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  • 3 months ago
शहडोल संभाग में दरवाजे पर चरवाहा लगाता है सेमल के पत्ते, मन्याता दिवाली पर घर में लक्ष्मी का होता है आगमन.

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00:00दीपावली का त्योहार पूरे भारत वर्ष में बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है
00:13तो ही भारत के अलग-अलग छेत्र में इस त्योहार में कई अलग-अलग रीत रिवाज और परमपराएं भी है
00:19जिसे पीढ़ी दर पीढ़ी लोगनी भाते भी आ रही है
00:22मद्य प्रदेश के विंद छेत का शहडोल संभा आदिवासी बहुल इलाका है और यहां पर भी दीपावली के त्योहार में कई ऐसी अनोखी परमपराएं हैं जो अद्भूत हैं
00:32दीपावली के त्योहार में कहीं शैला कर्मा का नित्य होता है, कहीं रीना गीत गाये जाते हैं, कहीं देवारी डांस होता है, अलग-अलग छेत्र और अलग-अलग रीती रिवाज और परंपराईं देखने को मिलती हैं.
00:44एक ऐसी ही परंपरा शेडोल संभात के ग्रामीर छेत्रों में देखने को मिलती है, जिसमें दीपावली के दिन सुबा-सुबा काउं के चरवा है, सेमल का पत्ता घर-घर लगाने जाते हैं, और इसके पीछे भी एक बड़ी वजा है.
00:59यह बताओ कि सेमल का पत्ते को दीपावली के दिन क्या करते हो आप लोग?
01:29दीपावली के त्योहार के दिन सेमल के पत्तों की इस परंपरा को लेकर जोतिस आचार, पंडिस्तुशिल शुकला सास्त्री बताते हैं कि यह भी एक अनोखी परंपरा है.
01:45यह कार्तिक क्रिश्न पक्ष अमावस्या के दिन सेमल का पत्ता पांगने का विबरन है.
01:54शास्त्रों में उलेख है कि प्राता काली इस नांकर करके चरवाहे लोग जो गव पालक होते हैं, चरवाहा होते हैं, वो जंगल जाते हैं, और जंगल से पवित्र मन से पत्ता तोड़ करके तीन या पांच उसको एकर्था करते हैं,
02:24और साम से पहले ये उनको निमंत्रन दिया जाए, तो पत्तर या भोज पत्त्र ऐसा ना करके अशेमल के पत्ते लटका देने से लक्षमी जी का निमंत्रन स्विकार होता है, लक्षमी जी क्नसल होती है, इस तुरही धार्मिक महत्तु की बार,
02:52SEMAL SANSKRIPT SHALMALI
03:22JASPILT SHALMALI
03:27जहां पर SHALMALI के जो बार्ग होती है
03:30और इसके जो फूल होते हैं
03:33वो रकत प्रसादन होते हैं
03:35मतलब की हीमोगलोमिन बढ़ाने वाली होते हैं
03:39तो उनका रस भी उप्योग किया जाता है
03:41उनका चून भी उप्योग किया जाता है
03:42So, the leaves, the leaves, the leaves, the leaves, the leaves, the leaves and the leaves are all made of the iraids.
04:12Shadol Shagli Shukla, ETV Bharat, Madhya Desh.
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