00:00महराष्ट में मुस्लिमों को बड़ा जटका, अब नहीं मिलेगा अरक्षन का फायदा
00:05महराष्ट की राजनीती में आधी रात ऐसा फैसला आया है जिसने हजारों लोगों की उमीदों पर सवाल खड़े का दिये
00:11है
00:11सीधा सरकारी आदेश आया जिसकी पहले से कोई घोशना नहीं थी जिसके बाद मुस्लिम समुदाई से खुद के साथ नाइंसाफी
00:19कह रहा है
00:19क्या है पूरा मामला, महराष्ट में अचानक बवाल क्यों मचा हुआ है आई जानते हैं आज की इस खबर में
00:29महराष्ट की देवेंद्र फड्नवे सरकार ने मंगलवार रात एक सरकारी आदेश जारी कर मुस्लिम समुदाई के कुछ वर्गों को दी
00:35गई
00:36पाच प्रतिशत SEBCन के सोशल एंड एजुकेशनली बैकवर्ड ग्लास आरक्षिन विवस्था को रद्ध कर दिया
00:43ये फैसले वर्ष 2014 की नीती से जुड़े अदालती फैसले और कानूनी स्तिक के आधार पर लिया गया है
00:49सरकारी आदेश के मुताबिक वर्ष 2014 में जिन सामाजिक और एश्यक्षनिक रूप से पिछड़े मुस्लिम समुदाई और उसके समुहों के
00:55विशेश पिछड़ा वर्ग ASBCA के तहत आरक्षिन दिया गया था
01:00वो अब विवस्था समाप्त मानी जाएगी
01:02इसके तहट सरकारी और अर्ध सरकारी नौकरियों में सीधी भरती एश्यक्षनिक संस्थानों में प्रवेश से जुड़े सभी प्रावधान वापस ले
01:10लिये गए है
01:10माना जा रहा है कि इस फैसले के बाद मुस्लिम समुदाय के भी तरती ही प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती
01:15है
01:152014 में लागू हुई थी आरक्षिन नीती
01:18ये नीती जुलाई 2014 में ततकालिन अल्पसंख्यक कल्यान मंतरी नसीम खान के प्रस्ताव पर राज्य कैबिनेट की मन्जूरी के बाद
01:25लागू की गई थी
01:26इसके तहत मुस्लिम समुदाय के कुछ पिछडे वर्गों को नौकरियों और शुक्षा में पाच प्रदिशत आरक्षन देने का प्रावधान किया
01:33गया था
01:33साथी पात्रला भार्थियों को जाती प्रमाण पत्र और वैदिता प्रमाण पत्र जारी के नरदेश भी दिये गये थे
01:39अलग इस फैसले को उसी वर्ष अदालत में चुनौती दे दी गई थी
01:42बॉंबे हाई कोट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए
01:4514 नवेंबर 2014 को अंतरिम आदेश जारी करके राज्य के अधीन सरकारी नौकरियों में इस आरक्षन पर रोक भी लगा
01:52दी थी
01:53इसके बाद वर्षों तक मामला अदालत में चलता रहा और नीती की कानूनी स्तिती सपष्ट नहीं हो पाई
01:58अध्यादेश नहीं बना कानून
02:00राजसरकार का कहना है कि जिस अध्यादेश न की जिस ओर्डिनस के जरिये ये आरक्षन लागो किया गया था वो
02:06कभी स्थाई कानून में तबदिल नहीं हुआ
02:08अध्यादेश की अवधी समाथ होने के साथ ही उससे जुड़े सवी सरकारी परिपत्र और आदेश स्वत्य है अमान्य हो गए
02:14इसी कानूनी स्थिती को ध्यार में रखते हुए सामाने प्रशासन विभाग में 2014 और 2015 में जारी सभी संपंदित आदेशों
02:22को अपचारिक रूप से रद्द कर दिया है
02:24अधिकारिओं के अनुसार नया सरकारी आदेश की वर अदालत समर्थित कानूनी स्थिती के अनुरूप राज्य के रिकॉर्ड को दुरुस्त करने
02:31के लिए जारी किया गया है
02:32हलाकि राजुनीती और सामाजिक जानकारों का मानना है
02:36ये फैसला सम्वेधन शील बन सकता है
02:38क्योंकि पहले ये आरफशन मुस्लिम समुदाई के
02:41कुछ वर्गों में शिक्षा और रोजगार में
02:43पछडेपन को दूर करने के उदेश्य से लाया गया था
02:46इस ख़बर में इतना ही लेकिन अगर आगे कुछ इसमें से नई अपडेट निकल कर आती है
02:50वो भी आपको दिखाते रहेंगे तब तक बने रहे हैं One India Hindi के साथ
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