Skip to playerSkip to main content
Vijaya Ekadashi Vrat Katha 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार, साल में कुल 24 एकादशी होती हैं, जिनमें से एक है विजया एकादशी 2026। यह फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष में आती है और इस साल 13 फरवरी को विजया एकादशी का व्रत रखा जाएगा। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और उपवास करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और हर कार्य में सफलता मिलती है। जानिए विजया एकादशी vrat katha, spiritual story, और विजया माता की कथा।



#vijayaekadashi #vijayaekadashi2026 #vijayaekadashifestivalstory #vijayaekadashikatha #vijayaekadashispiritualstory
#vijayaekadashivratkatha #vijayaekadashivratkatha2025 #vijayaekadashivratkathafullstory #vijayaekadashifullstory #vijayaekadashikikahani #vijayaekadashikikahaniinhindi #vijayaekadashikikatha #vijayaekadashikistory #vijayaekadashikyumanthehai

~PR.396~ED.120~

Category

🗞
News
Transcript
00:09फालगुन महिने के कृष्ण पक्ष में आती है।
00:30सफलता मिलती है तो आई आपको आज किस वीडियो में हम बताते हैं कि आखिर विजय एकादशी क्यूं मनाते हैं
00:36और वरत कथा क्या है लेकर उसे पहले नमस्कार मैं आसो तो श्राब बोल्ट सकाई देख रहे हैं
00:42पुराणी को कथा के अनुसार धर्मराज युदिश्टि ने भगवान श्रीक्रिश्न से एकादशी का महत्तो पूछा था तब श्रीक्रिश्न ने बताया
00:50कि इस वरत की महिमा स्वयम ब्रह्मा जी ने देवर्शी नारत को सुनाई थी अब यवरत तो अत्यंत पुन्ने दायक
00:56
00:56अब इसे रखने से एक कठीन से कठीन परिस्थिती में भी विजय मिलती है अब त्रेता युग में जब रावन
01:02माता सीता का हरण कर उन्हें लंका ले गया था तब भगवान श्रीराम अपनी वानर सेना के साथ समुंद्र टट
01:09पर पहुंचे अब सामने विशाल समुंद्र �
01:11जिसे पार कर पाना असंभव लग रहा था तब लक्षमन जी ने पासी एक महान रिशी के आश्रम में जाकर
01:18मार्ग दर्शन लेने का सुझाओ दिया अब रिशी ने भगवान श्रीराम को फालगुन कृष्ण पक्च की विजय एका दर्शी का
01:25वरत करने की सला दी अब उन्ह
01:40प्रशस्थ हुआ और अंत में उन्होंने रावन पर विजय प्राप्त कर माता सीता को वापस पाया अब इसी कारण इसे
01:48विजय एका दर्शी भी कहा जाता है वहीं आपको बिताते चले कि विजय एका दर्शी हिंदु पंचांग की महत्तवपूर्ण तीथियों
01:54में से एक हो
02:10कि भक्तों को विशेस आश्रवाद और संकटों से मुक्ती मिलती है लोग इस दिन पूजा जप और उपवास करते हैं
02:17और मंदिरों में जाकर भगवान विश्णु की कथा सुनते हैं अब विजय एका दर्शी का वरत न सर्फ आध्यात्मिक लाप
02:23देता है बलकि मानसिक शान
02:40करते हैं
Comments

Recommended