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आज की इस मजेदार और दिलचस्प कहानी में हम आपको लेकर चलेंगे एक अनोखी Shawarma Factory के अंदर, जहाँ बनता है स्वादिष्ट Chicken Shawarma और साथ ही होती है भरपूर Comedy और मस्ती। यह Hindi Kahaniya सिर्फ मनोरंजन ही नहीं बल्कि एक छोटी सी Moral Story भी देती है, जो जिंदगी की सीख सिखाती है। Street Food Factory का माहौल, मजेदार किरदार और Funny Moments आपको अंत तक हंसाते रहेंगे।

इस कहानी में आप देखेंगे कैसे एक साधारण Street Food जगह अचानक Funny Comedy Situation में बदल जाती है। Chicken Shawarma बनाने का अनोखा अंदाज, Desi Humor और दिल छू लेने वाली सीख इस वीडियो को खास बनाती है। अगर आपको Hindi Moral Stories, Comedy Kahani, Funny Street Food Videos और Entertainment पसंद है, तो यह वीडियो आपके लिए परफेक्ट है।

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Transcript
00:01असली शवर्मा फैक्ट्री
00:07गोदाम के अंदर पीछे एक बड़े लोहे के बक्से जैसी मशीन है
00:11भोलू बीच में खड़ा है और चंदू कोने में कुर्सी पर सो रहा है
00:17चंदू उठ सोना मना है यह भोलू इंटरनेशनल फैक्ट्री है
00:21यहां सोना सक्थ मना है हमने ISO सर्टिफिकेट के लिए अरजी दी है भूल गया क्या
00:28बॉस वो सर्टिफिकेट मिल गया तो क्या मेरे पैरों का दर्द कम हो जाएगा
00:32सुबह सुबह उठा कर उस लोहे के डिब्बे पर रंग पुतवाया
00:36अब पहरेदारी करने को कह रहे हो
00:39वो लोहे का डिब्बा नहीं फूड प्रसेसर 3000 है
00:42ग्राहक नहीं है तो क्या हुआ
00:44हमें अपना सिस्टम तयार रखना चाहिए
00:46उस मशीन का बटन दबा
00:48वो गरम होनी चाहिए
00:50उसकी आवाज पूरे गाउं में सुनाई देनी चाहिए
00:56सुरेश अंदर आता है
00:57चारो तरफ दीख कर वो हैरान हो जाता है
01:00अरे बोलू ये क्या है
01:03कोई रॉकेट स्टेशन लगा रखा है क्या
01:05बाहर इतना धुवा निकल रहा है
01:07और अंदर इतना शोर
01:08मुझे जोरों की भूक लगी है
01:10एक रोल मिलेगा क्या
01:14सुरेश ये होटल नहीं फैक्टरी है
01:16यहाँ इसे मूँ उठा कर मांगने से कुछ नहीं मिलता
01:18तुम्हारे पास आईडी कार्ड है
01:22आईडी कार्ड?
01:23खाना खाने के लिए भी?
01:25अरे भाई भूक लगी है
01:38भरेगा
01:40बास फार्ण तो खटम हो गए
01:42क्या मैं टेशू पेपर पर लिखवा लूँ?
01:45ची
01:45इस स्टाफ के साथ यही रोना है
01:47ठीक है सुरेश, लाइन में खड़े हो जाओ
01:50तुम्हारा टोकन नंबर एक है
01:52अरे यहाँ हूँ ही मैं अकेला
01:54लाइन है कहाँ?
01:56तभी काकी अंदर टेहलते हुए आती है
01:59वो हाथ में लाठी लिये है
02:00और पूरे गोदाम का मौाइना कर रही है
02:03क्योरे भोलू?
02:05बाहर बोड पर विश्व प्रसिद्ध लिखवाया है
02:08इस तूटे हुए गोदाम का ये नाम
02:11मुझे तो लगता है या चूहों के इलावा कोई नहीं आता
02:15काकी आप पुरानी पीड़ी की है
02:17आपको ये कॉर्पोरेट स्टाइल समझ नहीं आएगा
02:19ये मॉडरन टेकनोलोजी है
02:21दोबाई से मंगवाई है
02:22दोबाई से?
02:24ये देखने में तो अपने गाउं के पुराने ट्रैक्टर की इंजन जैसा लग रहा है
02:28जिस पर तूने पेंट कर दिया है
02:31वैसे ये कपड़े दोती है या घास काटती है
02:34काकी ये खाना बनाती है
02:36और्टोमेटिक रोल्स
02:37इंसान का हाथ नहीं लगता
02:39पसीना नहीं गिरता
02:40एकदम हाईजीनिक
02:43इंसान का हाथ नहीं लगता तो इसे खाना नहीं कहते रे
02:46उसे पश्यों का चारा कहते
02:48पैसे अंदर खाने के लिए कुछ है भी या सिर्फ लोहे का कबार ही है
02:53है ना काकी
02:54चंदू काकी को हमारे एक आटोमेटिक रोल का सैंपल दिखा
03:02कभी चंदू एक जिब्बे में सक्त हो चुकी एक लिप्टी हुई रोटी निकालता है
03:07और काकी को दे देता है
03:09काकी उसे हाथ में पकड़ कर ठोक कर देखती है
03:12ठक ठक की आवाज आती है
03:15क्या है रे ये रोटी है या क्रिकेट का बल्ला
03:18इतना सक्त है
03:19इससे अगर किसी को मारू तो सर ही फट जाए
03:24काकी वो वैक्यूम पैक है
03:25हवा नहीं लगती खराब नहीं होता
03:27छे महीने बाद भी खाओगी तो ऐसा ही रहेगा
03:30साइन्टिफिक तरीका है
03:32छे महीने अरे हम खाना जीने के लिए खाते है
03:36म्यूजियम में रखने के लिए नहीं
03:39मुझे गर्मा गरम और नरम नरम चाहिए
03:41वरना मेरे तो बचे कुछे दाद भी तूट जाएंगे
03:45सौरी काकी हमारे सिस्टम में गरम करना मुम्किन नहीं है
03:48ऐसा ही खाना पड़ेगा
03:50हमारे स्टेंडर्ड यहीं है
03:51चाहिए तो माइक्रोवेव में रख लो
03:55माइक्रोवेव?
03:55मेरे घर में चूले के अलावा कुछ नहीं
03:58ना तेरी फैक्टरी चाहिए ना तेरा खाना
04:01सुरेश, चल यहां से
04:03अचाने टप से आवाज आती है
04:05लाइटें बंध हो जाती है
04:07पूरी फैक्टरी में घना अंधिरा चाह जाता है
04:10हर तरफ सन्नाडा
04:12अरे, क्या हुआ?
04:14लाइट गई?
04:15या मेरी आखे फूट गई?
04:16भोलू, कहा है तू?
04:19बॉस, मशीन बंध हो गई
04:20इन्वर्टर भी काम नहीं कर रहा
04:22वो तो परसों ही खराब हुआ था ना
04:26हाए, मेरा प्रोडक्शन रुख गया
04:27मेरी करोडों की मशीन
04:29चंदू, जा और जनरेटर की रस्ती खीच
04:35जनरेटर में डीजल नहीं है बस
04:37कल आप ही ने तो स्कूटर में डलवा लिया था
04:40अरे अब क्या होगा
04:41सुरेश का ओर्डर पेंडिंग है
04:43मेरी इज़त मिट्टी में मिल जाएगी
04:46मेरी छोड़, मुझे डर लग रहा है
04:49अंधेरे में भूत तो नहीं है न
04:51देखा भोलू, तेरा सिस्टम बिजली पर चलता है
04:55बिजली गई तो तेरी फैक्टरी जीरो
04:57वो डिबब किसी काम का नहीं
05:01अब क्या करूं काकी
05:03मशीन चालू नहीं होगी तो वो बॉक्स नहीं खुलेगा जिसमें रोटिया है
05:06उसका पास्वर्ड भी भूल गया हूँ
05:08भूखे सुरेश का क्या होगा?
05:13घबरा मत, खाना बनाने के लिए बिजली नहीं
05:16अकल चाहिए
05:17चंदू, वो खिर्की के दर्वाजे खोल दे
05:20रोशनी आएगी
05:25चंदू जाकर खिर्किया खोल देता है
05:27शाम की धूप अंदर आती है
05:32धूल भरा गोदाम अब थोड़ा पहतर लग रहा था
05:36भोलू, उस मशीन को छोड़
05:38वहाँ कोने में एक छोटा स्टोव पड़ा है देख
05:41जिस पर हम चाय बनाते थे
05:44वो ले करा
05:44काकी, वो तो मामूली गैस्टोव है
05:47बहुत छोटा है
05:48वो मेरे इंटरनेशनल लेवल का नहीं है
05:51भूख का कोई लेवल नहीं होता रे पागल
05:54ले करा
05:55सुरेश, तू वो प्यास पकड
05:57चंदू, तू आटा गूंद
05:59सब एक जगह जमीन पर गोल घेरे में बैठ जाते हैं
06:03कोई भगदर नहीं
06:05भोलू भी जिजकते हुए बैठ ही जाता है
06:09बस, प्यास बारी काटना
06:11आफिस में फाएले फाडने जैसा नहीं
06:16इन प्यासों की जंजनाहट से आँखों में पानी आ रहा है काकी
06:20वो पानी नहीं रे, शुद्धी है
06:23मशीन के तेल की बदबु से
06:26तो ये प्यास की महग कितनी अच्छी है
06:28देख, यही है असली अरोमा
06:31भोलू, तु नीचे बैठ कर ही अच्छा लग रहा है
06:34वो खड़े होकर पोज मारने से तो ये बहुत बहतर है
06:38बच्पन में हम ऐसे ही स्कूल के पीछे बैठ कर खाते थे
06:42याद है
06:43हाँ सुरेश, तब हमारे पास पैसे नहीं होते थे
06:46पर एक दूसरे का टिफन चीन कर खाने में जो मज़ा था
06:49वो अलग ही था
06:50इस कुर्सी पर बैठ कर टांगों में दर्ध हो रहा था
06:53पर ऐसे नीचे बैठ कर बड़ा सुकून मिल रहा है
06:59गर्मा गरम रोटिया तैयार
07:01सब हाथ में रोल करकर खा रहे हैं
07:04माहौल बहुत शान्त है
07:07वाह काकी, ये स्वाद उस मशीन में नहीं आ सकता
07:11अमरित जैसा है
07:12भोलू, तुने फाल तुमें करोडों खर्च करके वो लोहे का डिबबा खरीदा
07:19सच कह रहा है सुरेश
07:21इसमें तेरा प्यार और काकी के हाथ का जादू है
07:24मशीन सामान बनाती है
07:26पर स्वाद तो इंसान ही बना सकते हैं
07:28मुझे अब समझ आ गया
07:30चलो, देर आए दुरुस्त आए
07:32बड़े बड़े बोड, अंग्रेजी नाम
07:35और ये युनिफॉर्म माइने नहीं रखते
07:37चार लोग मिलकर प्यार से पका कर खाए
07:41तो जो तुरप्ती मिलती है
07:43वो किसी फैक्टरी में नहीं मिलती
07:45सब हसते है
07:49भोलू काकी को एक और रोल देता है
07:52ये है लो काकी, ये तुम्हारा सर्विस चार्ज
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