00:06दिल्ली में चल रहे AI सम्मिट के दौरान एक रोबोटिक दौग ने ऐसा बवाल खड़ा कर दिया कि मामला सोशिल
00:11मीडिया ट्रोलिंग से निकल कर युनिवरसिटी की मान्यता तक पहुच गया
00:15आरोप लगे कि गलगोटिय उनिवरसिटी ने चीन में बने रोबोट को भारती इनोवेशन बता कर दिल्ली AI सम्मिट में पेश
00:21किया
00:22डीडी नियूस समिट कई मीडिया संगटन ने इस पर रिपोर्ट भी की
00:25देखते ही देखते ही उनिवरसिटी का लाइसेंस रद्ध हो जय से नारे सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगे
00:30और विश्व विद्याले को सफाई देने पर मजबूर होना पड़ा
00:33वही मेडिया संगटन को वीडियो डिलीट भी करना पड़ा
00:36तो आई आपको बताते हैं कि ये आखिर पूरा मामला क्या है और गलगोट ये उनिवरसिटी ने बयान चारी कर
00:42क्या कहा
00:50AI संबिट के दोरान एक चार पैरो वाला रोबोटिक दौग लोगों के आकरशक का केंद्र बना
00:55सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्ट में दावा किया गया कि ये रोबोट गलगोटिय उनिवरसिटी ने तयार किया
01:00और इसे और ये नाम से प्रद्रशुत किया गया
01:03कहा गया कि इसे स्वदेशी AI इनोवेशन के तौर पर मंच पर पेश किया गया
01:07जबकि असल में ये चीन की कमपनी का प्रोडिक्ट है
01:10इस रोबोटिक डॉग को चीन में बनाया गया है
01:12यही से विवाद ने तुल पकड़ लिया
01:15सवाल उठने लगे कि अगर रोबोट विदेश्ट से मंगाया गया था
01:18तो उसे भारतिय नवाच्वार की तरह क्यों दिखाया गया
01:20वही जाच परताल में सामने आया
01:22कि ये रोबोटिक डॉग चीन के ग्लोबल रोबोटिक्स कमपनी
01:25युनिट्री का मॉडल युनिट्री गो टू है
01:27अंतराश्टिय मार्केट में इसकी कीमत करीब 2-3 लाख रुपे बताई जाती है
01:32आरोप ये लगे कि AI सम्मिट जैसे बड़े मंच पर इस चीनी रोबोट को ओरियन नाम देकर पेश पिया गया
01:37जिससे ऐसा अभास हुआ कि ये भारतिय चात्रों की देन है
01:41और इसी बात पर सोशल मीडिया यूजर्स भडग गए
01:43लगातार आलोचना के बाद गलगोट ये उनिवोसिटी ने 17 फरवरी की रात आधिकारिक बयान ज़ारी किया
01:48यूणिवोसिटी ने साफ कहा कि उसने कभी ये दावा नहीं किया कि रोबोट एक डॉग उसी ने बनाया है
01:54विश्व विध्याले ने बयान में कहा कि रोबोट छात्रों के लिए एक learning दूल है
01:58बयान में ये भी कहा गया कि हम रोबोट नहीं बलकि ऐसे दिमाग तयार कर रहे हैं जो भविश्य में
02:02भारत में इस तरह की तक्नीक को डेजाइन, इंजिनियर और मैनुफैक्ट्रिंग करेंगे
02:07युनिवर्सिल्टी ने ये भी कहा कि छातर इस रोबोट के अस्तिमाल इसकी शमताओं को समझने, टेस्ट करने और वास्तविक जीवन
02:13में इसकी उपियोग तलाशने के लिए कर रहे हैं
02:15गलगोटिय उनिवर्सिल्टी का कहना है कि इनोवेशन की कोई सीमन ही होती और सीखने का नजरिया वेश्विक होना चाहिए
02:22उनका तर्क है कि अमेरिका, चीन और सिंगापूर जैसी जगाओं के एडवांस टेकनोलोजी से छात्रों को रूबरू कराना भविश्य की
02:29तैयारी है
02:29अब आपको बताते हैं कि इस पे यूजर्स काफी भड़ के हुए नसर आए
02:33कुछ यूजर्स ने इसे छात्रों के भविश्य से जोडते हुए सवाल किया कि जो संसान इतने बड़े मंच पर भ्रम
02:39फैला सकता है वो यूवाओं को कैसे सिक्षा देगा
02:41कई पोस्ट में गलगोट्य उनिवर्सिटी के पुराने विवाद भी उच्छा ले गए
02:45एक अन्य यूजर्ण ने लिखा कि गलगोट्य उनिवर्सिटी के मानितर रद्ध होनी चाहिए गलगोट्य उनिवर्सिटी वही है जिसके छात्र मुद्ध
02:52ठीक से नहीं पता था लेकिन कॉंग्रेस कारले के भार प्रदर्शन करने जा रहे थे और गलगोट्य उनिवर्सि�
03:12और आप देख रहेते One India Hindi
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