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00:00मामु ने अपना कार्ट दिया था, उन्हीं के पैसो कहें सब कुछ, तुम्हें तो मूवी ना लगाएं वो?
00:18पुम्ह
00:19आणडी, आप तो बहुत अच्छी हैं, स्वेर, लेकिनी जो आपका बेटा है न ये
00:30ये थोड़ाशा अजीब सा है
00:34तो मुझे कितने अजीब से मेसेज़ेस करते हो, I love you, I miss you, मतब
00:43very bad
00:47सारा, क्या हो गया, कैसी बातें कर रहे हैं, क्या हो गया, बाबा?
01:00इस नहीं किया ना मुझे मेसेज़ेस, तो फिर इसको बता होगा, शर्मिनना होने वाली कौन सी बात है, मुनवर
01:11मुनवर, ये क्या कह रही है, बटा?
01:16मैं नहीं जानता ही किस बारे में बात कर रही है, मैं तो उस दिन के बात से आज मिल रहा हूँ
01:22और उनमें तो जानता भी नहीं हूँ, ये किस बारे में बात कर रही है
01:32देखे, आपको कोई गलत सहमी हूई है, मैं तो या पहली बार आया हूँ
01:37पहली दफाने, दूसरी दफान मिल रहा हूँ नुच से, और मैं भी नहीं जानती है से
01:42वो, कोई और मुनवर होगा शायद
01:50गुट पॉइंट रक्षी
01:54सारा, एक मिनट चो बोल या
02:00क्यों बाबा, क्यों चोप रहा हूँ मैं
02:08विसे आपको अंटी पता है, आपके इस बेटे की वजासे ना मुझे घर से भागना पड़ा
02:12घर से भाग, मतलब
02:19नहीं, नहीं, ये तो अपनी दोस्त घर रहने गई थी, है ना मजर
02:26नहीं, दादो, वो तो मेरे जाती मसले है, उसके बारे में बात नहीं करते है
02:32लेकिन देखें, जब उनवर ने मुझे मेसेजिस किये थे ना, उसकी विज़से बाबा को तो यही लग रहा था, कि मेरा उसके साथ चक्कर चल रहा है
02:40लेकिन यह तो कह रहा है, यह मुझे जानता ही नहीं और मैं भी नहीं जानती इसे
02:54तो फर मुनवर के नाम से मुझे मेसेजिस कर कौन रा था
03:01यह तो अम्मी न मुझे बोला था
03:08कि तुम मनवर को बोला अगर तुम्हारा उसके साथ चक्कर है
03:12की अपने फोन पर मेसज़िस ना परे
03:14तुम्हारा फोन तुम्हारे भास है नी घर परेご
03:16अब बबाबा मै तु आपके साथ पुरा वाक रים दाबते में थी
03:19मामू ऐसे कर लेते हैं कि हम
03:29मुनवर के मैसेज़ इसका स्टायल मैच कर लेता है
03:31जब मैंने किया ही नहीं आप कर सकते हैं जब कोई मसला नहीं है
03:43अदिल खामोश रहो मैं मान नहीं
03:46भाई साब
03:49आप ऐसा करें के तसली करने
03:54पिटा फून दो मुझे
03:59इस यह लीचे
04:03नहीं नहीं देखे इसकी दो बोत देंगे
04:05आंथी मुझे दें फोन
04:09मनवर ज़रा अन्लोग करके देना
04:12थैंक यू अब हम जैक करते हैं
04:29बाबा यह देखें
04:38अन्नून नंबर
04:42मैं नहीं जानती इसे
04:49नहीं है मुझे जानता है
04:50लेकिन अगर आप फिर भी चाहते हैं
04:58कि मेरी इसे शादी हो जाए तो फिर मुझे मनजूर है
05:01तुम्हारी क्यू शादी होगी इससे
05:06रिष्टा तो मेरी लिए आया था ना
05:08रिष्टा तो मेरी लिए आया था ना
05:20रक्षी
05:26क्या हो क्या राय है यह
05:28बाबा ऐसे कहते हैं दूसका दूद और पानी का पानी होना
05:36भस बाई साब बहुत हो गया
05:42मेरे खालत नहीं काफी है
05:46हमारी काफी इज़त अफजाई हो गई है
05:48तुम पहले ही रक्षी को पसंद कर लेती ना
05:54तो आज यह दिन देखनाने पड़ता
05:56जी
05:58बिलकुल ठीक कह रही हैं आप
06:00वाकिए आज हमें यह दिन देखना नहीं पड़ता
06:04अगर यह सब नहीं होता
06:06तो हमें कैसे पता चलता कि बच्ची सज बोल रही है
06:10अगर यह सब नहीं होता तो हमें कैसे पता चलता कि बच्ची सज बोल रही है
06:22खुदा आफिस चलो बेटा
06:32आई माला
06:34क्या है यह सब क्या हो क्या रही है
06:51सच
06:53जो आपके सामने ता लेकर आपो देखना नहीं था
07:00लखशी पाश्पेट के ले अपना फोन देना
07:10देखेवाप अपना फोन नहीं दे रही
07:13क्यों
07:15क्यूं नहीं दे सकती है तूपणा मोबाई, दो इसको
07:20मैं नहीं दूँगी अपना फोन
07:22और इस चलाक लड़की के कहने पर तो बिलकुल भी नहीं दूँगी
07:42मामू मैं एक बात कहना चाहता हूँ
07:44आदिल तुम्हें नहीं पता मामू की तप्वी तॉलडी खराब है
07:48देखें मामू आप किसी का नंबर किसी भी नाम से सेफ कर सकते हैं
07:56तो अगर मनवर ने सारा का नाम खराब करना था तो पुरिष्टा क्यों लेके राता
08:13बावा त्यार हो जाए
08:15इस घर में महबबत की दूसरी शादी होगी
08:18कौन करागा महबबत की शादी
08:27मैं अगर आउंगी न दादो
08:28सबको बुलवाएगा
08:30फिर तो मैं अपनी बेटी और बेटे को जरू बुलाऊंगी
08:33फरीक को भी बताती हूँ
08:34आज आना था पर नहीं आया पता नहीं क्यों
08:37बिल्कुल सही बात है
08:40अब घर में पहली शादी होगी
08:41तो सबको आना तो चाहिए ना
08:43क्यों भुपो
08:44सही कह रहूना मैं
08:46तुमसे तो मैं बाद में निमट लूगी
08:48निमट लूगी
09:16सामने की बात में क्यों नहीं समझ सका
09:19इतना वक्त खुद को जलाता रहा
09:22लेकिन हुआ क्या मज़र सहाब
09:25चार मिनट में सारा ने सारा मामला साफ कर दिया
09:30सारा इतनी होश्यार कैसे हो गई
09:33इतनी अकल
09:36मुझे लगता है जिन लोगों में रहके आई है
09:39वो लोग आम लोग नहीं हैं
09:41उन्होंने उसे उसे बदल के रख दिया है
09:45किस से बात होती
09:52सिर्फ सारा से न
09:54उसकी दोस्ती कभी बात हुई है तुमारी
09:57या सारा उसी दोस्त के घरे
09:59जिससे उसकी शादी रचा रहे हो
10:01अपनी उलाद के लिए तो सारी असूल धर दिया तुमने
10:05नहीं
10:06असूल तो मेरे कभी किसी ने माने ही नहीं
10:08माजी, मगर उन लोगों का मुझे पता करना होगा जहाँ ये रह रही थी.
10:25और कैसे काटी?
10:29क्या करून?
10:35हेलो?
10:37हाँ, क्या है?
10:39तुम्हें पता नहीं है यहाँ घर में कितना भंगामा हुआवा है?
10:43तारा को मेरे नाम से किसने मेसेजज़स किये और कॉल किये?
10:48मुझे क्या पता?
10:50नमबर तो तुम्हें दिया था न मैना उसका?
10:52तुमने करवाया होगा किसी से?
10:54तुम्हारा दिमाग तो ठीक है?
10:56मैंने तुसका नमबर कपका डिलीट कर दिया
10:58और इतनी मुश्किलों से मैंने अम्हें को मनाया था
11:01कि तुम्हारा रिष्टा मांगे
11:02सब का सब प्लैन खराब कर दियो उस दड़गी ने
11:05क्या?
11:09क्या वाकिए मैं
11:10मरी अम्हें मा...
11:12जे हाँ मान गई थी
11:13और अब वो कमरे में नराज है
11:14बंद कियावा दर्वाजा बात नहीं करनी मुझसे
11:17तो तुम दर्वाजा तोड़ कर मना लो ना
11:20तुम पागल हो क्या?
11:23मैं क्या करूँ?
11:25मारी महबत मैं और क्या क्या करूँ यह मैं खुद नहीं जानती
11:28हाथ तो मैं भी तुम से प्यार करता हूँ
11:31इसलिए तुम्हारे गरवालों के सामने कुछ नहीं बोला
11:34बना मैं अपनी पे आता तो सब की इज़त की धजियां उड़ा देता
11:37अच्छा तुम यह सब छोड़ो तुम
11:40प्लीज अपनी अम्मी को मना लो ना
11:43अच्छा मैं करता हूँ गोशिश
11:46कुछ खेह नहीं सकता है आल लगो
11:49बाहर पता लग जाए एरकट किस दिये
12:01छोड़ो माने
12:04सारा को तो मैंने छोड़ोंगे
12:13अरे नहीं भाईजान वो तो आपको अपने बाप की जगा समझती है
12:28बिल्कुल गलत है
12:29अगर बाप की तरह समझती तो यह सब कुछ ना होता
12:36मैं तो सोच भी नहीं सकता कि रक्षी यह सब कुछ करेगी मेरे साथ
12:42भाईजान मैं बता रही हूँ ना आपको
12:44डर गई थी वो
12:46अभी भी कमरे में बैठी रो रही है कि मामु जान को दुख हो रहा होगा
12:54अगर इतनी ही नदामत थी उसे के मामु को दुख हुआ है तो मामु को आकर दिखा देती यहां पर
13:01नहीं बुलाना मुझे किसी को अपने पास ना सुननी है किसी की बात
13:06सारा का फोन भी तो आपी के पास था ना ये बात भी तो जूट निकली
13:10हाँ कराता हूं पता इसका भी मैं अरे छोड़ें भाय जान क्या जरूवत है अब पता कराने की
13:19नहीं नहीं फरत ये इतनी छोटी बात नहीं है कैसे छोड़ दिया जाए इस तरह
13:23पाहिजान, आपको तो अपनी बेटी की फिकर करनी चाहिए
13:30जब से मुनवर का नाम सोना है, भागी दोड़ी आई है कि मेरी बेटी तो ऐसा
13:35यही कहा था ना कि उसके लिए रिष्टा आया था
13:37और फिर शादी भी उसे ही करनी चाहिए है ना
13:47ऐसा तो कुछ नहीं कहा उसने
13:49मतलब तो यही था उसका
13:51तो बस कर दो, तुम तो चुप कर जाओ
13:55बाबा, अम्मी क्यों चुप रहे हैं?
14:04वो बीवे याँ आपके उनका हाग के इंचारी बातों पर बात करने का?
14:07तो अब तुम मुझे बताओगी
14:13के किस से मुझे कैसे बात करनी चाहिए?
14:17ऐसा तो नहीं कहा मैंने
14:18लेकिन जही बात पर बात करना और हक की बात करना
14:24आपने यह तो सिखाया मुझे आप से ही सीखाया मैंने
14:26तो मैं क्या कर रही हूँ?
14:33मैं खलत बात कर रही हूँ, हाँ?
14:37और मैं तुम्हारी कुछ न लगती, क्या?
14:40पुपो हैं आप मेरी
14:41खूंड का रिष्टा है हमारा
14:44तेकि पुपो, अगर आप अलग घर में रहती ना
14:49तो आपकी बातों पे पर्दा पर जाता
14:56लेकिन अगर आप हमारे साथ रहती हैं
14:58तो फिर हर बात पर बात भी होगी
14:59तो क्या कहना चाहरी हूँ?
15:03कि भाईचान ने मुझे यहां रखकर गलत किया
15:05देखे भाईचान क्या कह रही?
15:06अरे नई पुपो, मैंने तो कुछ ऐसा कहा ही हैं ने
15:08आप खलत समझ रहे हैं
15:12बलके मैंने तो आपकी तारीफ की है
15:14मैं तो यह कह रही हूँ कि जब तीसरा इंसान दो इंसानों के बीच में आता है ना
15:22तो पिर उन में फ़र्ट डिफरेंसिस पैदा हो जाते हैं
15:24लेकिन आपने तो ऐसा कुछ नहीं किया
15:32है ना पुपु?
15:34हाँ, मैं क्यों ऐसा करने लगी? मुझे क्या जरुवत है?
15:41लेकिन बाब, तुम तो बहुत बदल गई हो
15:44इने दोस्त के घर से आने के बाद तो विर्कुल यह अलग बात ही करने लगी हो
15:49है ना भाईजान?
15:53जो कुछ भी हुआ है बहुत अच्छा हुआ है
15:59मैं तो बहुत खुश हूँ
16:01हाँ
16:09रखशी सकाओ अपना फून लाके दे मुझे
16:13मैं देखना चाहता हूँ उसमें क्या है
16:17जाओ
16:19मैं जी इमेव लाटिए
16:25अब मैं अपना प्रूप
16:45मैं?
16:47अमी दरोजा कोले
16:51अमी दरोजा कोले वरना मैं दरोजा तोड़ दूँगा
16:58तुम्हारा दिमाग तो ठीक है दरोजा तोड़ दूँगा
17:06किस ने किये थे उसे मेसेजिस
17:08आप एक घर से फरार लड़की की बात पर यगीन कर रही है
17:16वो इतने धरले से सबके सामने आकर बोल रही थी
17:20कोई तो वज़ा होगी चो घर से भागी थी
17:23अममा मेरा यकीन कीजिए
17:24मैंने उसे कोई मेसेजिस नहीं किये
17:26कोई कॉट नहीं की
17:27अल्णा की किसम मुझे इस बारे में कुछ नहीं पता
17:29तो फिर किस ने उसे मेसेजिस कियें?
17:3323 साल हो गए मुझे बेवा हुए वे.
17:36मैंने आज तक यही चाहा कि कभी भी कोई ऐसा वक्त नाए कि कोई मुझ पर या मेरे बेटे पर आँख तो क्या आवाज भी उठाए.
17:46ये सब को जानता हूँ उमा मैं.
17:48खुर सकता है किसी की शरारत हो?
17:51शरारत नहीं ये साज़िश है.
17:54और जिस तरह रशी ने कहा था न कहीं रिष्टा मेरे लिए आया है.
17:57मैं उसी वक्त समझ गई थी कि ये सब कुछ की अधरा उसी का है.
18:00अच्छा? इज़ट करती है? करती है इज़ट तुम्हारी वो? नहीं ना?
18:19तुम्हारे कहने पर मैं उस घर में रिष्टा लेने के लिए गई थी.
18:22लेकिन आज के बाद उस खांदान की कोई लड़की इस घर में नहीं आईगी.
18:27अम्मी उसने मेरी बहुत जगा पे मदद की है.
18:30हाँ तो ठीक है ना? तुम भी मदद कर दो.
18:33तुम्हारी नौकरी लग जाएगी तो उतार देना उनके एहसानों का बतला.
18:37लेकिन याद रखो, अब तुम उस लड़की से हर्किस नहीं मिलोगे.
18:41समझगे मेरी बात, जाओ यहाँ से.
18:43अम्मी, अम्मी.
18:44इतने मसे का सीन था ना? मुनवर की शकल देखने वाली थी.
19:06रक्षी ने कोई हंगामा नहीं किया. और पुपा ने भी कुछ नहीं कहा.
19:10कहा तो बहुत कुछ. लेकिन तुम फिकर नहीं करो, समाल लूँगी मैं उन्हें.
19:20बचारी रक्षी यार. कोई बचारी बचारी नहीं है वो सारा.
19:27तुम पते हैं, वो मुनवर से महबद करती है.
19:33इसलिए वो महबद में बेवकूफा वाली हरकते कर ली है.
19:36लेकिन उसकी भी गलती नहीं है.
19:41मौबद चीज ही ऐसी है कि वो इन्सान में जलन डाल देती है.
19:45तुमने नहीं की न, कभी किसी से. इसलिए.
19:48हलो?
19:54सॉरी तुम बिज़ी तो नहीं हो?
19:56आदल कभी भी कुछ से मेरे पास नहीं आए.
20:01तपर आप क्यू?
20:03क्यू?
20:13नहीं, कहो क्या हुआ?
20:17बस कहना चाहर था कि तुमने कमाल कर दिया.
20:23तुमने भी अच्छा किया आदन.
20:28मैं अच्छा लगा जैसे तुमने अपनी भेन को प्रोटेक किया.
20:30बहनों का खयाल रखना चाहिए.
20:34नहीं अपने डैट से वादा किया कि मैं अपने भेनों का क्या रखूँगा.
20:38तो चाहते भी मैं...
20:42आदिन मैं समच सकते हूं.
20:47अपने बाबा की बात का मान रखो.
20:53लेकिन वो तुमारी भेन है.
20:56उसकी खवाइश का इतराम भी करो.
20:59मैं उसे कहते हैं रहता हूं लेकिन...
21:02पताने उसके दमाग में क्या चलता है?
21:05अधर तुम्हें ब्रेइन वाशिंग करने नहीं होती?
21:08मैं समझा नहीं.
21:10बाद मैं समझा दुनी तुम्हें.
21:11मैं समझा दुनी तुम्हें.
21:12जब बताओ कोई बाहर चले?
21:16लगरा कि तुम्हारे दमाग ठीक नहीं है.
21:18तुम्हें कुछ जादा फ्रेंक नहीं हो गई हो.
21:23क्या मतलब इस बात का?
21:25कजन हो तुम मेरे.
21:26तुम्हारे साथ जाओंगी,
21:27तो कोई कुछ कहेगा नहीं न?
21:28और किसके साथ जाओं मैं.
21:33ऐसे भी.
21:36यह शहर गुमना चाहती हूं,
21:37मैं हर वो जगह जाना चाहती हूं,
21:39जहां पर मेरी है.
21:48चुरू.
21:49बात में चलेंगी,
21:50मैं जारी हूं अभी.
21:51क्यूं, क्या हुआ?
21:53कुछी,
21:54जब तुम्हारा मूड होगा,
21:55हम तब चले जाएंगे.
21:56अभी मैं बावा के बास जाने,
21:58ठीक है?
22:17मैंने कहा था न आपसे,
22:18सही कह रही थे वो.
22:21हाँ, लेकिन कुछ जादा ही कह रही थी,
22:23काफी बदल गए है.
22:25समझदार हो गए है.
22:28इसे समझदार होना नहीं कहते हैं,
22:30इसे बाहर की हवा लगना कहते हैं.
22:35हैदरबाद में कहां गई थी वो,
22:37उसने बताया कुछ,
22:38कौन लोग थे?
22:40धा उसने मुझे बताया था.
22:42बाबा,
22:43मुझे आपसे काम एक.
22:45मैं कह रही थी कि रही थी,
22:47यह एदरबाद में तुम
22:49किसके घर ठह रही थी,
22:51कौन है वो लोग?
22:53जी.
22:54कौन लोग है वो?
22:58बहुत अच्छे लोग थे वो लोग.
23:02एड्रस है उनका तुम्हारे पस?
23:05एड्रस?
23:10क्यों याद नहीं है या बताना नहीं चाहते हैं?
23:13नहीं याद है.
23:15बेच लो आपको.
23:16बेचो.
23:17बेचो.
23:25बेच दे.
23:26लतीफाबाद में.
23:31क्या नाम है तुम्हारे इस दोस्त का?
23:43जारा.
23:44जारा नाम है.
23:46आप करना क्या चाह रहे हैं?
23:49कुछ नहीं मिलना चाहता हूं उन लोगों से.
23:52जाके देखना जाता हूं के.
23:54कैसे लोग हैं जिनक्या मेरी बेटी ठहरी रही है.
24:01इतना तो हग बनता है बेरा.
24:03हूं?
24:07बाबा.
24:08वो मेली दोस्त का घर है.
24:11ऐसे अच्छा नहीं लगता ना?
24:15हाँ वो ठीक है रही है ऐसा अच्छा नहीं लगता?
24:18हुलिया देख रही है उसका.
24:23काफी बदल गई है बेटी.
24:25हुलिया बदला है बाबा.
24:29लेकिन हो मैं आपकी सारा ही.
24:32नहीं बटा.
24:34हो तो मेरी सारा लेकिन बदल बहुत गई हो तुम.
24:38जो बच्ची पहले अपने बाब के सामने अपनी आँख तक उठा के बात नहीं करती थी.
24:47आज वो अपने बाब के सामने बगएर दुपटे के कड़ी है.
24:57बोलना चालना सोचना हर अंदाज ही बदल गया है.
25:05देगा नहीं था महमानों के सामने कैसे उनके बेज़ती की है और हमारी भी कराई है.
25:13अच्छा एक बात बताओ, ये हैदराबाद जो तुम गई थी तो किसी लड़के का कोई चक्कर तो नहीं था?
25:29आपको जाना है मेरी दोस्त के घर? आप से रोज़ है.
25:34अब आप जब भी जारा के घर जाएं तो कुछ लेके चाहेगा बाबा. बहुत ऐसान है उनके मच्पे.
25:45हाँ वो ऐसान ही तो उतारने के लिए जाना चाहता हूँ, हाँ.
25:54कह तो रही है वो के उसकी दोस्त का घर है? बता भी दिया है उसने आपको. अब आप क्या करना चाह रहे हैं? क्या देखना चाहरे हैं वहाँ जाके?
26:04सिर्फ मिलना चाहता हूं उन लोगोश्त।
26:06मिल के देखना चाहता हूँ के कैसे नोग गया
26:09और कुछ नहीं
26:11जा आदिन को फेज़ो ज़रा मेरे पास
26:19जे
26:20अदिल तुम्हें बाबा याद कर रहा है
26:36क्यों?
26:42हाँ उनको हैदराबाद जाने है अचानक से
26:44हैदराबाद?
26:47क्यों?
26:48हैदराबाद में मेरी वो दोस्त रहती है ना जिसके घर में रुकने गई थी
26:52तो फिर बाबा को उससे मिलना है
26:56तो तुम साथ जा रहे हो?
27:02नहीं
27:02हाँ विसे अगर मैं नहीं जा रही तो
27:09बाबा तो सरफ घर तक जा सकेंगे
27:12घर के अंदर तो नहीं
27:18अच्छे, अच्छे बात ही है
27:20बैसे उनको तुड़ा टाइम लगीगा लेकिन तुम समाल लेना
27:27ठीक है मैं
27:29मैं उनसे बात कर लूँगा
27:31हाँ लेकिन उनसे तभी बात करना जब तुम घर के बाहर हो
27:36ताकि वो अग्रेसिव ना हो
27:40ओके
27:43लेकिन ये बताओ ये मामू क्यों कर रहे हैं सब
27:48क्योंकि वो मेरे बाब है
27:53कभी भी कुछ भी किसी वक्त भी कर सकते
27:57और तुमने टाइम से वो एक बात सोच रहते थे ना
28:04अब उस बात का बोज हटा है उनके सड़ से तो फिर अब उनको एक और बात चाहिए सोचने के लिए
28:08और ये सारा का सारा कसूर फपो का है
28:10पूपो बाबा के सामने कहती रहती थी
28:16कि ये जिस दोस्ट के घर गई है
28:17जब से वापस आई है
28:18ये तनी बदल गई है
28:20अब बाबा को भी क्रियोसिटी हो रही है
28:21कि किस के घर गई थी
28:22क्यों बदलिया मेरी बेटी
28:24खिर चलो
28:31मैं जहारी है
28:32तुम आज़ो जिन्दी से, वरना बाबा गुस्सा होंगे
28:34आप क्या रहने जा रहे हैं वहाँ पर?
28:52बाई जब मेरी बेटी को इतने दिन रख सकते हैं तो दो दिन बाप को भी तो रखी सकते हैं अपने साथ
28:57एक सब कुछ ठीक नहीं है, आप बिना अजाज़त के वहाँ नहीं जा सकते मज़द
29:03मेरी बेटी के वहाँ जाने से जो उसके अंदर तबदीलियां वाकी हुई हैं तो मैं देखना चाहता हूँ
29:13कि मैं जब जाँँगा तो मेरे अंदर क्या तबदीलिय वाकी हुई है?
29:16वैसे सची मैं बाबा, अगर आप वहाँ चले गए ना तब सच में शायद बहुत बदल जाए
29:23एक मिनट, कहने दो से जो वह कहना चाहती है
29:28मैं भी तो देखूं कैसी तर्बियत किये इतना से दोनों में उन्होंने के
29:34ये लड़कियां बाप के सामने इतनी लंबी जबान करके बोलने लगी है
29:37उनके घर में न बेटियों को इनसान समझा चाता है इसलिए
29:43चुब भी करो अब
29:45मत बोलो हम बाप बेटी के बीच में
29:48बाप बेटी?
29:52हम बाप बेटी
29:54जी मामो आपने मला है
29:59हाँ बेटा गाड़ी निकालो हम ओभी हैदराबाद जा रहे हैं
30:03और अगर वो एड्रेस जूटा निकलाना बेटा
30:04तो तुम्हारी खैर नहीं
30:07मामो जूटने बोलेगी
30:11बाबा आपको गुस्सा करने की ज़रूरत नहीं है
30:14मापे जा रहा है ना
30:19उसके घर में नाना मियां भी हैं
30:20और उसकी अम्मी भी रहती है
30:21क्या नाम क्या है उनके नाना का?
30:26हाँ अगर उनके नाम पते चल जाएगा तो
30:28असान हो जाएगा सब
30:29नाना मियां
30:33सब नाना मियां भी बोलते हैं
30:38मैं भी उनको नाना मियां भूलती थी
30:39मुझे उनका नाम नहीं पता
30:40लेकिन आप जारा का नाम लीजेगा
30:43उसका नाम काफी होगा सब जानते हैं उसे
30:45ठीक यह बैक उठाओ
30:48गाड़े में रखो, आते हैं, अब मैं क्या करूँ, सारा को कॉल करती हूँ, बापा वाँ जहां रहे हैं, कहीं कोई काड़ बढ़ ना हो जाए,
31:07क्या जरूती इतना ज्यादा भड़काने की, और मज़र को भी देखो, वो फोरण चला गया वहां से उटकर, मैंने क्या भड़काया है, आप में उनको बोला था कि जाके देखो कि बेटी की दोस्ते कौन है, मुझे कुछ मत बोले, तुमीने तो बोला था मुझे, मैंने तो इ
31:37पता तो होना चाहिए कि उनकी बेटी कहा जा रही है, कौन है उसकी दोस्ते, जहां से वो इतना रंग धंग वदल के आ गई है, कोई शरीफ खांदान की लड़की हो, जिसके ऐसे पैंतरे वदल जाए, तो वो सोचेगा तो सही ना कुछ, देखी नहीं अपनी सारा की हरकते,
32:07अगर बाबा, माँ पर नाना मी और मामा से मिल लिये तो, अरे नहीं, नहीं, मुझे कुछ करना पड़ेगा, सारा को कैसे बताओं, सारमत से भी हेल्प नहीं मांग सकती, सोच, जारा सोच, हैदराबाद पहुशने में अभी वक्त है, सोच,
32:37हलो, हाँ कैसी हो, सारा, तुम मेरा छोड़ो, तुम मुझे ये बता, कि अगर भाबा हैदराबाद आ गए तुम क्या करोगी, हाँ?
33:00तुम मेरा गएजाए वह क्यों जाले हैड़ो, तेुम ये खरतेवाद दिए, सारमत सकती हो, सुर्शा का खरते, तुम क्या रचा जाले हो, तुम कुछ भी कर्सकती हो, और तुम ये करना पड़ेगा
33:18क्या करना होगा मज़े
33:21दिखो हैदरबाद की निकल पड़े
33:24सही है
33:24अब तो मज़े बता
33:27फिर बाबा आ गए वहाँ पर
33:29तो क्या करोगी
33:31मैं तो कुद कुछी कर लूँगी
33:36कुई और ओप्शन है इसके इलावा सारा
33:40नई
33:42कुछी नई सबसे पैस्ट ऑप्शन है
33:45पापारे क्या
33:47अल्ला सारा मुझा पता था क्या तुम सारा बढ़नी नहीं सकते
33:51तुम्हेरा पुरा आइडिया लाव फ्लॉप होगया है
33:53मेरा आइडिया फ्लॉप नहीं मेरे पास एक प्लान है अभी
33:57लेके
33:59वो आहें के कैसे उनके पास तो नहां का एड्रेस ही नहीं है
34:03मैंने दिया है उनको एड्रेस
34:05क्या
34:06जारा
34:20तुम तुम क्या चाहती हो मेरा दिल कतम तुमारा गला गुर्दू अवे
34:26अच्छा अपना गोट सकती हो तो गोट लो
34:30वहीं मैं मर साओंगी
34:34मैं तुम्हें मरने नहीं दूँ की सागी है न
34:37अच्छा मेरे पास एक आइडिया है लेकिन तुम्हें मेरे लिए काम करना पड़ेगा
34:41क्या करो
34:42नूरा को ना कॉन्फरेंस कॉल पे लो मुझे उससे बात करनी है
34:47अच्छा वो अभी यहीं थी मैं आती हूँ तुम रखो मैं उससे बुला के आती हूँ
34:52तहीं सारा तुम बागल हो क्या
34:55अपने सामने मुझ से नूरा से बात
34:58सारा
34:59फिर
35:02देखो
35:03एक बात यात रखो
35:05कुछ भी हो जाए बाबा की
35:07नाना मियों और ममा से मुलाकात नहीं हो सकती ठीक है
35:10वहना वो कुछ हो सकता है जिसका अंदाजा मुझे भी नहीं है
35:14वो अभी अभी निकले है उनको हैदाबाद पहुशने में टाइम है
35:17तब तक तुम नूरा को कॉन्फरेंस कॉल पिलो
35:20सही है
35:21सही है
35:23अलाफिस
35:24और परिशान मत होना
35:25अरे लाह जारा
35:36किस मसीबत में डाल दिये तुमने मुझे
35:40क्या करूंगी मैं
35:47अल्लाफ उदद करनो मेरी
35:50कि बाबा आगए तो क्या होगा
35:54इस लड़की ने कहीं का नहीं छोड़ा मुझे
36:14शर्मिन्दा करा दिया इस जमाने भर में
36:19मामू बात घर से कहीं नहीं है
36:23तो जमाने को कौन बताएगा
36:25तुम जानते भी हो
36:27घर से भागी भी लड़की की क्या इज़द होती है
36:30काश वो वो वरत मरते हुए
36:35इस मुसीबत को भी अपने साथ लेके मर जाती है
36:37काश घर से कमझे हुए
36:45पिर अपने साथ लेके मर जाती है
36:46इस जमाने को कामर जिकरूँ