Skip to playerSkip to main content
ईरान ने साफ़ शब्दों में “नहीं” कह दिया—न शून्य यूरेनियम संवर्धन, न अपना यूरेनियम सौंपना, और शायद अमेरिकी दबाव भी स्वीकार नहीं। अब सवाल उठ रहा है: क्या United States किसी बड़े कदम की तैयारी कर रहा है? पिछले साल के युद्ध के बाद Iran और अमेरिका के बीच पहली आमने-सामने कूटनीतिक वार्ता Muscat में हुई, लेकिन कोई समझौता नहीं हो सका। 6 फरवरी को विशेष दूत Steve Witkoff के नेतृत्व में अमेरिकी दल ने एक प्रस्ताव रखा, जिसे ईरानी अधिकारियों ने “मैक्सिमलिस्ट” मांग बताते हुए पूरी तरह खारिज कर दिया। हालात अब और तनावपूर्ण हो सकते हैं।

Iran just said “No.” No to zero enrichment. No to handing over its uranium. And possibly… no to U.S. pressure altogether. Now the big question is: Is America preparing for something bigger?

The first face-to-face diplomatic talks between the U.S. and Iran since last year’s war ended in Oman some time back— and they ended without a deal. On February 6 in Muscat, U.S. negotiators led by Special Envoy Steve Witkoff presented what Iranian officials are calling a “maximalist” demand. And Tehran flat-out rejected it as per recent reports.

#IranUraniumEnrichment #IranUraniumEnrichmentNews #IranUraniumEnrichmentHalt #UraniumEnrichment #USIranWarRisk #USIranWar #UraniumEnrichment60Percent #TrumpUSIranWar #USIsraelIranWar #USIranIsraelWar #IranNuclearEnrichment #IranEnrichment #USVsIranWar #USIranWarTensions #USIranWarNews #USIranWarLive #USIranWarFears #IranUSWar #USIsraelIranWarFears #USVsIranWarLive #USIranWarBreaking #IranEnrichmentCrisis #USIranNuclearTensions #IranNuclearCrisis #USIranConflict

~HT.410~PR.516~ED.110~

Category

🗞
News
Transcript
00:00क्या होगा जब दो बड़े ताकतवर देश आमने सामने खड़े हो और पोई भी पीछे हटने को तैयार ना हो
00:06इरान ने साफ साफ नहीं कह दिया है ना शूने यूरेनियम समवर्धन ना अपना यूरेनियम अमेरिका को सौपना
00:14और शायद अमेरिकी दबाव भी अब नहीं चलेगा पिछले साल के युद के बाद मसकट में हुई पहली आमने सामने
00:21की वारता लेकिन समझोता कुछ भी नहीं
00:23चैपरवरी को अमेरिकी विशेश दूद स्टीव विटकॉफ ने एरान को एक प्रस्ताव दिया जो एरान ने पूरी तरह खारिज कर
00:30दिया
00:31और सवाल यही है क्या अमेरिका कोई बड़ा कदम उठाने वाला है? हकीकत यह है कि हाला तब पहले से
00:37और तनाव कून हो गए है और दोनों मुलकों ने युद की रट लगा रखी है
00:41ऐसे में देखना बागी है कि कौन सबसे पहला कदम उठाता है? क्या एन मौके पर एरान हार मानेगा? क्या
00:48अमेरिका के हमले की राह देखेगा? देखिए इस रिपोर्ट
00:53इरान ने जीरो इनरिच्मेंट के लिए ना कह दिया है उसने अपने युरेनियम को सौपने से इनकार कर दिया है
00:59और शायद अमेरिकी दबाव को पूरी तरह से नकार दिया है
01:02अब बड़ा सवाल ये है क्या अमेरिका कुछ और बड़े कदम की तयारी कर रहा है?
01:06पिछले साल की यूद के बाद अमेरिका और इरान के बीच ओमान में पहली बार हुई आमने सामने की कूटनीतिक
01:11बातचीत बिना किसी समझोते के समाप्त हो गई
01:14छे फरवरी को मसकट में विशेश दूद स्टीव विटकॉफ के नेतरित्व में अमेरिकी वार्ताकारों ने वो प्रस्ताव रखा जिसे इरानी
01:20अधिकारी अधिक्तम मांग यानी मैक्सिमलिस्ट डिमान के हैं हैं और हालिया रिपोर्टों के अनुसार तहरान ने इसे सिरे
01:27से खारिच कर दिया है तो आखिर वाशिंग्टन ने क्या मांग की थी वार्ता की जानकारी रखने वाले राजनाइकों के
01:32अनुसार अमेरिका ने कम से कम तीन वर्षों के लिए यूरेनियम समवर्धन यानी इन्रिच्मिंट को पूरी तरह से रोकने की
01:38मांग की जब समवर्�
01:52जिसे विशेशग्य हत्यारों की ग्रेट के बेहत करीब मानते हैं इसके बदले में ततकाल प्रतिबंधों में कोई धील नहीं बस
01:58इरान के परमानों ठिकानों पर फिर से हमला ना करने का वादा तहरान के नजरिये से ये कोई समझोता नहीं
02:03बलकि आत्मसमरपन था इरान के �
02:05विदेश मंतरी अब्बासा राक्ची ने इस प्रस्ताव को अप्रासंगिक बताया उनका संदेश स्पष्ट था जीरो एंरिच्मिन का विकल्प में इस
02:11पर नहीं है इरान का तर्क है कि यूरेनियम समवर्धन उसका संप्रभु अधिकार है जिसे सर्वोच नेता अली खामि
02:31को बहुत अच्छा बताया था लेकिन उसके बाद उन्होंने चेतावनी दी कि इरान को जल्द ही समझोता करना चाहिए वरना
02:37उसे भयानक परिणाम भुगटने पड़ सकते हैं परदे के पीछे पेंटागॉन ने कथित तोर पर इसक्षेत्र में एक और विमान
02:42वाहक पोत त
03:00करार रखा है यही भंडार अब इस संकट के केंदर में है इस वीच अमेरिका अपनी नौसानिक तैनाती बढ़ा रहा
03:05है इरान पर मानु केंद्रों की सुरक्षा मजबूत कर रहा है और मिसाईल पर इक्षन कर रहा है इसराईल वाशिंग्टन
03:09पर और और भी सक्त रुख अ�
03:12जिनेवा में जल्द ही दूसरे दौर की बातचीत होने की उम्हीद है, लेकिन हकीकत यह है कि अमेरिका चाहता है
03:16कि पहले संवर्धन रुके, जबकि इरान चाहता है कि पहले प्रतिबंध धटे, कोई भी पक्ष जुकने को तयार नहीं है
03:21और समय बीटता जा रहा है.
Comments

Recommended