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RSS प्रमुख मोहन भागवत ने हाल ही में बांग्लादेशी हिंदुओं से महत्वपूर्ण वादा किया है, जो पूरी राजनीति और सोशल मीडिया में चर्चा का विषय बन गया। उन्होंने सुरक्षा, सहयोग और उनके अधिकारों की रक्षा करने की गारंटी दी। इस घोषणा के बाद पाकिस्तान और बांग्लादेश से जुड़े कई मुद्दों पर हलचल मची है। मुहम्मद यूनुस समेत कई राजनीतिक और सामाजिक व्यक्तियों ने इस पर प्रतिक्रिया दी। देखें कि भागवत ने क्या कहा और इसका हिंदू समुदाय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है। पूरी खबर और एनालिसिस के लिए वीडियो पूरा देखें।

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Transcript
00:00यह मद्यवर्ती सुरक्षा बलोगर उपयोगी हो सकता है। लेकिन अगर समाज में वो बात नहीं है तो वो उपयोगी नहीं होगा।
00:09समाज की सुरक्षा समाज की तईयारी। यह सबसे बड़ी आवश्चक बात है।
00:17मंगला जिश में जो घटना हुई है। मंगला जिश में अब भी सवा करोड हिंदु है।
00:24वोगर एक हो जाते हैं। तो वहां की राजनीति का उपयोगों अपने भलाएगी लिए कर सकते हैं।
00:30अपनी सुरक्षा के लिए कर सकते हैं। लेकिन एक होना पड़ेगा।
00:34सवबाग जये इस बार उन्होंने तई किया कि हम भागेंगे नहीं, हम वही रहेंगे और लड़ेंगे।
00:42यह तो तई किया। अब लड़ेंगे तो फिर उनको एक होना आवश्चक रहेगा।
00:46वो जितना जल्दी हो जाएंगे बंगलाजेश में आज जितनी भी संक्या है उसके साथ वो अपनी स्थितिव को बहुत अच्छा और बना सकते हैं।
00:55ऐसा बनने में हम अपनी मरियादा में यहां रहकर जो कुछ कर सकते हैं।
01:01या दुनिया भर के हिंदू अपने अपने जगह पर जो कुछ कर सकते हैं।
01:06वो सब उनके लिए होगा। इतनी गैरंटी मैं दे सकता हूं।
01:10लेकिन पहले समाज का बल खड़ा होना चाहिए वहां वहां के।
01:15तो यह जहां है वहां इसे बल की आवश्यक्ता नहीं होती। और यह जान नहीं है वहां ऐसा बल होने पर भी उपयोग नहीं होता।
01:22अपने जेश में पहले से ही बहुत सारे बल है। अभी सबके नाम याद करना भी एकदम कठिन हो जाता है।
01:29तो इसलिए वह करने के बजाए समाज में सजकता, समाज में सुरक्षा की तयारी है।
01:37छोटी छोटी बाते हैं, मैं बताता नहीं डीटेल, जानकार लोग जानते हैं। उसी खा भी सकते हैं।
01:44चिविल डिफेंस का कोर्ज भी चलता है। यह सब अगर ठीक रहे, और हम में थोड़ा यह रहे, मलाक आयत ऐसे, ऐसा नहीं, मुझे क्या पढ़ी है, ऐसा नहीं वाई, जो कोच होता है, मुझे भी पढ़ी है, क्योंकि मुझे पर पढ़ने वाली है, मैंने देखा नहीं तो
02:14बाकी जनसंख्या के बारें मैंने बताया, तीन कारण है, प्रायोरिटी से, मतांतर है, घुस्पेट और फिर बर्द्रेट, सरकार विफल है वगर है, सरकार ने प्रयास ही अब तक नहीं किया था, तीन-चार वर्षे पहले था, कोई वीशेश प्रयास हुआ नहीं था, तीन
02:44अब आप 247 में भारत विभाजन का डर साब पालने के बज़ा आए, 247 के में अखंड भारत के उदय की कल्पना करो
02:53जो 500 साल सुल्तान बादशाब यहां रहे कर नहीं कर सके, जो 200 साल में अंगरेज नहीं कर सके, वो स्वतंत्र भारत में अब क्यों होगा फिर से, यह 1947 नहीं है, अब हम बहुत आगे बढ़ गए हैं, अब भारत को तोड़ने वाले तूट जाएंगे, भारत जुट जाएंग
03:23यह होगा और यह हम करके रहेंगे, यह संकल्प आप मन में मजबुत बनाओ, तो कुछ यह जो सपने देख रहे हैं, दुस्व अपन देख रहे हैं, उनके मनसुबे कभी सफल नहीं होंगे, हम सब लोग हैं, हम यह उनने नहीं देंगे, ऐसा सोते हैं, हम्
03:53झाल
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