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Maharashtra Muslim Reservation पर सरकार का बड़ा फैसला, आधी रात जारी हुआ आदेश | Oneindia
महाराष्ट्र में रातों-रात आरक्षण (Reservation) को लेकर बड़ा खेला हो गया है। सरकार के एक आदेश ने मुस्लिम समुदाय की नींद उड़ा दी है, जिसके बाद से सियासी गलियारों में हलचल तेज है।
महाराष्ट्र की राजनीति (Maharashtra Politics) में एक बार फिर आरक्षण का जिन्न बाहर आ गया है। ताज़ा खबर के मुताबिक, महाराष्ट्र सरकार ने आधी रात को एक ऐसा फैसला लिया है जिससे मुस्लिम समुदाय को बड़ा झटका लगा है। सरकारी आदेश के अनुसार, अब मुस्लिमों को आरक्षण (Muslim Reservation) का लाभ मिलने पर सवाल खड़े हो गए हैं।
इस आदेश की सबसे चौंकाने वाली बात इसकी टाइमिंग रही। सरकार ने बिना किसी पूर्व घोषणा के सीधा आदेश जारी किया, जिसे लेकर अब विपक्ष और मुस्लिम संगठन सवाल उठा रहे हैं। समुदाय के नेताओं का कहना है कि यह उनके साथ 'नाइंसाफी' है और इसके खिलाफ आवाज़ उठाई जाएगी।
इस वीडियो में जानिए कि आखिर सरकार ने यह फैसला क्यों लिया? क्या अब महाराष्ट्र में मुस्लिम आरक्षण (Muslim Aarakshan) पूरी तरह खत्म हो जाएगा? और इस फैसले के पीछे की असली वजह क्या है? देखिये वनइंडिया हिंदी की यह खास रिपोर्ट।

A major political controversy has erupted in Maharashtra following the state government's midnight order regarding Muslim Reservation. The decision, taken without prior announcement, has led to an uproar within the Muslim community, labeling the move as injustice. Watch this detailed report on the sudden cancellation of benefits and the political fallout in the state.

#MaharashtraPolitics #MuslimReservation #EknathShinde #BreakingNews #OneindiaHindi

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Transcript
00:00महराष्ट में मुस्लिमों को बड़ा जटका, अब नहीं मिलेगा अरक्षन का फायदा
00:05महराष्ट की राजनीती में आधी रात ऐसा फैसला आया है जिसने हजारों लोगों की उमीदों पर सवाल खड़े का दिये
00:11है
00:11सीधा सरकारी आदेश आया जिसकी पहले से कोई घोशना नहीं थी जिसके बाद मुस्लिम समुदाई से खुद के साथ नाइंसाफी
00:19कह रहा है
00:19क्या है पूरा मामला, महराष्ट में अचानक बवाल क्यों मचा हुआ है आई जानते हैं आज की इस खबर में
00:29महराष्ट की देवेंद्र फड्नवे सरकार ने मंगलवार रात एक सरकारी आदेश जारी कर मुस्लिम समुदाई के कुछ वर्गों को दी
00:35गई
00:36पाच प्रतिशत SEBCन के सोशल एंड एजुकेशनली बैकवर्ड ग्लास आरक्षिन विवस्था को रद्ध कर दिया
00:43ये फैसले वर्ष 2014 की नीती से जुड़े अदालती फैसले और कानूनी स्तिक के आधार पर लिया गया है
00:49सरकारी आदेश के मुताबिक वर्ष 2014 में जिन सामाजिक और एश्यक्षनिक रूप से पिछड़े मुस्लिम समुदाई और उसके समुहों के
00:55विशेश पिछड़ा वर्ग ASBCA के तहत आरक्षिन दिया गया था
01:00वो अब विवस्था समाप्त मानी जाएगी
01:02इसके तहट सरकारी और अर्ध सरकारी नौकरियों में सीधी भरती एश्यक्षनिक संस्थानों में प्रवेश से जुड़े सभी प्रावधान वापस ले
01:10लिये गए है
01:10माना जा रहा है कि इस फैसले के बाद मुस्लिम समुदाय के भी तरती ही प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती
01:15है
01:152014 में लागू हुई थी आरक्षिन नीती
01:18ये नीती जुलाई 2014 में ततकालिन अल्पसंख्यक कल्यान मंतरी नसीम खान के प्रस्ताव पर राज्य कैबिनेट की मन्जूरी के बाद
01:25लागू की गई थी
01:26इसके तहत मुस्लिम समुदाय के कुछ पिछडे वर्गों को नौकरियों और शुक्षा में पाच प्रदिशत आरक्षन देने का प्रावधान किया
01:33गया था
01:33साथी पात्रला भार्थियों को जाती प्रमाण पत्र और वैदिता प्रमाण पत्र जारी के नरदेश भी दिये गये थे
01:39अलग इस फैसले को उसी वर्ष अदालत में चुनौती दे दी गई थी
01:42बॉंबे हाई कोट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए
01:4514 नवेंबर 2014 को अंतरिम आदेश जारी करके राज्य के अधीन सरकारी नौकरियों में इस आरक्षन पर रोक भी लगा
01:52दी थी
01:53इसके बाद वर्षों तक मामला अदालत में चलता रहा और नीती की कानूनी स्तिती सपष्ट नहीं हो पाई
01:58अध्यादेश नहीं बना कानून
02:00राजसरकार का कहना है कि जिस अध्यादेश न की जिस ओर्डिनस के जरिये ये आरक्षन लागो किया गया था वो
02:06कभी स्थाई कानून में तबदिल नहीं हुआ
02:08अध्यादेश की अवधी समाथ होने के साथ ही उससे जुड़े सवी सरकारी परिपत्र और आदेश स्वत्य है अमान्य हो गए
02:14इसी कानूनी स्थिती को ध्यार में रखते हुए सामाने प्रशासन विभाग में 2014 और 2015 में जारी सभी संपंदित आदेशों
02:22को अपचारिक रूप से रद्द कर दिया है
02:24अधिकारिओं के अनुसार नया सरकारी आदेश की वर अदालत समर्थित कानूनी स्थिती के अनुरूप राज्य के रिकॉर्ड को दुरुस्त करने
02:31के लिए जारी किया गया है
02:32हलाकि राजुनीती और सामाजिक जानकारों का मानना है
02:36ये फैसला सम्वेधन शील बन सकता है
02:38क्योंकि पहले ये आरफशन मुस्लिम समुदाई के
02:41कुछ वर्गों में शिक्षा और रोजगार में
02:43पछडेपन को दूर करने के उदेश्य से लाया गया था
02:46इस ख़बर में इतना ही लेकिन अगर आगे कुछ इसमें से नई अपडेट निकल कर आती है
02:50वो भी आपको दिखाते रहेंगे तब तक बने रहे हैं One India Hindi के साथ
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