00:00भाजपा हो, एंडी हो, हमारा एप्रोच, चीजों के दरब देखने का हमारा दुरुष्ट को, समस्या के समाधान के लिए हमारी सोच, और कॉंग्रेस के बीच में आस्मान जमिन का अंतर है, बहुत फर्क है, मैं आपको उदान देता हूँ,
00:21हमारी सोच यह, कि 140 करोड देशवासी, यह इतने सामर्थवान है, कि बहुत चुनोतियों को समाधान दे सकते हैं, यह हमारी सोच है, हमारा भरोसा है देशवासी पर, उनके सामर्थ पर हमारा भरोसा है, और यही लोकतंतर की भी सक्चित आगत होती है,
00:44लेकिन कॉंग्रेस देश वास्चों को ही समस्च्य मानती है अब मैं इनका इतना बोल करके छोड़ दूँगा तो आज पता नहीं रात को नीन ने आएगी और गाली अकल कैसी देश उसका प्लानिंग चलेगा लेकिन मैं उधार के साथ बताना चाहता हूं किस प्रकार से लोग
01:14नहरूजी और इंद्राजी की सोच क्या थी मैं उसके विश्य में बताना चाहता हूं इंद्राजी एक बार इरान गए थी और इरान में वो भाष्ण दे रही थी और उस भाष्ण में उन्होंने नहरूजी के साथ जो बाच्चीत हुई थी उसका उलेक किया खुद ने कहा ह
01:44जब किसी ने मेरे पिता जी से पूछा यानी नहरूजी से पूछा कि उनके सामने कितनी समझ्चा हैं तो उन्होंने उत्तर दिया था 35 करोड नहरूजी ने जवाब दिया था
02:04कि उनके सामने किती समझा है बोले 35 करोर उस समाएं हमारे देश की जन संख्याती 35 करोर अब आगे देखिए
02:1635 करोर देश वासी नहरुजी को समझ से अलगते थे ऐसा कोई मुख्या हो सकता है कैजी और
02:28इस बात का उधान देते हुए इंद्रा जी ने आगे कहा कि आज देश की जन संख्या 57 करोर है इसलिए मेरी समझ्याओं के संख्या भी उतनी ही बड़ी है
02:45अने पिता जी को 35 करोर समझ्याओं वाले देश वासी लगते थे आप 57 करोर हुं को समझ्या कोई है जो अपने ही देश वास्यों को समझ्या माने
03:01ये फर्गेम की सोच और हमारी सोच में ये फर्गेम के अप्रोच और हमारे अप्रोच में
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