00:13स्वाम जै शीवा उंकारा
00:19स्वामी जै शीवा उंकारा
00:26ब्रम्ह विष्णु सदाशिव अरधांगी धारा उंजै शीवा उंकारा
00:39एकानन चतुरानन पंचानन राजे
00:44हनसानन गरुडासन प्रिश्वाहन साजे
00:50हुं जै शीवा उंकारा
00:55दो भुज चाड़ चतुर भुज तस भुज अती सोहे
01:02त्रिगुन रूप निर्खता त्रिभुवन जन मोहे
01:08हुं जै शीवा उंकारा
01:14अक्ष माला बन माला रुंड माला थारी
01:20चंदनम्रक मत सोहे भाले शशी धारी
01:26हुं जै शीवा उंकारा
01:33श्वेतांबर पेतांबर पाघंबर अंगे
01:38सनकादिक करुणादिक भूतादिक संगे
01:44हुं जै शीवा उंकारा
01:50करके मध्य कमंडलू चक्रत्रशुल धर्ता
01:56जग करता जग भरता जग सम्हार करता
02:02हुं जै शीवा उंकारा
02:08ब्रम्हा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका
02:14प्रण वाक्षर मत्थे ये तिनो एकों
02:21जै शीवा उंकारा
02:36ओं जै शीवा उंकारा
02:42स्वामी जै शीवा उंकारा
02:49ब्रम्हा विष्णु सदाशिव अर्ध धांगी धारा
02:55ओं जै शीवा उंकारा
03:01काशी में विश्वनात विराजत नंदी ब्रह्मचारी
03:06नित उठी भोग लगावत महिमा अतिभारी
03:11ओं जै शीवा उंकारा
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