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नेशनल कैंपेन ऑन दलित ह्यूमन राइट्स (NCDHR) ने केंद्रीय बजट में दलित-आदिवासियों को क्या मिला-क्या नहीं मिला इसे विश्लेषित करते हुए प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और अपनी रिपोर्ट DABA 2026-27 जारी की।
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Transcript
00:00दोस्तों बजट आ गया है लेकिन इसमें दलित आदी वासियों को क्या मिला ये जानना बहुत जरूरी है
00:22और साल दर साल ये जरूरी काम करता है
00:24NCDHR यानि National Campaign on Dalit Human Rights
00:29नमस्कार सलाम बेबाग भाशा में आपका स्वागत है मैं हूँ मुकुल सरल
00:33मेरे हाथ में ये जो किताब है ये है DABA
00:36यानि दलित आदिवासी बजट एनलेसिज दोहजारचब्बेस सत्ताइस
00:41ये दलित आदिवासी दर्श्चिकोन से इस साल के बजट का विशलिशन है
00:45इस विशलिशन में जो सबसे पहले मुक्खे बात निकल कर आती है
00:49वो यह है कि इस बजट में दलित आदिवासीों के लिए कोई भी ठोस या नई पहल नहीं दिखाई देती
00:55और इससे भी बड़ी बात ये कि इस नए बजट में दलितों के लिए आवंटित बजट में
01:0043,207 करोड रुपए की कमी रह गई है जहां कमी रह गई है
01:05इस सब को लेकर NCDHR ने दिल्ली में प्रेस कलप आफ इंडिया में प्रेस कॉनफरेंस की
01:10और डावा जारी करते हुए बजट की परते खोलें
01:13The total due allocation for Dalits is, I think we can go to the first slide, Pritika,
01:19is about 1,96,400 for Dalits and about 1,41,000, no, this is not this, 1,41,089.
01:35This is what they have allocated.
01:38But if you look at what is due, due is about 2,39,608 and about 1,39,261,00 for Dalits and
01:53Dalits and they have, I think this is the first time, or maybe last year was the first time
01:59that they allocated as per the proportionate to the population for STs, in fact even more
02:07than the proportionate or just about proportionate to the population.
02:12It is a welcome move that has been a demand for a long time that budget should be allocated
02:18as per the population proportion, but where is that money going and exactly what is that
02:25money allocated for?
02:27Visualization से ये भी पता चलता है कि बजट में दलितों के नाम से बजट तो
02:311,96,400 करोड और आदिवासियों के नाम से 1,41,088 करोड का आवंटित किया गया है
02:37लेकिन अनुसुची जातियों और के लिए केवल 75,077 करोड और अनुसुची जातियों के लिए
02:44लगभग 62,93 करोड रुपे ही वास्तव में सीधे लक्षित आबादी तक पहुंसते हैं
02:50डाबा को पल्टें तो पता चलता है कि अलोकेशन और यूटिलाइजेशन यानि आवंटन और वास्तिक खर्च में भी भारी गैप है
02:58यानि जितना पैसा दिया जाता है वह भी खर्च नहीं किया जाता
03:28जाता है जाता है जाता है जाता है जाता है जाता है वह भी खर्च नहीं तक पहुंसता और फ्रंट लाइन कर्मी जेंडर बजट दिव्यांग युवारोजगार
03:58बच्चे भूमी अधिकार और क्रशी और जल्वाईयू पर रिवर्तन के हिस्सों में बाट कर स्लाइट के जरीए समझाया गया
04:05यह खास तोर पर मेंशन किया गया कि मैनौल स्प्रंजिंग यानि मैला ढोना से संबंदित सभी युजनाएं हटा दी गई हैं और केवल नमस्ते युजना जारी रखे गई है जो मुखे रूप से मशीनी करन पर केंद्रित है
04:19इसके अलावा मन्रेगा खत्म कर बनाई गई युजनाव वीबी ग्राम जी पर भी सवाल उठाय गया और पूछा गया कि ग्राम जी के तहट आवाज ही इन लोगों को क्या नियाएं मिल पाएगा
04:29युजी सी को लेकर भी सवाल पूछा गया कहा गया कि एक छोटी सी सतर्क पहल भी समाज के विशेशादिकार प्राप्तवर्ग को विछलित असहज और परिशान कर देती है
04:40इसने मांग की गई कि युजी सी के दिशानर देशों को प्रभावी रूप से लागू किया जाए
04:46इसके अलावा केंद्रिये स्पी यानि स्पिशल कॉंपनेंट प्लान और टी स्पी यानि ट्राइबल सब प्लान कानून लागू किया जाए
05:10इसका हुए प्लान कालावी या या जाएबले का को अंत्रावी या जालते हुएमांट टीम पीडिशन लागू की स्पीनिशाराग को प्लान का प्लान काश्रावीटस्प।
05:40अब देखना होगा कि डाबा यानि दलित आदिवासी बजट विशलेशन पर सरकार कितना गौर करती है और दलित आदिवासी वंचितवर्ग के अधिकारू के लिए क्या कोई नया ठोस कदम उठाती है?
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