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  • 2 days ago

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00:00नमस्कार आज हम एक ऐसे भजन के भाव में उतरने वाले हैं जो सिर्फ एक गीत नहीं है
00:05ये तो उस एक पल की कहानी है
00:07वो पल जब किसी इनसान के अपनी सारी कोशिश
00:10सारी ताकत जवाब दे जाती है
00:12ये उस पॉइंट की बात करता है
00:13जहां एक भक्त सब कुछ हार किए
00:15बस भगवान के भरोसे रह जाता है
00:17तो चलिए इस एसास को समझने के लिए
00:20इस यात्रा पर चलते है
00:21भजन की शुरुवाती देखिए
00:22कितनी पावफुल पुकार से होती है
00:25पकड़ लो हाथ बनवारी
00:26नहीं तो डूब जाएंगे
00:27ये सिर्फ शब्द नहीं है
00:29ये तो जैसे
00:30किसी डूबते हुए इंसान की
00:31आखरी उम्मीद भरी चीख है
00:33और यहीं से
00:35भजन के दिल में उतरना शुरू करते हैं
00:36बचाने की एक फ़री गोहार
00:38जो शुरुआ
00:40पंक्तियां है न
00:40वो पूरी तरह से
00:42लाचारी की हालत से निकली
00:43एक गहरी आवार
00:45यह उस लम्हें के बारे में है
00:47जब किसी को यह एहसास हो जाता है
00:50कि वो अकेले अपने दम पर
00:51खुद को बचा ही नहीं सकता
00:53और यहीं से यह पता है
00:55चलता है कि यह प्रार्थना की जा क्यूं रही है
00:57तो भक्त की इस निराश्ट
01:00की पहली बड़ी वज़ा क्या है
01:01भजन आमें बताता है
01:03कि यह उसके अतीत का
01:05उसके कर्मों का भारी बोज है
01:06यह सिर्फ एक ऐसास नहीं
01:08बलकि एक वजन है
01:10एक ऐसा वजन जो उसे लगातार
01:12नीचे की और खीच रहा है
01:13और यहीं
01:15पर भक्त अपने कर्मों के बोज को बताने के लिए
01:17एक बहुत ही कमाल का मेटफॉर इस्तिमाल करें
01:20करता है पाप की गठरी
01:21ऐसा लगता है जैसे वो अपने सिर पर कोई
01:25बहुत भारी गठरी ढो रहा है
01:26और अब उसका वजन बरदाश्ट से बहार होता जा रहा है
01:30तो ये पाप की गठरी का असल में मतलब क्या है
01:32देखिए ये सिर्व गलत कामों के लिए बहुत है
01:35की कोई लिस्ट नहीं है
01:36ये हमारे अतीद के वजन से दबे होने की
01:38उस युनिवर्सल फिर्ट के लिए बहुत है
01:40फिलिंग को दिखाता है एक ऐसा भार जिसे हम सब ने कभी ना कभी तो महसूस किया ही है
01:45ये एक बहुत important mode है
01:47भक्त यहाँ कोई तरीका नहीं पूरे
01:50पूछ रहा बलकि वो तो ये एलान कर रहा है कि वो अपनी कोशिशों से
01:53खुद को बचाने में अब
01:55पूरी तरह से नाकाम है
01:56ये एक तरह से मान लेना है कि अब उसे किसी बहुत
02:00पूरी किसी दिव्वे शक्ती की जरूरत है
02:02अब भजन हमें भक्त के संकट को
02:05दिखाने के लिए एक और जबरदस्ट मेटफोर से बिलवाता है
02:08अगर पाप की गठरी
02:10एक अंदरूनी बोज थी
02:11तो ये मेटफोर बहारी दुनिया की उथल पुथल को दिखाता है
02:15सोचिए भवर में फसी एक नाव
02:17ये इमेज एक ऐसे जीवन को दिखाता है
02:20दिखाती है जो दुनिया के बड़े-बड़े
02:21मुश्किल संघर्शों में फस गया है
02:23ये उस ऐसा
02:25आस को दिखाता है
02:25जब लगता है कि कोई दिशा नहीं बची
02:28और बस अब सब खत्म होने वाला
02:30है तो भवर में फसे नाव का मतलब है
02:32जीवन पर से कंट्रोल खो देगा
02:35ये वो हालत है जहां हमारी
02:37अपनी कोशिशे काम नहीं आती
02:38और हम बस लहरों के बड़े
02:40के भरो से रह जाते हैं
02:41एक आने वाले खत्रे का सामना करते हुए
02:43और यहां
02:45कहानी में एक मोड आता है
02:46भग तब सिर्फ अपने प्रॉब्लम नहीं बता रहा
02:49बल्कि उसे जो
02:50एक मात्रस सोल्यूशन नजर आ रहा है
02:51उसकी तरफ इशारा कर रहा है
02:53उसे अहसास होगा है
02:55कि अब वो इस नाव को और नहीं चला सकता
02:57और यह पंक्ती यह तो सीधे सीधे
03:00डिवाइन इंटरवेंशन की मांग है
03:01कि प्रभू आप खुद आकर इस नाव को समाल लिजिए
03:05यह एक मामूली सी प्रार्थना से कहीं ज्यादा है
03:07यह तो अपने जीवन की पतवार पूरी तरह से सौब देने हैं
03:10कि गुहार है
03:10चलिए
03:11अब भजन के उस टर्निंग पॉंट पर चलते हैं
03:14जहां भक्त की प्राथना है
03:15की सोच एक गुजारिश करने वाले से बदल कर अपनी पूरी आस्था का एलान करने वाले
03:20वाले की हो जाती है यही इस भजन का दिल है जहां सरेंडर का असली मतलब सामने आए
03:25यह लाइन यह इस भजन का सबसे बड़ा फैसला है
03:30यह सिर्फ एक भावना नहीं है बलकि एक सोचा समझा चुनाव है
03:35भक्त कह रहा है कि उसने सहारे के हर दूसरे दर्वाजे को बन कर दिया है
03:40और अब वो सिर्फ और सिर्फ परमात्मा पर ही निर्वर है
03:43अब देखिए
03:45यह जो बदलाव है न उसे यहां कितने अच्छे से समझाया गया है
03:48एक तरफ है जमाट
03:50मतलब दुनिया, समाज, हमारी अपनी कोशिश है
03:53जो हमेशा स्ट्रगर्ड गया है
03:55और डर से भरी होती है
03:56और दूसरी तरफ
03:57दूसरी तरफ है सिर्फ भरोसा
04:00मतलब डिवाइन फेथ
04:01एक ऐसा भरोसा जिसके लिए सब कुछ छोड़ना पड़ता है
04:05अब हम भजन के क्लाइमाक्स पर पहुँचते हैं
04:07जहां भक्त अपना सबसे गहरा, सबसे परफ़ता है
04:10पर्सनल तरक सामने रखता है
04:11अब ये सिर्फ एक लाचार इंसान की गुहार नहीं रही
04:14बलकि एक परफ़ता है
04:15प्रेमी का आपने प्रिये से किया गया एक दावा है
04:17एक पल को जड़ा सोचिए
04:20भक्त ने अपना सब को छोड़ दिया है
04:21और सिर्फ भगवान पर भरोसा किया है
04:23तो उसका आखरी तरक सामने परफ़ता है
04:25तरक उसकी आखरी दलील क्या हो सकती है
04:27यही वो चीज़ है जो इस भजन को इतना सब्सक्राइब
04:30इतना युनीक बनाती है
04:31हमारा कुछ ना बिगड़ेगा तुम्हारी लाज जाएगी
04:35यही है वो पंक्ती ये इस भजन का सार है
04:37इसमें जो एक हिम्मत है
04:40अपनापन है
04:40वो सिर्फ गहरे प्रेम और अटूट विश्वास के रिष्टे में ही हो सकता है
04:45इस बात को समझे
04:46भक्त ये कह रहा है कि जो कुछ उसका अपना था
04:50वो तो पहले ही खो चुका है
04:51अब तो उसकी पूरी पहचान ही भग्वान में उसकी आस्ति आश्वास के रहा है
04:55तो अब अगर वो नाकाम होता है
04:57तो ये उसकी नहीं बलकि उस भग्वान की रहा है
05:00लाज का सवाल होगा जिसकी उसने शरण ली है
05:02तो पॉइंट ये है
05:05कि ये कोई धमकी नहीं है
05:06ये तो प्रेम की चुनौती है
05:10तूट बंधन का एलान है
05:11भक्त कह रहा है
05:12अब मैं तुम्हारा हूँ
05:14मेरी जीत
05:15तुम्हारी जीत है
05:15और मेरी हार
05:16तुम्हारी लाज का सवाल है
05:18तो हमने देखा कि
05:20इस भजन में
05:20एक पूरी एमोशनल और स्पिरिचुल जौनी है
05:23ये एक साध्र
05:25अधारन सी प्रातना से शुरू होकर
05:26एक बहुत गहरी घोशना पर खत्म होती है
05:30और भगवान के रिष्टे को
05:31एक नया मतलब देती है
05:33इस भजन के पूरी का
05:35पहानी को हम इन चार सिंपल स्टेप्स में देख सकते है
05:37ये सफर बोज को मानने से शुरू होता है
05:40और अपने भाग्य को भगवान के सम्मान के साथ
05:42पूरी तरह से जोड़ देने पर खत्म होता है
05:45ये समरपण का सरेंडर का एक पूरा साइकल है
05:47और आखिर में ये भजन
05:50हमें एक बहुत गहरे सवाल के पास लाकर खड़ा कर देता है
05:52कहां है वो लाइन
05:54वो बारीक
05:55जो हमारी अपनी कोशिशों और पूरे भरोसे के बीच होती है
05:58मुश्किल में
06:00एक इंसान कब तक लड़ता रहे
06:01और और वो कौन सा पल है
06:03जब वो बस हाथ उपर करके
06:05कह देता है अब बस पकड़ो हाथ बनवारी
06:07तो मित्रो पकड़ो
06:10हाथ बनवारी बचन की है वाख्या आपको कैसी लगी या दिव्याख्या बहुत अच्छी लगी हो
06:15तो हमारे वीडियो को लाइक कीजिए हमारे चैनल को सब्सक्राइब कीजिए और अधिक स्याधिक
06:20संख्या में शेयर कीजिए तक और आपकी इस विसे पर वीडियो देखेंगे
06:25देखना चाहते हैं हमें कमेंट में जरूर बताइए तो हम अपने टीम द्वारा उस विसे पर वीडियो बनाएंगे
06:30क्योंकि हमारा चैनल आप लोग तो जानते हैं दार में एक भक्ती अध्यायत में समाजी की उस प्रकार
06:35की विश्यों पर वीडियो बनाता है सुन्दर सुन्दर वीडियो तो मित्रो हमने आप
06:40आपको यह व्याक्या सुना इसके लिए एक लाइक तो बनता है तो आप लाइक करने में कोई कंजूसी ना करें
06:45और चैनल को सब्सक्राइब कर लें ताकि इस प्रकार के धार्मिक वीडियो का नोटिपिकेसन आपको
06:50तुरंत मिलता रहे इसके लिए आपने बेल आइकन पर और पर क्लिक करना है
06:55सब्सक्राइब करता काम है नित्रो और या भजन सुनते सुनते इसकी व्याख्या सुनते सुनते
07:00जैसरी क्रेशन जैसरी क्रेशन मने में जरूर बोलते है यह लगातार इससे
07:05एक मन का अलगी भावत्पन होता है इसी साथ में तरो जैसरी क्रेशन
07:10पुना अगले वीडियो में मिलेंगे जैसरी क्रेशन
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