Skip to playerSkip to main content
  • 1 day ago
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर कांग्रेस और गांधी परिवार पर तीखा हमला बोलते हुए बड़ा सवाल खड़ा किया है कि क्या गांधी सरनेम महात्मा गांधी की विरासत से जुड़ा है या राजनीतिक फायदे के लिए अपनाया गया। पीएम मोदी ने कहा कि नेहरू-इंदिरा के दौर में कांग्रेस ने देशवासियों को समस्या की तरह देखा और सत्ता को एक ही परिवार के इर्द-गिर्द सीमित रखा। उन्होंने अपने भाषण में इतिहास, राजनीति और कांग्रेस की कार्यशैली को लेकर चार बड़े दावे किए, जिन पर सियासी बहस तेज हो गई है। इस वीडियो में हम पीएम मोदी के इन दावों, गांधी सरनेम से जुड़े विवाद और कांग्रेस पर लगाए गए आरोपों का पूरा विश्लेषण कर रहे 
 

Category

🗞
News
Transcript
00:00चोरी करना जिनका पुस्तेनी धंदा है जिनों ने एक गुजराती की सरनें भी चुरा ली
00:16मात्मा गांदी की सरनें चुरा ली
00:18ये लोग और देश की जनता इतने समझा रगा ऐसी पटक देती है तुम कितना दुनिया को धोखा देगे
00:38हाई ना देख लिया तो अपनी सच्चाई कहां चिपाओगे
00:59कॉंग्रेस हो दी एमसी हो डी एमके हो लेप्ट हो
01:07के दसकों से केंदर में सत्ता में रहे हैं सत्ता के भागिदार रहे हैं
01:15राज्यों में भी उनको सरकारी चलाने का अवसर दिला है
01:20लेकिन उनकी पहचान क्या बनी है
01:26आज डील की चर्चा होती है
01:30तो गौरों से कहते हैं
01:33तब डील की चर्चा होती थी तो बाफोर्स डील या जाता था
01:36ये डील होते थे
01:39उन्हाने सिरफ जेब भरने का काम किया
01:48नागरीकों के जीमन में बढ़लावाना
01:52उनकी प्रात्विक्ता नहीं थी
01:55हमने दुमागी बुखार से भी मुक्ति दिलाई
01:58और हमने ट्रेकों मा से भी देश की आहलों को यहां के बचाएगा
02:04यही सफलता है
02:08यही संबेदन सिलता है
02:11समाज के लिए जीने मरने का यही संकल्प है
02:16पल पल
02:19तिल तिल
02:22समाज के लिए बिताना गिसना जलना
02:28वो उनको परिशान कर रहा है
02:31तब जाकर के वो उनको परिशान कर रहा है तब जाकर के नोदी तेरी कब रखुदेगी
02:40यह मंत्र लेकर के चल रहे हैं यह सपने देख करके चल रहे हैं और बाते लोग तंतर की करते हैं
02:50मौबद के दुकान के साइन बर लगाते हैं क्या सारवजिन इक जीवन में ऐसे न अप्रत होती है आधनियस सभावर्ती जी इनकी सरकार रिमोट से चलती थी
03:09मेरी सरकार भी रिमोट से चलती है एक सो चालिस करोड़ देशवाचों के सपने एक सो चालिस करोड़ देशवाचों के आकांच्छाए देश की नवजवानों के संकल पर
03:35इनके लिए हम जीते हैं इनके लिए सरकार चलाते हैं
03:42सत्ता हमारे लिए सुक का रास्ता नहीं है सत्ता हमारे लिए सेवा का माध्यम है
03:50भाजपा हो एंडी हो हमारा एप्रोच
04:05चीजों के दरब देखने का हमारा दृष्ट को
04:08समस्या के समाधान के लिए हमारी सोच
04:12और कॉंग्रेस के बीच में आस्मान जमिन का अंतर है बहुत फर्क है
04:18मैं आपको उदान देता हूं हमारी सोच यह है कि 140 करोड देश्वासी यह इतने सामर्थ वान है कि वह चुनोतियों को समाधान दे सकते हैं यह हमारी सोच है
04:36हमारा भरोसा है देश्वास्यों पर उनके सामर्थ पर हमारा भरोसा है और यही लोगतंतर की भी सक्ची ताकत होती है लेकिन कॉंग्रेस देश्वास्यों को इस समच्य मानती है
04:49अब मैं इनका इतना बोल करके छोड़ दूँगा ताज पता नहीं रात को नीन ने आएगे और गाली अकल कैसी दे उसका प्लानिंग चलेगा लेकिन मैं उदाहर के साथ बताना चाहता हूं किस प्रकार से लोग सोचते थे देश्वास्यों के लिए
05:04देश के लोगों के बारों में नहरूजी और इंद्राजी की सोच क्या थी मैं उसके विश्व में बताना चाहता हूं इंद्राजी एक बार इरान गए थी और इरान में वो भाशन दे रही थी
05:27और उस बाशन में उन्होंने नहरूजी के साथ जो बातचीत हुई थी उसका उल्लेक किया
05:35खुद ने कहा है उन्होंने कहा और मैं जो इंद्राजी ने कहा तो उसको कोट कर रहा हूं
05:43जब किसी ने मेरे पिताजी से पूछा
05:49यानि नहरुजी से पूछा
05:53कि उनके सामने कितनी समझ चाहे
05:56तो उन्होंने उत्तर दिया था 35 करोड
06:00नहरुजी ने जवाब दिया था
06:03कि उनके सामने कितनी समझ चाहे
06:0535 करोड
06:07उस समाएं हमारे देश की जन संख्याती 35 करोर अब आगे देखिए
06:1535 करोर देश वासी नहरूजी को समझ से अलगते थे
06:21ऐसा कोई मुख्या हो सकता है क्या जी और
06:27इस बात का उधान देते हुए इंदरा जी ने आगे कहा
06:32कि आज देश की जन संख्या 57 करोर है इसलिए मेरी समस्याओं के
06:42संख्या भी उतनी ही बड़ी है एने पिताजी को 35 करोर संख्याओं
06:49वाले देश वासी लगते थे अब 57 करोर उनको समझ सा कोई हैसा हो सकता है
06:56जो अपने ही देश वास्यों को समझ से माने यह फर्गेम की सोच और हमारी सोच में यह फर्गेम के अप्रोच और हमारे अप्रोच में
07:05झाले अप्रोच में
Comments

Recommended