00:11अगर जिनेवा में कुछ घंटे बाद होने वाली बातचीत नाकाम हो गई तो क्या अगली सुभे मिडिलिस्ट पर मिसाइलें गिरेंगी?
00:17क्या इरान और अमेरिका अमने सामने जंग के मैदान में उतरेंगे और क्या एक परमानू समझाते की विफलता पूरी दुनिया
00:24को महा युद्ध की तरफ धकेल देगी? दुनिया इस वक्त सास रोके जिनेवा की ओर देख रही है। एक तरफ
00:30इरान है जिस पर परमानू बन बन
00:32आने का शक है और दूसरी तरफ अमेरिका जो साफ कह चुका है कि अब चेतावनियों का वक्त खतम हो
00:37चुका है। ये सिर्फ एक बाचीत नहीं है। ये फैसला करेगी कि आने वाले दिन शांती की होंगे या फिर
00:43मिडिल इस एक बार फिर युद्ध की आग में जल उठेगा�
00:48तो आग पूरी दुनिया को लपेटेगी। नवसकार मेरे नाम है रिचा और आप देख रहे हैं One India Hindi। इरान
00:53का पर्मानु कारेकरम पिछले धाई दशकों से वैश्विक राजमीती का सबसे खतरनाक बुद्धा बना हुआ है। इरान लगतार कहता आया
01:00है कि उसका पर्मान�
01:02और शांती पुर्ण उद्देश्यों के लिए है। लेकिन अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को इस दावे पर भरोसा नहीं है।
01:09अमेरिका को डर है कि तेहरान पर मानुवन बनाने की दहलीज पर पहुँच चुका है। अब मंगल बार को जिनेवा
01:14में होने वाली बार्ता
01:15को लेकर कुछ दुनिया की निगाहें दिकी हुए। इस बाचीत में अमेरिका साफ शब्दों में मांग रखने जा रहा है।
01:21इरान यूरेनियम समवर्धन को पूरी तरह खत्म करें या बेहद न्यूंतम स्तर पर ले आए। और अपने मिसाईल कारेकरिम की
01:27रेंज सिमित करे
01:28इसके बदले में तेहरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंदों में राहत दी जा सकती है। लेकिन असली खत्रा यहां से शुरू
01:35होता है। अगर बाचीत विफल होती है तो मिडिल इस एक बार फिर यूद के मुहाने पर खड़ा होगा। अमेरिका
01:41को सबसे बड़ा डर ये है क
01:43अगर इरान पर बाणू हत्यार हासल कर लेता है तो पूरा मध्य पूरू अस्थिर हो जाएगा। इरान की दुश्मनी इसराइल
01:49के दश्कों पुरानी है और सौधी अरब भी उसके रिष्टे तनावकुन रहे हैं। ये दोनों देश अमेरिका के करीबी सहयोगी
01:56हैं और किस
01:57इसी भी कीमत पर चाहते हैं कि इरान इतनी ताकतवर्स सिति में पहुँचे कि उनकी सुरक्षा खत्रे में पढ़ जाए।
02:27जरूरी 90 प्रतिशत के बेहत करीब हैं। इतना ही नहीं इरान की मिसाइलों की जद में पूरा इस्राइल आ चुका
02:33है। यानी हमला करने की शमता पहले से मौजूद है। इसी खत्रे को देखते हुए अमेरिका ने बाचीत से पहले
02:40ही ताकत दिखाना शुरू कर दिया है।
02:57रवी वार को अमेरिकी सेना ने इरान पर संभावित हमले का भ्यास भी किया। अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा
03:04गया है कि जॉनल्ड फ्रम्ट का आदेश मिलते ही स्टैने करवाई शुरू हो सकती।
03:08सुक्रों के मताबिक अगर इरान नहीं चुका तो उसके परमाणू और सैने चिकानों, फोर्डो, नतांच और इस्वान को निशाना बनाया
03:16जा सकता है।
03:17ये वही चिकाने हैं जो आज भी इरान की परमाणू रीड माने जाते हैं।
03:20यानि साफ है, जिनेवा की ये बाचीत से इक डिप्लोमैसी नहीं है, ये फ्रैसला करेगी कि दुनिया शान्ती की ओर
03:26जाएगी या फिर एक ऐसे युद्ध की ओर जिसकी आग मेडिलिस से निकल कर पूरी दुनिया को जुल सा सकती
03:31है।
03:31इस ख़बर में इतना ही, लेकिन सब की निगा है, इस बैठर पटी की नहीं है।
03:35अपडेट्स के लिए देखते रहें, मल इंडिया है।
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