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  • 7 weeks ago
शाला संग्रहालय पढ़ने वाले छात्रों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. बच्चे जीवनशैली, परिवेश और संस्कृति को करीब से समझ रहे हैं.

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00:00seachia
00:28foreign
00:38foreign
00:42foreign
00:56Language and Learning Foundation
01:18आदिवासी बच्चों के लिए मील का पथर सावित हो सकता है
01:48क्लास पांस तक पढ़ाने का एक पॉलिसी बनाया है और उसको बच्चों को लाखों बच्चों को इसका फायदा मिलेगा
01:55क्योंकि बच्चों अपनी दुनिया में अपनी भासा को अपनी भासा में जानते हैं
02:01औड़िशा और 36 गड़ में शाला संग्राले की अधारना पहले ही सफलता पुरवक लागू की जा चुकी है
02:0736 Gđđ मध्यप्रदेश में कुल 45 साला संग्रालय सक्रिये हैं, यहां बच्चे वहवारिक सिक्षा ले रहे हैं
02:37बहुभासी शिक्षा के तहट यह योजना जहारखन की महत्वकांची स्यक्षनिक योजनाओं में से एक है, इसके तहट राज के आठ जिलों, सिम्डेगा, पश्चमी सिभूम, खुटी, गुमला, लोहर्दगा, लाते हार्दुमका और साहिव गंज में बहुभासी शिक्षा
03:07सब्ध का संपर्ग को, यह घर है, यह पेड़ है, यह होटल है, यह सारे चीज़ों कह रहे हैं, बस्तु के साथ संथ का संपर्ग, तो यह जो बनाया, इसमें सारे स्वर्भयन, बेंजन, बन, जुगता खिर, जो भी आपको हिंदी में जितना सीखना है, बच्चे अपनी भा
03:37बनाता है, सिक्षा समावेसी और विवहारिक सिक्षा देना बच्चों को जरूरी है, और यह जो एक प्रेजेंटेशन है, आप यह कह सकता है, कि बच्चे अपने लेंग्वेज में तो उन वस्तुओं का नाम जानते ही है, लेकिन हिंदी इंग्लिस में अगर जानना है, तो
04:07आरिया, ETV भारत, राजी
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