00:00अब कोई भी मेट्रो से स्टेशन ले लो आप कुछ भी ले लो ना रूर रेगुरेशन चलते हैं कोई रोंग साड़ गुछ जाता है
00:08अब को ये काथ ही दिखती होगी एक डिपो एक डिपो चल रहा है तो अभी सारी बॉस ये जैसे उनकिस जंग ले रही है उनको अठा रहे है इसमें सब हीटर वगरा सब कुछ है वात अनुकुली थे जीरो पर्सेंटिज में पॉलूशन है जीरो एमिसन है इसका अंदर की बा
00:38सबाचारों में हम अक्सर कार्विक्त कर देते हैं कल उसके एक साल पूरे हो जाएंगे और फरवरी को जो आपके चैन्यटकी单 में खेए उसका जो manipulating तेख रहे Oh
01:06यह देख रहे हैं जो आप देख रहे हैं यह वह मंच है जो कल इस पर रेखा गुपता आएंगे और आगे वह तमाम सफाई कार्म चलता है लेकिन तमाम गोष्णाओं के भीच मैं यहां इसलिए आगया हूं कि
01:19दिल्ली में प्रदूशन की बात होती है और प्रदूशन की जब बात होती है तो तमाम कारणों में से कारण वाहन भी होते हैं तो उसके लिए जब यह सब हुआ तो इलेक्ट्रिक बसों की बात आई तो कल रेखा गुपता यह देखिए मैं कैमरामन जैसे चाहूंगा दिखा�
01:49संख्या जो बता बलब जो 500 बसों कर हरी जंडी दिखाई जाएगी और और वी कई होजनाएं हैं लेकिन यह दो दिखाई जाएगी इसको मैं इसलिए दिखा रहा हूं को इसका तालुक सीधा सीधा पिरदूसर्ण से है और इसमें क्या है इसमें मैं भी देख रहाता है यहा
02:19से दो तरह की बसे आपको दिखाई जीए रही होगी और एक हरी बस है देवी तो इसका बता है यह थोड़ी च्छोटी बस है 9 मीटर इसको बताए जारह और यह इधर 11 मीटर जो नीली वाली है तो यह जो बसे कहिए ऐसा है थोड़ा मोल में शंक्रा रास्ता है कुछ ऐसा सम
02:49दिखाई देगी तो यह जो एक साल पूरा ना उसके उपलक्ष में यह तोफा विखा गुप्ता जंता को दे रही है और उनका दावा है कि अब प्रदूसर और कब होगा मैं प्रदूसर की बाद इसलिए कर रहा हूं बाकि और भी तमाम घोशाएं होंगे कल भी हम आपको बता
03:19होगा आक इसमें लोग जो जो जाम होता ना उसकी समस्या सब जबाएंगी तो उसका वी प्रभंदन अगर सही नहीं होगा तो लोग बसों में सफर करने से तो तो
03:45कितनी है है तो अभी अधिक्णा फ़र्श में दिल्ली में के अभी अजो में इनका कल परसों में ध़्टने जैसे-टब तो जैसे जडेन कर लाइए यह और यह यह सुप जीटी के बश्याइए लग-जीटी के आई है वारा मीट्र की बश्याइं
04:10तो नाम से क्या गाए नाइन मीटर के लिए तुद्धा तंग रस्तों से भी जैसे गलिया वगारा है को यह रिक्षा वेगरा हुआ है वह जुद्धा वह जाम रहा तरह में ट्रोस्टेशन पीड़ तो उसको करने के लिए सवारिया जैसे जीरो माइल कनेक्टिविटी करें न
04:40कि इस मेहाँ पर आपका पद क्या है आप मैं ड्रेवर के लिए ड्रेवर पद अरे वाग वड़िया तो आपकी सबसे बड़ी जम्मेदारी आप समझा पाओ के से आपको यह तो आपको यह रिक्षा से दिक्कत रहती होगी तो इसलिए बुबात आपके दिमाग में आगे न
05:10पर आप जाता है कोई कुछ करता है वह तो पुराने रूट पर गाडिया चला है उन पर बरके चलती जो पुराने उन पर दिल्ली गौर्मेंट ने रूट निकाले डीटीची ने उन पर भी गाडियों को पता नहीं पर थोड़ी कम सवारी रहती उस पर रहती है बढ़ेंग
05:40सब्सक्राइब को यह खोल भी लिया अंदर से देखने का भी शवाक हमें मिल गया इतिफाक से तो यह इलेक्ट्रिक बस देखिए यह होती है जरा सा थोड़ा सा अंदर आप यह इदर से उदर से नहीं खुलेगी न अच्छा यह देखें थोड़ा सा आई आप सम्झा दीज
06:10तो आप यह इस दो जो वीलचेर वाले हैं जो उनके लिए यह यह से ना यह पर दरवाज़ा खुलेगा पिर यह लिफ्ट दे रहें और लिफ्ट चली जाएगे निचे दरवजे कि यहां पर वीलचेर रम बोलते उसको बो कहां से वीलचेर रम पैसे बाहर निकल जाएगा �
06:40लुट रहाए हैं जो जाएगा है को आपि फ intelligente को डी बहुत मरें जाएगा और अराम से वीलचेर चडेगे एगा उनकी जाए नीचे निलिंग सबूल जाती मतलब जैसे अमनी पहो जबते है न तो घुख जाती है और यह काड़ी जुख जाती है
07:09यह कैसे जुख जाती मतलब क्या चीज़ है इसमें बटन देर का सुईचिस में इसमें फिर फंक्शन है सब यह गाड़ी जुख जाएगे टेटी हो जाएगे विल्चेर निकल जाएगी और बिल्कुल अराम से विल्चेर चड़ेगी इसमें बड़ी जांदार्शी विखलां�
07:39प्रवीन शाब के साथ में कि इम्में दिखा थे यह पैनिक बटन नो पैनिक बटन लगे हो इसमें नो यह अर्थ पांच एक तरफ चार एक तरफ इस से पैनिक बटन चे यह सुज़दा है कि जैसे किसी पैसंजर को कोई दिक्कत है तो अपने इसको दबा के हमें बता सकता ह
08:09साहिरा लगारका जैसे पैनिक बटन दबेगा साहिरन बचे रहा चलिए अंदर सांब का समय है तो यह यह सुब्दा जो है यह आप देख सकता है यह यह यह नीली वासों में भी होगा ना सब आपनिक बटन सब बसों और यानि कि दिव्यांग है उनके लिए भी इस बसकी ख
08:39कि अब जितनी भी सेंजी की और जो गाडिया थी ना मरी पहले वो रोड शेट जाएंगी बास्ता इस्ता जैसे जग ले लेंगी उनकी उसा बट रही है आप ने देखा पहले और डिटी सी कि जो लाल कलर की चलती थी उनका टाइम होगा पूरा वह अटगी रहा अब को एक आ�
09:09पांचो लिखा हुआ तो पांचो महलो अब इस इति कि नोल इस दिया भी पस आएंगी सुपह साथे चार बज़े तक एक राउंड फुलो जाएगा बस ओवा जैसे जैसे ड्रैवर आ रहे हैं तो उनको घद दे रहे हैं तो वहारी गाडिया अच्छा सब आप सारे ड्रैव
09:39कई जानकारी थी काफी जागरू काप लगे तो यह भी एक चीज है जो दिल्ली के लिए फाइदे मंद होने वाली खास दिव्यांगों की बात ही महलाओं की बात ही तो बसों में क्या-क्या सुब्दा है वो भी हमने आपको दिखाई है तो हमने थोड़ा समय है बिताया उस �
10:09सबको पता थी हमें नो के मुह से पता लगी कि इनको आठ सो बासट रुपए पर डे ड्राइबर को मिलते हैं लगबग आप मालीजे 25,000 कुछ रुपा और उसमें से पी अब बगारा कटता है तो जो पर्मानेंट सरकारी बंदा होता है चालक उसकी सेल्दी 80,000 होती है तो उ
10:39कि बात भी सामने आनी चाहिए कि यह जो पूरी विवस्ता पांसो बसे देख रहे हैं यह पी पी मॉडल यानि कि प्राइबेट पब्लिक पार्टर सिफ का मॉडल है जिसमें तमाम कंपनियां अपनी बसें डी टी सी में लगाती है इनके मालिक बसों के कोई और पूंजी पत
11:09तो 862 रुपए कुछ है कि अगर सरकारी से काम सरकारी तौर पर रखती कुछ थोड़े बहुत ड्राइबर सरकारी नहीं पुराने तो बहुत मौहल नहीं है यह पीपी मॉडल से जो चालक है ड्राइबर है उन्होंने अपना थ्रों से बताया कि यह 25,000 रुप में दिल्ली य
11:39तो यह भी आपकी इस पर क्या रहा है आप भी कमेंट में बताईए कि क्या बास्तम में दिल्ली यह से सहर में विकास बहुत अच्छी बात है लेकिन पीपी मॉडल में भी कही ना कहीं कुछ आईसे नियम होने चाहिए जो इन बसों को चला कर दिल्ली को सच रखेंगे सब को
12:09सब्सक्राइब करना चाहिए पूली पती अपनी गाड़ी लगाएंगे इनको इतनी सेल भी देंगे और चलते-चलते मैंने चुकि अब ड्राइवर हैं अपनी बात कहते हैं कुछ पड़े लिखे भी काफी सिख्षित लोग भी है उन्होंने अपनी बात बताई लोग बहु
12:39किसी को देना पड़ जाए मौके पे तो वो इन्हीं ड्राइवरों को अपनी जेब से बढ़ना पड़ता है अगर माले किसी का 1500 रुपाय महिने में नुकसान हो गया कहीं पे तो भी नहीं देना होगा ऐसा नुकसान जो इंस्ट्रेंस के दारे में नहीं आता तो जहर सी बात
13:09प्राइब लिए
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