00:00कलिए, आज आपको ले चलते हैं उत्तर भारत के एक ऐसे गाउं में जहां एक कुआ हैं, जिसमें सिर्फ पानी नहीं, बलकि दशकों से दबे हुए राज और एक अत्रिप्त आत्मा की प्यास कैद हैं।
00:12तो शुरू करते हैं बरसॉली के उस भूतिया कुए की कहानी।
00:16तो ये कहानी हैं बरसॉली नाम के एक गाउं की। चारों तरफ खेत और पुराने पेडों से घिरा एक बिलकुल सुनसान सा गाउं। दिन के उजाले में तो यहां सब कुछ ठीक ठाक लगता था, पर जैसे ही सूरज ढलता, यहां की हवा में एक अजीब सी खामोशी और एक अ
00:46गाउं में एक नियम था, जो पीडियों से चला रहा था, और जिसे तोडने की हिम्मत आज तक किसी ने नहीं की, नियम सीधा सा था, सूरज ढलने के बाद कोई भी उस कुए के पास नहीं जाएगा, और यह सिल्फ कोई कही सुनी बात नहीं थी, इसके पीछे एक वजह थी,
01:16कदमों की आहट और जंजीरों के खनकने की बात भी करते थे, और कईयों ने तो सफेद साडी में एक औरत की परचाई तक देखने का दावा किया था, और इन सब आवाजों के बीच, कभी-कभी उस गहरी खामोशी में एक बहुत ही धीमी, दर्द में डूबी फुस-फुसा
01:46एक बहुत पुरानी और दुखद कहानी में छिपा था.
02:16बहुत ही डरावनी कहानी है, आप दिल ठामके बेटिए, और यदि इस कहानी को आप बहुत ज़्यादा बहुत ही रोमाच कहानी है दोस्तों, आईए सुनते हैं, देखते हैं.
02:36ये कहानी थी सरस्वती की
02:39बात है कोई 50 साल पुरानी
02:42इसी गाउं में सरस्वती नाम के एक औरत रहती थी
02:45उसकी शादी एक बहुत जालिम आदमी से हुई थी
02:48जो उसे रोज मारता पीटता था
02:50और फिर एक रात एक भयानक जगडे के बाद
02:53उस आदमी ने सरस्वती को जिन्दा ही इस कोई में फेग दिया
02:56कहते हैं गाउं वालों ने उसकी चीखे तो सुनी
02:59लेकिन डर के मारे कोई उसकी मदद के लिए आगे नहीं आया
03:02अगली सुभा कोई का पानी रहस्यमाई तरीके से काला हो चुका था
03:07और सरस्वती का कोई नाम और निशान नहीं था
03:09बस उसी दिन से उस कोई ने अपनी खामोशी तोड़ दी
03:12कई साल गुजर गए और फिर इस डर को हकीकत में बदल दिया
03:17रमेश की घटना ने
03:19एक रात नशे में धुत रमेश ने गाउं वालों को चुनोती दे डाली
03:37अजे खून के धब्बे तैर रहे थे
03:38गाउं का डर अपनी जगा बना हुआ था
03:41सब कुछ वैसा ही चल रहा था
03:43और फिर कहानी में एंट्री होती है एक नए किरदार की
03:47शहर से अपने ननिहाल आया एक लड़का जिसका नाम था अमन
03:51अब अमन ठहरा शहर का लड़का वो इन भूत प्रेत की कहानियों पर कहां यकीन करने वाला था
03:58उसने गाउं वालों की बाते सुनी और हस कर बोला
04:01ये सब मन का वहम है और कुछ नहीं बस अंधविश्वास है
04:05और बस यहीं से असली टकराव शुरू हो गया
04:10एक तरफ था गाउं वालों का पीडियों पुराना डर
04:14जो अब उनकी परंपरा और नियमों का हिस्सा बन चुका था
04:17और दूसरी तरफ थी अमन की जिद
04:20जो उसे इस अंधविश्वास की सच्चाई जानने के लिए उकसा रही थी
04:24तो बस अमन ने ठान लिया
04:26उसकी जिग्यासा उसके डर पर हावी हो चुकी थी
04:30उसने फैसला किया कि वो खुद इस राज से परदा उठाएगा
04:33और इसके लिए उसने जो रात चुनी वो थी अमावस्या की रात
04:37वो रात वाकई ही बहुत काली थी
04:40अमावस्या की वज़े से पूरा गाउं घने अंधेरे में डूबा हुआ था
04:45कुत्ते बिना किसी वज़े के रोय जा रहे थे
04:48और हवा में एक अजीब सी सडान फैली हुई थी
04:51महौल में ही कुछ बहुत गलत महसूस हो रहा था
04:55अमन हिम्मत जुटा कर टॉर्च लेकर कुए की तरफ बढ़ा
04:59लेकिन जैसे ही उसने कुए के अंदर जाका
05:02उसकी टॉर्च एक बार जपकी और बंध हो गई
05:06अब चारों तरफ था सिर्फ घना, खामोश, अंधेरा
05:10और तभी बिलकुल अपने पीछे उसे किसी के कदमों की आहट सुनाए दी
05:16उस अंधेरे में उसकी कापती हुई आवाज में बस एक ही सवाल निकला
05:22कौन है? उसके सवाल का जवाब किसी इनसान ने नहीं दिया
05:26बलकि कुएं की गहराईयों से एक औरत के जोर-जोर से हसने की आवाज गूंजने लगी
05:32वो हसी, वो हसी किसी इनसान की तो हो ही नहीं सकती थी
05:36और फिर अंधेरे में से एक साया उभरा, सफेद साडी में एक औरत
05:41लेकिन उसके पैर पीछे की तरफ मुड़े हुए थे
05:45उसके लंबे बिखरे बाल हवा में तैर रहे थे
05:48और उसकी आँखें मानो खून से जल रही हो
05:51वो धीरे-धीरे, बहुत धीरे-धीरे कुएं से बाहर निकल रही थी
05:55उस रात अमन को सिर्फ एक बूत नहीं दिखा था
05:59उससे उस कुएं की वो भयानक सच्चाई पता चली
06:02जो गाउवालों के डर से भी कहीं जादा खौफनाक थी
06:05उस रूह ने एक भारी दर्द भरी आवाज में कहा
06:10मुझे इंसाफ चाहिए
06:11ये सिर्फ बदले की आग नहीं थी
06:14ये न्याय की एक दर्दनाक पुकार थी
06:17पर सरस्वती वहां अकेली नहीं थी
06:20जब अमन ने कापते हुए कुएं में ज्छाका
06:23तो उसे अंदर से अंगिनत हाथ उपर की और बढ़ते दिखे
06:27जैसे और भी कई अत्रुपतात्माएं मदद के लिए पुकार रही थी
06:31ये भायानक मनजर देखते ही अमन के होश उड़ गए
06:35और वो वहीं बेहोश होकर गिर पड़ा
06:38अगली सुभा जब गाउवालों को वो मिला
06:40तो वो पहले जैसा अमन था ही नहीं
06:43उसकी आँखों में बेहिसाब खौफ था
06:45और सिर्फ एक रात के डर ने उसके सारे बाल
06:48पूरी तरह से सफेद कर दिये थे
06:50अमन उस गाउव से हमेशा हमेशा के लिए चला गया
06:54लेकिन जाने से पहले उसने गाउवालों को
06:57एक खोखली डरी हुई आवाज में सिर्फ इतना बताया
07:00वो कुवा खाली नहीं है
07:02वो बदले का इंतजार कर रहा है
07:05आज भी बरसॉली गाउव में वो कुवा ठीक वैसा ही है
07:09और लोग कहते हैं कि जो भी उस कुवे की पूरी सक्चाई जानने की कोशिश करता है
07:13वो कुवा उसे कभी वापस जाने नहीं देता
07:15वो कुवा आज भी अपने बदले का इंतजार कर रहा है
07:19सवाल बस ये है कि अगला कौन होगा?
07:43वीडियो बनाएंगे मित्रो तो आप यदि इस प्रकार की डारावनी कहानी देखना चाहते हैं
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