00:01असली शवर्मा फैक्ट्री
00:07गोदाम के अंदर पीछे एक बड़े लोहे के बक्से जैसी मशीन है
00:11भोलू बीच में खड़ा है और चंदू कोने में कुर्सी पर सो रहा है
00:17चंदू उठ सोना मना है यह भोलू इंटरनेशनल फैक्ट्री है
00:21यहां सोना सक्थ मना है हमने ISO सर्टिफिकेट के लिए अरजी दी है भूल गया क्या
00:28बॉस वो सर्टिफिकेट मिल गया तो क्या मेरे पैरों का दर्द कम हो जाएगा
00:32सुबह सुबह उठा कर उस लोहे के डिब्बे पर रंग पुतवाया
00:36अब पहरेदारी करने को कह रहे हो
00:39वो लोहे का डिब्बा नहीं फूड प्रसेसर 3000 है
00:42ग्राहक नहीं है तो क्या हुआ
00:44हमें अपना सिस्टम तयार रखना चाहिए
00:46उस मशीन का बटन दबा
00:48वो गरम होनी चाहिए
00:50उसकी आवाज पूरे गाउं में सुनाई देनी चाहिए
00:56सुरेश अंदर आता है
00:57चारो तरफ दीख कर वो हैरान हो जाता है
01:00अरे बोलू ये क्या है
01:03कोई रॉकेट स्टेशन लगा रखा है क्या
01:05बाहर इतना धुवा निकल रहा है
01:07और अंदर इतना शोर
01:08मुझे जोरों की भूक लगी है
01:10एक रोल मिलेगा क्या
01:14सुरेश ये होटल नहीं फैक्टरी है
01:16यहाँ इसे मूँ उठा कर मांगने से कुछ नहीं मिलता
01:18तुम्हारे पास आईडी कार्ड है
01:22आईडी कार्ड?
01:23खाना खाने के लिए भी?
01:25अरे भाई भूक लगी है
01:38भरेगा
01:40बास फार्ण तो खटम हो गए
01:42क्या मैं टेशू पेपर पर लिखवा लूँ?
01:45ची
01:45इस स्टाफ के साथ यही रोना है
01:47ठीक है सुरेश, लाइन में खड़े हो जाओ
01:50तुम्हारा टोकन नंबर एक है
01:52अरे यहाँ हूँ ही मैं अकेला
01:54लाइन है कहाँ?
01:56तभी काकी अंदर टेहलते हुए आती है
01:59वो हाथ में लाठी लिये है
02:00और पूरे गोदाम का मौाइना कर रही है
02:03क्योरे भोलू?
02:05बाहर बोड पर विश्व प्रसिद्ध लिखवाया है
02:08इस तूटे हुए गोदाम का ये नाम
02:11मुझे तो लगता है या चूहों के इलावा कोई नहीं आता
02:15काकी आप पुरानी पीड़ी की है
02:17आपको ये कॉर्पोरेट स्टाइल समझ नहीं आएगा
02:19ये मॉडरन टेकनोलोजी है
02:21दोबाई से मंगवाई है
02:22दोबाई से?
02:24ये देखने में तो अपने गाउं के पुराने ट्रैक्टर की इंजन जैसा लग रहा है
02:28जिस पर तूने पेंट कर दिया है
02:31वैसे ये कपड़े दोती है या घास काटती है
02:34काकी ये खाना बनाती है
02:36और्टोमेटिक रोल्स
02:37इंसान का हाथ नहीं लगता
02:39पसीना नहीं गिरता
02:40एकदम हाईजीनिक
02:43इंसान का हाथ नहीं लगता तो इसे खाना नहीं कहते रे
02:46उसे पश्यों का चारा कहते
02:48पैसे अंदर खाने के लिए कुछ है भी या सिर्फ लोहे का कबार ही है
02:53है ना काकी
02:54चंदू काकी को हमारे एक आटोमेटिक रोल का सैंपल दिखा
03:02कभी चंदू एक जिब्बे में सक्त हो चुकी एक लिप्टी हुई रोटी निकालता है
03:07और काकी को दे देता है
03:09काकी उसे हाथ में पकड़ कर ठोक कर देखती है
03:12ठक ठक की आवाज आती है
03:15क्या है रे ये रोटी है या क्रिकेट का बल्ला
03:18इतना सक्त है
03:19इससे अगर किसी को मारू तो सर ही फट जाए
03:24काकी वो वैक्यूम पैक है
03:25हवा नहीं लगती खराब नहीं होता
03:27छे महीने बाद भी खाओगी तो ऐसा ही रहेगा
03:30साइन्टिफिक तरीका है
03:32छे महीने अरे हम खाना जीने के लिए खाते है
03:36म्यूजियम में रखने के लिए नहीं
03:39मुझे गर्मा गरम और नरम नरम चाहिए
03:41वरना मेरे तो बचे कुछे दाद भी तूट जाएंगे
03:45सौरी काकी हमारे सिस्टम में गरम करना मुम्किन नहीं है
03:48ऐसा ही खाना पड़ेगा
03:50हमारे स्टेंडर्ड यहीं है
03:51चाहिए तो माइक्रोवेव में रख लो
03:55माइक्रोवेव?
03:55मेरे घर में चूले के अलावा कुछ नहीं
03:58ना तेरी फैक्टरी चाहिए ना तेरा खाना
04:01सुरेश, चल यहां से
04:03अचाने टप से आवाज आती है
04:05लाइटें बंध हो जाती है
04:07पूरी फैक्टरी में घना अंधिरा चाह जाता है
04:10हर तरफ सन्नाडा
04:12अरे, क्या हुआ?
04:14लाइट गई?
04:15या मेरी आखे फूट गई?
04:16भोलू, कहा है तू?
04:19बॉस, मशीन बंध हो गई
04:20इन्वर्टर भी काम नहीं कर रहा
04:22वो तो परसों ही खराब हुआ था ना
04:26हाए, मेरा प्रोडक्शन रुख गया
04:27मेरी करोडों की मशीन
04:29चंदू, जा और जनरेटर की रस्ती खीच
04:35जनरेटर में डीजल नहीं है बस
04:37कल आप ही ने तो स्कूटर में डलवा लिया था
04:40अरे अब क्या होगा
04:41सुरेश का ओर्डर पेंडिंग है
04:43मेरी इज़त मिट्टी में मिल जाएगी
04:46मेरी छोड़, मुझे डर लग रहा है
04:49अंधेरे में भूत तो नहीं है न
04:51देखा भोलू, तेरा सिस्टम बिजली पर चलता है
04:55बिजली गई तो तेरी फैक्टरी जीरो
04:57वो डिबब किसी काम का नहीं
05:01अब क्या करूं काकी
05:03मशीन चालू नहीं होगी तो वो बॉक्स नहीं खुलेगा जिसमें रोटिया है
05:06उसका पास्वर्ड भी भूल गया हूँ
05:08भूखे सुरेश का क्या होगा?
05:13घबरा मत, खाना बनाने के लिए बिजली नहीं
05:16अकल चाहिए
05:17चंदू, वो खिर्की के दर्वाजे खोल दे
05:20रोशनी आएगी
05:25चंदू जाकर खिर्किया खोल देता है
05:27शाम की धूप अंदर आती है
05:32धूल भरा गोदाम अब थोड़ा पहतर लग रहा था
05:36भोलू, उस मशीन को छोड़
05:38वहाँ कोने में एक छोटा स्टोव पड़ा है देख
05:41जिस पर हम चाय बनाते थे
05:44वो ले करा
05:44काकी, वो तो मामूली गैस्टोव है
05:47बहुत छोटा है
05:48वो मेरे इंटरनेशनल लेवल का नहीं है
05:51भूख का कोई लेवल नहीं होता रे पागल
05:54ले करा
05:55सुरेश, तू वो प्यास पकड
05:57चंदू, तू आटा गूंद
05:59सब एक जगह जमीन पर गोल घेरे में बैठ जाते हैं
06:03कोई भगदर नहीं
06:05भोलू भी जिजकते हुए बैठ ही जाता है
06:09बस, प्यास बारी काटना
06:11आफिस में फाएले फाडने जैसा नहीं
06:16इन प्यासों की जंजनाहट से आँखों में पानी आ रहा है काकी
06:20वो पानी नहीं रे, शुद्धी है
06:23मशीन के तेल की बदबु से
06:26तो ये प्यास की महग कितनी अच्छी है
06:28देख, यही है असली अरोमा
06:31भोलू, तु नीचे बैठ कर ही अच्छा लग रहा है
06:34वो खड़े होकर पोज मारने से तो ये बहुत बहतर है
06:38बच्पन में हम ऐसे ही स्कूल के पीछे बैठ कर खाते थे
06:42याद है
06:43हाँ सुरेश, तब हमारे पास पैसे नहीं होते थे
06:46पर एक दूसरे का टिफन चीन कर खाने में जो मज़ा था
06:49वो अलग ही था
06:50इस कुर्सी पर बैठ कर टांगों में दर्ध हो रहा था
06:53पर ऐसे नीचे बैठ कर बड़ा सुकून मिल रहा है
06:59गर्मा गरम रोटिया तैयार
07:01सब हाथ में रोल करकर खा रहे हैं
07:04माहौल बहुत शान्त है
07:07वाह काकी, ये स्वाद उस मशीन में नहीं आ सकता
07:11अमरित जैसा है
07:12भोलू, तुने फाल तुमें करोडों खर्च करके वो लोहे का डिबबा खरीदा
07:19सच कह रहा है सुरेश
07:21इसमें तेरा प्यार और काकी के हाथ का जादू है
07:24मशीन सामान बनाती है
07:26पर स्वाद तो इंसान ही बना सकते हैं
07:28मुझे अब समझ आ गया
07:30चलो, देर आए दुरुस्त आए
07:32बड़े बड़े बोड, अंग्रेजी नाम
07:35और ये युनिफॉर्म माइने नहीं रखते
07:37चार लोग मिलकर प्यार से पका कर खाए
07:41तो जो तुरप्ती मिलती है
07:43वो किसी फैक्टरी में नहीं मिलती
07:45सब हसते है
07:49भोलू काकी को एक और रोल देता है
07:52ये है लो काकी, ये तुम्हारा सर्विस चार्ज
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