई था आप श थे ज हम लोग के तो
21:43सब्सक्रार जिए थे अना inm �र नहां जाएगा अधीव
21:54आदिदी मेरा नाम नाम मैं में रैखा रेखा रेखा रखी में इनका नाम और पॉट्वेट्यू
22:02और उनफॉचुनेटली दिल्ली की मुख्यमंत्री का नाम भी रेखा गुपता ही है और रेखा गुपता क्या सोच रही है इन
22:08लोगों के लिए यह तो रेखा गुपता ही वताएंगे फिलहाल जो आडर से कि इन जो हजार 2000
22:14तुछ 1,300 से उपर जो लोग रह रहे हैं यह रातो रात बेगर होने वाले हैं और इनके पास
22:21कोई प्लैन भी नहीं है आदको आए सबको आया पूरा जुक्गी में आया है और कितने दिन का टाइम दिया
22:30गया है यह तो 3 महीं पर पतानी आचानक रात में कब आके तोड़ दे अ
22:43अब और जक्हां जाएंगे रहना है अब क्या करेंगे तो
22:53हमारा बच्पन ही हुआ है पडिनों जाती हम अगर हएं वह इतने पैसे था
23:24बस्ती की सारी कहानिया दिखाएंगे तो घंटों लग जाएंगे लेकिन सवाल वही है
23:29इनसे किसी को कोई फर्क पड़ता है क्या इसी जिन्दगी में वो खुश है उन्हें तो मालूम भी नहीं है
23:35कि वो जी नहीं रहे वो हर रोज मौत से लड़ रहे है
23:59झालोग कि वो जाइ खुश है 5K
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