00:00क्या होगा जब दो बड़े ताकतवर देश आमने सामने खड़े हो और पोई भी पीछे हटने को तैयार ना हो
00:06इरान ने साफ साफ नहीं कह दिया है ना शूने यूरेनियम समवर्धन ना अपना यूरेनियम अमेरिका को सौपना
00:14और शायद अमेरिकी दबाव भी अब नहीं चलेगा पिछले साल के युद के बाद मसकट में हुई पहली आमने सामने
00:21की वारता लेकिन समझोता कुछ भी नहीं
00:23चैपरवरी को अमेरिकी विशेश दूद स्टीव विटकॉफ ने एरान को एक प्रस्ताव दिया जो एरान ने पूरी तरह खारिज कर
00:30दिया
00:31और सवाल यही है क्या अमेरिका कोई बड़ा कदम उठाने वाला है? हकीकत यह है कि हाला तब पहले से
00:37और तनाव कून हो गए है और दोनों मुलकों ने युद की रट लगा रखी है
00:41ऐसे में देखना बागी है कि कौन सबसे पहला कदम उठाता है? क्या एन मौके पर एरान हार मानेगा? क्या
00:48अमेरिका के हमले की राह देखेगा? देखिए इस रिपोर्ट
00:53इरान ने जीरो इनरिच्मेंट के लिए ना कह दिया है उसने अपने युरेनियम को सौपने से इनकार कर दिया है
00:59और शायद अमेरिकी दबाव को पूरी तरह से नकार दिया है
01:02अब बड़ा सवाल ये है क्या अमेरिका कुछ और बड़े कदम की तयारी कर रहा है?
01:06पिछले साल की यूद के बाद अमेरिका और इरान के बीच ओमान में पहली बार हुई आमने सामने की कूटनीतिक
01:11बातचीत बिना किसी समझोते के समाप्त हो गई
01:14छे फरवरी को मसकट में विशेश दूद स्टीव विटकॉफ के नेतरित्व में अमेरिकी वार्ताकारों ने वो प्रस्ताव रखा जिसे इरानी
01:20अधिकारी अधिक्तम मांग यानी मैक्सिमलिस्ट डिमान के हैं हैं और हालिया रिपोर्टों के अनुसार तहरान ने इसे सिरे
01:27से खारिच कर दिया है तो आखिर वाशिंग्टन ने क्या मांग की थी वार्ता की जानकारी रखने वाले राजनाइकों के
01:32अनुसार अमेरिका ने कम से कम तीन वर्षों के लिए यूरेनियम समवर्धन यानी इन्रिच्मिंट को पूरी तरह से रोकने की
01:38मांग की जब समवर्�
01:52जिसे विशेशग्य हत्यारों की ग्रेट के बेहत करीब मानते हैं इसके बदले में ततकाल प्रतिबंधों में कोई धील नहीं बस
01:58इरान के परमानों ठिकानों पर फिर से हमला ना करने का वादा तहरान के नजरिये से ये कोई समझोता नहीं
02:03बलकि आत्मसमरपन था इरान के �
02:05विदेश मंतरी अब्बासा राक्ची ने इस प्रस्ताव को अप्रासंगिक बताया उनका संदेश स्पष्ट था जीरो एंरिच्मिन का विकल्प में इस
02:11पर नहीं है इरान का तर्क है कि यूरेनियम समवर्धन उसका संप्रभु अधिकार है जिसे सर्वोच नेता अली खामि
02:31को बहुत अच्छा बताया था लेकिन उसके बाद उन्होंने चेतावनी दी कि इरान को जल्द ही समझोता करना चाहिए वरना
02:37उसे भयानक परिणाम भुगटने पड़ सकते हैं परदे के पीछे पेंटागॉन ने कथित तोर पर इसक्षेत्र में एक और विमान
02:42वाहक पोत त
03:00करार रखा है यही भंडार अब इस संकट के केंदर में है इस वीच अमेरिका अपनी नौसानिक तैनाती बढ़ा रहा
03:05है इरान पर मानु केंद्रों की सुरक्षा मजबूत कर रहा है और मिसाईल पर इक्षन कर रहा है इसराईल वाशिंग्टन
03:09पर और और भी सक्त रुख अ�
03:12जिनेवा में जल्द ही दूसरे दौर की बातचीत होने की उम्हीद है, लेकिन हकीकत यह है कि अमेरिका चाहता है
03:16कि पहले संवर्धन रुके, जबकि इरान चाहता है कि पहले प्रतिबंध धटे, कोई भी पक्ष जुकने को तयार नहीं है
03:21और समय बीटता जा रहा है.
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