00:00शनीवार की शाम मुंबई में एक ऐसा दृष देखने को मिला जिसने सियासत और सिनेमा दोनों की दुनिया में हलचल पैदा कर दी
00:14मंच के सामने कुर्सी पर बैठे थे सल्मान खान, सामने थे राश्टिय स्वयंसिवक संग के प्रमुख मोहन भागवन
00:22सवाल अपने आप खड़ा हो गया मजबूरी या फिर सोच RSS के कारिकरम में क्यों गए सल्मान वजा चौकाती है क्योंकि कहानी सिर्फ मौजूदगी की नहीं संकेतो की भी है
00:34राश्टिय स्वयंसिवक संग के सौ साल पूरे होने पर आयोजित इस कारिकरम में सल्मान खान की मौजूदगी किसी आपचारिक नियोते तक सीमित नहीं लगी
00:43उनके साथ फिल्मेकर सुभास गई गितकार प्रशून जोशी सामने बैठे थे तीनों ने पूरे ध्यान से मौहन भागवत का भाशर सुना
00:52कैमरे बार बार सल्मान खान पर टिके रहे और हर फ्रेम के साथ चर्चाएं तेज होती गई
00:59क्या ये सिर्फ एक सांस्कृतिक कारकरम था या फिर इसके पीछे कोई बड़ा संदेश छिपा हुआ था
01:05मौहन भागवत ने अपने संबोधन में भारत की पहचान पर बात की उन्होंने कहा कि भारत में हिंदू ही है और कोई नहीं है
01:14क्योंकि हिंदू किसी खास रस्न पूजा या समदाय का नाम नहीं है ये जीवन दृष्टी है जो सब को साथ लेकर चलती है उनके शब्दों में हिंदू तो किसी पर कुछ थोपने की सोच नहीं है बलकि साथ साथ रहने का भरोसा है ना पूजा बदलने की बात ना भाशा �
01:44लाने की लालसा रखता है संग सीधे राजनीति में शामिल नहीं है भले ही उसके सोयम सेवक अलग अलग अलग राजनीतिक दलों में सक्रिये हो प्रधान मंतरी नरेन मोधी को लेकर चलने वाली चर्चाओं पर भी उन्होंने सपष्ट किया कि उनकी पार्टी अलग है और सं
02:14भाग था हिंदू भाव को भुला देना उस तूट का कारण बना इसके बावजूद भारत में इसलाम इसाई धर्म आज भी मौजूद है टकराव हुए लेकिन देश एकजुट रहा उनके मताबिक हिंदू मुसलिम एकता कहना ही गलग है क्योंकि हम पहने से एक समाज और ए
02:44कोई पैरा मिलिटरी फोर्स नहीं है रूट मार्च और लाठी अभ्यास अनुशासन का परतीक है ना कि कोई सैनिक तयारी संग देश में चल रहे सकारातनक प्रियासों को मजबूती देने पर फोकस करता है शोदेशी को मजबूत करने की बात करता है उन्होंने दुनिया से �
03:14ने कहा कि परिवारों में बात्ची जरूरी है ताकि नई पीड़ी नशे या आत्महत्या जैसे रास्तों पर ना जाए नागरिकों को सोचना चाहिए कि वो देश के लिए कितना समय दे सकते हैं सही और शांती से रहने की ताकत को जगाने की जरूरत है ऐसे मंज पर सलमान ख
03:44कि सलमान खान आमतोर पर एसे आयोजनों से दूरी बनाये रखते हैं लेकिन इस बार उनकी चुप मौझूदगी ने बोलने का काम किया है यही वज़ा है कि यह मौझूदगी चौकाती है क्योंकि यहां ना अभिनय था ना बयान बाजी सिर्फ सुनना था और कभी-कभी सब
04:14के करीब जा रहे हैं इस वीडियो में बस इतना ही मेरा नाम वैभो है आप देखते रहिए वण इंडिया
04:20सब्सक्राइब तो वण इंडिया और नेवर मिस न अपडेट डाउनलोड तो वण इंडिया अपनाव
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