00:00अग्याँ यहाँ इस बार यहाँ पर एक नहीं दो नहीं ।।
00:08थाउपुर के साथ में आप इस बार एक्जिविशन लगा रहे हैं।
00:27अभी यहाँ पर करीबन रवीवार के थाओ हूँ है।
00:29इस प्रवश्य संद्रिदा इसने प्रविश्य से जादा बिलिए और उसमें भी विविधिन करेटर करें अपको गुलाब देखनेंगे जो अधिकतर देखने में अपने को मिलते नहीं है और उनकी साइजी बहुत डिफरेंट होगी बहुत बढ़ी होगी किस से अमलेद कॉलर
00:59foreign
01:13foreign
01:23foreign
01:27निस से चौतर से यह चालू हुई थी इस तरह का आईजन आज एक क्यामने वर्ष में हम जा रहे हैं इसमें अब पूरे राजस्तान से पूरे राजस्तान का मतलब बड़े-बड़े मख्याले जहाँ पर गुलाब की पैदावार ली जाती है और उनको ने के बल्गोब की बग
01:57यानि एक ही गुलाब में विविन कलर की थोड़े स्पाट हों ऐसा हो सकता है एक ही बंच में पांच-साथ गुलाब पैदा हो जाएं जब पी एक ही होता है तो इस तरह के नहीं-नहीं अनुसंदान राजस्तान में हो रहे हैं और वो ही साल में एक दिन हमारे रोष सोसाइट
02:27शीकर, अलवर, कोटा, अभिकानेर और जोतपूर से यह जो सरकारी जो उध्यान है उनमें भी रिसर्च हो रही है वो सब इस मौके पर आते हैं और अपने इस गुलाब का प्रदेशन करते हैं और नित नहीं जो विविन वराइटी देखने को मिल रही हैं वो राजस्तान मे
02:57है �ph wars BEN को भी एसा करके हैं और आपने उसको तक्रीक को भी शेयर करते हैं गुलाब काने वाले वह यह उनको चयोंगे और नहीं नाम चाहेंगए और यह कि
03:27foreign
03:57पौटिफाइब डिगरी के एंगल पे फिर दूसरे पौदे की इस पे ग्राफ्टिंग की जाती है जब जाके यह पौदा तयार होता है इसको तीन से चार महीनी लगते है तयार होने में फिर इसकी अक्तुवर से नॉबंबर के टाइम पे इसने फ्लावरिंग चलो हो जाती है
04:27अपने खुश्बू बिखेरते हुए नजार आएंगे सेवगी रामकिशन के साथ अंकुर जाकर टीवी भारत जैपुर
Comments